Category: Indore news

  • इंदौर को मिलेगी नई रफ्तार, मोहन यादव का बड़ा मास्टर प्लान, मेट्रो अंडरग्राउंड, 25 साल का ट्रैफिक विजन और मेट्रोपॉलिटन विस्तार

    इंदौर लगातार आगे बढ़ रहा है और अब इसके विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के विकास कार्यों को लेकर एक अहम बैठक ली जिसमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बड़े फैसले लिए गए। यह बैठक सिर्फ योजनाओं की नहीं बल्कि आने वाले पच्चीस वर्षों के सपनों की नींव रखती है। सरकार का मकसद साफ है सुरक्षित शहर बेहतर ट्रैफिक और मजबूत अधोसंरचना।

    अधोसंरचना विकास पर केंद्रित रही अहम बैठक

    इस बैठक का मुख्य फोकस अधोसंरचना विकास रहा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और नशे पर नियंत्रण जैसे जरूरी सामाजिक मुद्दों पर भी लगातार काम कर रही है। इस बार शहर और आसपास के नगरों के लिए लंबे समय की योजना बनाई जा रही है ताकि इंदौर आने वाले वर्षों में भी व्यवस्थित और सुगम बना रहे।

    मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला

    बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेट्रो का रूट अंडरग्राउंड ही रहेगा। बंगाली कॉलोनी से मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड चलेगी। इस बदलाव पर करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस फैसले से प्रोजेक्ट में किसी तरह की देरी नहीं होगी।

    मेट्रोपॉलिटन एरिया का होगा बड़ा विस्तार

    अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मेट्रोपॉलिटन एरिया की सीमा में अब रतलाम शहर भी जुड़ेगा। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 14000 वर्ग किलोमीटर होगा। धार महू और उज्जैन की नगर पंचायतें भी इसमें शामिल होंगी। इससे पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास संभव होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

    बीआरटीएस हटने के बाद बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बीआरटीएस हटने के बाद दोबारा ट्रैफिक सर्वे कराया जाएगा। शहर के लिए पच्चीस साल के हिसाब से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। इसका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा और जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर को बेहद जरूरी बताया गया है।

    आसपास के शहरों से मजबूत होगी कनेक्टिविटी

    सरकार का फोकस इंदौर को आसपास के शहरों से और मजबूत तरीके से जोड़ने पर है। उज्जैन की एप्रोच को ज्यादा मजबूत किया जाएगा क्योंकि भविष्य में वहां बड़ी संख्या में लोग आने वाले हैं। उज्जैन देवास और पीथमपुर अब इंदौर से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। दूसरे शहरों से इंदौर को जोड़ने वाले मार्गों को भी चौड़ा किया जाएगा ताकि सफर आसान हो सके।

    मास्टर प्लान के साथ जोनल प्लान पर भी जोर

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंदौर के मास्टर प्लान के साथ साथ जोनल प्लान भी तैयार किए जाएं। इन्हीं योजनाओं के अनुसार सड़कों और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे शहर का विकास संतुलित रहेगा और किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।

    बंगाली कॉलोनी अंडरग्राउंड मेट्रो पर लगी मुहर

    पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो को बंगाली कॉलोनी से अंडरग्राउंड करने पर जोर दिया था। बैठक में जनप्रतिनिधियों की सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी। साथ ही अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि इस बदलाव के कारण प्रोजेक्ट की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए।

  • Indore News: हाई कोर्ट ने कहा शादीशुदा हो तब भी वयस्क महिला अपनी इच्छा से रह सकती है

    Indore News: इंदौर से आई यह खबर समाज और कानून दोनों के नजरिए से बेहद अहम मानी जा रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने एक अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि अगर महिला वयस्क है तो वह अपनी इच्छा के अनुसार किसी के साथ भी रह सकती है चाहे वह शादीशुदा ही क्यों न हो।

    हाई कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच पेश हुई महिला

    मामला एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है जिसकी सुनवाई के दौरान महिला को शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा के बीच हाई कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के सामने महिला ने साफ शब्दों में कहा कि वह याचिकाकर्ता के साथ रहना चाहती है लेकिन उसके माता पिता ने उसे जबरन अपने पास रखा हुआ है।

