Category: Indore news

  • इंदौर हाई कोर्ट की सख्ती से हिला नगर निगम आवारा कुत्तों की समस्या पर बड़ा घोटाला उजागर

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर शहर की उस परेशानी की जो हर आम परिवार की जिंदगी से जुड़ी हुई है। शहर की गलियों और सड़कों पर घूमते आवारा कुत्तों ने लोगों का सुकून छीन लिया है। इसी गंभीर मुद्दे पर इंदौर हाई कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है और साफ शब्दों में इसे बड़ा घोटाला बताया है।

    कागजी आंकड़ों और जमीनी हकीकत पर कोर्ट का सवाल

    कोर्ट के सामने जब नगर निगम ने दावा किया कि शहर में दो लाख से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है तो माननीय न्यायाधीशों ने इस दावे पर गहरी शंका जताई। कोर्ट ने कहा कि अगर सच में इतनी बड़ी संख्या में नसबंदी हुई होती तो सड़कों पर कुत्तों की बढ़ती तादाद नजर नहीं आती। कोर्ट की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि फाइलों में दिखाई जा रही तस्वीर और जमीन पर दिख रही सच्चाई में बहुत बड़ा अंतर है।

    बच्चों के भविष्य को लेकर कोर्ट की चिंता

    माननीय न्यायाधीशों ने इस मुद्दे को सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सामाजिक समस्या बताया। कोर्ट ने कहा कि कॉलोनियों में बच्चे डर के कारण घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। खेलना कूदना और दोस्तों के साथ समय बिताना बच्चों के विकास के लिए जरूरी है लेकिन कुत्तों के डर ने उनका बचपन छीन लिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक कुत्ते की नसबंदी पर भारी खर्च दिखाना और फिर भी हालात न बदलना गंभीर चिंता का विषय है।

    आम लोगों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा

    कोर्ट ने यह भी कहा कि रात के समय पैदल चलना या दोपहिया वाहन चलाना अब सुरक्षित नहीं रहा। कुत्तों के झुंड राहगीरों पर हमला कर रहे हैं जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। यह सिर्फ डर की बात नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का खतरा बन चुका है। कोर्ट ने निगम के इस तर्क को भी खारिज किया कि शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई की जाती है। न्यायालय के अनुसार समस्या इतनी बड़ी है कि इसके लिए खुद से सक्रिय अभियान चलाना जरूरी है।

    न्यायिक जांच की चेतावनी से बढ़ा दबाव

    कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अब तक हुए नसबंदी अभियान की न्यायिक जांच कराई जाएगी। यह चेतावनी नगर निगम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इंदौर धीरे धीरे आवारा कुत्तों का हब बनता जा रहा है जो किसी भी हाल_db किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

    अगली सुनवाई से पहले सख्त आदेश

    हाई कोर्ट ने इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर को न्यायमित्र नियुक्त किया है। साथ ही नगर निगम को आदेश दिया गया है कि अगली सुनवाई से पहले शहर के प्रमुख इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाने की ठोस कार्रवाई की जाए। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी और अब सभी की नजरें इसी पर टिकी हैं कि प्रशासन जमीन पर क्या कदम उठाता है।

  • इंदौर में अवैध आयुर्वेदिक फैक्ट्री सील जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

    आज हम आपके साथ इंदौर जिले से जुड़ी एक बेहद गंभीर और जरूरी खबर साझा कर रहे हैं। यह मामला सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। प्रशासन ने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अवैध आयुर्वेदिक फैक्ट्री पर सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लगातार चल रहा अभियान

    कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन को जैसे ही सूचना मिली कि एक निजी फैक्ट्री नियमों को ताक पर रखकर आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण कर रही है तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसी कड़ी में ग्राम धरमपुरी सोलसिंदा क्षेत्र में स्थित रेबिहांस हर्बल प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया गया।

    निरीक्षण में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

    प्रशासनिक अमले ने जब फैक्ट्री का निरीक्षण किया तो हालात बेहद चिंताजनक पाए गए। फैक्ट्री में तीस से अधिक प्रकार के आयुर्वेदिक सिरप बनाए जा रहे थे लेकिन उनकी गुणवत्ता जांचने के लिए कोई भी प्रयोगशाला व्यवस्था मौजूद नहीं थी। दवाइयों में इस्तेमाल होने वाले घटकों से जुड़ी जरूरी फाइलिंग और दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

    अलग अलग कंपनियों के नाम और कोई वैध समझौता नहीं

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे उत्पादों पर अलग अलग कंपनियों के नाम अंकित थे। इनमें पंजाब और देहरादून की कंपनियों के नाम शामिल थे। जब इन कंपनियों से जुड़े वैध अनुबंध की जानकारी मांगी गई तो कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इससे साफ हो गया कि लोगों को भ्रमित कर दवाइयां बेची जा रही थीं।

    योग्यता और तकनीकी मानकों का भी अभाव

    फैक्ट्री में कार्यरत केमिस्ट ने बताया कि उन्होंने इंदौर से बीएससी की पढ़ाई की है और सिरप निर्माण का अनुभव उन्हें एक निजी फार्मा कंपनी में काम करने के दौरान मिला था। लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक योग्यता और अधिकृत तकनीकी व्यवस्था का अभाव था। यह स्थिति मरीजों के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी।

    आवासीय परिसर में हो रहा था दवाइयों का निर्माण

    निरीक्षण में यह भी सामने आया कि आवासीय परिसर में बिना किसी सुरक्षा मानकों के आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। वहां स्वच्छता स्वास्थ्य सुरक्षा और फायर सेफ्टी से जुड़ी कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। इस तरह का लापरवाह रवैया गंभीर दुर्घटना और जनहानि का कारण बन सकता था।

    फैक्ट्री को किया गया सील

    इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन और आयुष विभाग ने फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम सांवेर श्री घनश्याम धनगर तहसीलदार श्रीमती पूनम तोमर राजस्व निरीक्षक पटवारी और आयुष विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि इंदौर प्रशासन किसी भी कीमत पर लोगों की सेहत से समझौता नहीं करेगा। अवैध रूप से दवाइयों का निर्माण और बिक्री करने वालों पर नजर रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

  • Indore Cold Record: इंदौर में कड़ाके की ठंड ने तोड़ा 35 साल का रिकॉर्ड रात का तापमान बना सबसे बड़ी वजह

    इंदौर की सर्दी ने इस बार हर किसी को चौंका दिया है। शहर में ठंड ने ऐसा असर दिखाया है जो बीते 35 साल में देखने को नहीं मिला। दिन में हल्की धूप जरूर नजर आई लेकिन रात होते ही कंपकंपा देने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। इस बार इंदौर ने प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी को भी पीछे छोड़ते हुए ठंड का नया इतिहास रच दिया।

    पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडा रहा इंदौर

    इंदौर में गुरुवार रात न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान इस पूरे दिसंबर महीने का सबसे कम तापमान रहा। खास बात यह रही कि पचमढ़ी में इसी रात न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यानी हिल स्टेशन से भी ज्यादा ठंडा इंदौर रहा। प्रदेश में न्यूनतम तापमान वाले शहरों में इंदौर दूसरे स्थान पर रहा जबकि पहले स्थान पर शिवपुरी रहा जहां तापमान 4 डिग्री दर्ज किया गया।

    दिन में राहत लेकिन रात में रिकॉर्ड तोड़ ठंड

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार दिन के तापमान में भले ही सामान्य से करीब एक डिग्री ज्यादा रहा लेकिन रात का तापमान लगातार गिरता चला गया। इसी गिरावट ने 35 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इस साल दिसंबर में अब तक हर दिन न्यूनतम तापमान सामान्य से कम ही दर्ज किया जा रहा है जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि ठंड का असर अभी और बढ़ सकता है।

    अच्छी बारिश और ज्यादा ठंड का कनेक्शन

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी साल अच्छी और लंबी बारिश होती है तो सर्दी भी ज्यादा पड़ती है। इस साल जून से लेकर अक्टूबर के अंत तक लगातार बारिश होती रही। नवंबर महीने की शुरुआत ठंड के साथ हुई और 15 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया जो दशक का सबसे ठंडा नवंबर दिन माना गया। तभी से यह अंदाजा लग गया था कि इस बार सर्दी कोई नया रिकॉर्ड जरूर बनाएगी।

    कहीं 1936 का रिकॉर्ड न टूट जाए

    दिसंबर में चल रही शीत लहर को देखते हुए मौसम विभाग को आशंका है कि कहीं 27 दिसंबर 1936 का 1.1 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड न टूट जाए। 11 दिसंबर को जब तापमान 4.5 डिग्री तक गिरा तभी यह साफ हो गया था कि ठंड इस साल कुछ अलग करने वाली है। 18 दिसंबर की रात 4.1 डिग्री तापमान ने इस डर को और मजबूत कर दिया है।

    ठंडी हवा और कम दृश्यता ने बढ़ाई परेशानी

    रात के समय ठंडी हवाओं की रफ्तार भी तेज रही। हवा की गति करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे रही और दृश्यता घटकर 1500 मीटर तक पहुंच गई। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। इसी वजह से इंदौर पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडा महसूस किया जा रहा है।

    ठंड के साथ बढ़ता वायु प्रदूषण

    सर्दी के साथ शहर की हवा भी लगातार प्रदूषित होती जा रही है। 18 दिसंबर को इंदौर का एक्यूआई 153 दर्ज किया गया। इसी महीने 12 दिसंबर को यह आंकड़ा 300 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों के अनुसार शहर में निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता प्रदूषण का बड़ा कारण है। करीब पचपन प्रतिशत प्रदूषण वाहनों से फैल रहा है। पर्यावरणविद ओ पी जोशी का कहना है कि शहर में तेजी से घटते पेड़ों की संख्या भी इसकी एक बड़ी वजह है।

    बढ़ती बीमारियां बन रहीं चिंता का कारण

    प्रदूषित हवा और कड़ाके की ठंड का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। सर्दी खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग ठंड से बचाव करें और जरूरत न हो तो सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचें।

    दिसंबर 2025 में तापमान का लगातार गिरता ग्राफ

    11 दिसंबर से लेकर 18 दिसंबर तक इंदौर में न्यूनतम तापमान लगातार सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। 11 दिसंबर को 4.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। 16 दिसंबर को यह 4.9 रहा। 17 दिसंबर को 4.5 और 18 दिसंबर को 4.1 डिग्री तक पहुंच गया। यह साफ दिखाता है कि ठंड का असर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।

    इंदौर के ठंडे इतिहास की झलक

    इंदौर में इससे पहले सबसे कम तापमान 27 दिसंबर 1936 को 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद 24 दिसंबर 1955 को 3.3 और 14 दिसंबर 1964 को 2.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। 1983 और 1990 में भी दिसंबर के आखिरी दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच रहा था। अब 2025 में एक बार फिर इतिहास दोहराने के संकेत मिल रहे हैं।

    लोगों की दिनचर्या पर पड़ा असर

    इस रिकॉर्ड तोड़ ठंड ने आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। सुबह जल्दी उठना मुश्किल हो गया है। बाजार देर से खुल रहे हैं और सड़कों पर भी आवाजाही कम नजर आ रही है। गर्म कपड़ों और हीटर की मांग अचानक बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार ज्यादा सतर्क हो गए हैं।

    इंदौर की यह ठंड न सिर्फ मौसम के लिहाज से खास है बल्कि लोगों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। पचमढ़ी से ज्यादा ठंडा रहना अपने आप में एक बड़ा संकेत है। आने वाले दिनों में अगर तापमान और गिरता है तो 1936 का रिकॉर्ड टूटना भी असंभव नहीं लगता। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और अपनी सेहत का खास ध्यान रखें।

  • इंदौर ऑनलाइन फ्रॉड न्यूज,ऑनलाइन जॉब के नाम पर 1 लाख से ज्यादा की ठगी,व्हाट्सऐप टेलीग्राम स्कैम से छात्रा को नुकसान

    आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन काम और घर बैठे कमाई का सपना हर किसी को आकर्षित करता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र से ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है जहां एक छात्रा को ऑनलाइन ऑडिटिंग जॉब और होटल रेटिंग के नाम पर बड़ी ठगी का शिकार बनाया गया।

    वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुआ भरोसे का खेल

    यह पूरा मामला नवंबर महीने में एक अनजान वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुआ। मैसेज भेजने वाली महिला ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर बताया। उसने कहा कि गूगल पर ऑनलाइन ऑडिटर्स की भर्ती चल रही है और इस काम से रोजाना अच्छी कमाई हो सकती है। मीठी बातों और बड़े वादों ने छात्रा का भरोसा जीत लिया।

    होटल रेटिंग टास्क से बढ़ाया गया विश्वास

    भरोसा मजबूत करने के लिए छात्रा को एक होटल की लिंक भेजी गई और उसे पांच स्टार रेटिंग देने को कहा गया। इस छोटे से काम के बदले खाते में 150 रुपए भेजे गए। जब सच में पैसे आए तो छात्रा को लगा कि यह काम सही है। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका चयन कंपनी में हो गया है और अब उसे बड़े टास्क मिलेंगे।

    टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर की गई ठगी

    अगले कदम में छात्रा को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। यहां ऑनलाइन फॉर्म और प्रोसेस के नाम पर पहले 500 रुपए जमा करवाए गए। फिर रेटिंग टास्क और काम के पैसे अटकने का डर दिखाकर बार बार रकम ट्रांसफर करवाई गई। धीरे धीरे अलग अलग किस्तों में कुल 1 लाख 13 हजार रुपए निकलवा लिए गए।

    संपर्क टूटते ही हुआ ठगी का अहसास

    जब काफी समय बाद भी कोई रिटर्न नहीं मिला और सामने वाला संपर्क से गायब हो गया तब छात्रा को समझ आया कि उसके साथ धोखा हुआ है। उसने तुरंत एरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जिन बैंक खातों में पैसे गए हैं उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस और साइबर सेल की जांच जारी

    एरोड्रम पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में जल्द शिकायत करना बहुत जरूरी होता है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोगों को भी सतर्क किया जा सके।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत पर बवाल हाई कोर्ट की सख्ती से प्रशासन को कड़ा संदेश

    आज हम आपको एक ऐसी खबर बता रहे हैं जो दिल को झकझोर देती है और इंसाफ की उम्मीद को और मजबूत करती है। राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है जहां आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी ने शिलांग कोर्ट से जमानत की मांग की है। इस मांग ने मृतक के परिवार के दर्द को फिर से ताजा कर दिया है और पूरे मामले में भावनात्मक तनाव बढ़ गया है।

    जमानत याचिका पर परिवार की कड़ी आपत्ति

    राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने अदालत में सोनम की जमानत का खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि सोनम ने न सिर्फ राजा के साथ बल्कि दो परिवारों के साथ विश्वासघात किया है। आरोप है कि राजा से शादी से पहले वह राज कुशवाह के साथ पहले ही विवाह कर चुकी थी। विपिन का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बाद जमानत देना न्याय के साथ समझौता होगा।

    हनीमून के दौरान हत्या का आरोप

    यह मामला इसलिए और ज्यादा संवेदनशील हो जाता है क्योंकि आरोप है कि शिलांग में हनीमून के दौरान राजा की हत्या की गई। इस साजिश में सोनम के साथ उसका प्रेमी राज कुशवाह और अन्य आरोपी भी शामिल बताए गए हैं। सभी आरोपी इस समय शिलांग की जेल में बंद हैं और मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है।

    हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और प्रशासन को संदेश

    इसी बीच हाई कोर्ट ने एक अलग लेकिन उतना ही गंभीर मामले में प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। इंदौर में हुए भीषण ट्रक हादसे के बाद सरकार की ओर से पेश की गई रिपोर्ट पर कोर्ट ने कहा कि सिर्फ रिपोर्ट पेश करने से हादसे नियंत्रित नहीं होंगे। अदालत ने साफ कहा कि जो उपाय बताए गए हैं उन्हें रोजमर्रा के व्यवहार में भी लागू किया जाना चाहिए।

    सड़क सुरक्षा को लेकर न्यायालय की चिंता

    हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब सड़क सुरक्षा के सख्त नियम पहले से मौजूद हैं तब भी इस तरह की घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट में बताए गए सुधारात्मक कदमों को जमीन पर उतारा जाए ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए।

    इंसाफ और सुरक्षा की उम्मीद

    दोनों ही मामलों में अदालत की भूमिका यह दिखाती है कि कानून सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। चाहे वह एक परिवार को न्याय दिलाने की बात हो या सड़कों पर आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हो अदालत ने साफ संकेत दिया है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • देपालपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, बिना लाइसेंस 100 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    देपालपुर क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्राम जलोदिया पार में स्थित एक निजी भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से पटाखा निर्माण किया जा रहा था। प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली तुरंत जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

    सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया

    प्रशासन को जानकारी प्राप्त हुई थी कि भूमि सर्वे नम्बर 162 2 एवं 163 2 पर बिना अनुमति पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही है। यह भूमि आदित्य राज पिता बहादुर सिंह चावड़ा के स्वामित्व की बताई गई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी देपालपुर श्री राकेश मोहन त्रिपाठी के निर्देश पर तत्काल स्थल निरीक्षण के आदेश दिए गए।

    संयुक्त टीम ने किया स्थल निरीक्षण

    बुधवार को कार्यपालिक दण्डाधिकारी श्री नागेन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस थाना देपालपुर के निरीक्षक श्री रंजीत सिंह बघेल अन्य पुलिस बल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से पाया गया कि वहां बिना किसी वैध अनुमति और लाइसेंस के पटाखा निर्माण की गतिविधियां चल रही थीं जो कानून का खुला उल्लंघन है।

    मौके पर नहीं मिला कोई जिम्मेदार व्यक्ति

    निरीक्षण के समय स्थल पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से वहां कोई भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं थे। यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जा रही है क्योंकि पटाखा निर्माण में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

    भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त

    कार्रवाई के दौरान मौके से पटाखा सुतली बम की 13 बोरियां और पटाखा बनाने की लगभग 5 बोरियां सामग्री बरामद की गई जिसका वजन करीब 100 किलोग्राम बताया गया। पूरी सामग्री को मौके पर ही सील किया गया और नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया। यह प्रक्रिया पुलिस और राजस्व अमले की उपस्थिति में पूरी की गई।

    कानून के तहत होगी आगे की कार्रवाई

    प्रशासन के अनुसार यह अवैध गतिविधि विस्फोटक अधिनियम और अन्य संबंधित नियमों का उल्लंघन है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जन सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी

  • कड़ाके की ठंड से कांपा इंदौर, शीतलहर की वापसी ने बदला मौसम, न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री

    मध्यप्रदेश में एक बार फिर ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शीतलहर की वापसी के साथ इंदौर में तापमान तेजी से नीचे गिर गया है। सुबह और रात के समय ठंड इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। घना कोहरा और तेज ठंडी हवाएं आम जीवन को प्रभावित कर रही हैं और शहर की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

    इंदौर का तापमान 4.9 डिग्री तक गिरा

    इंदौर में मंगलवार रात और बुधवार सुबह ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया। शहर का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से काफी कम है। दिन के समय तापमान 27.9 डिग्री रहा लेकिन रात की तेज ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद सर्द बना दिया। सुबह घने कोहरे के कारण सड़कों पर आवाजाही मुश्किल रही हालांकि बाद में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिली।

    मौसम विभाग का कोल्ड वेव अलर्ट

    मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। इंदौर उज्जैन और देवास में घने कोहरे और ठंडी हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

    कोहरे से सड़क रेल और हवाई यातायात प्रभावित

    घने कोहरे और कम दृश्यता का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ रहा है। हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं और इंदौर आने जाने वाली कई उड़ानें निरस्त करनी पड़ी हैं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं

    उत्तर भारत खासकर दिल्ली में खराब मौसम का असर मध्यप्रदेश के रेल यातायात पर भी साफ नजर आ रहा है। दिल्ली से भोपाल और इंदौर की ओर आने वाली कई ट्रेनें लगातार दूसरे दिन देरी से पहुंचीं। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें 6 से 7 घंटे तक लेट चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कम दृश्यता के कारण ट्रेनों की गति कम रखनी पड़ रही है। एंटी फॉग डिवाइस होने के बावजूद समय पर संचालन में दिक्कतें बनी हुई हैं।

    लोगों को सतर्क रहने की सलाह

    तेज ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

  • लगातार दूसरे दिन रद्द हुई इंदौर दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    अगर आप भी इंदौर से दिल्ली यात्रा की योजना बना रहे थे तो यह खबर आपको चिंता में डाल सकती है। इंदौर से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान लगातार दूसरे दिन भी निरस्त रही। अचानक मिले मैसेज ने यात्रियों की पूरी योजना बिगाड़ दी और लोग असमंजस में फंस गए।

    सुबह की उड़ान रद्द होने से यात्री हुए परेशान

    इंदौर से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की सुबह की उड़ान संख्या 1860 को लगातार दूसरे दिन रद्द कर दिया गया। यात्रियों को सोमवार देर रात उड़ान निरस्त होने का संदेश भेजा गया। इस कारण यात्री दिल्ली पहुंचने के लिए कोई दूसरा विकल्प समय पर नहीं चुन पाए। कई लोगों की जरूरी मीटिंग और कार्यक्रम प्रभावित हो गए।

    बिना वजह बताए रद्द हुई फ्लाइट

    एयरलाइंस की ओर से उड़ान निरस्त होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। सूत्रों के अनुसार दिल्ली से इंदौर आने वाला विमान ही उड़ान नहीं भर पाया। इसके कारण मंगलवार सुबह आठ बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को भी रद्द करना पड़ा। यात्रियों को अंतिम समय में सूचना मिलने से नाराजगी बढ़ गई।

    कनेक्टिंग फ्लाइट वालों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

    जिन यात्रियों को दिल्ली से आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी थी उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को दूसरी एयरलाइंस के महंगे टिकट खरीदने पड़े। कुछ लोगों ने मजबूरी में बस से दिल्ली जाने का फैसला लिया। ट्रेनों में भी कंफर्म टिकट नहीं मिल पाने से हालात और खराब हो गए।

    देर रात मिली सूचना से बढ़ी नाराजगी

    एक यात्री ने बताया कि यदि एयरलाइंस शाम को ही उड़ान निरस्त होने की जानकारी दे देती तो दूसरे विकल्पों पर विचार किया जा सकता था। देर रात अचानक मिले मैसेज से जरूरी मीटिंग रद्द करनी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में समय पर सूचना मिलना बहुत जरूरी है।

    विमान नहीं आया इंदौर फिर भी रात में हुआ फैसला

    इंदौर से दिल्ली की यह फ्लाइट अलसुबह दिल्ली से इंदौर आती है और फिर सुबह दिल्ली रवाना होती है। मंगलवार को विमान दिल्ली से ही नहीं आया। इसके बावजूद उड़ान रद्द करने की सूचना रात में ही दे दी गई। यदि मौसम या कोहरे का कारण होता तो सुबह जानकारी दी जाती। सोमवार को जब सुबह फ्लाइट रद्द हुई थी तब यात्रियों ने एयरपोर्ट पर नाराजगी जताई थी।

    दिल्ली के कोहरे का असर इंदौर की उड़ानों पर

    दिल्ली में घने कोहरे का असर इंदौर की हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को इंदौर आने और जाने वाली सोलह उड़ानें निरस्त कर दी गईं। इनमें अधिकतर उड़ानें दिल्ली से जुड़ी हुई थीं। इसके अलावा बीस से अधिक उड़ानें समय पर रवाना नहीं हो सकीं।

  • इंदौर को स्लम फ्री बनाने की तैयारी, पीएम आवास योजना के तहत तीन साल में 16 हजार घर, दस जगहों पर होगा निर्माण

    इंदौर शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकास की इस दौड़ में सरकार का सपना है कि हर परिवार को सुरक्षित और पक्का घर मिले। शहर में चल रहे विकास कार्य और मास्टर प्लान की सड़कों के बीच कई बस्तियां आड़े आ रही हैं। इसी कारण कई जरूरी प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अब इन बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए एक नई उम्मीद सामने आई है।

    पीएमएवाय 2.0 से मिलेगा सुरक्षित और सम्मानजनक घर

    राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में इंदौर को स्लम फ्री शहर बनाने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना पीएमएवाय 2.0 के तहत शहर में डेढ़ लाख आवास बनाने की योजना है। इसी क्रम में अगले तीन वर्षों में इंदौर में सोलह हजार से अधिक नए आवास बनाए जाएंगे ताकि लोगों को बेहतर जीवन मिल सके।

    दस स्थानों पर बनेंगी बहुमंजिला इमारतें

    योजना के तहत इंदौर में दस स्थानों का चयन किया गया है जहां बहुमंजिला इमारतों का निर्माण होगा। इन सभी स्थानों पर कुल सोलह हजार छप्पन आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों के निर्माण पर करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सरकार का प्रयास है कि यह काम समय पर पूरा हो और लोगों को जल्द राहत मिले।

    डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा रही है

    योजना को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सिंदोडा रंगवासा सनावदिया बढ़ियाकीमा और खंडवा रोड के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं गुलमर्ग परिसर कनाड़िया गांव माली खेड़ी गांव भिचोली हप्सी बडियाकीमा गांव और देवगुराडिया के पास सनावदिया गांव में आवास बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

    मुख्यमंत्री के निर्देश सुविधाओं के साथ बने आवास

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि कई लोग पहले बने आवासों में इसलिए नहीं जा रहे क्योंकि वहां सुविधाओं की कमी है और शहर से दूरी अधिक है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए आवास ऐसे स्थानों पर बनाए जाएं जहां शहर से अच्छी कनेक्टिविटी हो और सभी जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल सकें। इन क्षेत्रों में सिटी बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन की सुविधा के साथ स्कूल और बाजार की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

    इंदौर के भविष्य की मजबूत नींव

    पीएमएवाय 2.0 के तहत बनने वाले ये आवास सिर्फ मकान नहीं होंगे बल्कि हजारों परिवारों के सपनों का घर बनेंगे। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और इंदौर एक सुव्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में आगे बढ़ेगा। सरकार का यह कदम शहर के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

  • इंदौर मेट्रो को मिलेगी नई रफ्तार, रोबोट चौराहा तक बढ़ेगा रुट, तब जाकर शुरू होगी असली कमाई

    इंदौर मेट्रो को लेकर शहर के लोगों के मन में कई उम्मीदें हैं। मेट्रो को आधुनिक इंदौर की पहचान माना जा रहा है लेकिन फिलहाल इसकी कमाई चिंता का विषय बनी हुई है। वजह साफ है मेट्रो अभी बहुत कम दूरी में चल रही है। जब मेट्रो लंबी दूरी तय करेगी तब यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी और आय का रास्ता खुलेगा।

    कम दूरी में चलने से नहीं मिल रही मेट्रो को कमाई

    इस समय इंदौर में मेट्रो का संचालन सीमित हिस्से में हो रहा है। कम दूरी होने के कारण हर फेरे में बहुत कम यात्री सफर कर रहे हैं। शुरुआत में तो हालात ऐसे रहे कि एक बार में गिने चुने लोग ही मेट्रो में नजर आते थे। बाद में संचालन में बदलाव किया गया जिससे यात्रियों की संख्या कुछ बढ़ी लेकिन फिर भी खर्च निकालना मुश्किल बना हुआ है।

    गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक ट्रायल रन

    इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहे तक अलग अलग गति पर किया जा रहा है। इस हिस्से में संचालन के लिए जरूरी विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जैसे ही अनुमति मिलेगी मेट्रो का दायरा और बढ़ जाएगा जिससे शहर के बड़े हिस्से को सीधा फायदा मिलेगा।

    रोबोट चौराहा तक मेट्रो चलाने की तैयारी

    मेट्रो को गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक चलाने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। पूरे रुट का निरीक्षण रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन की टीम ने किया है। निरीक्षण के बाद मेट्रो के संचालन की संभावित तिथि मार्च दो हजार छब्बीस तय की गई है। इस रुट पर मेट्रो चलने से यात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

    नए स्टेशनों पर तेजी से चल रहा काम

    ट्रैक तैयार होने के बाद अब अधिकारियों का पूरा ध्यान नए स्टेशनों के निर्माण पर है। चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा स्टेशन सुखलिया ग्राम स्टेशन विजय नगर और रेडिसन चौराहा स्टेशन को प्राथमिकता में रखा गया है। लक्ष्य है कि फरवरी तक इन स्टेशनों का काम पूरा कर लिया जाए ताकि मार्च तक मेट्रो को रोबोट चौराहे तक चलाया जा सके।

    यात्रियों को मिलेगी राहत और सुविधा

    जब मेट्रो लंबी दूरी तक चलेगी तो शहर के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। रोजाना सफर करने वालों का समय बचेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। मेट्रो रोबोट चौराहा तक पहुंचते ही ऑफिस जाने वाले लोग छात्र और व्यापारी बड़ी संख्या में इससे जुड़ेंगे।

    खर्च ज्यादा आय कम बनी चुनौती

    फिलहाल मेट्रो कॉरपोरेशन को संचालन से पर्याप्त आय नहीं हो पा रही है। जबकि मेट्रो के संचालन और स्टेशनों पर तीन सौ से ज्यादा कर्मचारियों का स्टाफ तैनात है। जब तक यात्री नहीं बढ़ेंगे तब तक लागत निकालना मुश्किल रहेगा। अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि रुट बढ़ते ही यह स्थिति बदल जाएगी।

    अंडरग्राउंड रुट पर भी बनेगा नया प्लान

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद अब मेट्रो के अंडरग्राउंड रुट को लेकर नई योजना बनाई जाएगी। बदलाव के बाद यह रुट करीब एक किलोमीटर और बढ़ सकता है। इसके लिए नए मेट्रो स्टेशन की जमीन भी तलाशनी होगी। यह कदम इंदौर मेट्रो को और मजबूत बनाएगा।

    इंदौर मेट्रो से जुड़ी उम्मीदें

    इंदौर मेट्रो सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं बल्कि शहर के भविष्य की दिशा है। जैसे जैसे इसका दायरा बढ़ेगा वैसे वैसे लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। आने वाले समय में मेट्रो इंदौर की पहचान बन सकती है।