Category: Madhya Pradesh

  • PM Kisan Maandhan Yojana: किसानों के बुढ़ापे की गारंटी प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, में मिलेगी हर महीने 3000 रुपये पेंशन

    PM Kisan Maandhan Yojana: किसानों से जुड़ी एक अहम सरकारी योजना की जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को साठ वर्ष की उम्र के बाद हर महीने तीन हजार रुपये पेंशन दी जाती है। यह योजना किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है और इसका लाभ देशभर के पात्र किसानों को मिल रहा है।

    यह योजना नौ अगस्त दो हजार उन्नीस को शुरू की गई थी। इसका मकसद ऐसे किसानों को आर्थिक सहारा देना है जिनकी आमदनी सीमित है और जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई नियमित पेंशन नहीं होती। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

    कौन किसान ले सकता है योजना का लाभ

    योजना का लाभ अठारह से चालीस वर्ष की उम्र के छोटे और सीमांत किसान ले सकते हैं। जिन किसान परिवारों के पास कम भूमि है उन्हें इसमें शामिल किया गया है। जो लोग पहले से एनपीएस ईएसआईसी या ईपीएफ जैसी योजनाओं से जुड़े हैं वे इसके पात्र नहीं हैं।

    इसके अलावा बड़े भूमि मालिक संवैधानिक पदों पर रहे लोग वर्तमान या पूर्व विधायक सांसद सरकारी कर्मचारी और आयकर दाता इस योजना में शामिल नहीं हो सकते। पात्रता को लेकर आवेदन के समय पूरी जांच की जाती है।

    आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी जानकारी

    प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लिए आवेदन नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर किया जाता है। वहां मौजूद वीएलई किसान का फॉर्म भरने में मदद करता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड बैंक पासबुक भूमि से जुड़े दस्तावेज फोटो और ऑटो डेबिट फॉर्म जरूरी होता है।

    किसान अपनी सुविधा के अनुसार मासिक तिमाही अर्धवार्षिक या वार्षिक किस्त चुन सकता है। किस्त की राशि पचपन रुपये से दो सौ रुपये प्रति माह के बीच होती है। आवेदन पूरा होने के बाद किसान को एक यूनिक पेंशन नंबर दिया जाता है। साठ साल की उम्र पूरी होने पर किसान को हर महीने तीन हजार रुपये की पेंशन मिलती है।

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  • Madhya Pradesh news: खंडवा में ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़े जाने से हड़कंप, मोरटक्का में बहे पुल का रास्ता, मजदूर नदी में फंसे

    खंडवा जिले से सामने आई यह खबर हर किसी को झकझोर देने वाली है। एक पल में हालात ऐसे बदले कि मेहनत से चल रहा काम खतरे में बदल गया। नर्मदा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और देखते ही देखते मोरटक्का क्षेत्र में डर का माहौल बन गया।

    ओंकारेश्वर बांध से अचानक छोड़ा गया पानी

    शुक्रवार को Omkareshwar Dam से अचानक अधिक पानी छोड़ा गया। इस फैसले की जानकारी पहले से नहीं दी गई थी। पानी तेजी से बढ़ा और इसका सीधा असर नर्मदा नदी पर पड़ा। नदी के किनारे मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही हालात बिगड़ चुके थे।

    मोरटक्का में बह गया रेलवे ब्रिज का एप्रोच रोड

    मोरटक्का क्षेत्र में Narmada River पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज के लिए बनाया गया एप्रोच रोड तेज बहाव में बह गया। यह ब्रिज खंडवा में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए बनाया जा रहा है। अचानक पानी बढ़ने से निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर नदी के बीच फंस गए।

    नदी के बीच फंसे मजदूरों की सांसें अटकीं

    घटना के समय निर्माण कार्य में लगे दस मजदूर सुरक्षित जगह तक नहीं पहुंच सके। पानी चारों ओर फैल चुका था और डर साफ नजर आ रहा था। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तेजी दिखाई। नाव भेजी गई और कड़ी मेहनत के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मजदूरों को खेड़ीघाट पर सुरक्षित उतारा गया।

    खेड़ीघाट में दुकानों में घुसा पानी

    अचानक छोड़े गए पानी का असर Kherighat क्षेत्र में भी दिखा। नर्मदा किनारे बनी दुकानों में पानी भर गया। दुकानदारों को नुकसान झेलना पड़ा। लोगों का कहना है कि अगर पहले सूचना दी जाती तो वे अपना सामान बचा सकते थे। इस लापरवाही से नाराजगी साफ नजर आई।

    निर्माण कंपनी और प्रशासन की भूमिका

    रेलवे ब्रिज का निर्माण Manglam Buildcon द्वारा किया जा रहा था। अचानक जलस्तर बढ़ने से कंपनी के मजदूरों की जान खतरे में पड़ गई। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि बांध प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।

    सवालों के घेरे में बांध प्रबंधन

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन की लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह बन सकती थी। अगर समय रहते रेस्क्यू नहीं होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं

  • Madhya Pradesh News: सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन को 129 करोड़ की सौगात, मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान

    उज्जैन से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है जो शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाली है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उज्जैन में करीब 129 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासन और समाज मिलकर सिंहस्थ 2028 को भव्य दिव्य और ऐतिहासिक बनाएंगे।

    बाबा महाकाल के श्रद्धालु हमारे अतिथि हैं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाला हर श्रद्धालु हमारे लिए अतिथि नहीं बल्कि स्वयं महाकाल द्वारा आमंत्रित मेहमान है। बीते कुछ दिनों में ही पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन आज पूरे विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन चुका है।

    युवाओं को मिलेगा नया अवसर और नई पहचान

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उज्जैन के युवाओं के लिए प्रोजेक्ट स्वाध्याय कोडिंग फॉर ऑल का शुभारंभ किया। इसके साथ UtkarshUjjain.com पोर्टल और कौशल सेतु कार्यक्रम भी शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से युवा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि जॉब रेडी और फ्यूचर रेडी बनेंगे।

    उज्जैन में तेज होगा विकास का काम

    उज्जैन शहरी क्षेत्र में सड़कों के चौड़ीकरण गौशाला विकास ईडब्ल्यूएस कॉलोनी और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे कई कार्यों की शुरुआत की गई। पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाने की घोषणा भी की गई जिससे यहां अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकेंगे।

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शुरू

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। इसके लिए 2675 करोड़ रुपए के 33 बड़े कार्य स्वीकृत किए गए हैं। घाटों का विस्तार बेहतर सड़कें मेडिकल टूरिज्म हब मेडिसिटी और आईटी पार्क जैसे काम तेजी से चल रहे हैं।

    उज्जैन को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

    उज्जैन में चिंतामण गणेश स्टेशन को मुख्य स्टेशन बनाया जाएगा। मोहनपुरा में नया रेलवे स्टेशन बनेगा और शहर के पास एक बड़ा एयरपोर्ट भी विकसित किया जा रहा है। इंदौर उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने की भी तैयारी है।

    उज्जैन बनेगा मेट्रोपॉलिटन एरिया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन अब इंदौर उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा बनेगा। यह दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो क्षेत्र होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में उज्जैन लगातार नई पहचान बना रहा है

  • Bhavantar Yojana MP: जावरा में किसानों को बड़ी सौगात 810 करोड़ की भावांतर राशि एक क्लिक में खातों में पहुंची

    मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जावरा से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जावरा में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर राशि का वितरण किया। इस दौरान 3.77 लाख किसानों के बैंक खातों में 810 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से अंतरित किए गए। इसमें रतलाम जिले के 12 हजार से ज्यादा किसान भी शामिल रहे।

    भावांतर योजना किसानों के अधिकार का प्रतीक

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भावांतर केवल एक योजना नहीं बल्कि किसानों के प्रति सरकार का श्रद्धा भाव है। यह राशि किसानों का अधिकार है और उनकी समृद्धि के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को अन्नदाताओं के कल्याण को समर्पित किया गया है और आने वाले समय में कृषि उत्सव मनाया जाएगा।

    रोजगार विकास और किसान कल्याण पर सरकार का फोकस

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और हुनरमंद युवा को रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि 32 लाख से अधिक किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे जिन पर 90 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। लाड़ली बहनों को मिलने वाली सहायता राशि को भविष्य में तीन हजार रुपए तक बढ़ाने का भी भरोसा दिया गया।

    जावरा और रतलाम को मिले नए विकास कार्य

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 145 करोड़ रुपए लागत के 33 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। जावरा में आधुनिक आउटडोर और इंडोर स्टेडियम बनेगा। निराश्रित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर बनाया जाएगा। हेरिटेज भवन निर्माण और पुराने स्कूल की मरम्मत के लिए दो दो करोड़ रुपए दिए जाएंगे। ग्राम शुजापुर और पिपलौदा में बालिका छात्रावास भी बनाए जाएंगे।

    कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई ताकत

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पार्वती कालीसिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना से रतलाम जिले को भी लाभ मिलेगा। मालवा क्षेत्र में पांच हजार करोड़ की लागत से नया फोर लेन हाईवे बनेगा जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। किसानों की मांगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुआवजा भी बढ़ाया जाएगा।

  • Pachmarhi hotel News: ऐसे होती है पचमढ़ी के होटलों में धोखाधड़ी , तय बुकिंग के बाद भी पर्यटकों से की जाती है जबरन वसूली

    मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक पर्यटक परिवार को होटल में ठहरने के दौरान धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। यह मामला उन सैकड़ों पर्यटकों के लिए चेतावनी है जो छुट्टियां मनाने पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं और बाद में होटल संचालकों की मनमानी का शिकार हो जाते हैं।

    दो दिन की बुकिंग थी तीसरे दिन की रकम वसूली गई

    प्रवाह टाइम्स से जुड़े एक सदस्य अपने परिवार के साथ पचमढ़ी घूमने पहुंचे थे। पचमढ़ी पहुंचने के बाद उन्होंने वहीं जाकर होटल शिवा पैलेस में कमरा लिया। होटल में बातचीत के दौरान दो दिन के लिए कमरे की बुकिंग तय हुई। प्रति दिन का किराया 2750 रुपये बताया गया और 2 कमरे बुक किये गए एवं यह भी कहा गया कि चेकआउट शाम पांच बजे किया जाएगा। तय शर्तों के आधार पर परिवार ने होटल में ठहरने का निर्णय लिया।

    चेकआउट के समय बदले गए नियम

    जब चेकआउट का समय आया तो होटल शिवा पैलेस के मालिक ने अचानक तीसरे दिन के पैसे मांगने शुरू कर दिए। परिवार द्वारा पहले से तय हुई बात बताने पर भी होटल प्रबंधन नहीं माना और भुगतान करने का दबाव बनाने लगा। इस दौरान होटल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।

    क्रिसमस का हवाला देकर बढ़ाया किराया

    परिवार ने जब कहा कि अगर अतिरिक्त भुगतान करना ही है तो वे उसी दिन रुक सकते हैं तब होटल शिवा पैलेस के संचालक ने नया किराया बता दिया। क्रिसमस सीजन का हवाला देते हुए प्रति दिन का रेट 5000 रुपये कर दिया गया। पहले से तय किराए और शर्तों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

    मजबूरी में देने पड़े ज्यादा पैसे

    लंबी बहस और मानसिक दबाव के बाद परिवार को मजबूरी में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा। होटल शिवा पैलेस की ओर से दो दिन के किराये के  5500 रुपये लिए गए और इसके साथ ही 5500 रुपये अतिरिक्त भी वसूले गए। इस तरह दो दिन की सामान्य बुकिंग एक महंगे अनुभव में बदल गई।

    पर्यटकों की मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा

    यह घटना बताती है कि किस तरह कुछ होटल संचालक पचमढ़ी जैसे भीड़ भरे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। परिवार के साथ होना बाहरी शहर और रात के समय वैकल्पिक व्यवस्था न मिल पाना ऐसे कारण होते हैं जिनका फायदा उठाकर जबरन वसूली की जाती है।

    प्रशासन और टूरिज्म विभाग के लिए सवाल

    इस तरह के मामलों से पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थल की छवि को नुकसान पहुंचता है। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के लिए यह जरूरी हो जाता है कि होटल रेट्स बुकिंग नियम और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सख्ती से नजर रखी जाए ताकि भविष्य में पर्यटकों के साथ ऐसी घटनाएं न हों।

    यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

    पर्यटकों को होटल बुकिंग से पहले किराया चेकआउट समय और अतिरिक्त शुल्क की पूरी जानकारी लिखित में लेनी चाहिए। किसी भी विवाद की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या पर्यटन हेल्पलाइन से संपर्क करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

    Disclaimer
    यह समाचार एक व्यक्ति द्वारा साझा किए गए अनुभव पर आधारित है। इसका उद्देश्य होटल शिवा पैलेस या किसी अन्य व्यक्ति को बदनाम करना नहीं बल्कि यात्रियों को जागरूक करना है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव का इंदौर दौरा मेडिकल कॉलेज दोगुने नक्सलवाद पर बड़ा हमला विकास को लेकर बड़ा बयान

    आज हम आपसे मध्यप्रदेश की राजनीति और विकास से जुड़ी एक अहम खबर साझा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर आए और यहां कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके इस दौरे ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार प्रदेश के विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है और जनता से जुड़े हर विषय पर गंभीर है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर नक्सलवाद को लेकर निशाना साधा और साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या दो गुनी होने की बड़ी उपलब्धि भी बताई।

    इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव का आगमन और कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर पहुंचे और यहां पहुंचते ही लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे पहले विधायक गोलू शुक्ला के निवास पर गए जहां उन्होंने वर वधू को आशीर्वाद दिया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार से लोगों में खास उत्साह दिखाई दिया। विमानतल पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे बाणगंगा स्थित विधायक शुक्ला के निवास पहुंचे और वहां कुछ समय बिताने के बाद वापस विमानतल रवाना हो गए। इंदौर के बाद उनका बेंगलुरु का कार्यक्रम था और रात को वे फिर इंदौर लौटकर निजी विमान से भोपाल प्रस्थान करेंगे।

    मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी होने पर मुख्यमंत्री का बयान

    मीडिया से चर्चा करते समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी कर दी गई है जिससे युवाओं को मेडिकल शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में बड़ी मदद मिली है। मुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार ने सिंचाई का रकबा बढ़ाने रोजगार के अवसर बढ़ाने और इंडस्ट्री ग्रोथ रेट को राष्ट्रीय औसत से आगे ले जाने में महत्वपूर्ण काम किया है। उनका यह दावा प्रदेश के विकास की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

    नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा

    नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नक्सलवाद एक बड़ी समस्या के रूप में खड़ा था और इसे खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे में निर्णायक भूमिका निभाई है जिससे कई जिले नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर सिर्फ आरोप लगाने और समस्या को जिंदा रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया जबकि उनकी सरकार समाधान में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी बताया कि उनकी सरकार के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और इस दौरान विकास की गति हर क्षेत्र में तेज हुई है।

    विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस

    मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुकी है। यह संकेत देता है कि प्रदेश में औद्योगिक वातावरण लगातार बेहतर हो रहा है और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है और जनता को इसका लाभ मिलता रहेगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का इंदौर दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संदेश देता है। उनके बयानों से साफ है कि सरकार विकास नक्सलवाद के खात्मे रोजगार और मेडिकल शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर प्रदेश की प्रगति पर और अधिक दिखाई देने की उम्मीद है।

  • मध्यप्रदेश में ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग से बदला राशन वितरण का सिस्टम , मुख्यमंत्री ने की बड़ी समीक्षा

    मध्यप्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी बड़ी योजनाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि हर पात्र परिवार तक निशुल्क खाद्यान्न सुगमता से पहुंचना हमारी प्राथमिकता है। जरूरतमंद गरीब श्रमिक किसान और महिलाओं का कल्याण ही सरकार की नीतियों का मुख्य आधार है। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारी कार्यों की सराहना की और आगे की दिशा में स्पष्ट निर्देश भी दिए।

    ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग की बड़ी सफलता लाखों हितग्राहियों को मिला लाभ

    बैठक में सबसे अधिक चर्चा ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग प्रक्रिया पर हुई। मुख्यमंत्री ने इस कार्य की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जानी चाहिए ताकि हर पात्र हितग्राही को उसका अधिकार मिल सके। बड़ी बात यह रही कि सत्यापन के बाद 34 लाख से अधिक अपात्र हितग्राहियों का नाम सिस्टम से हटाया गया और लगभग 14 लाख नए पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई जिसके बाद उन्हें निशुल्क खाद्यान्न मिलने लगा। यह प्रयास सीधे तौर पर पारदर्शिता और सही लक्षित व्यवस्था की बड़ी मिसाल बन गया है।

    श्रमिकों के लिए बनाई गई विशेष प्राथमिकता श्रेणी मिले अधिक लाभ और बेहतर सुविधा

    बैठक में बताया गया कि ई श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को विशेष प्राथमिकता श्रेणी में जोड़कर 25 लाख से अधिक नए श्रमिकों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने केवल दो वर्षों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों हितग्राहियों को अन्न वितरित किया है। पीडीएस प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए उचित मूल्य दुकानों की संख्या बढ़ाने से लेकर तकनीकी साधनों का उपयोग तक हर कदम भविष्य की जरूरत को देखते हुए उठाया गया है।

    ई केवाइसी की ऐतिहासिक उपलब्धि लगभग पूरे प्रदेश की जनसंख्या को मिला लाभ

    मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 536 लाख से अधिक हितग्राहियों में से 497 लाख का ई केवाइसी पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि देश में सबसे तेज और सबसे सफल प्रक्रियाओं में से एक मानी जा रही है। प्रतीक्षा में खड़े लाखों परिवारों को भी पात्रता पर्चियां जारी कर दी गई हैं ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को अन्न से वंचित न रहना पड़े।

    किसानों को मिला एमएसपी बोनस और प्रोत्साहन राशि खेतिहर परिवारों में लौटी उमंग

    मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी बताया कि गेंहू और धान बेचने वाले किसानों को एमएसपी के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि दी गई है जिससे किसानों की मेहनत को उचित मूल्य मिला है। दो वर्षों में हजारों करोड़ की राशि किसानों तक पहुंचाकर सरकार ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। चावल के रिकॉर्ड परिदान और भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी ने राज्य की खाद्यान्न व्यवस्था को और मजबूत किया है।

    लाडली बहनों को उज्जवला योजना का लाभ करोड़ों की सब्सिडी पहुंची महिलाओं तक

    लाडली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस रिफिल पर बड़ी राहत दी गई है। दो वर्षों में करोड़ों का अनुदान सीधे लाभार्थी महिलाओं के खाते में भेजा गया है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षित और सक्षम बनाना है।

    नवाचार और तकनीक से पारदर्शी हुआ राशन प्रदाय एसएमएस से हर सूचना पहुंच रही है घर तक

    विभाग ने तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया है। अब हितग्राहियों को राशन वितरण से संबंधित हर जानकारी एसएमएस से मिलती है। ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है ताकि किसी स्तर पर भ्रम या अनियमितता की गुंजाइश न रहे। इंदौर जिले की कई उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदलकर दुकानदारों की आय और सेवा मानकों दोनों को बेहतर बनाया गया है।

    MP News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष बालाघाट में 10 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त बनने की राह पर

    आधुनिक पीओएस मशीनें जीपीएस मॉनिटरिंग और सोलर गोदाम बेहतर भविष्य की ओर कदम

    मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की जिसमें आधुनिक पीओएस मशीनें आईरिस स्केनर तौल कांटा इंटिग्रेशन जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सोलर पैनल और गोदामों के आधुनिकीकरण जैसे कदम शामिल हैं। इससे राशन वितरण और भंडारण प्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आएगी।

    सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष तैयारी अखाड़ों को मिलेगा अस्थायी राशन कार्ड

    सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी और अखाड़ों की आवश्यकता के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि विशाल आयोजन में किसी भी प्रकार की खाद्यान्न संबंधित परेशानी न आए। यह प्रबंधन राज्य की दूरदर्शी योजना का हिस्सा है।

    मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खाद्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के लिए किए गए ये प्रयास प्रदेश के हर वर्ग को राहत दे रहे हैं। ई केवाइसी राइट फुल टारगेटिंग आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता ने पूरी व्यवस्था को नया रूप दिया है। आने वाले वर्षों में स्मार्ट पीडीएस और मॉडर्नाइज्ड भंडारण व्यवस्था से राज्य की खाद्यान्न प्रणाली और अधिक मजबूत होने वाली है।

  • MP News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष बालाघाट में 10 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त बनने की राह पर

    MP News: मध्यप्रदेश में नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष बालाघाट में रविवार को 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 4 महिला नक्सली भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें संविधान की प्रति प्रदान कर मुख्यधारा से जोड़ा। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने अपने हथियार भी मुख्यमंत्री को सौंपे। यह घटना प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और प्रयासों का प्रतीक है।

    नक्सलियों के पुनर्वास की गारंटी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नक्सलियों से आग्रह किया कि वे सरकार की पुनर्वास नीति अपनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग कानून की राह अपनाते हैं, उनके जीवन और पुनर्वास की पूरी चिंता सरकार करेगी।

    पुलिस अधिकारियों और जवानों की हौसला अफजाई

    डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों और जवानों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि एंटी नक्सल अभियान को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में 15 नए अस्थायी कैंप और विशेष सहयोगी दस्ते के 882 पद स्वीकृत किए गए हैं। सतत निगरानी और सघन जांच के कारण नक्सली दायरा तेजी से घट रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 46 एकल सुविधा केंद्र खोले गए, जहां रोजगार, वन अधिकार पत्र और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    नक्सलियों की सूची और पहचान

    आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सुरेंद्र उर्फ कबीर, राकेश ओडी उर्फ मनीष, लालसिंह मरावी उर्फ सींगा, शिल्पा नुप्पो, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा, जयशीला उर्फ ललीता, विक्रम उर्फ हिडमा, जरिना उर्फ जोगी मुसाक और समर उर्फ राजु अतरम शामिल हैं। सभी का मुख्यतः छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से संबंध है।

    डीजीपी का बयान और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास

    डीजीपी श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में एंटी नक्सल अभियान को और मजबूत किया गया है। नए कैंप स्थापित किए गए हैं, हॉक फोर्स और पुलिस बल में वृद्धि की गई है और अधिकारियों और जवानों को सतत प्रोत्साहन दिया जा रहा है। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के प्रयासों से नक्सल प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

    भविष्य की योजनाएं और संकल्प

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनवरी 2026 तक लाल सलाम को अंतिम सलाम कहा जाएगा और प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा। उन्होंने शहीद आशीष शर्मा की वीरता को नमन करते हुए 328 हॉक फोर्स सहित पुलिस अधिकारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की। यह दिखाता है कि न केवल नक्सलियों का पुनर्वास किया जाएगा बल्कि कानून लागू करने वालों की भी सराहना की जाएगी।

  • MP weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम ने बदला मिजाज इंदौर उज्जैन पर चक्रवात का असर शनिवार से बढ़ेगी सर्दी

    MP weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम फिर से करवट ले रहा है। सुबह की ठंड और दिन की हल्की गर्मी के बीच लोग उलझे हुए महसूस कर रहे हैं। कहीं तेज धूप परेशान कर रही है तो कहीं सर्द हवाओं का असर दिखाई दे रहा है। मौसम का यह बदला हुआ रंग पूरे प्रदेश में लोगों पर अलग अलग तरह की स्थिति पैदा कर रहा है। आज हम आपको बताते हैं कि एमपी में मौसम का हाल क्या है और आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा।

    इंदौर और उज्जैन के ऊपर प्रति चक्रवात तापमान पर पड़ा बड़ा असर

    मौसम केंद्र के अनुसार इंदौर और उज्जैन के ऊपर फिलहाल एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस कारण देश के उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं पूरी तरह मध्य प्रदेश तक नहीं पहुंच पा रही हैं। जहां यह हवाएं रुक रही हैं वहां तापमान थोड़ा बढ़ा हुआ है और जहां हवाएं गुजर रही हैं वहां हल्की ठंड बढ़ने लगी है।

    यही वजह है कि प्रदेश के कई जिलों में दिन में तेज धूप के बावजूद रात में ठंडक बढ़ जाती है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि गुरुवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से डेढ़ डिग्री का उतार चढ़ाव बना रहा।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा मंडला सबसे गर्म रिकॉर्ड

    प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक तापमान मंडला में 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा दतिया में 9.3 राजगढ़ में 9.4 रीवा में 9.8 और उमरिया में 9.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इससे साफ है कि प्रदेश में कहीं हल्की शीतलहर है तो कहीं तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।

    शनिवार से बढ़ेगी ठंड पूरे प्रदेश में गिरेगा तापमान

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जो प्रति चक्रवात इंदौर और उज्जैन के ऊपर बना हुआ है वह शुक्रवार रात तक आगे बढ़ जाएगा। इसके हटते ही उत्तर भारत की ठंडी हवाएं पूरे मध्य प्रदेश में तेजी से प्रवेश करेंगी। शनिवार से दिन और रात दोनों का तापमान दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है जिससे ठंड फिर तेज हो जाएगी।

    अगले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहेगा। इंदौर और उज्जैन संभागों को छोड़कर लगभग सभी संभागों में तापमान में गिरावट दिखाई देगी।

    मध्य प्रदेश का मौसम इन दिनों थोड़ा अनिश्चित बना हुआ है। सुबह शाम की ठंडक और दोपहर की धूप के बीच लोगों को अपनी दिनचर्या संभालनी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार ठंड आने वाले दिनों में और बढ़ेगी इसलिए सतर्क और सुरक्षित रहना जरूरी है।

  • इंडिगो फ्लाइट्स कैंसिल इंदौर और भोपाल एयरपोर्ट पर हड़कंप टेक्निकल समस्या और क्रू की कमी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

    बुधवार का दिन मध्यप्रदेश के हवाई यात्रियों के लिए बेहद तनाव और परेशानी से भरा रहा। कई लोग अपने जरूरी कामों के लिए घर से समय पर निकले लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही उन्हें पता चला कि इंडिगो की उड़ानें या तो कैंसिल हो चुकी हैं या फिर घंटों की देरी से उड़ेंगी। अचानक हुई इस अव्यवस्था ने यात्रियों को मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया और कई लोग अपनी महत्वपूर्ण मीटिंग और प्रोग्राम भी मिस कर बैठे।

    इंदौर एयरपोर्ट पर आठ बड़ी उड़ानें रद्द यात्रियों में नाराजगी

    इंदौर एयरपोर्ट पर बुधवार का दिन यात्रियों के लिए भारी साबित हुआ। इंडिगो की आठ प्रमुख उड़ानें कैंसिल होने से सैकड़ों यात्री फंस गए। इंदौर से दिल्ली मुंबई गोवा कोलकाता चेन्नई और जयपुर जाने वाली कई फ्लाइटें या तो समय पर नहीं उड़ सकीं या अचानक कैंसिल कर दी गईं। यात्रियों को न पहले सूचना मिली और न ही कोई स्पष्ट कारण बताया गया जिससे लोगों की नाराजगी बढ़ती चली गई।

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि तकनीकी खराबी और क्रू की कमी इस अव्यवस्था की मुख्य वजह रही। सिर्फ जाने वाली उड़ानें ही नहीं बल्कि इंदौर आने वाली फ्लाइटों पर भी इसका भारी असर दिखा। अहमदाबाद की फ्लाइट एक घंटे देर से पहुंची। पुणे की उड़ान डेढ़ घंटे देर से उतरी। जम्मू की दो घंटे और चंडीगढ़ की दो घंटे की देरी ने यात्रियों को परेशान कर दिया। दिल्ली की आने वाली फ्लाइट एक घंटे लेट रही। रायपुर की पांच घंटे की देरी ने तो लोगों को बेहद हताश कर दिया। भुवनेश्वर बेंगलुरु और हैदराबाद की उड़ानें भी देर से इंदौर पहुंचीं।

    इंदौर से हैदराबाद चंडीगढ़ दिल्ली पुणे भुवनेश्वर और अहमदाबाद के लिए उड़ानें भी अपने तय समय से काफी देर बाद रवाना हो सकीं जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।

    यात्रियों की शिकायतें सोशल मीडिया पर तेज कंपनी ने मांगा PNR

    मुंबई की फ्लाइट 6E 2053 में सीट बुक करने वाले यात्री क्षितिज चंद्रसेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनकी 4 दिसंबर की बुकिंग बिना बताए 5 दिसंबर कर दी गई। यात्रियों ने कहा कि न उनसे सहमति ली गई और न ही बदलाव की जानकारी दी गई। इस शिकायत के बाद इंडिगो ने उनसे PNR नंबर मांगकर जांच का आश्वासन दिया लेकिन इससे यात्रियों की परेशानी कम नहीं हुई।

    भोपाल एयरपोर्ट पर चेक इन सिस्टम फेल उड़ानें बुरी तरह प्रभावित

    देश के कई एयरपोर्ट पर बुधवार को चेक इन सिस्टम में भारी गड़बड़ी आई। भोपाल एयरपोर्ट पर इसका सबसे ज्यादा असर इंडिगो की उड़ानों पर देखने को मिला। हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट 6E 7121 पहुंच ही नहीं सकी और दूसरी हैदराबाद फ्लाइट लगभग 40 मिनट लेट उतरी। रायपुर की फ्लाइट 6E 7281 भी रद्द रही। बैंगलुरू की नाइट फ्लाइट डेढ़ घंटे की देरी से आई।

    दिल्ली की सुबह वाली उड़ान 35 मिनट देर दोपहर वाली उड़ान लगभग पौने दो घंटे लेट और रात वाली फ्लाइट करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। मुंबई की फ्लाइट 6E 5172 को सुबह 11 बजे पहुंचना था लेकिन वह दोपहर 1 बजे लैंड हुई। उड़ान 6E 5298 भी अपने तय समय 4:45 की बजाय 6:50 बजे पहुंच पाई।

    यात्रियों की दिक्कतें बढ़ीं राहत की उम्मीद अब भी कम

    इंदौर और भोपाल एयरपोर्ट की इस स्थिति ने यात्रियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। कई लोग घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहे। कई यात्रियों ने कहा कि उन्हें इस बारे में पहले से जानकारी मिल जाती तो वे अपनी यात्रा टाल सकते थे। अचानक हुई उड़ान रद्दीकरण और देरी ने यात्रियों की एक बड़ी संख्या को तनाव और असुविधा में डाल दिया है।