    माता पिता ने शादी का दिया तर्क

    सुनवाई के दौरान महिला के माता पिता ने कोर्ट में कहा कि उसकी पहले ही शादी हो चुकी है और शादी के बाद उसे अपने पति के साथ ही रहना चाहिए। इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और महिला के बयान को महत्वपूर्ण माना।

    पहले भी दर्ज हो चुके हैं बयान

    इस मामले में पिछली सुनवाई दो दिसंबर को हुई थी। उस समय कोर्ट ने महिला का बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इससे पहले भी न्यायिक दंडाधिकारी के सामने महिला के बयान दर्ज किए गए थे। उन बयानों में भी महिला ने यही कहा था कि उसके माता पिता उसे जबरन अपने कब्जे में रखे हुए हैं।

    हाई कोर्ट का स्पष्ट आदेश

    शुक्रवार को हुई अंतिम सुनवाई में हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि महिला वयस्क है और उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने आदेश दिया कि महिला को धीरज नायक के साथ ही रहने दिया जाए और उसकी सुपुर्दगी याचिकाकर्ता को सौंप दी गई।

    पुलिस को दिया सुरक्षा का निर्देश

    कोर्ट ने पुलिस को यह भी आदेश दिया कि वह दोनों को अपनी सुरक्षा में सवाई माधोपुर तक सुरक्षित पहुंचाए। इस फैसले के बाद महिला को राहत मिली है और यह आदेश व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को मजबूत करता है।

  • Khajrana Ganesh Temple Indore: खजराना गणेश मंदिर इंदौर तीन माह बाद खुलीं दान पेटियां निकले करोड़ों रुपये और भक्तों की मन्नतें

    Khajrana Ganesh Temple Indore: इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़ी यह खबर हर भक्त के दिल को छू लेने वाली है। जब आस्था और विश्वास एक साथ जुड़ते हैं तो नतीजा भी खास होता है। तीन माह बाद जब मंदिर की दान पेटियां खोली गईं तो हर कोई हैरान रह गया।

    तीन माह बाद खुलीं चालीस दान पेटियां

    इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में रखी गई चालीस दान पेटियां तीन माह बाद खोली गईं। इन पेटियों से नकद राशि के साथ सोने चांदी के जेवर और विदेशी मुद्रा भी निकली। दो दिन से लगातार गिनती का काम चल रहा है और अभी भी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

    डेढ़ करोड़ से ज्यादा की दान राशि

    दान पेटियों से अब तक डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निकल चुकी है। यह गिनती पच्चीस कर्मचारियों की टीम कर रही है। जिस कक्ष में नोट गिने जा रहे हैं वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। दान पेटियों में बंद हो चुके पांच सौ और दो हजार रुपये के नोट भी मिले हैं।

    ऑनलाइन दान के कारण राशि में आई हल्की कमी

    इस बार दान पेटियों से निकली राशि पिछली गिनती की तुलना में थोड़ी कम रही। इसका मुख्य कारण यह है कि मंदिर में अब ऑनलाइन दान की सुविधा भी उपलब्ध है। मंदिर परिसर में क्यूआर कोड लगाए गए हैं और बड़ी संख्या में भक्त अब डिजिटल माध्यम से भी दान कर रहे हैं।

    हर दिन उमड़ती है भक्तों की भीड़

    खजराना गणेश मंदिर में हर दिन हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार दान पेटियों में चढ़ावा चढ़ाते हैं। हर तीन माह में इन पेटियों की गिनती की जाती है। दान से मिली राशि से ही मंदिर प्रबंध समिति सेवा कार्य अन्न क्षेत्र और धार्मिक आयोजनों का संचालन करती है।

    मन्नतों की पर्चियों ने खींचा ध्यान

    दान पेटियों से कई मन्नतों की पर्चियां भी मिलीं। किसी ने गणपति बप्पा से जल्दी शादी की प्रार्थना की थी तो किसी ने अच्छे नंबरों से पास होने की अर्जी लगाई थी। एक पर्ची पर लिखा था बप्पा मुझे पास करा देना। कई भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद धन्यवाद स्वरूप चढ़ावा भी चढ़ाया था।

    आस्था और विश्वास का जीवंत उदाहरण

    खजराना गणेश मंदिर की यह दान गिनती एक बार फिर साबित करती है कि भक्तों का विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है। बदलते समय के साथ भले ही दान के तरीके बदले हों लेकिन गणपति बप्पा पर आस्था पहले जैसी ही बनी हुई है।

  • इंदौर में रणजीत हनुमान प्रभातफेरी में उमड़ा आस्था का सागर ठंड में भी दो लाख भक्त पहुंचे

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में निकली उस दिव्य प्रभातफेरी की जिसने पूरे शहर को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग दिया। शुक्रवार सुबह चार बजे जैसे ही रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली वैसे ही इंदौर की सड़कों पर आस्था का विशाल सागर उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड थी लेकिन भक्तों के उत्साह पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। हर ओर भक्ति संगीत गूंज रहा था और श्रद्धा से भरी आंखें इस पवित्र यात्रा का स्वागत कर रही थीं।

    कड़ाके की ठंड में भी भक्तों की अपार भीड़ बनी आकर्षण

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से निकली प्रभातफेरी में दो लाख से ज्यादा भक्त शामिल हुए। ऐसा लग रहा था मानो पूरा शहर बाबा रणजीत के चरणों में नतमस्तक हो गया हो। भगवा माहौल भक्तिमय भजनों और जयकारों से भर गया था। भजन मंडलियां संगीत के स्वरों से आसमान को गूंजा रही थीं। झांकियां भक्तों में अलग ही उत्साह जगा रही थीं। रथ यात्रा को देखकर भक्तों की आंखों में श्रद्धा की चमक साफ नजर आ रही थी।

    रातभर चलती रही तैयारियां और सुबह दिखा भव्य रूप

    रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर तैयारियां शुरू हो गई थीं। सुबह 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना। रथ के आगे नृत्य दल कलाकार और नासिक ढोल पर प्रदर्शन करने वाले कलाकार अपनी कला से भक्तों का मन मोह रहे थे। जैसे ही प्रभातफेरी मंदिर परिसर से निकली वैसे ही आकाश आतिशबाजी से जगमगा उठा। यात्रा महूनाका अन्नपूर्णा दशहरा मैदान और नरेंद्र तिवारी मार्ग से होते हुए फिर मंदिर पहुंची।

    रामायण आधारित झांकियों ने जीता भक्तों का मन

    इस वर्ष प्रभातफेरी में दो विशेष झांकियों का निर्माण कराया गया था जो रामायण पर आधारित थीं। भक्तों ने इन झांकियों को खूब सराहा। इससे भक्ति का माहौल और भी गहरा हो गया। इसके अलावा बीस से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में शामिल हुईं। भक्त नंगे पैर चलकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे थे। कई भक्त मार्ग में झाड़ू लगाकर अपनी सेवा भावना भी प्रदर्शित कर रहे थे।

    ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    प्रभातफेरी को ध्यान में रखते हुए शहर में शुक्रवार सुबह तीन बजे से कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए। फूटी कोठी उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महूनाका चौराहा तक का मार्ग भी बंद रहा। भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की थी।

    पांच सौ पुलिस जवानों ने संभाली सुरक्षा की कमान

    प्रभातफेरी में सुरक्षा के लिए पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए। मार्ग के आसपास की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस जवान निगरानी कर रहे थे। ड्रोन की मदद से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रथ के आसपास सुरक्षा का घेरा लगातार बना रहा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग की हर गली तक पुलिस पहुंचाई गई और बैरिकेड लगाकर पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

    इंदौर की रणजीत हनुमान प्रभातफेरी हर वर्ष भक्तों के लिए एक बड़ा आध्यात्मिक उत्सव बनकर आती है। इस बार भी भक्तों की आस्था भीड़ और ऊर्जा ने सिद्ध कर दिया कि भक्ति का भाव किसी मौसम किसी कठिनाई से नहीं डिगता। यह यात्रा इंदौर की धार्मिक परंपराओं और एकता का शानदार प्रतीक बनकर सामने आई।

  • MP में विकास की रफ्तार बढ़ी CM मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में दिए बड़े निर्देश ,गुणवत्ता और पारदर्शिता पर खास जोर

    MP इन दिनों तेज़ी से विकास की नई राह बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि सड़कें केवल यात्रा के लिए नहीं बल्कि रोजगार स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक प्रगति का आधार होती हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग का हर काम जनता के जीवन को आसान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है और सरकार की प्राथमिकता है कि हर परियोजना गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी हो।

    लोक निर्माण से लोक कल्याण की बड़ी सोच

    डॉ यादव ने विभाग के पिछले दो वर्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना जितनी मजबूत होगी उतना ही राज्य का विकास तेज़ होगा। उन्होंने बताया कि जबलपुर और ग्वालियर को जल्द मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा ताकि इन शहरों की योजनाएं बड़े पैमाने पर आगे बढ़ सकें। उन्होंने राजमार्गों का घनत्व बढ़ाने और स्थानीय मांगों को योजनाओं में शामिल करने पर भी जोर दिया।

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    पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन बिल्डिंग पर विशेष ध्यान

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधोसंरचना निर्माण में पर्यावरण को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। भवन निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना और प्राकृतिक ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित हो सके। साथ ही फ्लाईओवर अंडरपास और सर्विस लेन जैसी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा।

    डिजिटल नवाचार और लोकपथ ऐप की सफलता

    बैठक में यह जानकारी दी गई कि लोकपथ ऐप पर आई 12 हजार से अधिक शिकायतों में से 99 प्रतिशत का सफल निवारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐप में सड़क की रियल टाइम स्थिति भी उपलब्ध कराई जाए ताकि नागरिकों को और बेहतर सुविधा मिल सके।

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    दो वर्षों की बड़ी उपलब्धियाँ

    प्रदेश में 12 हजार किमी सड़क निर्माण 3 नए मेडिकल कॉलेज 136 विद्यालय भवन और प्रमुख शहरी कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया गया है। साथ ही सौर ऊर्जा वृक्षारोपण और ट्री ट्रांसप्लांटेशन जैसे प्रयासों ने विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना दिलाई है।

  • इंदौर में निकलेगा रणजीत हनुमान का भव्य रथ लाखों भक्तों की भीड़ से गूंजेगा शहर, पूरी ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था बदल गई

    इंदौर शहर हर साल की तरह इस बार भी भक्तिमय रंग में रंगने जा रहा है। रणजीत हनुमान मंदिर की प्रसिद्ध प्रभातफेरी का इंतजार भक्त बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों लोग बाबा रणजीत के दर्शन के लिए सुबह चार बजे सड़क पर उमड़ते हैं और यह अनोखा नजारा पूरे देश में बेहद खास माना जाता है। इस वर्ष भी तैयारियां पूरी तरह जोरों पर हैं और शहर भक्तिमय माहौल में डूब चुका है।

     शुक्रवार को सुबह चार बजे प्रभातफेरी निकलेगी

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में  शुक्रवार दिन सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की भव्य प्रभातफेरी निकाली जाएगी। मंदिर प्रांगण से बाबा अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकलेंगे और भक्तों को शुभ दर्शन देंगे। रथ की शुरुआत होते ही आसमान भव्य आतिशबाजी से जगमगा उठेगा। यह प्रभातफेरी महूनाका होते हुए अन्नपूर्णा दशहरा मैदान नरेंद्र तिवारी मार्ग से गुजरकर वापस मंदिर पहुंचेगी। अनुमान है कि इस वर्ष प्रभातफेरी में दो लाख से अधिक भक्त शामिल होंगे और ठंड के बावजूद जोश देखने लायक होगा।

    भगवा रंग से सजा शहर झांकियों और भजनों की गूंज

    रणजीत हनुमान मार्ग पर सजावट रात से ही शुरू हो जाएगी और चारों ओर भगवा पताकाएं लहराती दिखाई देंगी। भक्तों की भीड़ भजन गाती मंडलियों के साथ आगे बढ़ेगी और माहौल राम नाम से गूंज उठेगा। इस बार प्रभातफेरी में रामायण आधारित दो विशेष झांकियों का निर्माण किया गया है जिन्हें देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में जुटेंगे। भक्त परंपरा के अनुसार नंगे पैर चलकर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।

    ट्रैफिक में बदलाव और रूट डायवर्ट

    प्रभातफेरी के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 12 दिसंबर की सुबह तीन बजे से फूटी कोठी उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महूनाका चौराहा तक भी ट्राफिक बंद रहेगा। यह व्यवस्था गुरुवार रात दो बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक लागू रहेगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    तीन प्रमुख पार्किंग स्थल भक्तों की सुविधा के लिए

    कलेक्टोरेट की दिशा से आने वाले वाहन लालबाग परिसर में पार्क किए जा सकेंगे। गंगवाल क्षेत्र से आने वाले वाहन सराफा स्कूल एमजेपी लाइन में पार्किंग कर सकेंगे। अन्नपूर्णा मार्ग से आने वाले वाहन दशहरा मैदान में पार्क कर सकेंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित करना और भक्तों को सुगम अनुभव देना है।

    सुरक्षा कड़ी पांच सौ से अधिक पुलिस जवान तैनात

    प्रभातफेरी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद चौकस रखी जाएगी। पांच सौ से अधिक पुलिस जवान पूरे मार्ग में तैनात रहेंगे। बड़े भवनों की छतों पर भी निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। रथ के आसपास सुरक्षा का घेरा बनाया जाएगा और चौकस टीम गलियों में बैरिकेड लगाकर भीड़ को नियंत्रित करेगी।

    इंदौर की आस्था का जीवन्त उत्सव

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है बल्कि यह इंदौर की आस्था और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। लाखों भक्त नंगे पैर निकलकर बाबा के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं और शहर का यह दृश्य आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। हर साल की तरह इस साल भी यह उत्सव लोगों के दिलों में लंबे समय तक याद रहेगा

  • इंदौर में रिकॉर्ड टूटती सर्दी रात का तापमान 5 डिग्री तक गिरा, जेट स्ट्रीम से बढ़ा प्रकोप मंदिरों में भगवान को भी पहनाए गए गर्म कपड़े

    मध्य प्रदेश में इन दिनों ठंड अपने चरम पर है और इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में देखने को मिल रहा है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है और सुबह शाम की ठिठुरन कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन और अधिक चुनौती भरे हो सकते हैं क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

    इंदौर में रात का तापमान गिरकर 5.4 डिग्री पहुंचा सर्दी ने बढ़ाई परेशानी

    इंदौर में कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार रात का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से लगभग साढ़े छह डिग्री कम है। दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा और ठंडी हवाओं ने पूरे शहर में कंपकंपी ला दी। पूरे प्रदेश की बात करें तो शहडोल के कल्याणपुर में सबसे कम तापमान 4.7 डिग्री दर्ज हुआ और प्रदेश के पच्चीस से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान दस डिग्री से नीचे बना हुआ है।

    जेट स्ट्रीम और उत्तर भारत की बर्फीली हवाएं बढ़ा रहीं सर्दी का असर

    मौसम विभाग ने बताया कि इस बढ़ती ठंड की असली वजह उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाएं और जेट स्ट्रीम का सक्रिय होना है। जेट स्ट्रीम इस समय लगभग दो सौ बाईस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है और इसका प्रभाव सीधे मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इस कारण रात के तापमान में भारी गिरावट हो रही है और सुबह तक कई इलाकों में कोहरा भी बन रहा है।

    भगवान को भी पहनाए जा रहे हैं गर्म कपड़े मंदिरों में बदली दिनचर्या

    ठंड की मार से केवल लोग ही नहीं बल्कि मंदिरों में भगवान को भी बचाने के इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इंदौर के कई मंदिरों में देवी देवताओं की साज सज्जा और दिनचर्या में बदलाव किया गया है। मधुमिलन स्थित हनुमान मंदिर में श्री राम दरबार और भगवान गणेश को गर्म ऊनी वस्त्र पहनाए गए हैं ताकि मूर्तियों पर ठंड का असर न पड़े।

    दिन में हल्की राहत लेकिन रात में तेज ठिठुरन का दौर जारी

    सुबह और रात का समय लोगों के लिए काफी कठिन हो रहा है। कई जगहों पर सुबह कोहरा छाने से विजिबिलिटी कम हो रही है और ठंड का असर और बढ़ जाता है। हालांकि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है लेकिन शाम ढलते ही तापमान फिर तेजी से नीचे आ जाता है। रात की ठंड लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी संकोच करने पर मजबूर कर रही है।

