Category: Indore news

  • Indore Breaking: कड़ाके की ठंड में देवदूत बने सुवेग राठी: इंदौर की सड़कों पर जिंदा दिखी इंसानियत

    इंदौर के कड़ाके की ठंड में जब अधिकतर लोग अपने घरों में सुरक्षित बैठे थे, तब शहर की सड़कों पर मानवता की एक सच्ची तस्वीर सामने आई। सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता सुवेग राठी बिना किसी प्रचार और सूचना के जरूरतमंदों के बीच देवदूत बनकर पहुंचे। रात का अंधेरा, सर्द हवाएं और फुटपाथों पर ठिठुरते लोग—इसी माहौल में सुवेग राठी ने इंसानियत का उजाला फैलाया।

    बिना शोर के सेवा का उदाहरण बने सुवेग राठी

    बस स्टैंड, चौराहों और सड़कों के किनारे सो रहे बेसहारा लोगों के पास पहुंचकर सुवेग राठी ने खुद अपने हाथों से ऊनी शॉल ओढ़ाई। यह पहल न किसी राजनीतिक मंच से जुड़ी थी और न ही किसी प्रचार अभियान से। यह सिर्फ मानवता की भावना से किया गया काम था, जिसने साबित किया कि सच्ची सेवा वही है जो खामोशी से की जाए।

    एक शॉल और सैकड़ों दुआएं

    कड़ाके की ठंड में एक ऊनी शॉल किसी के लिए मामूली हो सकती है, लेकिन ठिठुरते इंसान के लिए वही शॉल जिंदगी की सबसे बड़ी राहत बन जाती है। ठंड से राहत पाकर चेहरों पर लौटी मुस्कान ने यह साफ कर दिया कि सुवेग राठी जैसे लोग आज भी समाज में इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं।

     

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    read also: मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू, इंदौर में दावे-आपत्तियों की सुनवाई को लेकर प्रशासन अलर्ट

  • Indore Khabar: मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू, इंदौर में दावे-आपत्तियों की सुनवाई को लेकर प्रशासन अलर्ट

    Indore Khabar:  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण 23 दिसंबर से प्रारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए निर्वाचन कार्यालय ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में दावे और आपत्तियों की सुनवाई से जुड़े अधिकारियों को आयोग के निर्देशों की जानकारी दी गई और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

    मतदाता सूची पुनरीक्षण : अधिकारियों को निर्देश और प्रशिक्षण

    बैठक में विशेष रूप से मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के विशेष रोल पुनरीक्षण पर्यवेक्षक बृजमोहन मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुनवाई केंद्रों पर मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी विभागों के कार्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें, क्योंकि यह चरण पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है।

    इंदौर जिले के मतदाताओं का आंकड़ा

    इंदौर जिले में सर्वे से पहले कुल 28,67,294 मतदाता दर्ज थे। 18 दिसंबर तक हुए सर्वे में 24,171 नए मतदाता मिले, जिनका डाटा डिजिटलाइज किया जा चुका है। वहीं 4,47,123 मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत पाए गए। वर्तमान प्रारूप सूची में 12,20,628 पुरुष, 11,99,450 महिलाएं और 93 अन्य मतदाता शामिल हैं। सुनवाई के लिए 58 केंद्रों पर 3210 बीएलओ, 280 सुपरवाइजर और 76 अधिकारी तैनात किए गए हैं।

    read also: इंदौर में गूंजा जंगल बचाओ आंदोलन, अरावली–सिंगरौली कटाई के खिलाफ आदिवासियों का आक्रोश

  • Indore News: इंदौर में गूंजा जंगल बचाओ आंदोलन, अरावली–सिंगरौली कटाई के खिलाफ आदिवासियों का आक्रोश

    Indore News:  आज इंदौर में सिंगरौली और अरावली के जंगलों को बचाने के लिए एक विशाल आंदोलन देखने को मिला। प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अवैध खनन और औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे आदिवासियों का विस्थापन और पर्यावरण का विनाश हो रहा है।

