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  • Umang Singhar protest: इंदौर में गंदे पानी से 17 मौतें, भगीरथपुरा पहुंचते ही उमंग सिंघार और पुलिस में टकराव, 11 जनवरी को हल्ला बोल

    Umang Singhar protest: इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में गंदे पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर और प्रदेश में हलचल मचा दी है। इसी दूषित पानी की वजह से इलाके में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप ले चुका है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

    गंदे पानी की सप्लाई से परेशान लोगों में डर और गुस्सा साफ नजर आ रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि लंबे समय से खराब पानी आ रहा था लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का दौरा और पुलिस से टकराव

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ भगीरथपुरा पहुंचे। पीड़ितों से मिलने पहुंचे नेताओं को मौके पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

    पुलिस द्वारा गाड़ी से उतरने से रोके जाने पर उमंग सिंघार नाराज नजर आए। उन्होंने मौके पर ही पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा और नेताओं को आगे जाने दिया गया।

    गंदे पानी की जांच और हल्ला बोल का ऐलान

    उमंग सिंघार ने इलाके की बस्तियों में पहुंचकर खुद गंदे पानी की जांच की। उन्होंने इसे वाटर ऑडिट बताया और इंदौर के लोगों से भी अपने अपने क्षेत्रों में सामाजिक और जल ऑडिट करने की अपील की। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए साफ पानी की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

    उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और इंदौर नगर निगम की भी आलोचना की और कहा कि शहर की सफाई और पर्यावरण को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखाई दे रही है। इसी दौरान उन्होंने मौजूदा महापौर को पप्पी मेयर भी कहा।

    कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 11 जनवरी को इंदौर में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। यह न्याय यात्रा बड़ा हनुमान से राजवाड़ा तक पैदल निकाली जाएगी। इसमें इंदौर और आसपास के इलाकों से करीब 50000 लोगों को जुटाने की तैयारी है।

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  • DAVV Students: इंदौर के डीएवीवी छात्रों की बड़ी सफलता, सेना के लिए मल्टी फ्रीक्वेंसी कामिकाजा ड्रोन तैयार

    इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दो छात्रों ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डीएवीवी के अमोघ द्विवेदी और पार्थ तिवारी ने ऐसा फ्रीक्वेंसी हापिंग कामिकाजा ड्रोन विकसित किया है जो दुश्मन की फ्रीक्वेंसी ब्लाकिंग के बावजूद अपना ऑपरेशन जारी रखता है। यह ड्रोन सेना के टास्क पर तैयार किया गया है और इसकी टेस्टिंग सफल रही है।

    ड्रोन तकनीक आज सुरक्षा और निगरानी में अहम भूमिका निभा रही है। इसी जरूरत को समझते हुए इंदौर के छात्रों ने यह नवाचार किया है। यह ड्रोन निगरानी सामग्री पहुंचाने और ग्रेनेड लॉन्च करने में सक्षम है। इससे रक्षा क्षेत्र में इसकी उपयोगिता और भरोसा दोनों बढ़ जाते हैं।

    ब्लाकिंग के बावजूद सक्रिय रहने की खास तकनीक

    डीएवीवी के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलाजी संस्थान के विद्यार्थियों ने इस ड्रोन को फ्रीक्वेंसी हापिंग कामिकाजा ड्रोन नाम दिया है। आम तौर पर ड्रोन एक ही फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं। जब दुश्मन उस फ्रीक्वेंसी को ब्लाक कर देता है तो ड्रोन निष्क्रिय हो जाता है।

    इस कमी को दूर करने के लिए छात्रों ने मल्टी फ्रीक्वेंसी सिस्टम विकसित किया है। यह ड्रोन एक साथ कई फ्रीक्वेंसी पर काम करने में सक्षम है। इसी कारण यह कठिन परिस्थितियों में भी गिरता नहीं और अपना मिशन पूरा करता है।

    कामिकाजा ड्रोन ऐसे मिशन के लिए बनाए जाते हैं जिनमें लक्ष्य तक पहुंचना सबसे जरूरी होता है। इन्हें वापसी के लिए नहीं बल्कि मिशन को सफल बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है। तकनीकी भाषा में इन्हें लाइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है।

    सेना के टास्क पर हुआ सफल अनुसंधान

    विद्यार्थियों के अनुसार वे पिछले दो वर्षों से ड्रोन टेक्नोलाजी पर अनुसंधान कर रहे थे। इसी दौरान सेना की एक तकनीकी टीम की ओर से उन्हें मल्टी फ्रीक्वेंसी ड्रोन विकसित करने का टास्क मिला।

    करीब डेढ़ साल की लगातार रिसर्च के बाद ड्रोन का प्रोटोटाइप तैयार किया गया। पहले इसकी टेस्टिंग प्रयोगशाला स्तर पर हुई। इसके बाद सेना के अधिकारियों के सामने इसका परीक्षण किया गया जो पूरी तरह सफल रहा।

    इस नवाचार को लेकर छात्रों ने पेटेंट के लिए आवेदन भी किया है। इंदौर में हुए इस प्रयास को रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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  • Indore Kite Market: इंदौर का पतंगोत्सव बाजार तैयार, गुजरात राजस्थान की रंगीन पतंगें और बरेली की डोर से सजेगा आसमान

    Indore Kite Market: इंदौर में पतंगोत्सव को लेकर बाजार पूरी तरह सज गया है और शहर में पतंगों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इस साल इंदौर के आसमान में गुजरात और राजस्थान में बनी पतंगें उड़ेंगी जबकि डोर उत्तर प्रदेश के बरेली से मंगाई गई है। रानीपुरा और छावनी जैसे इलाकों में खरीदारी का माहौल साफ नजर आ रहा है और दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है।

    बाजार में बाहरी राज्यों की पतंगों की भरमार

    इस बार इंदौर में स्थानीय पतंगों के साथ अहमदाबाद सूरत वडोदरा जयपुर और जोधपुर में बनी पतंगें भी बाजार में पहुंची हैं। कागज और पन्नी दोनों तरह की पतंगें उपलब्ध हैं। कागज की जोधपुरी पतंग की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। पन्नी की पतंगें नए आकारों में आई हैं जिनमें मटका स्टार और रॉकेट शेप शामिल हैं।

    पतंगों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्टून कैरेक्टर और ऑपरेशन सिंदूर थीम भी लोगों को आकर्षित कर रही है। होलसेल के बाद अब रिटेल बाजार पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। कागज की पतंग होलसेल में 3 रुपए से 50 रुपए तक और पन्नी की पतंग 1 रुपए 70 पैसे से 50 रुपए प्रति नग तक बिकी है। यहां से पतंगें प्रदेश के कई शहरों के साथ महू उज्जैन और देवास तक सप्लाई हो रही हैं।

    कारीगर घटे पर मांग बनी हुई

    इंदौर में सात से आठ महीने तक पतंग निर्माण का काम चलता है लेकिन मांग के मुकाबले उत्पादन कम रहता है। इसी कारण हर साल बड़ी संख्या में पतंगें बाहर से मंगानी पड़ती हैं। व्यापारियों के अनुसार काछी मोहल्ला में पहले 50 से अधिक कारीगर थे लेकिन अब यह संख्या घटकर 5 से 8 रह गई है। नई पीढ़ी इस काम में रुचि नहीं ले रही है।

    फिलहाल काछी मोहल्ला में 10 से 12 दुकानें रानीपुरा में 3 हरिसिद्धि में 1 और छावनी में कुछ बड़ी दुकानें हैं जहां सालभर पतंगें मिलती हैं। त्योहारों पर थीम डेकोरेशन का चलन बढ़ने से दो इंच से पांच इंच तक की सजावटी पतंगों और छोटी फिरकियों की मांग भी बढ़ी है। बैटरी वाली ऑटोमैटिक चकरी बाजार में मौजूद है लेकिन महंगी होने के कारण लोग आज भी पारंपरिक चकरी को ही पसंद कर रहे हैं।

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  • Til Chaturthi Indore: तिल चतुर्थी पर खजराना गणेश मंदिर में सवा लाख लड्डुओं का महाभोग और मेले की भव्य शुरुआत 4 Hello खजराना गणेश मंदिर

    Til Chaturthi Indore: इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में माघ माह की तिल चतुर्थी के पावन अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस विशेष दिन भगवान गणेश को तिल गुड़ के सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया गया। पवित्र ध्वजा पूजन के साथ तीन दिवसीय पारंपरिक तिल चतुर्थी मेले की शुरुआत हुई और पूरे परिसर में भक्ति का वातावरण छा गया।

    वैदिक मंत्रों के साथ भोग अर्पण और महाआरती

    तिल चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश के समक्ष सवा लाख लड्डुओं का संग्रह कराया गया। इसके बाद भोग अर्पित कर प्रसाद वितरण की शुरुआत की गई। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और पूरे मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज सुनाई दी। इस आयोजन ने भक्तों के मन में गहरी श्रद्धा और आनंद भर दिया।

    72 घंटे की मेहनत से तैयार हुआ महाभोग

    सवा लाख तिल गुड़ लड्डुओं का यह विशाल भोग 72 घंटे की लगातार मेहनत से तैयार किया गया। मंदिर परिसर में अनुभवी हलवाइयों की टीम ने दिन रात परिश्रम कर इस महाभोग को आकार दिया। तिल चतुर्थी के इस पावन प्रसाद को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और भक्तों ने इसे भगवान गणेश की कृपा का प्रतीक माना।

    स्वर्ण आभूषणों से सजा गणेश परिवार

    इस पावन अवसर पर भगवान गणेश और उनके परिवार को स्वर्ण आभूषण धारण कराए गए। भव्य श्रृंगार और आकर्षक सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया। ध्वजा पूजन के बाद महाआरती संपन्न हुई और आगामी दिनों में अलग अलग प्रकार के लड्डुओं का भोग अर्पित किए जाने की परंपरा भी शुरू की गई जिससे मेले की धार्मिक गरिमा और बढ़ गई।

    चंद्रोदय और विशेष योग का महत्व

    तिल चतुर्थी व्रत का समापन चंद्रोदय दर्शन के बाद होता है। इस दिन रात्रि में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना गया। पूरे दिन शुभ योग बना रहा जिसे श्रद्धालुओं ने पूजा और व्रत के लिए अत्यंत फलदायी माना। बड़ी संख्या में भक्तों ने व्रत रखकर भगवान गणेश से सुख समृद्धि की कामना की।

    मेले में विशेष व्यवस्थाएं और आकर्षण

    तीन दिवसीय तिल चतुर्थी मेले के लिए मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए गए और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाया गया। दान के लिए डिजिटल सुविधाएं भी शुरू की गईं जिससे भक्त आसानी से अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकें।

  • Indore water news: इंदौर में दूषित पानी से 17 लोगों की मौत, सुरक्षित पेयजल न देने पर सरकार पर विपक्ष का तीखा हमला

    Indore water news: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि पूर्ण जनादेश के बावजूद ट्रिपल इंजन सरकार नागरिकों को सुरक्षित पेयजल नहीं दे पाई। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी विफलता बताया और कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए शर्म की बात है।

    दूषित पानी से सत्रह मौतों का आरोप

    उमंग सिंगार ने कहा कि इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा लाइन से दूषित पानी आया। इसी कारण सत्रह लोगों की मौत हुई और हजारों लोग बीमार पड़े। उन्होंने कहा कि यह कोई बीमारी का प्रकोप नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।

    मंत्री के बयान और कार्रवाई पर सवाल

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता से जुड़े सवालों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। वहीं एक अधिकारी को बयान दोहराने पर निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता की पहचान को इस घटना ने गहरा नुकसान पहुंचाया

  • Khajrana Ganesh Temple Indore: खजराना गणेश मंदिर में तिल चतुर्थी महापर्व, सवा लाख तिल गुड़ लड्डुओं का भोग, तीन दिन चलेगा भक्ति का महासंगम

    इंदौर के प्रसिद्ध Khajrana Ganesh Temple में एक बार फिर आस्था और परंपरा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। छह जनवरी से आठ जनवरी तक यहां पारंपरिक तिल चतुर्थी मेला आयोजित किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और उल्लास से भरा रहने वाला है।

    पहले दिन सवा लाख तिल गुड़ लड्डुओं का भोग

    मेले के पहले दिन सुबह भगवान गणेश को तिल और गुड़ से बने सवा लाख लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा। इस भोग के साथ ही प्रसाद वितरण की शुरुआत होगी। मंदिर परिसर में इस आयोजन को लेकर विशेष धार्मिक वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दे रहा है।

    दस भट्टियों पर बन रहे हैं प्रसाद के लड्डू

    मंदिर में दस भट्टियों पर पारंपरिक विधि से लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। सात जनवरी को भगवान गणेश को गोंद के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा जबकि आठ जनवरी को उड़द के लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा। पुजारीगण पूरे विधि विधान के साथ यह कार्य करवा रहे हैं।

    ध्वजा पूजन और विशेष सजावट

    मेले का शुभारंभ छह जनवरी को सुबह ध्वजा पूजन से होगा। इस अवसर पर भगवान गणेश को आकर्षक फूल बंगले में विराजमान किया जाएगा। मंदिर और आसपास के क्षेत्र को विशेष विद्युत और पुष्प सज्जा से सजाया गया है।

    श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और मनोरंजन

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों को दुरुस्त किया गया है। मेले में पारंपरिक झूले और चकरी जैसे मनोरंजन के साधन भी लगाए जा रहे हैं जिससे बच्चों और परिवारों को आनंद मिल सके।

    तिल चतुर्थी का धार्मिक महत्व

    तिल चतुर्थी का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि तिल का दान करने से रोग दूर होते हैं और भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

  • Bhagirathpura news: इंदौर दूषित पानी कांड, भगिरथपुरा में मौतों का सच क्या, छह नहीं तो फिर दस मौतों की सच्चाई कहां दबी

    Bhagirathpura news: इंदौर के भगिरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब भी उलझा हुआ है। प्रशासन और सरकार आधिकारिक तौर पर मान रही है कि इस गंदे पानी से छह लोगों की मौत हुई है लेकिन इसी समय और उसी इलाके में हुई दस अन्य मौतों को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। यही वजह है कि यह मामला लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर रहा है।

    आंकड़ों को लेकर भ्रम की स्थिति

    वीडियो रिपोर्ट में सामने आया है कि अलग अलग अधिकारी मौतों की संख्या को लेकर अलग बयान दे रहे हैं। कहीं चार तो कहीं दस मौतों की बात कही जा रही है जबकि प्रशासनिक रिकॉर्ड में सिर्फ छह मौतें दर्ज हैं। सभी मृतकों में पेट दर्द दस्त और कमजोरी जैसे एक जैसे लक्षण पाए गए थे।

    पहले से थी समस्या की जानकारी

    दस्तावेजों के अनुसार Indore Municipal Corporation को इस इलाके में गंदे पानी की समस्या की जानकारी पहले से थी। इसके बावजूद पाइपलाइन सुधार का काम समय पर पूरा नहीं हुआ।

    पुरानी चेतावनियां फिर आई सामने

    Madhya Pradesh State Pollution Control Board ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इलाके के पानी में खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद हैं। अब सवाल यह है कि जब चेतावनियां पहले से थीं तो समय रहते ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।

  • Indore Weather Update January: दिसंबर के रिकॉर्ड के बाद भी राहत नहीं, जनवरी की शुरुआत में इंदौर को जकड़े ठंड और कोहरा

    Indore Weather Update January: दिसंबर में रिकॉर्ड ठंड देखने के बाद जनवरी की शुरुआत ने भी साफ संकेत दे दिए हैं कि सर्दी अभी विदा लेने के मूड में नहीं है। माघ माह के आरंभ के साथ ही ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पौष का महीना समाप्त हो चुका है लेकिन ठंड का असर अब भी पूरे शहर पर बना हुआ है। रात के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस हो रही है जबकि दिन में हल्की गर्मी का आभास हो रहा है जो बदलते मौसम की पहचान बन चुका है।

    दिसंबर में टूटा ठंड का रिकॉर्ड

    पूरे दिसंबर माह में तापमान में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिला। करीब पंद्रह दिनों तक न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया गया। अठारह दिसंबर को न्यूनतम तापमान चार दशमलव एक डिग्री सेल्सियस तक गिर गया जो सामान्य से सात डिग्री कम था। इस दौरान मौसम ने कई पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। दिसंबर की ठंडी रातों ने लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।

    जनवरी में भी जारी है सर्दी का असर

    जनवरी के आगमन के साथ सूर्य उत्तरायण हो चुका है लेकिन इसके बावजूद ठंड का असर कम होता नजर नहीं आ रहा। सामान्य रूप से जनवरी में न्यूनतम तापमान करीब दस डिग्री सेल्सियस रहता है लेकिन पिछले एक दशक में यह अक्सर इससे नीचे ही दर्ज किया गया है। वर्ष दो हजार उन्नीस में न्यूनतम तापमान पांच दशमलव छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो हाल के वर्षों में सबसे कम रहा।

    पुराने मौसम रिकॉर्ड क्या कहते हैं

    जनवरी माह का सबसे कम तापमान सोलह जनवरी उन्नीस सौ पैंतीस को दर्ज किया गया था जब पारा एक दशमलव एक डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। वहीं सबसे अधिक तापमान सत्ताईस जनवरी उन्नीस सौ नब्बे को तैंतीस दशमलव नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। छह जनवरी उन्नीस सौ बीस को चौबीस घंटे में सबसे अधिक एक सौ चार दशमलव सात मिलीमीटर बारिश हुई थी। ये आंकड़े बताते हैं कि जनवरी का मौसम हमेशा से बदलावों से भरा रहा है।

    कोहरे ने बढ़ाई परेशानी

    जनवरी की शुरुआत में कोहरे ने भी लोगों को खासा परेशान किया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई जिससे सड़कों पर वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो जनवरी को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और सूरज की किरणें कमजोर रहीं। इससे दिन में भी हल्की ठंड बनी रही और शाम होते ही सर्द हवाओं ने असर दिखाया।

    शनिवार का मौसम कैसा रहा

    शनिवार को न्यूनतम तापमान बारह दशमलव छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से अधिक रहा। अधिकतम तापमान चौबीस दशमलव दो डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता तीन सौ मीटर तक सीमित हो गई। इसका असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा और कई उड़ानें देरी से संचालित हुईं।

    आज का मौसम अपडेट

    आज शहर का अधिकतम तापमान इक्कीस दशमलव नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से कम रहा। न्यूनतम तापमान ग्यारह दशमलव आठ डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता महज एक सौ मीटर तक सिमट गई। हवा की गति करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे रही। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में नमी अधिक होने के कारण एक दो दिन तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

    आगे और बढ़ सकती है ठंड

    मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड के तेवर और तीखे हो सकते हैं। Indore और आसपास के इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। दतिया में प्रदेश का सबसे कम तापमान पांच दशमलव एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनों और उड़ानों पर भी असर पड़ रहा है।

  • Sumitra Mahajan statement: इंदौर पानी त्रासदी, सोलह मौतों पर सुमित्रा महाजन का भावुक बयान, जिम्मेदारी और आत्ममंथन की बड़ी सीख

    आज हम एक ऐसी घटना पर बात कर रहे हैं जिसने पूरे इंदौर शहर को झकझोर कर रख दिया है। स्वच्छता और सुव्यवस्थित जीवन के लिए पहचाने जाने वाले Indore में पानी दूषित होने से सोलह लोगों की असमय मौत हो गई। इस दुखद घटना पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष Sumitra Mahajan ने जो बातें कहीं हैं वे केवल बयान नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए आत्मचिंतन का संदेश हैं।

    ऐसा हादसा कभी नहीं हुआ था

    सुमित्रा महाजन ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में इंदौर में ऐसा हादसा कभी नहीं देखा। उनके शब्दों में पीड़ा भी थी और हैरानी भी। एक ऐसा शहर जो विकास और व्यवस्था का उदाहरण माना जाता रहा वहां इस तरह की लापरवाही से जानें जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कई बार जनता से माफी मांगते हुए कहा कि यह दुख शब्दों में बयान करना मुश्किल है।

    दोषारोपण नहीं सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी

    महाजन ने साफ कहा कि इस घटना के बाद एक दूसरे पर आरोप लगाने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। अधिकारी हों पार्षद हों या विधायक सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। उनका मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने के बजाय सभी को एक साथ बैठकर यह समझना चाहिए कि कमी कहां रह गई। जब तक हम अपनी गलती स्वीकार नहीं करेंगे तब तक सुधार संभव नहीं है।

    अनुभवी लोगों से सलाह लेने की जरूरत

    उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह की गंभीर समस्या के समाधान के लिए अनुभवी इंजीनियरों और सेवानिवृत्त नगर निगम अधिकारियों की सलाह ली जानी चाहिए। वर्षों का अनुभव रखने वाले लोग ऐसी तकनीकी खामियों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

    सत्ता एक जिम्मेदारी है चेतावनी नहीं

    महाजन ने कहा कि सत्ता केवल अधिकार नहीं बल्कि एक निरंतर जिम्मेदारी है। जो भी सत्ता में है उसे हर दिन बेहतर काम करने का प्रयास करना चाहिए। यह हादसा उन सभी के लिए सबक है जो जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं। जनता ने भरोसा दिया है और उस भरोसे की रक्षा करना सबसे बड़ा कर्तव्य है।

    आत्ममंथन का समय

    उनका मानना है कि इस घटना के बाद केवल अधिकारी ही नहीं बल्कि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को भी आत्ममंथन करना चाहिए। हर किसी को देखना चाहिए कि उसने अपनी भूमिका सही ढंग से निभाई या नहीं। जब समाज का हर वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझेगा तभी व्यवस्था मजबूत होगी।

    जनप्रतिनिधि और अधिकारी संवाद से हल निकलेगा

    महापौर की इस शिकायत पर कि अधिकारी बात नहीं सुनते महाजन ने कहा कि उन्हें कभी ऐसा व्यक्तिगत अनुभव नहीं हुआ। उनका विश्वास है कि यदि जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच रहें और सीधे संवाद करें तो अधिकारी भी गंभीरता से काम करते हैं। मीडिया में बयान देने के बजाय अंदरूनी चर्चा से ही ठोस समाधान निकलते हैं।

    इंदौर की एकता ही सबसे बड़ी ताकत

    महाजन ने यह भी कहा कि इंदौर में आमतौर पर अलग अलग दलों के जनप्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं। यही इस शहर की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी से इस सहयोग की भावना को बनाए रखने की अपील की। अंत में उन्होंने फिर से जनता से माफी मांगते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा शहर एक साथ खड़ा रहे और भविष्य के लिए सीख ले।

  • Sajjan Singh Verma statement: इंदौर भगीरथपुरा पानी कांड से हिला शहर, 15 मौतों पर सियासी तूफान, सत्ता की संवेदनहीनता पर सवाल

    Sajjan Singh Verma statement:इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में जो कुछ हुआ उसने पूरे शहर का दिल तोड़ दिया है। साफ पानी की उम्मीद लेकर जी रहे लोग अचानक बीमारी और मौत के साये में आ गए। दूषित पानी ने घर घर में मातम ला दिया। लगातार बढ़ती मौतों ने सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि संवेदनहीनता की तस्वीर बन गया है।

    भगीरथपुरा में बढ़ता मौत का आंकड़ा और टूटी उम्मीदें

    भगीरथपुरा में अब तक पंद्रह लोगों की मौत की बात सामने आ रही है और यह संख्या थमती नहीं दिख रही। अस्पतालों में भर्ती मरीज दर्द और डर के बीच जूझ रहे हैं। परिवार अपने अपनों को बचाने के लिए दुआ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर न तो सही जानकारी मिली और न ही भरोसेमंद मदद।

    सत्ता पर तीखा हमला और जवाबदेही का सवाल

    कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरे मामले पर सत्ता पक्ष को घेरा है। उनका कहना है कि इंदौर में भाजपा का सांसद है। सभी विधायक भाजपा के हैं। नगर निगम भी भाजपा के पास है। फिर भी जवाबदेही तय नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि जब पूरा सिस्टम एक ही दल के हाथ में है तो जिम्मेदारी से बचने का कोई बहाना नहीं होना चाहिए।

    मंत्री और प्रशासन पर गंभीर आरोप

    सज्जन सिंह वर्मा ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मंत्री इसी शहर में रहते हैं फिर भी हालात संभालने में नाकाम रहे। प्रशासन अलग अलग आंकड़े बता रहा है जिससे भ्रम फैल रहा है। कहीं चार मौतें बताई जा रही हैं। कहीं आठ या नौ। कहीं सोलह का दावा है। इससे जनता का भरोसा और टूट रहा है।

    देवदूत नहीं यमदूत वाली सियासत

    वर्मा ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग जनता की पीड़ा नहीं समझते वे देवदूत नहीं बल्कि यमदूत बन गए हैं। उनका कहना है कि मरते लोगों पर भी राजनीति हो रही है। संवेदनशीलता पूरी तरह गायब है। यही वजह है कि जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखने लगा है।

    मुख्यमंत्री की भूमिका पर उठते सवाल

    इस पूरे संकट के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि मुख्यमंत्री का ध्यान इंदौर से ज्यादा उज्जैन पर है। लोग महसूस कर रहे हैं कि इंदौर को नजरअंदाज किया जा रहा है जबकि यहां हालात बेहद गंभीर हैं।

    विपक्ष की आवाज और राष्ट्रीय स्तर की प्रतिक्रिया

    वर्मा ने कहा कि इस समय राहुल गांधी ही हैं जो जनता के हक और न्याय की बात मजबूती से उठा रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इससे साफ है कि मामला अब सिर्फ स्थानीय नहीं रहा।

    दबाव में एक्शन और इस्तीफे की मांग

    हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक और एक अतिरिक्त आयुक्त को हटाने की चर्चा को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि यह कार्रवाई जनता के दबाव का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपने विभाग नहीं संभाल पा रहे तो उन्हें जनता के हित में पद छोड़ देना चाहिए।

    जनता की पीड़ा और भरोसे की लड़ाई

    भगीरथपुरा की यह त्रासदी इंदौर के लिए चेतावनी है। लोग सिर्फ बयान नहीं बल्कि सुरक्षित पानी और जिम्मेदार शासन चाहते हैं। जब तक सच सामने नहीं आएगा और दोषियों को सजा नहीं मिलेगी तब तक यह दर्द खत्म नहीं होगा।