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    इंदौर और मध्य प्रदेश में दो दिन और मुश्किलें बढ़ सकती हैं

    मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार और गुरुवार को इंदौर भोपाल विदिशा राजगढ़ शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का असर और तीव्र हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड से बचाव के सभी उपाय करना जरूरी है ताकि स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर न पड़े।

  • मकर संक्रांति से पहले इंदौर में बड़ी कार्रवाई शहर भर में भिक्षुकों की बढ़ती भीड़ पर प्रशासन का कड़ा अभियान सैकड़ों नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज

    इंदौर शहर इन दिनों मकर संक्रांति के त्योहार से पहले एक गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। त्योहार के दौरान दान के अवसर और ठंड के बढ़ते असर के कारण शहर में भिक्षुकों खासकर नाबालिग बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। इसी बढ़ती गतिविधि को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक व्यापक और सख्त अभियान शुरू किया है ताकि भिक्षावृत्ति पर रोक लगाई जा सके और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित व बेहतर विकल्प दिए जा सकें।

    त्योहार से पहले भिक्षुकों की बढ़ती संख्या पर प्रशासन की सख्त नजर

    मकर संक्रांति के आसपास हर वर्ष शहर में बाहरी राज्यों से आने वाले भिक्षुकों की संख्या बढ़ जाती है। इस बार भी यही रुझान देखा गया जिसके चलते जिला प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि शहर में प्रवेश करने वाले भिक्षुकों की आवाजाही पर खास निगरानी रखी जाए और यह पता लगाया जाए कि वे किन मार्गों से आ रहे हैं।

    प्रशासन का कहना है कि मंदिरों चौराहों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में गतिविधियां सबसे अधिक दिखाई देती हैं इसलिए यहां संयुक्त टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

    भिक्षुकों के पुनर्वास की दिशा में तेजी से काम

    प्रशासन केवल रोकथाम ही नहीं बल्कि पुनर्वास को भी प्राथमिकता दे रहा है। पिछले वर्ष चलाए गए अभियान में तीन हजार से अधिक भिक्षुकों को पकड़ा गया था जिनमें से कई को पुनर्वास केंद्रों में भेजा गया। करीब ग्यारह सौ लोगों को लघु रोजगार कौशल प्रशिक्षण और आजीविका कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें एक नया जीवन शुरू करने का अवसर दिया गया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य तीन विभागों की संयुक्त टीमें इस बार भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी हैं और शहर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लक्ष्य को मजबूत कर रही हैं।

    नाबालिग बच्चों पर विशेष ध्यान और काउंसलिंग की व्यवस्था

    इस अभियान का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू है। अब तक करीब पांच सौ बच्चों की पहचान की जा चुकी है जिनमें से दो सौ से अधिक को स्कूलों आश्रय गृहों और बाल भवनों में भेजा गया है। पचास से ज्यादा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर घर भेजा जा चुका है।

    इंदौर रणजीत अष्टमी महोत्सव की हुई भव्य शुरुआत कलेक्टर शिवम वर्मा ने किया ध्वज पूजन

    बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद तुरंत काउंसलिंग कराई जाती है ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी शिक्षा और जीवन को फिर से आगे बढ़ा सकें। ठंड और त्योहार के माहौल में चौराहों पर बच्चों की संख्या अक्सर तेजी से बढ़ जाती है जिसे रोकने के लिए टीमें चौबीस घंटे सतर्क हैं।

    देवगुराड़िया और अन्नपूर्णा क्षेत्रों में सबसे अधिक गतिविधियां

    शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास भिक्षुकों की संख्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। देवगुराड़िया अन्नपूर्णा बिजासन और पितृ पर्वत जैसे स्थानों पर बच्चों के रेस्क्यू अभियान लगातार चल रहे हैं।

    प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान दान मिलने की संभावना बढ़ जाती है जिसके कारण भिक्षावृत्ति का चलन अचानक तेज हो जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे भिक्षा न दें और पुनर्वास अभियान का समर्थन करें क्योंकि जब तक दान का प्रवाह नहीं रुकेगा तब तक भिक्षावृत्ति का चक्र टूट नहीं सकेगा।

    इंदौर के लिए यह अभियान सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मानवीय पहल भी है। बच्चों को सुरक्षित जीवन देना और भिक्षुक परिवारों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। प्रशासन और नागरिक दोनों मिलकर ही शहर को स्थायी रूप से भिक्षुक मुक्त बना सकते हैं।

  • Indore Voter List Update: इंदौर में सिंधी समाज की बड़ी परेशानी हजारों मतदाताओं के नाम हटने की आशंका शहर में बढ़ी हलचल

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर में चल रही उस अहम समस्या की जिसने सिंधी समाज के हजारों परिवारों को चिंता में डाल दिया है। शहर में बसे कई सिंधी शरणार्थियों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं क्योंकि एसआईआर प्रक्रिया में उनकी मैपिंग नहीं हो पा रही है। कई लोगों के पास 2003 का इपिक नंबर मौजूद नहीं है और निर्वाचन आयोग की तरफ से इस स्थिति पर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं। ऐसे में समाज के लोगों में असमंजस और भय का माहौल बन गया है।

    इपिक नंबर न होने से बढ़ी परेशानी

    इंदौर में तीन चार दशक पहले पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र से आकर बसे हिंदू शरणार्थी आज भी कई दस्तावेजी समस्याओं से जूझ रहे हैं। एसआईआर प्रक्रिया में 2003 की मतदाता सूची के आधार पर मैपिंग की जा रही है लेकिन हजारों सिंधी परिवारों के पास इतना पुराना इपिक नंबर उपलब्ध ही नहीं है। सबसे हैरानी की बात यह है कि बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे पीएल राजा मंधवानी भी इसी समस्या का सामना कर रहे हैं। वे बताते हैं कि उनकी तरह लगभग पंद्रह से बीस हजार सिंधी मतदाता इस दस्तावेज को उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं जिससे उनका नाम मतदाता सूची से बाहर होने की आशंका गहरा रही है।

    मंधवानी के अनुसार कई लोग ऐसे हैं जिन्हें नागरिकता तो मिल चुकी है लेकिन 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम कभी दर्ज ही नहीं था। इसी कारण वे एसआईआर की मैपिंग में फिट नहीं बैठ पा रहे। जैकबाबाद सिंधी पंचायत अपने स्तर पर शिविर लगाकर फार्म भरवा रही है ताकि लोग कम से कम अपने दस्तावेज जमा कर सकें और आगे प्रमाण दे सकें कि उन्होंने प्रक्रिया को पूरा किया है।

    निर्वाचन आयोग की चुप्पी से बढ़ा असमंजस

    सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि निर्वाचन आयोग ने सिंधी शरणार्थियों जैसे विशेष मामलों के लिए कोई अलग दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। उपजिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार का कहना है कि फिलहाल केवल यही नियम है कि 2025 की मतदाता सूची की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची के नामों से की जाएगी।
    यदि किसी का नाम मैप नहीं होता है तो ऐसे लोगों को आगे एक और अवसर दिया जाएगा जिसमें वे सूची में बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज देकर अपना नाम दर्ज करवा सकेंगे।

    हालांकि इतने बड़े समुदाय के लिए यह प्रक्रिया काफी पेचीदा साबित हो रही है और लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आगे उनका नाम बचेगा या हट जाएगा।

    सांसद शंकर लालवानी ने उठाई आवाज

    सिंधी समाज से आने वाले इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान और अन्य देशों से आए हिंदू व सिंधी शरणार्थियों के लिए अलग दिशा निर्देश जारी होने चाहिए ताकि वे बिना भय और भ्रम के अपना मताधिकार सुरक्षित रख सकें। वे इस संबंध में आगे भी बात करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

    मतदाता सूची का महत्व और समाज की मांग

    इंदौर के क्षेत्र चार में ही 70 हजार से अधिक मतदाता सिंधी समाज से हैं और यह संख्या पूरे शहर में बड़ी आबादी को प्रभावित करती है। मतदाता सूची में नाम बना रहना केवल मतदान का अधिकार ही नहीं बल्कि अस्तित्व और पहचान का भी प्रतीक है। इसलिए समाज के प्रतिनिधि और पंचायतें लगातार प्रयास कर रहे हैं कि हर परिवार की मैपिंग सही तरीके से हो और कोई भी व्यक्ति अधिकार से वंचित न रह जाए।

    कांग्रेस पदाधिकारी रवि गुरुनानी ने निर्वाचन आयोग से क्षेत्रवार सूची जारी करने की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने शरणार्थी प्रभावित हो रहे हैं और किन नामों के हटने की आशंका है।

    इंदौर में सिंधी समाज के सामने खड़ी यह चुनौती भावनात्मक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बेहद संवेदनशील है। लोग वर्षों पहले अपने देश छोड़कर भारत आए और यहां अपना जीवन बसाया लेकिन अब दस्तावेजी कमी के कारण मताधिकार से वंचित होने का खतरा उनके मन में गहरी चिंता पैदा कर रहा है। समाज को उम्मीद है कि जल्द ही स्पष्ट दिशा निर्देश मिलेंगे और सभी लोगों का नाम सुरक्षित रखा जाएगा।

  • इंदौर रणजीत अष्टमी महोत्सव की हुई भव्य शुरुआत कलेक्टर शिवम वर्मा ने किया ध्वज पूजन

    आज इंदौर में भक्ति और परंपरा का शानदार संगम देखने को मिला जब प्रसिद्ध रणजीत अष्टमी महोत्सव की शुरुआत धूमधाम से की गई। शहर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने ऐतिहासिक रणजीत हनुमान मंदिर में ध्वज पूजन कर इस चार दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया। वातावरण में भक्ति और उत्साह का ऐसा सुंदर मेल दिखा कि हर कोई इस पल को संजो लेना चाहता था। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़, पूजा की मधुर ध्वनियां और आरती की गूंज ने माहौल को दिव्य बना दिया।

    भक्तों की उमड़ी भीड़ और आस्था का अनोखा संगम

    महोत्सव के प्रारंभ होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। मंदिर प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहे। पूजन अर्चन के बाद शहर में उत्सव का रंग चढ़ गया है। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति उत्साह और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर मिश्रण लेकर आया है। इंदौर की पहचान बन चुका यह महोत्सव लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है और हर साल यहां भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

    चार दिनों तक चलेगा धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव

    रणजीत अष्टमी महोत्सव केवल धर्म तक सीमित नहीं बल्कि यह संस्कृति कला और परंपराओं का एक शानदार मंच भी है। स्थानीय कलाकारों के साथ देश भर के प्रसिद्ध कलाकार यहां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। हर दिन अलग अलग कार्यक्रमों से मंदिर परिसर और शहर का माहौल भक्ति से सराबोर रहेगा। यह उत्सव न केवल इंदौर की ऐतिहासिक धरोहर को मजबूत करता है बल्कि समाज को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का काम भी करता है।

    12 दिसम्बर को निकलेगी भव्य प्रभात फेरी

    महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 12 दिसम्बर को निकलने वाली भव्य प्रभात फेरी है। इस प्रभात फेरी में भगवान रणजीत स्वर्ण रथ पर सवार होकर शहर का भ्रमण करेंगे। यह दृश्य न केवल भक्तों को रोमांचित करता है बल्कि शहर की परंपरा और गौरव को भी प्रदर्शित करता है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज प्रभात फेरी मार्ग का निरीक्षण किया और सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का पूरा जायजा लिया। उन्होंने मंच लगाने वालों से अनुरोध किया कि वे छोटे मंच लगाएं ताकि ट्रैफिक में किसी तरह की बाधा न हो और भक्तजन बिना किसी परेशानी के प्रभात फेरी में शामिल हो सकें।

    महोत्सव से जुड़ी उम्मीदें और भावनाएं

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि रणजीत अष्टमी महोत्सव इंदौर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इस महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। शहर में इस आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर है और हर कोई इस भक्ति उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि इंदौर केवल साफ सफाई के लिए ही नहीं बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है।

    इंदौर का रणजीत अष्टमी महोत्सव शहर की आस्था और संस्कृति का सबसे उज्ज्वल प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन हर उम्र के लोगों के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव लेकर आता है। इस महोत्सव की शुरुआत जिस शांति और भव्यता से हुई है उसने भक्तों के मन में एक नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया