जुबिन नौटियाल इंदौर पहुंचे महाकाल का आशीर्वाद लेकर शुरू करेंगे अपना मल्टी सिटी इंडिया टूर

इंदौर आज एक बार फिर संगीत की खूबसूरत महक से भर गया जब बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल शहर पहुंचे। देर रात एयरपोर्ट पर उनका फैंस ने गर्मजोशी से स्वागत किया और इसके तुरंत बाद वे उज्जैन के लिए रवाना हो गए। सुबह उन्होंने बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होकर अपने आगामी मल्टी सिटी इंडिया टूर के लिए आशीर्वाद लिया। उनके आने से इंदौर और उज्जैन दोनों ही शहरों में उत्साह का माहौल देखने मिला।

इंदौर से होगी मल्टी सिटी इंडिया टूर की शुरुआत

जुबिन नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका मल्टी सिटी इंडिया टूर 14 दिसंबर से शुरू हो रहा है और इसकी शुरुआत वे इंदौर से ही करेंगे। उन्होंने कहा कि इंदौर उनके दिल के बेहद करीब है और यहां के लोगों का प्यार उन्हें हमेशा खास महसूस कराता है। फैंस का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी कमाई है। स्कूल के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उन्हें सुनते हैं और उनके लिए लिखी गई कविताएं उन्हें गहराई से छू जाती हैं।

सात सुरों के खेल में जुबिन का अनोखा फ्यूजन

जुबिन ने अपने संगीत के सफर को याद करते हुए कहा कि संगीत सात सुरों का खेल है। भाषा और अंदाज अलग हो सकते हैं लेकिन सुर हमेशा एक ही कहानी कहते हैं। उन्होंने शास्त्रीय और वेस्टर्न दोनों संगीत की शिक्षा ली और इसी फ्यूजन ने उन्हें हर उम्र के लोगों से जोड़ दिया। उन्होंने गर्व से बताया कि कोई उनका भजन पसंद करता है कोई पहाड़ी गीत तो कोई उनका वेस्टर्न स्टाइल। उनके लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वे हर पीढ़ी के दिल से जुड़ पाते हैं।

गांव की सादगी की ओर जुबिन का आकर्षण

अपनी निजी इच्छा साझा करते हुए जुबिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर उन्हें एक महीने की छुट्टी मिले तो वे मुंबई की चकाचौंध से दूर अपने गांव क्यारी जाना चाहेंगे। वहां की शांति वहां का मीठा पानी और लोगों की सादगी उन्हें हमेशा सुकून देती है। उन्होंने कहा कि गांव की मुस्कुराहट असली होती है और वहीं उन्हें अपनी आत्मा की शांति मिलती है।

महाकाल से जुड़ा आत्मिक रिश्ता

जुबिन नौटियाल का बाबा महाकाल से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आत्मिक शक्ति का स्रोत है। भस्मारती में शामिल होने के बाद वे सीधे भोपाल के लिए रवाना हो गए जहां उन्हें आगे के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। उनकी इस यात्रा ने फिर साबित कर दिया कि वे सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बेहद संवेदनशील इंसान हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *