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बांधवगढ़ में गिद्धों की संख्या में बंपर इजाफा, 388 पर पहुंची तादाद

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Bandhavgarh Vulture Count 2026
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  • Bandhavgarh Vulture Count 2026: MP बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से अच्छी खबर सामने आई है।
  • यहां गिद्धों की तादाद में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
  • साल 2021 की शुरुआत में यहां सिर्फ 172 गिद्ध थे, जिनमें 159 बड़े और 13 छोटे शामिल थे।
  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि गिद्धों की बढ़ती संख्या बेहतर मैनेजमेंट और अनुकूल माहौल का नतीजा है।
इस लेख से स्वतः तैयार किया गया सार।

Bandhavgarh Vulture Count 2026: MP बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से अच्छी खबर सामने आई है। यहां गिद्धों की तादाद में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब रिजर्व में कुल 388 गिद्ध मौजूद हैं। 24 मई 2026 को हुई गिनती में 358 बड़े और 30 छोटे गिद्ध पाए गए। साल 2021 की शुरुआत में यहां सिर्फ 172 गिद्ध थे, जिनमें 159 बड़े और 13 छोटे शामिल थे। साल 2024 तक यह संख्या बढ़कर 300 के आंकड़े तक पहुंच गई थी।

सात अलग प्रजातियों का घर है बांधवगढ़

एक्सपर्ट्स के मुताबिक बांधवगढ़ में गिद्धों की कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें इंडियन, इजिप्शियन, रेड-हेडेड, व्हाइट-रम्पड, सिनरेस, हिमालयन ग्रिफॉन और यूरेशियन ग्रिफॉन वल्चर शामिल हैं। विंध्य पर्वतमाला की ऊंची चट्टानें और घाटियां इन पक्षियों के लिए घोंसले बनाने और ब्रीडिंग के लिए बहुत सुरक्षित जगह देती हैं। यही वजह है कि यहां इनकी संख्या में लगातार सुधार हो रहा है।

क्यों बढ़ रही है गिद्धों की संख्या

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि गिद्धों की बढ़ती संख्या बेहतर मैनेजमेंट और अनुकूल माहौल का नतीजा है। इसके पीछे सबसे बड़े कारणों में डिक्लोफेनेक दवा पर पूरी तरह बैन लगाना शामिल है। साथ ही जंगल में आग से बचाव और वन-कर्मियों की अलर्टनेस ने भी बड़ा रोल निभाया है। इन सब स्टेप्स की वजह से गिद्धों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार हुआ है।

फ्यूचर के लिए उम्मीद

गिद्ध कुदरत के सफाई कर्मचारी माने जाते हैं, इसलिए पर्यावरण के लिए इनका होना बहुत जरूरी है। रिजर्व मैनेजमेंट का कहना है कि आने वाले समय में इन पक्षियों की तादाद और बढ़ने की उम्मीद है। विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि गिद्धों को कोई खतरा न हो। सरकार का यह प्रोजेक्ट अब काफी सफल माना जा रहा है, जिससे इकोसिस्टम को मजबूती मिल रही है।

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