    जंगल बचाओ आंदोलन में भविष्य की चिंता

    आंदोलन में शामिल आदिवासी नेताओं ने कहा कि हजारों वर्षों से जंगलों की रक्षा करने वाले समुदायों को नक्सलवाद के नाम पर हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जंगल कटाई आंदोलन केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सांसों से जुड़ी लड़ाई है। यदि जंगल नष्ट हुए, तो जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और तापमान में असंतुलन पूरे देश को प्रभावित करेगा।

    अरावली कटाई और दिल्ली का प्रदूषण

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अरावली पहाड़ियों की कटाई से दिल्ली सहित उत्तर भारत में प्रदूषण और भी भयावह हो सकता है। उनका कहना है कि जंगलों का विनाश मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए खतरा है।

    आंदोलन आगे भी रहेगा जारी

    सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि यदि जंगलों की कटाई नहीं रुकी, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा और पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।

    read also: इंदौर जनसुनवाई की मिसाल इलाज रोजगार और शिक्षा में राहत कलेक्टर शिवम वर्मा को मिला जनता का आभार

  • इंदौर जनसुनवाई की मिसाल इलाज रोजगार और शिक्षा में राहत कलेक्टर शिवम वर्मा को मिला जनता का आभार

    इंदौर जिले में प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई अब सिर्फ शिकायत रखने का मंच नहीं रह गई है। यह जनविश्वास और मानवीय प्रशासन का जीवंत उदाहरण बनती जा रही है। जनसुनवाई में अब लोग केवल समस्या लेकर नहीं आ रहे बल्कि समाधान मिलने के बाद कलेक्टर के प्रति धन्यवाद और आभार व्यक्त करने भी पहुंच रहे हैं। यह दृश्य प्रशासन और जनता के मजबूत रिश्ते को दर्शाता है।

    जनसुनवाई में त्वरित निर्णय और संवेदनशीलता

    इंदौर की जनसुनवाई में रोजगार शिक्षा स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों पर तुरंत और संवेदनशील निर्णय लिए जा रहे हैं। हालिया जनसुनवाई में लगभग 315 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकांश प्रकरणों में मौके पर ही संबंधित विभागों को निराकरण के निर्देश दिए गए। शेष मामलों में समय सीमा तय कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। यही कारण है कि जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

    इलाज के बाद लौटी वृद्धा ने जताया आभार

    जनसुनवाई में मानवीय संवेदनशीलता का एक प्रेरक उदाहरण वृद्ध महिला भारती बाई का है। पूर्व जनसुनवाई में उन्होंने इलाज और आवास की समस्या रखी थी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने तुरंत एम्बुलेंस से उन्हें सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचवाया। पूरा इलाज कराया गया और अब रहने की भी व्यवस्था की जा रही है। इलाज के बाद स्वस्थ होकर भारती बाई जनसुनवाई में लौटीं और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संवेदनशील प्रशासन की भी सराहना की।

    गंभीर बीमारी से जूझ रही बालिका को मिली नई उम्मीद

    जनसुनवाई में बालिका अनिका के माता पिता भी कलेक्टर के प्रति धन्यवाद देने पहुंचे। बच्ची के इलाज पर लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। कलेक्टर के प्रयासों से शहरवासियों का सहयोग लगातार मिल रहा है। विनय उजाला वेलफेयर सोसायटी द्वारा दो लाख सतहत्तर हजार रुपये की सहायता दी गई। अब तक तीन करोड़ रुपये से अधिक राशि एकत्र हो चुकी है। यह इंदौर की सामाजिक संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग की भावना को दर्शाता है।

    दिव्यांगजनों को रोजगार और इलाज का सहारा

    जनसुनवाई में दिव्यांग अफजल अब्बासी को रोजगार के लिए बीस हजार रुपये की अगरबत्ती और बैग का सहयोग दिया गया। दिव्यांग हरिनारायण जाधव को भी आवश्यक सहायता मिली। एक अन्य दिव्यांग के पैर का इलाज भी प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। यह पहल आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में मजबूत कदम है।

    अवैध कब्जे और शराब पर प्रशासन सख्त

    जनसुनवाई में अवैध कब्जे और अवैध शराब विक्रय से जुड़ी शिकायतों पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है। संबंधित स्थानों का परीक्षण कराया जा रहा है और विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। सांवेर रोड क्षेत्र की कॉलोनी में प्लॉट आवंटन से जुड़े मामलों में कॉलोनाइजर के विरुद्ध एफआईआर के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है ताकि पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार मिल सके।

    प्रशासन का लक्ष्य हर पात्र को न्याय

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े किसी भी योग्य प्रकरण में संसाधनों की कमी न आए। जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित पारदर्शी और मानवीय समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। यही कारण है कि जनसुनवाई अब विश्वास का उत्सव बन चुकी है।

  • स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 2026 में नया नियम AQI बनेगा गेम चेंजर इंदौर फिर नंबर वन बनने को तैयार

    देश के सबसे साफ शहर की पहचान बना चुका इंदौर एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 और 2026 के लिए नए मापदंड जारी कर दिए हैं। इन मापदंडों में इस बार साफ सफाई के साथ साथ हवा की शुद्धता को भी सबसे अधिक महत्व दिया गया है। शहरों की रैंकिंग तय करने में अब एयर क्वालिटी इंडेक्स की भूमिका सबसे अहम होगी। यह बदलाव सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा है।

    173 बिंदुओं पर होगा शहरों का मूल्यांकन

    स्वच्छता सर्वेक्षण के नए नियमों के अनुसार अब शहरों को कुल 173 बिंदुओं पर खरा उतरना होगा। इन बिंदुओं में कचरा प्रबंधन जनभागीदारी स्वच्छ सार्वजनिक स्थान और वायु गुणवत्ता शामिल है। इन सभी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए इंदौर नगर निगम ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगम का फोकस सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है बल्कि स्वच्छ हवा और स्वच्छ आदतों पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है।

    वायु गुणवत्ता में भी आगे इंदौर

    नए सर्वेक्षण में एयर क्वालिटी इंडेक्स को खास महत्व दिया गया है। इंदौर की हवा कई बड़े शहरों की तुलना में ज्यादा साफ मानी जा रही है। मंगलवार को शहर का एक्यूआई 178 दर्ज किया गया। वहीं कई बड़े महानगरों में यह आंकड़ा 200 से ऊपर चल रहा है। यह स्थिति बताती है कि इंदौर केवल कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रहा है।

    बैकलेन की समस्या पर सख्त कदम

    शहर में बैकलेन में कचरा फेंकने की समस्या पर अब सख्ती दिखाई दे रही है। कई रहवासी कचरा गाड़ी तक कचरा देने के बजाय पीछे की गलियों में कचरा डाल देते हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए नगर निगम ने अहम फैसला लिया है। निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने रहवासियों की सहभागिता से बैकलेन में सीसीटीवी कैमरे लगाने और गेट लगवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कर्मचारियों को कचरा फेंकने वालों पर चालान बनाने के लिए कहा गया है। इससे लोगों में जिम्मेदारी का भाव और मजबूत होगा।

    प्रदूषण घटाने के लिए लगातार प्रयास

    इंदौर में प्रदूषण कम करने के लिए नगर निगम पहले से ही कई प्रयास करता आ रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। होटलों में कोयला जलाने पर रोक लगा दी गई है। चौराहों पर रुकने वाले वाहन चालकों को इंजन बंद रखने के लिए जागरूक किया जाता है। इन छोटे छोटे प्रयासों का असर अब शहर की हवा में साफ दिखाई देने लगा है।

    फिर नंबर वन बनने का मजबूत दावा

    स्वच्छता में लगातार कीर्तिमान बनाने वाला इंदौर इस बार भी पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में है। नए मापदंड भले ही कड़े हों लेकिन शहर की व्यवस्था प्रशासन और जनता की भागीदारी इसे दूसरों से आगे रखती है। साफ सड़कें जिम्मेदार नागरिक और स्वच्छ हवा इंदौर को फिर से नंबर वन बनाने की ओर ले जा रही हैं।

  • इंदौर मौसम अपडेट ठंड से मिली राहत लेकिन फिर लौटेगी सर्दी जानिए कब बदलेगा मौसम

    इंदौर के लोगों के लिए बीते कुछ दिनों की कड़ाके की ठंड के बाद अब थोड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में न्यूनतम तापमान बढ़ने से सुबह और रात की कंपकंपी कुछ कम हुई है। कुछ दिन पहले तक जिस ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया था अब वही ठंड थोड़ी नरम होती नजर आ रही है। यह बदलाव खासकर बुजुर्गों बच्चों और सुबह जल्दी काम पर निकलने वालों के लिए सुकून लेकर आया है।

    न्यूनतम तापमान में आई बड़ी बढ़ोतरी

    इंदौर में न्यूनतम तापमान अब 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। महज तीन दिन पहले यही तापमान 4.1 डिग्री था जो इस पूरे सीजन का सबसे कम स्तर माना गया। अब तापमान लगभग दोगुना हो चुका है जिससे रात और सुबह की सर्द हवाओं का असर कुछ हद तक कम महसूस हो रहा है। लोग अब पहले की तुलना में राहत की सांस ले पा रहे हैं।

    दिन के मौसम में भी दिखा बदलाव

    न्यूनतम तापमान बढ़ने के साथ साथ दिन के मौसम में भी हल्का बदलाव देखने को मिला है। बीते दिन आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिन का तापमान थोड़ा नीचे आया। अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। बादलों की वजह से धूप की तपिश भी कम रही और मौसम हल्का सुहावना बना रहा।

    हवा की दिशा और रफ्तार का असर

    इस दौरान शहर में हवाओं की दिशा पूर्वी और उत्तर पूर्वी बनी रही। हवा की रफ्तार भी मध्यम रही जिससे ठंड का तीखापन कुछ कम हो गया। सुबह के समय लोग पहले की तुलना में बाहर निकलते हुए थोड़े सहज नजर आए। चाय की दुकानों और सड़कों पर चहल पहल भी बढ़ी हुई दिखाई दी।

    शुक्रवार से फिर लौट सकती है ठंड

    हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। India Meteorological Department के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक तापमान इसी स्तर पर बना रह सकता है लेकिन इसके बाद मौसम फिर करवट लेगा। शुक्रवार से एक बार फिर न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। महीने के अंत तक ठंड का असर दोबारा तेज हो सकता है इसलिए लोगों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।

    बदलते मौसम में सावधानी जरूरी

    मौसम के इस उतार चढ़ाव में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड अभी भी महसूस की जा सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने चाहिए। मौसम की इस आंख मिचौली में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • इंदौर रीवा सीधी उड़ान शुरू 15 घंटे का सफर अब 1 घंटा 45 मिनट में पूरा बड़ी खुशखबरी

    इंदौर और रीवा के लोगों के लिए आज एक बेहद खुशी का दिन है क्योंकि अब दोनों शहरों के बीच लंबा और थकाने वाला सफर इतिहास बन गया है। 22 दिसंबर से इंदौर और रीवा के बीच IndiGo Airlines की सीधी हवाई सेवा शुरू हो चुकी है। जो यात्रा पहले बस या ट्रेन से लगभग पंद्रह घंटे में पूरी होती थी वही अब महज एक घंटा पैंतालीस मिनट में पूरी हो रही है। यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो काम पढ़ाई इलाज या पारिवारिक कारणों से बार बार सफर करते हैं।

    पहले दिन की उड़ान और यात्रियों का उत्साह

    इस नई उड़ान सेवा की शुरुआत इंदौर एयरपोर्ट से हुई जहां पहले ही दिन यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शुरुआती उड़ान तय समय से कुछ देरी से रवाना जरूर हुई लेकिन यात्रियों की खुशी साफ झलक रही थी। पहली फ्लाइट में पचास से अधिक यात्रियों ने सफर किया। लोगों का कहना है कि अब समय की बचत के साथ साथ सफर भी ज्यादा आरामदायक हो गया है।

    पंद्रह घंटे का सफर अब मिनटों में

    इंदौर से रीवा की दूरी सड़क और रेल मार्ग से काफी लंबी मानी जाती थी। इस वजह से यात्रियों को पूरा दिन सफर में निकालना पड़ता था। नई हवाई सेवा ने इस दूरी को बेहद छोटा कर दिया है। अब वही सफर एक घंटे पैंतालीस मिनट में पूरा हो रहा है। इससे विंध्य क्षेत्र और मालवा क्षेत्र के बीच आपसी जुड़ाव और मजबूत होगा।

    विंध्य क्षेत्र को मिलेगा सीधा फायदा

    इस हवाई सेवा का सीधा लाभ विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को मिलने वाला है। रीवा सतना सीधी शहडोल और मऊगंज जैसे क्षेत्रों के छात्र व्यापारी और नौकरीपेशा लोग अब आसानी से इंदौर पहुंच सकेंगे। इंदौर से आगे दिल्ली मुंबई बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों और विदेशों तक जाना भी अब ज्यादा आसान हो जाएगा। यह कनेक्टिविटी पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी।

    नियमित शेड्यूल से बढ़ेगी सुविधा

    इंदौर से यह विमान रोज सुबह ग्यारह बजकर तीस मिनट पर रवाना होगा और दोपहर एक बजकर पंद्रह मिनट पर रीवा पहुंचेगा। वापसी में यह उड़ान दोपहर एक बजकर पैंतीस मिनट पर रीवा से उड़ान भरकर इंदौर आएगी। इस तय समय सारिणी से यात्रियों को अपनी योजना बनाने में आसानी होगी और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव मिलेगा।

    पर्यटन और कारोबार को मिलेगी रफ्तार

    रीवा और इंदौर के बीच सीधी उड़ान शुरू होने से पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। चित्रकूट मैहर और आसपास के धार्मिक और प्राकृतिक स्थल अब इंदौर के लोगों के लिए और करीब हो गए हैं। साथ ही व्यापारियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए रास्ते बनेंगे।

    विशेष धार्मिक यात्रा का आयोजन

    उद्घाटन के मौके पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने दल के साथ इसी पहली उड़ान से रीवा पहुंचे। वहां से वे चित्रकूट और मैहर की तीर्थ यात्रा पर गए। यह उदाहरण बताता है कि यह हवाई सेवा धार्मिक यात्राओं को भी कितना आसान बना रही है। अब श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर वापस लौट सकेंगे।

    किराया और विमान की जानकारी

    इस रूट पर सत्तर सीटर एटीआर विमान का संचालन किया जा रहा है। शुरुआती किराया लगभग चार हजार सात सौ रुपये रखा गया है। अलग अलग श्रेणियों में टिकट उपलब्ध हैं ताकि यात्री अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सकें। कम समय में सुरक्षित और आरामदायक सफर इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत बनकर सामने आई है।

    मध्य प्रदेश के विकास की नई उड़ान

    इंदौर और रीवा के बीच शुरू हुई यह हवाई सेवा केवल एक यात्रा साधन नहीं है बल्कि यह मध्य प्रदेश के संतुलित विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे शिक्षा स्वास्थ्य व्यापार और पर्यटन सभी क्षेत्रों को गति मिलेगी। आने वाले समय में यह सेवा हजारों लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगी।

  • YEF भारत समिट 2025 में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा संदेश युवा उद्यमियों से नवाचार और निवेश की अपील

    इंदौर में आयोजित YEF भारत समिट 2025 ने युवाओं के सपनों को नई दिशा दी। इस मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमियों से कहा कि वे नवाचार स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ें और प्रदेश में निवेश करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है और उद्योग केवल धन नहीं बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।

    उद्योग से जीवन संवारने का संकल्प

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की नींव है। उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निर्णय प्रक्रिया को तेज किया गया है ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो। उद्योग से जीवन संवारने की नीति के साथ प्रदेश रोजगार के नए अवसर रच रहा है।

    जल और ग्रीन एनर्जी में मजबूत पहल

    मुख्यमंत्री ने पीकेसी योजना और नदी जोड़ो अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जल साझा करना सहयोग और सौहार्द का प्रतीक है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में ग्रीनको प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में यह परियोजना कम समय में साकार हुई जो भरोसे और तेज निर्णय का परिणाम है।

    युवा भारत के लिए D Factor का संदेश

    कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवाओं को D Factor का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि Dreamers Doers और Disrupters ही देश की असली ताकत हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि धैर्य परिश्रम और निरंतर प्रयास से ही सफलता मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत स्टार्टअप और डिजिटल विकास में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है।

    संवाद और प्रेरणा से भरा आयोजन

    समिट में प्रेरणादायी सत्रों और संवाद के माध्यम से युवाओं को नैतिक नेतृत्व नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया गया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ी के लिए दूरदर्शी सोच का सशक्त मंच बनकर उभरा।

  • इंदौर मेट्रो की बड़ी अपडेट मार्च से शुरू होगा यात्री सफर अंडरग्राउंड रूट बढ़ा शहर को मिलेगा नया तोहफा

    इंदौर शहर के लिए यह समय बेहद खास है क्योंकि मेट्रो का सपना अब हकीकत के और करीब पहुंच चुका है। इंदौर में गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का ट्रायल रन पूरा हो चुका है और अब मार्च तक यात्रियों के लिए सफर शुरू होने की उम्मीद है। यह खबर उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो रोजाना ट्रैफिक और समय की परेशानी से जूझते हैं।

    गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक सफल ट्रायल रन

    गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक कुल सत्रह किलोमीटर लंबाई में मेट्रो का ट्रायल रन हो चुका है। अभी फिलहाल छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है लेकिन इस रूट पर यात्रियों की संख्या कम है। अफसरों का मानना है कि जैसे ही पूरा नेटवर्क और स्टेशनों की सुविधा बढ़ेगी वैसे ही यात्रियों का भरोसा भी मजबूत होगा।

    अंडरग्राउंड मेट्रो प्लान में बड़ा बदलाव

    केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड हिस्से की प्लानिंग में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले सात अंडरग्राउंड स्टेशनों की योजना थी लेकिन अब इसमें एक स्टेशन और जोड़ने की तैयारी है। इससे अंडरग्राउंड ट्रैक की लंबाई बढ़कर बारह किलोमीटर हो जाएगी जो पहले नौ किलोमीटर तय थी। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विकास कार्यों की बैठक में इस बदलाव को मंजूरी दी थी और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था।

    बंगाली कॉलोनी और खजराना की ओर बढ़ेगा अंडरग्राउंड रूट

    नई योजना के तहत अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बंगाली कॉलोनी की ओर बढ़ाया जाएगा। खजराना की तरफ से मेट्रो स्लोप में अंडरग्राउंड जाएगी जिससे यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित सफर मिलेगा। एयरपोर्ट से लेकर बंगाली कॉलोनी तक का हिस्सा अंडरग्राउंड रूट में शामिल किया गया है।

    कुल 29 स्टेशन और निर्माण की मौजूदा स्थिति

    इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में कुल उनतीस स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से सात स्टेशन अंडरग्राउंड तय किए गए थे जिनमें अब एक और स्टेशन जुड़ सकता है। सुपर कॉरिडोर से गांधी नगर के बीच पांच स्टेशन यलो लाइन पर बनेंगे। फिलहाल सोलह स्टेशन निर्माणाधीन हैं और कई जगहों पर काम तेजी से चल रहा है।

    एयरपोर्ट और नगर निगम क्षेत्र में खुदाई शुरू

    अंडरग्राउंड रूट के तहत मल्हारगंज नगर निगम रीगल और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख इलाकों में परीक्षण हो चुका है। एयरपोर्ट और नगर निगम वाले हिस्से में अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए खुदाई का काम भी शुरू हो गया है। इससे साफ है कि आने वाले समय में शहर की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।

    मार्च तक यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा की उम्मीद

    अधिकारियों की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है और मार्च तक मेट्रो संचालन की पूरी तैयारी की जा रही है। जैसे जैसे स्टेशनों का काम पूरा होगा वैसे वैसे यात्रियों को तेज सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। इंदौर मेट्रो शहर की तरक्की और आधुनिकता का नया प्रतीक बनने जा रही है।

  • Indore: जनसुनवाई में उठा दिव्यांग छात्रा का साहस प्रशासन की सख्ती से उजागर हुई आईटीआई की बड़ी गड़बड़ी

    आज की यह खबर दिल को छू लेने वाली है और यह बताती है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो तो पीड़ितों को इंसाफ जरूर मिलता है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की जनसुनवाई एक बार फिर आम लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है।

    दिव्यांग छात्रा ने दिखाई हिम्मत और बताया पूरा सच

    पिछली जनसुनवाई में एक मूक बधिर दिव्यांग छात्रा अपनी मां के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंची। छात्रा ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से सुखलिया स्थित आईटीआई संस्थान में चल रही गंभीर अनियमितताओं की जानकारी दी। छात्रा की आंखों में डर भी था और न्याय की उम्मीद भी। उसने पढ़ाई के नाम पर हो रहे अन्याय के पुख्ता प्रमाण भी प्रशासन को सौंपे।

    कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत जांच का आदेश

    मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाए। उन्होंने तत्काल जांच और औचक निरीक्षण के निर्देश एसडीएम प्रिया वर्मा पटेल को दिए। यह फैसला दिखाता है कि प्रशासन सिर्फ सुनता ही नहीं बल्कि तुरंत कार्रवाई भी करता है।

    बिना सूचना आईटीआई पहुंचीं एसडीएम प्रिया वर्मा

    कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम श्रीमती प्रिया वर्मा पटेल सुखलिया स्थित आईटीआई संस्थान में बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचीं। उन्होंने सीधे विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी परेशानियों को ध्यान से सुना। छात्रों ने खुलकर अपनी पीड़ा सामने रखी।

    पढ़ाई की जगह कराया जा रहा था अपमानजनक काम

    निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गेस्ट फैकल्टी इंद्रा द्वारा छात्रों से पढ़ाई के बजाय झाड़ू पोछा और मैदान की सफाई जैसे काम कराए जा रहे थे। इसके साथ ही हर महीने अवैध रूप से पैसे भी वसूले जा रहे थे। इन सभी आरोपों के ठोस प्रमाण मौके पर ही मिल गए।

    अमानवीय व्यवहार पर त्वरित सख्त कार्रवाई

    छात्रों के साथ किए गए इस अपमानजनक व्यवहार को बेहद गंभीर मानते हुए एसडीएम प्रिया वर्मा ने संबंधित गेस्ट फैकल्टी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। अन्य जिम्मेदार फैकल्टी पर भी कार्रवाई की गई। संस्था प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार की और सुधार का आश्वासन दिया।

    एक सप्ताह की मोहलत और कड़ी चेतावनी

    एसडीएम प्रिया वर्मा ने साफ कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो संस्था के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हर कक्ष प्रयोगशाला और पूरे परिसर का गहन निरीक्षण किया। यह कार्रवाई कई घंटों तक चली।

    विद्यार्थियों को मिला न्याय और सम्मान का भरोसा

    एसडीएम प्रिया वर्मा ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा सम्मान और न्याय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ उन्हें कलेक्टर द्वारा भेजा गया है। इस कार्रवाई के बाद दिव्यांग छात्रा सहित सभी विद्यार्थी बेहद खुश नजर आए।

    बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

    आज विद्यार्थियों के चेहरों पर राहत खुशी और आज़ादी की झलक साफ दिखाई दी। बच्चों ने दिल से इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के प्रति आभार जताया और उन्हें दुआएं दीं। यह मामला साबित करता है कि जब आवाज कमजोर हो तब भी सच्चाई मजबूत होती है।