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  • Indore Ghaziabad Flight: इंडिगो ने बंद की इंदौर की दो अहम उड़ानें, गाजियाबाद और हैदराबाद रूट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    इंदौर के यात्रियों के लिए एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने रोजमर्रा की यात्रा और कारोबार दोनों की चिंता बढ़ा दी है। देश की बड़ी एयरलाइन IndiGo Airlines ने यात्रियों की कमी के चलते इंदौर से जुड़ी दो अहम उड़ानों को बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले से इंदौर की हवाई कनेक्टिविटी कमजोर हुई है और आम लोगों के साथ व्यापारियों की परेशानी भी बढ़ी है।

    इंदौर से गाजियाबाद की सीधी उड़ान हुई बंद

    इंदौर से Ghaziabad जाने वाले यात्रियों के लिए सीधी उड़ान अब उपलब्ध नहीं रहेगी। इंडिगो ने इंदौर से गाजियाबाद के बीच शुरू की गई डायरेक्ट फ्लाइट को बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद अब यात्रियों को दिल्ली होकर सफर करना पड़ेगा जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे। यह उड़ान केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत शुरू की गई थी और उम्मीद थी कि इससे उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर तक पहुंच आसान होगी।

    हिंडन एयरपोर्ट को विकल्प बनाने की योजना रही अधूरी

    दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए गाजियाबाद स्थित Hindon Airport को वैकल्पिक एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया था। यहां से दिल्ली तक कम समय में पहुंचा जा सकता है और किराया भी अपेक्षाकृत कम रखा गया था। लेकिन इंदौर से यात्रियों की संख्या कम रहने के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी और अंततः उड़ान बंद करनी पड़ी।

    यात्रियों की कम संख्या बनी बड़ी वजह

    ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार शुरुआत से ही इस रूट पर यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही। कई बार तकनीकी और संचालन कारणों से विमान को गाजियाबाद की जगह दिल्ली उतारना पड़ा। इससे यात्रियों का भरोसा कमजोर हुआ और बुकिंग में लगातार गिरावट आती गई। यही कारण रहा कि एयरलाइन को यह रूट बंद करने का फैसला लेना पड़ा।

    हैदराबाद की सुबह की फ्लाइट भी स्थायी रूप से रद्द

    इंडिगो ने इंदौर से Hyderabad जाने वाली सुबह 6 बजकर 30 मिनट की फ्लाइट को भी स्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही हैदराबाद से सुबह लौटने वाली रिटर्न फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है। अब इस रूट पर सीमित उड़ानें ही बची हैं जिससे आईटी प्रोफेशनल्स मेडिकल यात्रियों और व्यापार से जुड़े लोगों को खासा नुकसान हो रहा है।

    कनेक्टिविटी घटने से बढ़ी आम लोगों की परेशानी

    हाल के दिनों में जयपुर मुंबई और दिल्ली रूट की कुछ उड़ानों के निरस्त होने से इंदौर की हवाई कनेक्टिविटी लगातार कमजोर होती जा रही है। इसका सीधा असर व्यापार मेडिकल यात्रा और निजी कामों के लिए हवाई सफर करने वालों पर पड़ रहा है। यात्रियों को अब कम विकल्प और ज्यादा खर्च का सामना करना पड़ रहा है जिससे नाराजगी भी बढ़ रही है।

    आगे क्या सुधरेगी स्थिति

    यात्रियों और ट्रैवल एजेंट्स को उम्मीद है कि आने वाले समय में मांग बढ़ने पर एयरलाइंस दोबारा इन रूट्स पर उड़ानें शुरू करेंगी। इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए मजबूत हवाई कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है ताकि व्यापार शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रभावित न हों।

  • Bhavantar Yojana MP: जावरा में किसानों को बड़ी सौगात 810 करोड़ की भावांतर राशि एक क्लिक में खातों में पहुंची

    मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जावरा से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जावरा में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर राशि का वितरण किया। इस दौरान 3.77 लाख किसानों के बैंक खातों में 810 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से अंतरित किए गए। इसमें रतलाम जिले के 12 हजार से ज्यादा किसान भी शामिल रहे।

    भावांतर योजना किसानों के अधिकार का प्रतीक

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भावांतर केवल एक योजना नहीं बल्कि किसानों के प्रति सरकार का श्रद्धा भाव है। यह राशि किसानों का अधिकार है और उनकी समृद्धि के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को अन्नदाताओं के कल्याण को समर्पित किया गया है और आने वाले समय में कृषि उत्सव मनाया जाएगा।

    रोजगार विकास और किसान कल्याण पर सरकार का फोकस

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और हुनरमंद युवा को रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 32 लाख से अधिक किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे जिन पर 90 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। लाड़ली बहनों को मिलने वाली सहायता राशि को भविष्य में तीन हजार रुपए तक बढ़ाने का भी भरोसा दिया गया।

    जावरा और रतलाम को मिले नए विकास कार्य

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 145 करोड़ रुपए लागत के 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। जावरा में आधुनिक आउटडोर और इंडोर स्टेडियम बनेगा। निराश्रित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर बनाया जाएगा। हेरिटेज भवन निर्माण और पुराने स्कूल की मरम्मत के लिए दो दो करोड़ रुपए दिए जाएंगे। ग्राम शुजापुर और पिपलौदा में बालिका छात्रावास भी बनाए जाएंगे।

    कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई ताकत

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पार्वती कालीसिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना से रतलाम जिले को भी लाभ मिलेगा। मालवा क्षेत्र में पांच हजार करोड़ की लागत से नया फोर लेन हाईवे बनेगा जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। किसानों की मांगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुआवजा भी बढ़ाया जाएगा।

  • Vande Bharat Metro Indore to Ujjain: उज्जैन सिंहस्थ में बड़ी सौगात इंदौर से उज्जैन वंदे भारत मेट्रो 45 मिनट में पहुंचे श्रद्धालु जाम से मिलेगी राहत

    उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ मेले को लेकर तैयारियां अब तेज हो चुकी हैं और इसी कड़ी में रेलवे ने श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी योजना तैयार की है। सिंहस्थ के दौरान लाखों लोग उज्जैन पहुंचते हैं और सबसे बड़ी परेशानी जाम और लंबा सफर बन जाता है। इसी समस्या को समझते हुए रेलवे ने इंदौर और उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है।

    इंदौर से उज्जैन तक हाई स्पीड ट्रेन का सपना होगा पूरा

    रेलवे की योजना के अनुसार इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यह ट्रेन सिर्फ 45 मिनट में इंदौर से उज्जैन का सफर पूरा करेगी। सिंहस्थ के समय जब सड़क मार्ग पर भारी दबाव रहेगा तब यह ट्रेन श्रद्धालुओं के लिए सबसे आसान और तेज विकल्प बनेगी।

    सिंहस्थ में मेट्रो नहीं लेकिन वंदे भारत मेट्रो रहेगी तैयार

    हालांकि ढाई साल बाद होने वाले सिंहस्थ मेले तक इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन शुरू नहीं हो पाएगी लेकिन रेलवे वंदे भारत मेट्रो को पूरी तरह तैयार रखने की योजना पर काम कर रहा है। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए किसी नए ट्रैक की जरूरत नहीं होगी और यह पुराने ट्रैक पर ही दौड़ सकेगी।

    हजारों यात्रियों को एक साथ सफर की सुविधा

    इस वंदे भारत मेट्रो ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। इसमें करीब एक हजार यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। सिंहस्थ के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंदौर पहुंचकर उज्जैन की ओर रवाना होंगे तब यह ट्रेन शटल सेवा की तरह लगातार चलाई जा सकेगी।

    सड़क और रेल दोनों पर फोकस कर रही सरकार

    इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी करीब पचास किलोमीटर है जबकि रेलवे स्टेशन से रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग साठ किलोमीटर तक मानी जाती है। सिंहस्थ के समय ज्यादातर यात्री इंदौर के रास्ते उज्जैन पहुंचते हैं। इसी वजह से सरकार लोक परिवहन को मजबूत कर रही है। सड़क मार्ग को छह लेन किया जा रहा है और इंदौर से उज्जैन को तीन अलग अलग दिशाओं से जोड़ने की कनेक्टिविटी भी तैयार की जा रही है।

    पहले ही हो चुका है हाई स्पीड ट्रायल

    इस रेल मार्ग पर पहले 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का सफल ट्रायल हो चुका है। इससे यह साफ हो गया है कि यह रूट हाई स्पीड ट्रेनों के लिए पूरी तरह सक्षम है। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि करीब एक साल पहले इस विषय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई थी और उन्होंने वंदे भारत मेट्रो को मंजूरी दी है।

    लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से होगा संचालन

    वंदे भारत मेट्रो का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से उज्जैन के लिए किया जाएगा। इस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है और नई स्टेशन बिल्डिंग भी बनाई जा रही है। रेलवे का लक्ष्य है कि मार्च तक यह पूरा काम खत्म कर लिया जाए ताकि सिंहस्थ से पहले सारी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।

    श्रद्धालुओं के लिए आसान सुरक्षित और तेज सफर

    वंदे भारत मेट्रो के चलने से सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। कम समय में सुरक्षित और आरामदायक सफर श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाएगा और इंदौर उज्जैन क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती देगा

  • Indore Murder News: इंदौर में चरित्र शंका ने उजाड़ दिया पूरा परिवार पत्नी की चाकू मारकर हत्या बेटी को भी किया घायल

    इंदौर से सामने आई यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है जहां एक परिवार भीतर से टूट गया और एक नन्ही बेटी ने अपनी मां को बचाने की कोशिश में खुद को खतरे में डाल दिया। यह मामला शहर के स्कीम नंबर 78 का है जहां घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया।

    चरित्र शंका से शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा हमला

    जानकारी के अनुसार आरोपी संजय चौहान अपनी पत्नी सुमन के चरित्र पर शंका करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। रात के समय विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर आरोपी ने चाकू से सुमन पर वार कर दिया। गंभीर चोटों के कारण अधिक खून बहा और सुमन की मौके पर ही मौत हो गई।

    मां को बचाने आई बेटी पर भी हमला

    जब सुमन पर हमला हो रहा था तब उनकी 14 वर्षीय बेटी बीच बचाव के लिए आगे आई। आरोपी ने उस पर भी चाकू से हमला कर दिया जिससे वह घायल हो गई। बच्ची को तुरंत इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    हत्या के बाद फरारी और फिर थाने में आत्मसमर्पण

    घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। बस्ती के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। कुछ समय बाद आरोपी स्वयं थाने पहुंचा और अपना अपराध स्वीकार करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उसने अपनी पत्नी की हत्या की है।

    पहले भी हो चुके थे विवाद और शिकायत

    पुलिस जांच में सामने आया है कि सुमन आरोपी की दूसरी पत्नी थी। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद संजय ने सुमन से शादी की थी। दोनों के बीच पहले भी झगड़े होते रहते थे। सुमन ने लसुडि़या थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। आरोपी के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई हुई थी और वह जेल भी जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद भी विवाद कम नहीं हुआ।

    नशे की लत और मजदूरी की जिंदगी

    आरोपी मजदूरी करता है और उसे नशे की आदत भी बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • Pachmarhi hotel News: ऐसे होती है पचमढ़ी के होटलों में धोखाधड़ी , तय बुकिंग के बाद भी पर्यटकों से की जाती है जबरन वसूली

    मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक पर्यटक परिवार को होटल में ठहरने के दौरान धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। यह मामला उन सैकड़ों पर्यटकों के लिए चेतावनी है जो छुट्टियां मनाने पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं और बाद में होटल संचालकों की मनमानी का शिकार हो जाते हैं।

    दो दिन की बुकिंग थी तीसरे दिन की रकम वसूली गई

    प्रवाह टाइम्स से जुड़े एक सदस्य अपने परिवार के साथ पचमढ़ी घूमने पहुंचे थे। पचमढ़ी पहुंचने के बाद उन्होंने वहीं जाकर होटल शिवा पैलेस में कमरा लिया। होटल में बातचीत के दौरान दो दिन के लिए कमरे की बुकिंग तय हुई। प्रति दिन का किराया 2750 रुपये बताया गया और 2 कमरे बुक किये गए एवं यह भी कहा गया कि चेकआउट शाम पांच बजे किया जाएगा। तय शर्तों के आधार पर परिवार ने होटल में ठहरने का निर्णय लिया।

    चेकआउट के समय बदले गए नियम

    जब चेकआउट का समय आया तो होटल शिवा पैलेस के मालिक ने अचानक तीसरे दिन के पैसे मांगने शुरू कर दिए। परिवार द्वारा पहले से तय हुई बात बताने पर भी होटल प्रबंधन नहीं माना और भुगतान करने का दबाव बनाने लगा। इस दौरान होटल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।

    क्रिसमस का हवाला देकर बढ़ाया किराया

    परिवार ने जब कहा कि अगर अतिरिक्त भुगतान करना ही है तो वे उसी दिन रुक सकते हैं तब होटल शिवा पैलेस के संचालक ने नया किराया बता दिया। क्रिसमस सीजन का हवाला देते हुए प्रति दिन का रेट 5000 रुपये कर दिया गया। पहले से तय किराए और शर्तों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

    मजबूरी में देने पड़े ज्यादा पैसे

    लंबी बहस और मानसिक दबाव के बाद परिवार को मजबूरी में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा। होटल शिवा पैलेस की ओर से दो दिन के किराये के  5500 रुपये लिए गए और इसके साथ ही 5500 रुपये अतिरिक्त भी वसूले गए। इस तरह दो दिन की सामान्य बुकिंग एक महंगे अनुभव में बदल गई।

    पर्यटकों की मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा

    यह घटना बताती है कि किस तरह कुछ होटल संचालक पचमढ़ी जैसे भीड़ भरे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। परिवार के साथ होना बाहरी शहर और रात के समय वैकल्पिक व्यवस्था न मिल पाना ऐसे कारण होते हैं जिनका फायदा उठाकर जबरन वसूली की जाती है।

    प्रशासन और टूरिज्म विभाग के लिए सवाल

    इस तरह के मामलों से पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थल की छवि को नुकसान पहुंचता है। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के लिए यह जरूरी हो जाता है कि होटल रेट्स बुकिंग नियम और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सख्ती से नजर रखी जाए ताकि भविष्य में पर्यटकों के साथ ऐसी घटनाएं न हों।

    यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

    पर्यटकों को होटल बुकिंग से पहले किराया चेकआउट समय और अतिरिक्त शुल्क की पूरी जानकारी लिखित में लेनी चाहिए। किसी भी विवाद की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या पर्यटन हेल्पलाइन से संपर्क करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

    Disclaimer
    यह समाचार एक व्यक्ति द्वारा साझा किए गए अनुभव पर आधारित है। इसका उद्देश्य होटल शिवा पैलेस या किसी अन्य व्यक्ति को बदनाम करना नहीं बल्कि यात्रियों को जागरूक करना है।

  • Indore Khabar: अटल जी को इंदौर की ऐतिहासिक श्रद्धांजलि, अब ‘अटल बिहारी मार्ग’ कहलाएगी एबी रोड

    भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर इंदौर नगर निगम ने एक भावनात्मक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। शहर की प्रमुख जीवनरेखा मानी जाने वाली आगरा–बॉम्बे रोड, जिसे आमतौर पर एबी रोड कहा जाता है, अब ‘अटल बिहारी मार्ग’ के नाम से जानी जाएगी। यह फैसला गुरुवार को मेयर-इन-काउंसिल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

    मेयर-इन-काउंसिल का सर्वसम्मत निर्णय

    मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश में सड़क और बुनियादी ढांचे को नई दिशा दी। ग्रामीण सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका रही है। इसी योगदान को सम्मान देते हुए इंदौर की इस प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया गया है।

    केंद्र सरकार से भी की जाएगी मांग

    नगर निगम अब केंद्र सरकार से आग्रह करेगा कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग को भी औपचारिक रूप से अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर समर्पित किया जाए। यह कदम न सिर्फ श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके विकासवादी दृष्टिकोण की याद दिलाने का प्रयास भी है। यह फैसला शहरवासियों के लिए गर्व का विषय बन गया है।

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  • Indore News: इंदौर में पुलिस से भिड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सोनू का वायरल वीडियो

    इंदौर में सोशल मीडिया की चमक एक बार फिर विवाद की वजह बन गई है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सोनू का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी करते दिखाई दे रहे हैं। यह पूरा मामला इंदौर के हिरानगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक सड़क हादसे के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    हिरानगर थाना क्षेत्र में क्या हुआ?

    मंगलवार रात स्कीम नंबर 136 स्थित एक जंगल कैफे के पास बनी नर्सरी में एक कार अनियंत्रित होकर घुस गई। बताया जा रहा है कि कार सवार युवक नशे में थे और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाकर मौके से फरार हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंची, तभी मौके पर मौजूद इन्फ्लुएंसर सोनू और हेड कांस्टेबल खेम सिंह के बीच कहासुनी हो गई।

    वीडियो में दिखा विवाद, जांच में जुटी पुलिस

    वीडियो में सोनू पुलिसकर्मी पर माफी मांगने का दबाव बनाते और थप्पड़ मारने की धमकी देते नजर आते हैं। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस ने किसी के साथ मारपीट नहीं की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

    यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर विवाद अब कानून व्यवस्था के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं?

    read also: कड़ाके की ठंड में देवदूत बने सुवेग राठी: इंदौर की सड़कों पर जिंदा दिखी इंसानियत

  • Indore Breaking: कड़ाके की ठंड में देवदूत बने सुवेग राठी: इंदौर की सड़कों पर जिंदा दिखी इंसानियत

    इंदौर के कड़ाके की ठंड में जब अधिकतर लोग अपने घरों में सुरक्षित बैठे थे, तब शहर की सड़कों पर मानवता की एक सच्ची तस्वीर सामने आई। सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता सुवेग राठी बिना किसी प्रचार और सूचना के जरूरतमंदों के बीच देवदूत बनकर पहुंचे। रात का अंधेरा, सर्द हवाएं और फुटपाथों पर ठिठुरते लोग—इसी माहौल में सुवेग राठी ने इंसानियत का उजाला फैलाया।

    बिना शोर के सेवा का उदाहरण बने सुवेग राठी

    बस स्टैंड, चौराहों और सड़कों के किनारे सो रहे बेसहारा लोगों के पास पहुंचकर सुवेग राठी ने खुद अपने हाथों से ऊनी शॉल ओढ़ाई। यह पहल न किसी राजनीतिक मंच से जुड़ी थी और न ही किसी प्रचार अभियान से। यह सिर्फ मानवता की भावना से किया गया काम था, जिसने साबित किया कि सच्ची सेवा वही है जो खामोशी से की जाए।

    एक शॉल और सैकड़ों दुआएं

    कड़ाके की ठंड में एक ऊनी शॉल किसी के लिए मामूली हो सकती है, लेकिन ठिठुरते इंसान के लिए वही शॉल जिंदगी की सबसे बड़ी राहत बन जाती है। ठंड से राहत पाकर चेहरों पर लौटी मुस्कान ने यह साफ कर दिया कि सुवेग राठी जैसे लोग आज भी समाज में इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं।

     

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    read also: मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू, इंदौर में दावे-आपत्तियों की सुनवाई को लेकर प्रशासन अलर्ट

  • Indore Khabar: मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू, इंदौर में दावे-आपत्तियों की सुनवाई को लेकर प्रशासन अलर्ट

    Indore Khabar:  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण 23 दिसंबर से प्रारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए निर्वाचन कार्यालय ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में दावे और आपत्तियों की सुनवाई से जुड़े अधिकारियों को आयोग के निर्देशों की जानकारी दी गई और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

    मतदाता सूची पुनरीक्षण : अधिकारियों को निर्देश और प्रशिक्षण

    बैठक में विशेष रूप से मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के विशेष रोल पुनरीक्षण पर्यवेक्षक बृजमोहन मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुनवाई केंद्रों पर मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी विभागों के कार्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें, क्योंकि यह चरण पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है।

    इंदौर जिले के मतदाताओं का आंकड़ा

    इंदौर जिले में सर्वे से पहले कुल 28,67,294 मतदाता दर्ज थे। 18 दिसंबर तक हुए सर्वे में 24,171 नए मतदाता मिले, जिनका डाटा डिजिटलाइज किया जा चुका है। वहीं 4,47,123 मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत पाए गए। वर्तमान प्रारूप सूची में 12,20,628 पुरुष, 11,99,450 महिलाएं और 93 अन्य मतदाता शामिल हैं। सुनवाई के लिए 58 केंद्रों पर 3210 बीएलओ, 280 सुपरवाइजर और 76 अधिकारी तैनात किए गए हैं।

    read also: इंदौर में गूंजा जंगल बचाओ आंदोलन, अरावली–सिंगरौली कटाई के खिलाफ आदिवासियों का आक्रोश

  • Indore News: इंदौर में गूंजा जंगल बचाओ आंदोलन, अरावली–सिंगरौली कटाई के खिलाफ आदिवासियों का आक्रोश

    Indore News:  आज इंदौर में सिंगरौली और अरावली के जंगलों को बचाने के लिए एक विशाल आंदोलन देखने को मिला। प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अवैध खनन और औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे आदिवासियों का विस्थापन और पर्यावरण का विनाश हो रहा है।

    जंगल बचाओ आंदोलन में भविष्य की चिंता

    आंदोलन में शामिल आदिवासी नेताओं ने कहा कि हजारों वर्षों से जंगलों की रक्षा करने वाले समुदायों को नक्सलवाद के नाम पर हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जंगल कटाई आंदोलन केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सांसों से जुड़ी लड़ाई है। यदि जंगल नष्ट हुए, तो जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और तापमान में असंतुलन पूरे देश को प्रभावित करेगा।

    अरावली कटाई और दिल्ली का प्रदूषण

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अरावली पहाड़ियों की कटाई से दिल्ली सहित उत्तर भारत में प्रदूषण और भी भयावह हो सकता है। उनका कहना है कि जंगलों का विनाश मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए खतरा है।

    आंदोलन आगे भी रहेगा जारी

    सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि यदि जंगलों की कटाई नहीं रुकी, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा और पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।

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