Madhya Pradesh news: खंडवा में ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़े जाने से हड़कंप, मोरटक्का में बहे पुल का रास्ता, मजदूर नदी में फंसे

खंडवा जिले से सामने आई यह खबर हर किसी को झकझोर देने वाली है। एक पल में हालात ऐसे बदले कि मेहनत से चल रहा काम खतरे में बदल गया। नर्मदा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और देखते ही देखते मोरटक्का क्षेत्र में डर का माहौल बन गया।

ओंकारेश्वर बांध से अचानक छोड़ा गया पानी

शुक्रवार को Omkareshwar Dam से अचानक अधिक पानी छोड़ा गया। इस फैसले की जानकारी पहले से नहीं दी गई थी। पानी तेजी से बढ़ा और इसका सीधा असर नर्मदा नदी पर पड़ा। नदी के किनारे मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही हालात बिगड़ चुके थे।

मोरटक्का में बह गया रेलवे ब्रिज का एप्रोच रोड

मोरटक्का क्षेत्र में Narmada River पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज के लिए बनाया गया एप्रोच रोड तेज बहाव में बह गया। यह ब्रिज खंडवा में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए बनाया जा रहा है। अचानक पानी बढ़ने से निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर नदी के बीच फंस गए।

नदी के बीच फंसे मजदूरों की सांसें अटकीं

घटना के समय निर्माण कार्य में लगे दस मजदूर सुरक्षित जगह तक नहीं पहुंच सके। पानी चारों ओर फैल चुका था और डर साफ नजर आ रहा था। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तेजी दिखाई। नाव भेजी गई और कड़ी मेहनत के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मजदूरों को खेड़ीघाट पर सुरक्षित उतारा गया।

खेड़ीघाट में दुकानों में घुसा पानी

अचानक छोड़े गए पानी का असर Kherighat क्षेत्र में भी दिखा। नर्मदा किनारे बनी दुकानों में पानी भर गया। दुकानदारों को नुकसान झेलना पड़ा। लोगों का कहना है कि अगर पहले सूचना दी जाती तो वे अपना सामान बचा सकते थे। इस लापरवाही से नाराजगी साफ नजर आई।

निर्माण कंपनी और प्रशासन की भूमिका

रेलवे ब्रिज का निर्माण Manglam Buildcon द्वारा किया जा रहा था। अचानक जलस्तर बढ़ने से कंपनी के मजदूरों की जान खतरे में पड़ गई। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि बांध प्रबंधन की जिम्मेदारी तय हो और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।

सवालों के घेरे में बांध प्रबंधन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन की लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह बन सकती थी। अगर समय रहते रेस्क्यू नहीं होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *