Category: Indore news

  • जुबिन नौटियाल इंदौर पहुंचे महाकाल का आशीर्वाद लेकर शुरू करेंगे अपना मल्टी सिटी इंडिया टूर

    इंदौर आज एक बार फिर संगीत की खूबसूरत महक से भर गया जब बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल शहर पहुंचे। देर रात एयरपोर्ट पर उनका फैंस ने गर्मजोशी से स्वागत किया और इसके तुरंत बाद वे उज्जैन के लिए रवाना हो गए। सुबह उन्होंने बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होकर अपने आगामी मल्टी सिटी इंडिया टूर के लिए आशीर्वाद लिया। उनके आने से इंदौर और उज्जैन दोनों ही शहरों में उत्साह का माहौल देखने मिला।

    इंदौर से होगी मल्टी सिटी इंडिया टूर की शुरुआत

    जुबिन नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका मल्टी सिटी इंडिया टूर 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है और इसकी शुरुआत वे इंदौर से ही करेंगे। उन्होंने कहा कि इंदौर उनके दिल के बेहद करीब है और यहां के लोगों का प्यार उन्हें हमेशा खास महसूस कराता है। फैंस का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी कमाई है। स्कूल के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उन्हें सुनते हैं और उनके लिए लिखी गई कविताएं उन्हें गहराई से छू जाती हैं।

    सात सुरों के खेल में जुबिन का अनोखा फ्यूजन

    जुबिन ने अपने संगीत के सफर को याद करते हुए कहा कि संगीत सात सुरों का खेल है। भाषा और अंदाज अलग हो सकते हैं लेकिन सुर हमेशा एक ही कहानी कहते हैं। उन्होंने शास्त्रीय और वेस्टर्न दोनों संगीत की शिक्षा ली और इसी फ्यूजन ने उन्हें हर उम्र के लोगों से जोड़ दिया। उन्होंने गर्व से बताया कि कोई उनका भजन पसंद करता है कोई पहाड़ी गीत तो कोई उनका वेस्टर्न स्टाइल। उनके लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वे हर पीढ़ी के दिल से जुड़ पाते हैं।

    गांव की सादगी की ओर जुबिन का आकर्षण

    अपनी निजी इच्छा साझा करते हुए जुबिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर उन्हें एक महीने की छुट्टी मिले तो वे मुंबई की चकाचौंध से दूर अपने गांव क्यारी जाना चाहेंगे। वहां की शांति वहां का मीठा पानी और लोगों की सादगी उन्हें हमेशा सुकून देती है। उन्होंने कहा कि गांव की मुस्कुराहट असली होती है और वहीं उन्हें अपनी आत्मा की शांति मिलती है।

    महाकाल से जुड़ा आत्मिक रिश्ता

    जुबिन नौटियाल का बाबा महाकाल से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आत्मिक शक्ति का स्रोत है। भस्मारती में शामिल होने के बाद वे सीधे भोपाल के लिए रवाना हो गए जहां उन्हें आगे के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। उनकी इस यात्रा ने फिर साबित कर दिया कि वे सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बेहद संवेदनशील इंसान हैं।

  • खजराना गणेश मंदिर रोड चौड़ीकरण से 100 साल पुरानी बसाहट पर संकट इंडौर में बड़ा विवाद शुरू

    इंदौर शहर इन दिनों एक बड़ी और भावनात्मक बहस के बीच खड़ा है। खजराना गणेश मंदिर के पास मास्टर प्लान के अंतर्गत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण ने यहां की सौ साल पुरानी बसाहट के अस्तित्व को ही चुनौती दे दी है। लोग डरे हुए हैं दुखी हैं और अपने घरों तथा दुकानों को बचाने की उम्मीद में लगातार आवाज उठा रहे हैं। इंदौर का यह प्रमुख धार्मिक क्षेत्र अब विकास और परंपरा के बीच खिंचती एक लंबी खामोशी को महसूस कर रहा है।

    खजराना में सौ साल पुरानी बसाहट पर छाया अनिश्चितता का साया

    खजराना क्षेत्र में बसाहट की शुरुआत खजराना गणेश मंदिर के कारण हुई। लोग यहां रहने लगे बाजार बसने लगे और समय के साथ यह इलाका शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हो गया। इसी दौरान ट्रैफिक बढ़ने से कई बार सड़क चौड़ी करने का प्रयास हुआ लेकिन किसी न किसी कारण यह योजना रुकती रही। इस बार मास्टर प्लान में इस सड़क को 60 फीट तक चौड़ा करने का प्रस्ताव रखा गया है जिससे पुराने घर और दुकानें टूटने की संभावना है। यही कारण है कि जनता इसका कड़ा विरोध कर रही है।

    व्यापारियों का दर्द रोजगार पर मंडराता संकट

    स्थानीय व्यापारी और रहवासी साफ कह रहे हैं कि यदि सड़क चौड़ी होगी तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। यहां लगभग 1000 से ज्यादा दुकानें हैं जहां कई पीढ़ियां पली बढ़ी हैं। लोग बताते हैं कि पहले यहां खेती होती थी फिर विकास के साथ घर बने दुकानें बनी और अब अचानक इन्हें तोड़ने का फैसला लोगों को भीतर तक हिला रहा है। वे कहते हैं कि सरकार यदि ऐसा निर्णय लेती है तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे क्योंकि उनकी रोजी रोटी दांव पर लगी है।

    जनता की पीड़ा जिम्मेदारियों पर उठते सवाल

    रहवासियों का कहना है कि जब मकान और दुकानें बन रही थीं तब निगम और अधिकारी कहां थे। लोगों ने लोन लेकर कारोबार शुरू किया लाखों रुपये लगाकर दुकानें खड़ी कीं और अब उन्हें तोड़ने की बात कही जा रही है। इस सवाल ने पूरे शहर में प्रशासन की जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है।

    परियोजना की अहमियत mayor का पक्ष

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि यह सड़क रिंग रोड से बायपास तक का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। खजराना गणेश मंदिर के कारण यहां ट्रैफिक हमेशा ज्यादा रहता है और बढ़ते यातायात को सुचारू करने के लिए सड़क चौड़ी करना जरूरी है। उनका कहना है कि विकास जनता को साथ लेकर ही होगा और किसी भी फैसले से पहले स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।

    योजना की मुख्य बातें और संभावित प्रभाव

    इस मास्टर प्लान में 1.12 किलोमीटर की सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव रखा गया है जिस पर लगभग 1034 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र है और सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक में सुधार होगा आसपास की कॉलोनियों का विकास होगा और अस्पताल तथा स्कूलों तक पहुंच आसान होगी। यही वजह है कि प्रशासन इसे शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहा है।

    लोगों की उम्मीदें और भविष्य की राह

    खजराना क्षेत्र के लोग आज भी इस उम्मीद में हैं कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और ऐसा समाधान निकलेगा जिससे विकास भी हो और पुराने घर और दुकानों का अस्तित्व भी बना रहे। इस विवाद ने इंदौर के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विकास हमेशा किसी की कुर्बानी लेकर ही आगे बढ़ता है।

  • इंदौर में मेडिकैप्स कॉलेज विवाद भड़क उठा अश्लील वीडियो वायरल और बस हादसों ने बढ़ाई चिंता प्रशासन पर उठे सवाल

    इंदौर शहर में शिक्षा और अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले मेडिकैप्स कॉलेज को लेकर एक बार फिर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर युवक और युवती का एक आपत्तिजनक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे कॉलेज परिसर के भीतर ही रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। यह मामला सामने आते ही कॉलेज के माहौल और अनुशासन को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं और छात्रों की सुरक्षा पर भी गहरा चिंतन शुरू हो गया है।

    कॉलेज परिसर में वायरल हुआ अश्लील वीडियो छात्र ने बताए चौंकाने वाले तथ्य

    इस वीडियो के सामने आने के बाद कॉलेज का माहौल चर्चा में है। एक स्टूडेंट ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि यह वीडियो M ब्लॉक के पीछे का है और यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पार्किंग में छात्र और छात्रा को ऐसी ही हरकतें करते देखा गया था और उसका वीडियो भी वायरल हुआ था।
    छात्र ने यह भी बताया कि वीडियो कॉलेज के छात्रों ने ही बनाया और फिर उसे वायरल किया। इससे बड़ा सवाल यह उठता है कि कॉलेज प्रशासन परिसर में अनुशासन बनाए रखने में असफल क्यों हो रहा है और कब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।

    कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप सुरक्षित माहौल पर गंभीर प्रश्न

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उभर रहा है कि क्या कॉलेज प्रशासन छात्रों को सुरक्षित और अनुशासित माहौल देने में सक्षम है। लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो यह दर्शाते हैं कि सुरक्षा और मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत नहीं है।
    कॉलेज जैसे बड़े संस्थान में अगर इस तरह की घटनाएं बार बार होती हैं तो यह न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बल्कि संस्थान की छवि के लिए भी हानिकारक है।

    मेडिकैप्स कॉलेज की बसों से जुड़े हादसों ने बढ़ाई चिंता तीन महीने में तीन मौतें

    मेडिकैप्स कॉलेज से जुड़े विवाद सिर्फ अश्लील वीडियो तक सीमित नहीं हैं। पिछले तीन महीनों में कॉलेज ग्रुप की बसों से हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
    नवीनतम मामला 31 अक्टूबर का है जब एमजी रोड पर कॉलेज की बस ने बाइक सवार दो लोगों को जोरदार टक्कर मार दी जिसमें एक युवक की मौत हो गई।
    इससे पहले अगस्त में बड़ा गणपति चौराहे पर मेडीकैप्स की बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी और उस भयावह हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी।

    इन लगातार होते हादसों से कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठे हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि बस संचालन में लापरवाही है और सुरक्षा नियमों का पालन सही ढंग से नहीं किया जाता।

    छात्रों और शहर में बढ़ी नाराजगी यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली पर उठे प्रश्न

    लगातार हो रही घटनाओं ने छात्रों अभिभावकों और शहरवासियों के बीच आक्रोश बढ़ा दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली कैसी है और वह इन समस्याओं को समय रहते नियंत्रित क्यों नहीं कर रही है।
    अश्लील वीडियो और बस हादसों जैसे मुद्दों ने न सिर्फ कॉलेज की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है बल्कि छात्रों की सुरक्षा पर भी खतरा खड़ा कर दिया है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि कॉलेज प्रबंधन इन मामलों पर क्या कार्रवाई करता है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

    मेडिकैप्स कॉलेज से जुड़े ये मामले एक बार फिर याद दिलाते हैं कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे इसके लिए प्रशासन को तुरंत और कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं आगे दोबारा न हों।

  • इंदौर में SIR 2025 की बड़ी सफलता बीएलओ नीरज चौधरी बने संभाग में पहला सौ फीसदी काम पूरा करने वाला अधिकारी

    इंदौर जिले में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR 2025 का काम तेजी से चल रहा है। यह वह प्रक्रिया है जो हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसी बीच सांवेर विधानसभा क्षेत्र से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है जहां सुराखेडी में पदस्थ बीएलओ नीरज चौधरी ने ऐसा काम कर दिखाया है जिसने पूरे जिले और संभाग का गौरव बढ़ा दिया है।

    नीरज चौधरी ने रचा नया कीर्तिमान SIR 2025 का शत प्रतिशत कार्य पूरा

    सांवेर क्षेत्र के भाग संख्या 35 सुराखेडी में बीएलओ के रूप में कार्यरत नीरज चौधरी ने SIR 2025 का कार्य न केवल समय सीमा से पहले पूरा किया बल्कि इसे पूरी तरह डिजिटलाइज भी कर दिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इंदौर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे संभाग में वह पहले ऐसे बीएलओ बने हैं जिन्होंने यह कार्य सौ फीसदी सटीकता के साथ पूरा किया है। उनकी मेहनत और समर्पण ने यह साबित कर दिया है कि जब नीयत साफ हो और कार्य के प्रति लगन हो तो बड़े लक्ष्य भी सरल हो जाते हैं।

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने की प्रशंसा कहा ऐसे प्रयास मजबूत करते हैं लोकतंत्र

    इंदौर कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने बीएलओ नीरज चौधरी के समर्पण की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की तत्परता और जिम्मेदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और सशक्त बनाती है। कलेक्टर वर्मा ने अन्य बीएलओ को भी निर्देश दिए हैं कि वे दिए गए समय के भीतर पुनरीक्षण कार्य पूरा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट काम करने वाले बीएलओ को सम्मानित किया जाएगा जबकि लापरवाही दिखाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश स्पष्ट करता है कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण कार्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

    सांवेर एसडीएम घनश्याम धनगर ने किया सम्मान कहा यह राष्ट्रहित का पवित्र कार्य

    सांवेर के एसडीएम घनश्याम धनगर ने भी नीरज चौधरी को विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्रहित का पवित्र कार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि नीरज चौधरी द्वारा किया गया डिजिटलाइजेशन कार्य आने वाले चुनावी प्रबंधन को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।

    इंदौर के लिए प्रेरणा और पूरे क्षेत्र के लिए नई दिशा

    नीरज चौधरी की यह उपलब्धि इंदौर जिले के अन्य बीएलओ के लिए भी एक प्रेरणा है। उनके कार्य ने यह दिखा दिया है कि ईमानदारी और मेहनत के साथ किया गया प्रयास हमेशा परिणाम देता है। SIR 2025 जैसी बड़ी प्रक्रिया में सौ फीसदी सफलता हासिल करना न केवल प्रशंसा के योग्य है बल्कि प्रशासनिक दक्षता का भी शानदार उदाहरण है।

    SIR 2025 के तहत बीएलओ नीरज चौधरी द्वारा किया गया काम इंदौर जिले ही नहीं बल्कि पूरे संभाग के लिए मिसाल है। इस तरह की जिम्मेदारी और कार्य के प्रति समर्पण देश की लोकतांत्रिक संरचना को और मजबूत बनाता है। उम्मीद है कि ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और हमारा चुनावी तंत्र निरंतर बेहतर होता जाएगा

  • भारतीय क्रिकेट स्टार स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल की ग्रैंड शादी बॉलीवुड और इंदौर को जोड़ेगी एक साथ

    आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी शादी की जो क्रिकेट और फिल्म इंडस्ट्री दोनों दुनिया को एक साथ जोड़ देगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना और इंदौर के फिल्म निर्देशक तथा संगीतकार पलाश मुछाल जल्द ही जीवन के नए सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं। दोनों की शादी की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और इंदौर शहर में इस खबर को लेकर लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

    सांगली में होंगे सात फेरे और इंदौर में दिखी खुशी की झलक

    स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल 23 नवंबर को महाराष्ट्र के सांगली गांव में सात फेरे लेंगे। इस हाईप्रोफाइल शादी का निमंत्रण इंदौर में मुछाल परिवार के रिश्तेदारों और खास मेहमानों को दिया जा चुका है। शादी के बाद होने वाली विशेष पार्टी भी सांगली में ही रखी गई है।

    इंदौर के लोगों में इस बात की खास खुशी है कि शहर के प्रतिभाशाली युवा पलाश मुछाल भारतीय क्रिकेट की सुपरस्टार स्मृति मंधाना के जीवन साथी बनने जा रहे हैं। दोनों के रिश्ते की चर्चा उस समय से थी जब स्मृति तीन साल पहले पलक मुछाल की शादी में शामिल हुई थीं।

    मुंबई में होगी शानदार पार्टी

    शादी के बाद मुछाल परिवार की ओर से इंदौर में रिसेप्शन देने की योजना अभी तय नहीं है। बताया जा रहा है कि पलाश और स्मृति शादी के बाद मुंबई में एक खास पार्टी दे सकते हैं जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के सितारे और क्रिकेट जगत से कई बड़े नाम शामिल होंगे।

    स्मृति और पलाश को लेकर पूरे देश में उत्सुकता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में बेहद सफल और लोकप्रिय हैं।

    पलाश मुछाल की जिंदगी और इंदौर से जुड़ाव

    पलाश मुछाल मशहूर सिंगर पलक मुछाल के भाई हैं और वह खुद सफल फिल्म निर्देशक और संगीतकार हैं। वे कुछ फिल्मों में संगीत दे चुके हैं और कई सामाजिक कार्यक्रमों में भाग भी लेते रहे हैं।

    जब पलक दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए शो करती थीं तो पलाश भी वहां उपस्थित रहते थे और उनकी हर पहल में सहयोग करते थे। पलाश की स्कूली शिक्षा इंदौर में हुई है और वे सपना संगीता क्षेत्र में रहते थे।

    पलाश इन दिनों राजू बैंड वाला नामक फिल्म बना रहे हैं जिसमें पंचायत के कलाकार चंदन राय मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

    इंदौर से पलाश और स्मृति का खास रिश्ता

    कुछ समय पहले जब स्मृति मंधाना इंदौर में महिला विश्व कप खेलने आई थीं तब पलाश भी इंदौर में मौजूद थे। उस समय पलाश ने कहा था कि इंदौर उनके दिल में बसता है और जल्द ही स्मृति इंदौर की बहू बनेगी। आज वही बात सच साबित हो रही है और दोनों का रिश्ता शादी के रूप में एक नई शुरुआत करने जा रहा है।

    दोनों परिवारों में उत्साह और शुभकामनाओं की लहर

    मुछाल परिवार और मंधाना परिवार दोनों ही इस खास दिन को लेकर बेहद खुश हैं। इंदौर में भी लोगों के बीच इस शादी की चर्चा गर्म है क्योंकि शहर का एक प्रतिभाशाली कलाकार देश की सबसे चमकती क्रिकेट स्टार के साथ जीवन की नई पारी शुरू करने जा रहा है।

  • इंदौर में एमआर 12 मेगा रोड प्रोजेक्ट से आने वाला है बड़ा बदलाव शहर को मिलेगी ट्रैफिक से आज़ादी और तेज विकास की नई राह

    इंदौर शहर में आने वाले सालों में एक नई सड़क एमआर-12 शहर की ट्रैफिक समस्याओं को काफी हद तक कम करने वाली है। यह सड़क खासकर उन रिहायशी इलाकों के लिए वरदान साबित होगी, जहां अब तक भारी वाहनों की आवाजाही और ट्रैफिक का दबाव बहुत था।

    शहर के रिहायशी क्षेत्रों से भारी वाहनों की आवाजाही होगी कम

    एमआर-12 सड़क के बनने के बाद सुपर कॉरिडोर और आसपास के नए स्कूल, कॉलेज और मॉल सुरक्षित रहेंगे। अब वहां भारी वाहन नहीं आएंगे। जिससे न केवल हादसों में कमी आएगी बल्कि शहरवासियों का जीवन भी आसान होगा। रहवासी आनंद नजान का कहना है कि यह सड़क आने वाले समय में सुरक्षा और सुविधा दोनों में बदलाव लाएगी।

    एमआर-12 का महत्व और मार्ग

    मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के बायपास के ट्रैफिक को सीधे उज्जैन रोड तक पहुंचाने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण एमआर-12 सड़क का निर्माण कर रहा है। 9 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण 1000 करोड़ रुपये से अधिक लागत में किया जा रहा है। 60 मीटर चौड़ी यह सड़क सिंहस्थ 2028 के दौरान बेहद लाभकारी साबित होगी। दिल्ली, ग्वालियर और भोपाल से आने वाले ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा एमआर-12 से होकर उज्जैन रोड पहुंचेगा।

    एमआर-12 सड़क पुराने एबी रोड और देवास रोड के अरंडिया गांव से शुरू होकर कैलोद हाला, मांगलिया, भानगढ़ होते हुए भंवरासला के अरविंदो अस्पताल क्षेत्र से लवकुश चौराहे पर उज्जैन रोड से जुड़ेगी।

    निर्माण में चुनौती और सरकारी प्रयास

    इस सड़क के निर्माण में डेढ़ हजार से अधिक निर्माण बाधक हैं। इन बाधकों को हटाना आसान नहीं होगा। इन्हें हटाने के बाद ही सड़क पुराने एबी रोड और नए एबी रोड बायपास से पूरी तरह जुड़ पाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आठ माह पहले सड़क का निरीक्षण किया और सड़क की चौड़ाई का जायजा लिया।

    ट्रैफिक पर प्रभाव

    इंदौर विकास प्राधिकरण और सांसद शंकर लालवानी के अनुसार यह सड़क सिंहस्थ मेले के दौरान ट्रैफिक को सुचारू बनाएगी और शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगी। शहर के प्रमुख मार्गों एमआर-11 और एमआर-10 पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा।

    निर्माण और पुलिया का काम

    इंदौर विकास प्राधिकरण ने तीन किलोमीटर हिस्से के लिए 58 करोड़ रुपये का टेंडर मंजूर किया है। कान्ह नदी पर 15 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन ब्रिज बनेगा। इसके अलावा दो बड़ी पुलिया और कैलोद हाला रेलवे क्रॉसिंग पर 80 करोड़ रुपये की लागत से एक ब्रिज का निर्माण भी होगा।

    शहर और ग्रामीण क्षेत्र को लाभ

    एमआर-12 सड़क से शहर के 30 से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सीधे शहर से जुड़ जाएगी। उपज मंडियों तक पहुंच आसान होगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में नई कॉलोनियों और बसाहट के मौके बढ़ेंगे। इंदौर विकास प्राधिकरण ने 7 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूरा करने के लिए दो साल का लक्ष्य रखा है।

    Indore News: अपोलो फार्मेसी इंदौर में भारी घोटाला बिना लाइसेंस खाद्य उत्पाद बेचते पकड़ा गया जिला प्रशासन की कड़ी कार्रवाई शुरू

    एमआर-12 सड़क इंदौर के विकास और सुरक्षा दोनों के लिए एक बड़ी उम्मीद साबित होगी

  • Indore News: अपोलो फार्मेसी इंदौर में भारी घोटाला बिना लाइसेंस खाद्य उत्पाद बेचते पकड़ा गया जिला प्रशासन की कड़ी कार्रवाई शुरू

    Indore News: इंदौर शहर में मिलावट और खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में आज एक बड़ी कार्रवाई अपोलो फार्मेसी यूनिट पर देखने को मिली जहां बिना खाद्य लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की बिक्री हो रही थी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हाल ही में दिए गए निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ हर उस स्थान पर कार्रवाई कर रहा है जहां स्वास्थ्य सुरक्षा से खिलवाड़ पाया जा रहा है।

    फूड एंड ड्रग लैब उद्घाटन के बाद प्रशासन का सख्त रुख

    कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर में आधुनिक फूड एंड ड्रग लैब का उद्घाटन किया था। उसी दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा था कि मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। उनके निर्देशों का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने आज कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में अपोलो फार्मेसी यूनिट का औचक निरीक्षण किया।

    बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की बिक्री उजागर

    खाद्य औषधि प्रशासन की टीम जब प्लॉट नंबर 617 ग्रेटर बृजेश्वरी ग्राम पिपलियाहाना स्थित अपोलो फार्मेसी पहुंची तो वहां दवाइयों के साथ कई प्रकार के खाद्य उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध थे। प्रतिष्ठान प्रभारी उजेर खान मौके पर मौजूद थे और जांच के दौरान टीम ने पाया कि रेडी टू सर्व फ्रूट बेवरेज प्रोटीन पाउडर इन्फेंट फूड मल्टीविटामिन फूड प्रोडक्ट सहित कई ऐसे खाद्य उत्पाद मानव उपभोग के लिए रखे गए थे जिनके लिए वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन अनिवार्य होता है।

    दो नमूने लिए गए और बिक्री तुरंत बंद कराई गई

    जांच टीम ने मौके से रेडी टू सर्व फ्रूट बेवरेज के दो नमूने लेकर उन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेज दिया है। लाइसेंस न होने के कारण परिसर में सभी खाद्य पदार्थों की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करा दी गई। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत की गई है और नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ मामला माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

    कलेक्टर ने दी कड़ी चेतावनी

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी नमूनों की विस्तृत जांच की जाएगी और रिपोर्ट के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में ऐसी और भी सख्त कार्रवाइयां होंगी।

    यह कदम साबित करता है कि इंदौर प्रशासन खाद्य सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और गंभीर है। बिना लाइसेंस खाद्य वस्तुओं की बिक्री आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है और प्रशासन का यह सख्त रुख शहर में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

  • Indore में नारकोटिक्स की बड़ी कार्रवाई अफ्रीकी महिला कोकीन के साथ गिरफ्तार कई जिलों में ड्रग्स पकड़ाए

    Indore: मध्यप्रदेश से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है जिसने सभी को चौंका दिया है। इंदौर नारकोटिक्स सेल ने एक अफ्रीकी देश की महिला को कोकीन के साथ गिरफ्तार किया है और इसी बीच प्रदेश के अन्य जिलों में भी भारी मात्रा में नशे का जखीरा पकड़ा गया है। लगातार बढ़ती मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है और अब यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।

    इंदौर में अफ्रीकी महिला लिंडा गिरफ्तार मुंबई से लाई थी कोकीन

    नारकोटिक्स सेल इंदौर को सूचना मिली थी कि एक अफ्रीकी मूल की महिला रेसीडेंसी एरिया में कोकीन की सप्लाई करने वाली है। जानकारी के आधार पर टीम ने घेराबंदी की और 25 वर्षीय लिंडा पिता अनाबा को रंगे हाथ पकड़ा। यह महिला अफ्रीकी देश कोट द आइवोर की रहने वाली है और मुंबई के नालासोपारा इलाके में स्टूडेंट वीजा पर रह रही थी। जब टीम ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 31.85 ग्राम कोकीन बरामद हुई जिसकी कीमत पंद्रह लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। डीएसपी संतोष हाड़ा ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह गुप्त सूचना के आधार पर की गई और महिला से पूछताछ जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

    नीमच शिवपुरी भोपाल खरगोन और हरदा में भी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त

    इंदौर की कार्रवाई के साथ साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में पुलिस ने तस्करों से पांच सौ बाईस किलो डोडाचूरा जब्त किया जिसकी कीमत लगभग अठहत्तर लाख रुपये आंकी गई है। शिवपुरी पुलिस ने दो सौ अस्सी ग्राम स्मैक पकड़ी जिसकी अनुमानित कीमत छप्पन लाख रुपये है। भोपाल पुलिस ने नौ ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद किए और खरगोन पुलिस ने पांच दशमलव सैंतालीस ग्राम ब्राउन शुगर पकड़ी है। हरदा जिले में पुलिस ने रात की कार्रवाई में छोटी हरदा गांव से तस्कर महेश उर्फ पप्पू खिलेरी के यहां से तीन सौ इकतालीस ग्राम एमडी पाउडर जब्त किया जिसकी कीमत करीब अड़सठ लाख रुपये बताई जा रही है। तस्कर फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    नशे के खिलाफ प्रदेशभर में सख्त अभियान अब पकड़ में आ रहे बड़े नेटवर्क

    इन सभी कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस और नारकोटिक्स विंग पूरे प्रदेश में नशे के खिलाफ कड़ा अभियान चला रहे हैं। मादक पदार्थों का यह नेटवर्क लगातार बढ़ रहा था लेकिन हालिया कार्रवाइयों ने कई बड़े तार काट दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी ताकि युवा पीढ़ी को नशे के खतरे से बचाया जा सके। लोगों के बीच भी इस खबर के बाद चिंता बढ़ गई है और हर कोई चाहता है कि तस्करों पर जल्द से जल्द पूरी तरह लगाम लगाई जाए।

  • दिल्ली बम धमाके में बड़ा खुलासा महू के जवाद सिद्दीकी की गिरफ्तारी और चार मंजिला मकान पर कार्रवाई शुरू

    आज हम आपके लिए एक ऐसी खबर लेकर आए हैं जिसने पूरे मध्यप्रदेश के महू और देश की राजधानी दिल्ली दोनों जगह पर हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली में हुए बम धमाके के मामले में जो नई जानकारी सामने आई है उसने कई चौंकाने वाले पहलुओं को उजागर किया है। हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर कैसे एक नामी यूनिवर्सिटी का मालिक ऐसी घटनाओं से जुड़ सकता है और अब उसके परिवार के महू स्थित मकान पर भी बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है।

    अलफलाह यूनिवर्सिटी का मालिक जवाद सिद्दीकी गिरफ्तार बड़ी साजिश का पर्दाफाश

    दिल्ली में हुए बम धमाके की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ी वैसे वैसे चौंकाने वाली बातें सामने आती गईं। पुलिस जांच में पता चला कि अलफलाह यूनिवर्सिटी के मालिक जवाद सिद्दीकी के यहां दो ऐसे लोग काम करते थे जो दिल्ली बम विस्फोट में शामिल पाए गए। इसी जानकारी के बाद पुलिस टीम ने जवाद को तुरंत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जवाद को दिल्ली से दबोचा गया जबकि उसका भाई हमूद हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। दोनों भाइयों की गतिविधियों ने पुलिस को लंबे समय से संदेह में डाले रखा था और जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए।

    हमूद पर गंभीर आरोप कई केस दर्ज चिटफंड फ्रॉड में भी था तलाशा जा रहा

    जवाद का भाई हमूद भी महू पुलिस की गिरफ्त में है और उस पर कई गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ दंगा भड़काने हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी समेत पांच मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि चिटफंड कंपनी के नाम पर वह कई परिवारों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर ठग चुका था और पिछले पच्चीस साल से महू पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। दिल्ली बम कांड के मामले में महू कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने हमूद को हैदराबाद से गिरफ्तार कर महू उपजेल में बंद कर दिया।

    महू में चार मंजिला पैतृक मकान अवैध निर्माण मिलने पर टूटने की तैयारी तेज

    जवाद और हमूद का महू के मुकेरीपुरा क्षेत्र में चार मंजिला पैतृक मकान है। यह मकान काफी समय से खाली पड़ा था और इसके कुछ हिस्से किराए पर दिए गए थे। जब परिषद ने मकान के नक्शे और रिकॉर्ड की जांच की तब पता चला कि जवाद ने अनुमति के विपरीत कई अवैध हिस्से बनवा दिए थे। इसी कारण महू छावनी परिषद ने नोटिस जारी किया और सिद्दीकी परिवार को तीन दिन का समय दिया कि वे खुद अवैध निर्माण को हटाएं। तय समय सीमा खत्म होने के बाद परिषद खुद अवैध हिस्सों को तोड़ेगी और पूरी रिमूवल राशि भी जवाद और हमूद से वसूल करेगी। परिषद के अधिकारियों ने साफ किया है कि अवैध निर्माण मिलने पर इसे शनिवार को तोड़ा जा सकता है।

    महू और दिल्ली दोनों में बढ़ी हलचल मामला बना चर्चा का विषय

    जैसे ही यह मामला सामने आया वैसे ही स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई। कई लोग यह जानकर हैरान हैं कि उनका ही क्षेत्र का एक नामी परिवार इतनी बड़ी वारदात में कैसे शामिल हो सकता है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है और यह देखने की कोशिश कर रहा है कि कहीं इससे और भी लोग जुड़े तो नहीं हैं। इस घटना से सुरक्षा एजेंसियां भी ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

  • इंदौर में ट्रेनों का समय बदला 22 नवंबर से यात्रियों पर बड़ा असर पांचवेले हमसफर और जबलपुर एक्सप्रेस का नया टाइम

    इंदौर से रोजाना बड़ी संख्या में लोग देवास उज्जैन नागपुर पुरी और जबलपुर की ओर सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन का समय बदलना आम यात्रियों के लिए काफी मायने रखता है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने ट्रेनों की समय सारणी में कुछ जरूरी सुधार किए हैं ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके और रेल संचालन और भी सुचारु रहे। आज हम आपको आसान और सरल भाषा में बताने जा रहे हैं कि कौन सी ट्रेन किस समय बदली है और बरेली इंदौर एक्सप्रेस क्यों अपने नियमित रास्ते से नहीं चलेगी।

    इंदौर से चलने वाली तीन ट्रेनों के समय में बदलाव

    रतलाम मंडल ने इंदौर देवास उज्जैन रेलखंड पर ट्रेनों की बेहतर आवाजाही के लिए तीन प्रमुख ट्रेनों के समय में आंशिक परिवर्तन किया है। इन नए समयों को 22 नवंबर 2025 से लागू किया जा रहा है और साप्ताहिक ट्रेन के लिए 25 नवंबर से बदलाव प्रभाव में आएंगे। सबसे पहले बात करते हैं पंचवेली एक्सप्रेस की। यह ट्रेन अब इंदौर से दोपहर 13:15 बजे प्रस्थान करेगी। जो यात्री दोपहर में नागपुर की ओर सफर करते हैं उनके लिए यह बदलाव खास ध्यान देने योग्य है।

    अब बात करते हैं पुरी हमसफर एक्सप्रेस की जो सप्ताह में एक दिन चलती है। यह ट्रेन 25 नवंबर से इंदौर से दोपहर 15:05 बजे रवाना होगी और देवास में इसका आगमन 15:31 बजे तथा प्रस्थान 15:33 बजे दर्ज किया गया है। वहीं जबलपुर एक्सप्रेस भी 22 नवंबर से नए समय पर चलेगी। यह ट्रेन अब शाम 19:35 बजे इंदौर से निकलकर देवास में 20:01 बजे पहुंचेगी और 20:03 बजे आगे बढ़ेगी। इन सारे बदलावों का उद्देश्य ट्रैकों पर भीड़ कम करना और यात्री समय में सुधार करना है।

    झांसी में निर्माण कार्य का असर बरेली इंदौर एक्सप्रेस बदले मार्ग से चलेगी

    उत्तर मध्य रेलवे के झांसी स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर नया बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया जा रहा है जिसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लगाया गया है। इस ब्लॉक का सीधा असर बरेली इंदौर एक्सप्रेस पर पड़ा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन निर्धारित अवधि के दौरान झांसी स्टेशन से नहीं गुजरेगी। इसका अर्थ है कि दोनों शहरों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को थोड़ा असुविधाजनक समय झेलना पड़ेगा।

    ट्रेन का मार्ग भी बदल दिया गया है। बरेली इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर 2025 से लेकर 7 जनवरी 2026 तक अपने नियमित रूट ग्वालियर झांसी बीना के बजाय ग्वालियर गुना बीना रास्ते से चलाई जाएगी। हालांकि यह बदलाव अस्थायी है और निर्माण कार्य पूरा होते ही ट्रेन अपने पुराने मार्ग पर वापस लौट आएगी। फिर भी इन दिनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह जानकारी काफी जरूरी है ताकि वे अपनी यात्रा के समय और स्टेशन के हिसाब से पहले से तैयारी कर सकें।

    यात्रियों को थोड़ी असुविधा लेकिन जरूरी सुधार भी साथ

    हालांकि समय में बदलाव या मार्ग परिवर्तन हमेशा यात्रा में कुछ असहजता पैदा करते हैं लेकिन रेलवे के अनुसार ये सुधार आगे की सुविधा के लिए बेहद आवश्यक हैं। प्लेटफॉर्म तैयार होने के बाद झांसी की ओर आने जाने वाली ट्रेनों की स्पीड और संचालन पहले से बेहतर हो जाएगा जिससे यात्रियों को भविष्य में समय की बचत होगी। वहीं इंदौर से चलने वाली ट्रेनों के बदले हुए समय से भी स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और ट्रेनों का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।