Category: Madhya Pradesh

  • आज 5 बजे आएगा बड़ा फैसला! MP कर्मचारियों के DA में 3% बढ़ोतरी तय या फिर झटका? कैबिनेट बैठक पर टिकी सबकी नजरें

    MP DA News|  मध्य प्रदेश में आज का दिन लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद अहम बन गया है। मंत्रालय में शाम 5 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा तेज है। सबसे ज्यादा नजरें एक ही फैसले पर टिकी हैं और वह है महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो आज ही कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

    मध्य प्रदेश में आज की कैबिनेट बैठक क्यों है खास

    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक सिर्फ एक सामान्य बैठक नहीं मानी जा रही। इस बैठक में कई ऐसे प्रस्ताव रखे जा रहे हैं जिनका सीधा असर प्रदेश के लाखों लोगों पर पड़ सकता है।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक सबसे बड़ा मुद्दा कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का है। लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा था और अब उम्मीद जताई जा रही है कि आज इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। मध्य प्रदेश में यह फैसला कर्मचारियों की सैलरी पर सीधा असर डालेगा इसलिए इसे बेहद अहम माना जा रहा है। MP DA News

    3 प्रतिशत DA बढ़ोतरी से कितना बदल जाएगा गणित

    मध्य प्रदेश में अगर कैबिनेट 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे देती है तो कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी सीधे कर्मचारियों की जेब में राहत लेकर आएगी।

    काफी समय से कर्मचारी केंद्र सरकार के बराबर DA की मांग कर रहे थे। अब अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को वही लाभ मिलेगा जो केंद्र के कर्मचारियों को मिल रहा है। इससे प्रदेश के लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। MP DA News

    होली से पहले संकेत मिल चुके थे अब औपचारिक मुहर बाकी

    मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके थे कि होली से पहले कर्मचारियों को राहत दी जाएगी। इसी वजह से अब इस बैठक को औपचारिक मंजूरी की प्रक्रिया माना जा रहा है।

    मध्य प्रदेश में कर्मचारी संगठनों के बीच भी इसको लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आज की बैठक में क्या फैसला निकलता है और कब से इसका फायदा मिलना शुरू होगा।

    केरल जमीन हस्तांतरण का मुद्दा भी गरमाया

    इस कैबिनेट बैठक में सिर्फ DA ही नहीं बल्कि एक और बड़ा मुद्दा चर्चा में है। मध्य प्रदेश की केरल में स्थित 224.31 हेक्टेयर जमीन को लेकर प्रस्ताव सामने आया है।

    सरकार इस जमीन को उचित मुआवजा लेकर केरल सरकार को सौंपने पर विचार कर रही है। यह फैसला प्रशासनिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में इस प्रस्ताव को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। MP DA News

    विकास और प्रशासन से जुड़े और भी फैसले संभव

    मध्य प्रदेश की इस कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं। इनमें विकास योजनाएं प्रशासनिक सुधार और नई नीतियां शामिल हो सकती हैं।

    सरकार की कोशिश है कि इन फैसलों के जरिए प्रदेश में विकास की रफ्तार को और तेज किया जाए। साथ ही आम जनता को सीधे लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं पर भी जोर दिया जा सकता है। MP DA News

  • मोहन यादव का राहुल गांधी पर तीखा हमला कहा युद्ध जैसे हालात में प्रधानमंत्री मोदी पर हल्की भाषा बोलना गलत

    आज देश और दुनिया के हालात बेहद गंभीर दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा का बड़ा विषय बन जाती है। इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ऐसे वैश्विक संकट के समय जिम्मेदार व्यवहार करना जरूरी है।

    वैश्विक युद्ध जैसे हालात के बीच बयानबाजी पर सवाल

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि इस समय दुनिया के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ईरान अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक हालात गंभीर हो गए हैं। ऐसे समय में देश के नेताओं को बेहद जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया इन हालातों से जूझ रही है तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हित में काम कर रहे हैं। सरकार लगातार ऊर्जा और आवश्यक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर ध्यान दे रही है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने युद्ध जैसे हालातों के बीच भी तेल और गैस की आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने तेल के जहाज निकालकर देश में ऊर्जा व्यवस्था को बनाए रखा है जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।

    राहुल गांधी के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हल्की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा ठीक नहीं है।

    उन्होंने राहुल गांधी के बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया और कहा कि जनता सब समझ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की ऐसी ही हरकतों की वजह से पार्टी लगातार सत्ता से दूर होती जा रही है।

    उन्होंने कहा कि जब देश गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहा है तब विपक्ष को भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए जो देश के माहौल को प्रभावित करे।

    कांग्रेस को देशहित में काम करने की सलाह

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस और उसके नेताओं को सलाह दी कि वे पक्ष और विपक्ष की राजनीति से ऊपर उठें। उन्होंने कहा कि इस समय जरूरत है कि सभी राजनीतिक दल देशहित में एक साथ खड़े हों।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के अंदर से डर की भावना को खत्म करने में सहयोग करना चाहिए और देश को एकजुट करने का प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस समय भी राजनीतिक षड्यंत्र में लगी हुई है जिसे जनता अच्छी तरह समझ रही है।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष के नेता वर्तमान परिस्थितियों की गंभीरता को समझेंगे और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करेंगे। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि देशहित सर्वोपरि होना चाहिए।

    वैश्विक हालातों के बीच राजनीति पर बढ़ी चर्चा

    ईरान अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े देश की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी वजह से देश के भीतर भी नेताओं के बयान चर्चा का विषय बन रहे हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे वैश्विक हालातों के बीच देश के नेताओं को संतुलित और जिम्मेदार बयान देने चाहिए ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।

  • एमपी में पेट्रोल डीजल गैस को लेकर बड़ा फैसला मोहन यादव सरकार ने बनाई उच्च स्तरीय समिति जनता के लिए आया बड़ा अपडेट

    mp petrol diesel news|आज हम आपको मध्यप्रदेश से जुड़ी एक अहम खबर बताने जा रहे हैं जो सीधे आम लोगों की जरूरतों से जुड़ी हुई है। राज्य में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि कहीं भी घबराहट का माहौल न बने और लोगों को जरूरी चीजों की सप्लाई लगातार मिलती रहे।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के दौरान साफ निर्देश दिए कि राज्य के हर जिले में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर हालात की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जगह पर घबराहट या अफवाह का माहौल पैदा न हो।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेट्रोल डीजल और गैस जैसी जरूरी चीजें आम लोगों की दैनिक जरूरत का हिस्सा हैं इसलिए इनकी आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। राज्य सरकार इस पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे।

    पेट्रोल डीजल और गैस की सप्लाई पर बनी रहेगी नजर

    राज्य सरकार ने पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार और आयल कंपनियों के साथ समन्वय बनाए रखने का भी फैसला किया है। इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है जो लगातार हालात की निगरानी करेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेगी।

    सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रदेश के किसी भी शहर या गांव में पेट्रोल डीजल या गैस की कमी महसूस न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    तीन मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति बनाई गई

    कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने पेट्रोल डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को शामिल किया गया है।

    यह समिति प्रदेश में ईंधन और गैस की सप्लाई पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और केंद्र सरकार से समन्वय कर समाधान निकालेगी। सरकार का मानना है कि इस समिति के गठन से व्यवस्था और मजबूत होगी और लोगों तक जरूरी चीजें आसानी से पहुंचती रहेंगी।

    रसोई गैस और कमर्शियल गैस को लेकर क्या है स्थिति

    कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने जानकारी दी कि फिलहाल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और इसकी सप्लाई लगातार जारी है। रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में भी किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई है।

    उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस के मामले में रिटेलर के पास करीब दो दिन का स्टॉक मौजूद है जबकि तेल कंपनियों के पास सात दिन का स्टॉक उपलब्ध है। यानी फिलहाल प्रदेश में गैस की सप्लाई को लेकर किसी तरह की चिंता की स्थिति नहीं है।

    कलेक्टर और कमिश्नर को दिए गए खास निर्देश

    राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर और कमिश्नर को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कमर्शियल गैस के उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं से संवाद करें। सरकार चाहती है कि गैस का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से हो ताकि सभी लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

    इस पहल का मकसद यह भी है कि बाजार में किसी तरह की अफवाह या अनावश्यक खरीदारी की स्थिति पैदा न हो और सप्लाई सिस्टम पूरी तरह संतुलित बना रहे।

    प्रदेश में घबराने की जरूरत नहीं

    सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि प्रदेश में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाने के लिए तैयार है।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद अब मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में हालात की समीक्षा कर रहे हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    मध्यप्रदेश सरकार ने पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सतर्कता दिखाते हुए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद अब पूरे प्रदेश में स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और जरूरी सेवाएं बिना रुकावट के जारी रहें।

  • पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट, भोपाल और दिल्ली में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित

    Barwani News: पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने राज्य के नागरिकों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा भोपाल स्थित वल्लभ भवन और नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

    मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सचिव कृष्णावेणी देशावतु ने जानकारी दी कि यदि पश्चिम एशिया क्षेत्र में मध्यप्रदेश के किसी नागरिक को आपात स्थिति या दुर्घटना जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है तो वे इन हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। संबंधित मामलों में भारत सरकार और अन्य एजेंसियों से समन्वय कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर

    भोपाल के वल्लभ भवन में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर
    0755-2708055
    0755-2708059
    मोबाइल 7648862100

    मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप भी किया जा सकता है और sderf.vbsr@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।

    इसी तरह नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में बनाए गए कंट्रोल रूम के नंबर
    011-26772005
    मोबाइल 9818963273

    इस मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप किया जा सकता है या mphelpdeskgulf@gmail.com पर ईमेल भेजा जा सकता है।

    प्रदेश सरकार ने अपील की है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में रहने वाले मध्यप्रदेश के नागरिक किसी भी आपात स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

  • 58% डीए का ऐलान: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत, 7 लाख से ज्यादा को मिलेगा फायदा

    MP DA Hike 2026 प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवकों और पेंशनर्स को बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा कर दी है। सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले को सार्वजनिक किया। इस निर्णय से करीब 7 लाख से अधिक कार्यरत कर्मचारी और लगभग 3 लाख पेंशनर्स सीधे लाभान्वित होंगे। बढ़ती महंगाई के बीच इसे बड़ी आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।

    अप्रैल से लागू होगा 58 प्रतिशत डीए

    सरकार ने महंगाई भत्ते की नई दर 58 प्रतिशत तय की है। यह वृद्धि अप्रैल माह से प्रभावी मानी जाएगी, जबकि बढ़ी हुई राशि का भुगतान मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ किया जाएगा। यानी कर्मचारियों को संशोधित डीए का लाभ मई की सैलरी में दिखाई देगा।

    500 से 4300 रुपये तक बढ़ेगी मासिक आय

    डीए बढ़ोतरी का असर अलग-अलग वेतनमान के अनुसार होगा। अनुमान है कि कर्मचारियों के वेतन में हर महीने लगभग 500 रुपये से लेकर 4300 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। यह बढ़ोतरी मूल वेतन, ग्रेड पे और सेवा श्रेणी पर निर्भर करेगी। उच्च वेतनमान वाले अधिकारियों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिलेगा, वहीं निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को भी निश्चित अतिरिक्त राशि का फायदा मिलेगा।

    यदि वर्गवार संभावित लाभ देखें तो प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को लगभग 2397 से 4230 रुपये तक अतिरिक्त मिल सकते हैं। द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को 1683 से 2019 रुपये तक फायदा होगा। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 585 से 1473 रुपये तक और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 465 से 556 रुपये तक मासिक बढ़ोतरी का लाभ मिलने की संभावना है।

    कोषालय अधिकारियों को वाहन किराए की अनुमति

    वित्तीय प्रशासन से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया है। कोष एवं लेखा विभाग के अंतर्गत आने वाले कोषालय अधिकारियों को अब किराए पर वाहन लेने की अनुमति दे दी गई है। इससे शासकीय कार्यों में गति और सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।

    8.25 प्रतिशत पर बरकरार रही ईपीएफ ब्याज दर

    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे देशभर के लगभग 7 करोड़ खाताधारकों को स्थिर रिटर्न मिलता रहेगा।

    आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम

    महंगाई भत्ते में वृद्धि और ईपीएफ ब्याज दर को स्थिर रखने के फैसले को सरकार की ओर से कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे लाखों परिवारों की मासिक आय और बचत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

  • MP Assembly session news: भगोरिया लोकोत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाएगी सरकार, विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    MP Assembly session news: अलीराजपुर, 24 फरवरी 2026 विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए घोषणा की कि मालवांचल के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में फाग पर्व के रूप में प्रसिद्ध भगोरिया लोकोत्सव को सरकार राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाएगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय बहुल बड़वानी, धार और झाबुआ जिलों के दो सेक्टरों में कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भगोरिया पर्व में भी सहभागी बनेगी और इसी अवसर पर कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सवों के साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनजातीय बंधुओं को 24 फरवरी से प्रारंभ हो रहे भगोरिया लोकपर्व की शुभकामनाएं दीं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी सदन की ओर से जनजातीय समाज को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

    अलीराजपुर से जुड़ी अन्य ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए Alirajpur News सेक्शन देखें।

  • Bhagoria lokotsav MP: भगोरिया लोकोत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाएगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    Bhagoria lokotsav MP: अलीराजपुर, 24 फरवरी 2026 विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए घोषणा की कि मालवांचल के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में मनाए जाने वाले भगोरिया लोकोत्सव को सरकार राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बहुल बड़वानी, धार और झाबुआ जिलों के दो सेक्टर्स में सरकार कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि भगोरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे सामाजिक उत्सवों के प्रोत्साहन के साथ-साथ क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को 24 फरवरी से प्रारंभ हो रहे भगोरिया लोकपर्व की शुभकामनाएं दीं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी सदन की ओर से जनजातीय बंधुओं को बधाई प्रेषित की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • Maha shivarati 2026: महाशिवरात्रि पर उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्मारती संपन्न , 44 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट

    Maha shivarati 2026: उज्जैन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष भस्मारती समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पट प्रातः 2.30 बजे खोले गए, जो लगातार 44 घंटे तक खुले रहेंगे। प्रशासन को इस दौरान लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु आने की संभावना है।

    महाशिवरात्रि पर सुबह विशेष पंचामृत अभिषेक के साथ भगवान महाकाल का पूजन किया गया। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक के बाद चंदन लेप एवं सुगंधित द्रव्यों से श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात भस्मारती संपन्न हुई। झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच हुई आरती के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।

    बाबा महाकाल को उनकी प्रिय विजया से श्रृंगारित कर श्वेत वस्त्र धारण कराए गए। दिनभर विभिन्न पूजन-अभिषेक, दद्योदक आरती और भोग आरती का क्रम चलता रहा। शाम को विशेष पंचामृत पूजन एवं संध्या आरती आयोजित की गई।

    महाशिवरात्रि के अगले दिन भगवान का सेहरा श्रृंगार किया जाएगा, जो वर्ष में केवल एक बार होता है। सेहरे को प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। 16 फरवरी 2026 को प्रातः सेहरा दर्शन के उपरांत दोपहर 12 बजे विशेष भस्मारती और शिवनवरात्रि पारणा संपन्न होगा।

    मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

  • MP: बसंत पंचमी पर फिर गरमाई भोजशाला पूजा और नमाज को लेकर बढ़ा तनाव

    मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज को लेकर यहां तनाव की स्थिति बन गई है। शुक्रवार का दिन होने के कारण मुस्लिम पक्ष नमाज की तैयारी की बात कर रहा है जबकि हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है और इस दिन पूरे समय पूजा होनी चाहिए।

    इस टकराव के चलते पुलिस और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दोनों पक्ष अपने अपने धार्मिक अधिकार की बात कह रहे हैं। भोजशाला क्षेत्र में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

    मुस्लिम पक्ष की नमाज की मांग

    मुस्लिम पक्ष का कहना है कि शुक्रवार होने के कारण वे भोजशाला में नमाज पढ़ेंगे। उनका दावा है कि भले ही कम संख्या में लोग पहुंचें लेकिन नमाज अदा की जाएगी। इसके लिए तैयारी की बात भी कही जा रही है।

    उनका कहना है कि यह उनका धार्मिक अधिकार है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रशासन के सामने स्थिति और जटिल हो गई है।

    हिंदू पक्ष की पूजा की तैयारी

    हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में केवल एक बार आती है। ऐसे में भोजशाला में पूरे दिन पूजा ही होनी चाहिए। पूजा की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

    दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। भोजशाला एक बार फिर शांति व्यवस्था की परीक्षा बन गई है।

  • मोहन यादव देंगे लाड़ली बहना योजना की 32वीं किश्त, जनवरी 2026 में आएंगे 1836 करोड़ रुपये

    मध्य प्रदेश की बहनों के लिए एक बार फिर खुशियों की सौगात आने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नर्मदापुरम जिले के माखन नगर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में लाड़ली बहना योजना की 32वीं किश्त जारी करेंगे। इस मौके पर 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।

    बहनों को मिलेगा आर्थिक सम्मान और सुरक्षा

    लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का भरोसा दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि बहनों को आर्थिक सुरक्षा के साथ सम्मान भी मिले। सम्मेलन के दौरान लगभग 29 लाख पात्र बहनों के खातों में गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी भेजी जाएगी। इससे घर का खर्च संभालना और आसान होगा।

    योजना की शुरुआत और अब तक का सफर

    लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। नवंबर 2025 से सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई। वर्तमान में हर पात्र महिला को हर माह 1500 रुपये मिल रहे हैं। जून 2023 से दिसंबर 2025 तक 31 किश्तें जारी हो चुकी हैं। जनवरी 2026 में 32वीं किश्त भेजी जाएगी। अब तक कुल 48632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के खातों में पहुंच चुकी है।