Category: Indore news

  • अल फला‍ह यूनिवर्सिटी मालिक के भाई की गिरफ्तारी दो दशक पुराना ठगी कांड फिर चर्चा में

    महू में लगभग पच्चीस साल से चल रहे एक बड़े ठगी कांड में आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अल फला‍ह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह व्यक्ति दो दशकों से फरार था और पुलिस को लगातार इसकी तलाश थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद लोगों में पुराने मामले को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

    दिल्ली धमाकों के बाद बढ़ी निगरानी और फिर सामने आया पुराना कांड

    पिछले दिनों दिल्ली धमाकों के बाद जब अल फला‍ह यूनिवर्सिटी चर्चा में आई तो सुरक्षा एजेंसियों ने चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के बैकग्राउंड की गहराई से जांच शुरू की। इसी दौरान पता चला कि जवाद का परिवार महू से जुड़ा है और उसका भाई हमूद यहां के साल 2000 के एक बड़े ठगी कांड में आरोपी है। यह जानकारी मिलते ही महू पुलिस ने उसकी पुरानी फाइलें खंगालनी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि साल 2000 की ठगी के बाद पूरा परिवार अचानक महू से गायब हो गया था और इसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    कैसे की गई थी ठगी सेना के जवान और सरकारी कर्मचारी बने थे निशाना

    पुलिस जांच के अनुसार हमूद सिद्दीकी ने साल 2000 में अल फहद नाम से एक निजी बैंक बनाया था। इस बैंक में लोगों को दोगुनी रकम लौटाने का लालच दिया गया था। उसके निशाने पर खासतौर से सेना के सेवानिवृत्त जवान एमईएस कर्मचारी और अन्य सरकारी कर्मचारी थे। सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई जमा करवाकर वह परिवार सहित भाग गया था। लोगों ने भरोसा इसलिए भी किया था क्योंकि इनके पिता शहर काजी थे और परिवार की प्रतिष्ठा काफी अच्छी मानी जाती थी।

    हैदराबाद में शेयर ट्रेडिंग कर रहा था आरोपी पुलिस को मिली बड़ी सफलता

    पुलिस के अनुसार हमूद लंबे समय से हैदराबाद में रह रहा था और शेयर ट्रेडिंग का काम कर रहा था। पुलिस यह भी पता कर रही है कि फरारी के दौरान उसकी गतिविधियां क्या थीं और वह किन लोगों के संपर्क में था। रविवार शाम पुलिस टीम ने हैदराबाद से उसे हिरासत में लिया और महू लेकर आई। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब जांच फिर से तेज हो गई है।

    भव्य जीवनशैली छोड़कर रातों रात हुआ था फरार शहर में थी बड़ी पहचान

    स्थानीय लोगों के मुताबिक जवाद सिद्दीकी तीन भाइयों में से एक है और इनके पिता शहर काजी के पद पर रहे थे। उनके परिवार की प्रतिष्ठा के कारण लोगों ने बिना शक के उनके बैंक में निवेश किया। लेकिन जब रकम वापस नहीं मिली तो दोनों भाई जवाद और हमूद रातों रात शहर छोड़कर फरार हो गए। जवाद सिद्दीकी अल फला‍ह बैंक मामले में छह साल जेल में भी रह चुका है जबकि हमूद सिद्दीकी दो दशक तक फरार रहने के बाद अब पकड़ा गया है

  • Indore News: इंदौर पुणे बस में युवती से छेड़छाड़ चालक और परिचालक फरार हिम्मत दिखाकर युवती ने दर्ज कराई रिपोर्ट

    Indore News: इंदौर से पुणे जा रही एक प्राइवेट बस में एक युवती के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। शूटिंग प्रतियोगिता से लौट रही इस युवती ने पूरे साहस के साथ आवाज उठाई और अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाई। बस में मौजूद यात्रियों ने भी हालात बेहद मुश्किल बताई क्योंकि चालक और परिचालक घटना के बाद बस से कूदकर फरार हो गए और सभी यात्रियों को सड़क पर घंटों परेशान होना पड़ा।

    शूटिंग प्रतियोगिता से लौट रही युवती ने दिखाई हिम्मत

    पुणे निवासी 30 वर्षीय युवती भोपाल से वर्मा ट्रेवल्स की बस से पुणे जा रही थी। सफर के दौरान परिचालक ने सीट को लेकर पूछताछ के बहाने युवती को गलत तरीके से हाथ लगाया। युवती ने विरोध किया तो वह वहां से चला गया लेकिन कुछ देर बाद दोबारा आने लगा और बार बार अनुचित व्यवहार करता रहा। युवती ने तय किया कि वह इस घटना को अनदेखा नहीं करेगी।

    राजेंद्र नगर थाना नजर आते ही युवती ने कार्रवाई की मांग की

    जैसे ही बस इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के पास पहुंची युवती ने चालक से तुरंत बस रोकने को कहा ताकि वह पुलिस में शिकायत दे सके। इसी दौरान पुलिस की रात्रि चेकिंग चल रही थी। पुलिस को देखकर चालक और परिचालक डर गए और मौके से बस छोड़कर भाग निकले। अचानक से बस रुक जाने और चालक कर्मियों के फरार होने से यात्रियों में अफरा तफरी मच गई।

    चालक और परिचालक के फरार होने से यात्री घंटों परेशान

    बस सड़क किनारे खड़ी रही और यात्रियों को ठंडी रात में बाहर खड़े रहना पड़ा। कई यात्रियों के अनुसार दोनों कर्मचारी नशे में थे और उनका व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था। राजेंद्र नगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अन्य बस संचालकों से संपर्क कर एक नया चालक बुलवाया। नए चालक के आने के बाद बस को आगे रवाना किया जा सका।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

    राजेंद्र नगर थाना प्रभारी नीरज बिरथरे ने बताया कि युवती ने लिखित शिकायत दर्ज कर दी है और पुलिस ने छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार चालक और परिचालक की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना गंभीर है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • Indore News: इंदौर में कड़ाके की ठंड शुरू शीतलहर का अलर्ट जारी मध्य प्रदेश में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर गिरा

    Indore News: मध्य प्रदेश में इस समय सर्दी ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली है। बर्फीली हवाओं ने प्रदेश के कई शहरों को जमा दिया है और लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। इंदौर से लेकर भोपाल तक तापमान रिकॉर्ड स्तर पर नीचे गिर चुका है और मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया है। सुबह का कोहरा और रात की कड़ाके की ठंड लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

    इंदौर में तापमान पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर नीचे

    इंदौर शहर में सर्दी का सबसे तीखा असर देखने को मिल रहा है। सोमवार और मंगलवार की रात ठंड इतनी बढ़ गई कि पूरा शहर सफेद कोहरे की चादर में ढका नजर आया। मंगलवार को दिन का तापमान 3.3 डिग्री तक गिरकर 26.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं रात का तापमान सामान्य से 6.6 डिग्री नीचे आकर 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 10 बजे के बाद हल्की धूप निकली जिससे शहरवासियों को थोड़ी राहत मिली।

    स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

    बढ़ती ठंड को देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं कि 19 नवंबर से स्कूल सुबह 9 बजे या उसके बाद ही खुलेंगे। इस बदलाव का उद्देश्य सुबह की तीखी सर्दी से बच्चों को बचाना है ताकि वे बिना किसी परेशानी के स्कूल पहुंच सकें।

    इन जिलों में शीतलहर का बड़ा अलर्ट जारी

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का खतरा बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में तीव्र शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा धार बड़वानी खरगोन खंडवा हरदा बैतूल देवास सीहोर शाजापुर विदिशा रायसेन सागर शिवपुरी निवाड़ी टीकमगढ़ छतरपुर सतना पन्ना दमोह जबलपुर कटनी मैहर और शहडोल जिलों में भी शीतलहर की संभावना जताई गई है।

    आगे का मौसम कैसा रहेगा जानिए वैज्ञानिक का अनुमान

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ दिव्या ई सुरेंद्रन के अनुसार प्रदेश में फिलहाल आसमान साफ है और उत्तरी हवाएं तेजी से चल रही हैं जिससे ठंड और बढ़ रही है। 22 नवंबर के बाद दक्षिण पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। तब तक पूरे प्रदेश में अगले दो दिनों तक शीतलहर का असर जारी रहने का अनुमान है। मौसम में सुधार तभी दिखाई देगा जब हवाओं की दिशा बदलेगी।

  • Indore में लायंस क्लब सनशाइन का नशा मुक्ति सेमिनार युवाओं को मिला स्वस्थ जीवन का संदेश

    आज हम आपको इंडौर की एक ऐसी ख़बर बताने जा रहे हैं जिसने युवाओं के दिलों को छू लिया है और उन्हें एक बेहतर जीवन की ओर प्रेरित किया है। लायंस क्लब सनशाइन ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय यानी DAVV के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में नशा मुक्ति पर एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था युवाओं को नशे के खतरनाक दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना।

    सेमिनार में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और योग गुरु मौजूद रहे जिन्होंने युवाओं के साथ खुलकर अपने विचार साझा किए। मध्य प्रदेश पुलिस के उप निरीक्षक शिवम् ठक्कर ने नशा मुक्त जीवन को अपनाने का महत्व समझाया और युवाओं को सकारात्मक आदतें अपनाने का आग्रह किया। वहीं नारकोटिक्स विभाग की उप अधीक्षक प्रीति तिवारी ने नशे के शारीरिक मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर गहराई से चर्चा की और इससे बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।

    कार्यक्रम की एक खास कड़ी रहे लायन मुरली अरोरा जिन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के बीच गहरे रिश्ते पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को बताया कि तनाव और कुंठा से बचने के लिए योग व्यायाम और सामाजिक सेवा जैसे सरल उपाय बेहद कारगर हैं। योगा क्लब की संस्थापक सुदिति राजपूत ने भी युवाओं को आंतरिक शांति और संतुलन पाने के लिए योग की शक्ति के बारे में प्रेरित किया।

    सेमिनार का सबसे आकर्षक पल रहा छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक। इस नाटक ने बेहद संवेदनशील अंदाज़ में नशे की लत के खतरनाक परिणामों को दिखाया और दर्शकों को गहराई से सोचने पर मजबूर किया। छात्रों का संदेश साफ था कि नशा सिर्फ जीवन को बर्बाद करता है और इससे दूर रहकर ही असली सफलता और खुशी हासिल की जा सकती है।

    इस मौके पर रोटेरियन घनश्याम सिंह कार्यक्रम संयोजक रूपाली जोन चेयरपर्सन आशमा मल्होत्रा और क्लब अध्यक्ष संगीता पाठक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। घनश्याम सिंह ने सभी वक्ताओं का सम्मान किया और छात्रों को नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा बने रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन मुस्कान ने किया और सभी ने मिलकर इसे बेहद यादगार बना दिया।

    यह सेमिनार न केवल युवाओं को जागरूक करने का एक प्रयास था बल्कि यह एक ऐसा कदम भी था जो समाज को नशामुक्त और स्वस्थ बनाने की दिशा में प्रेरणादायक साबित होगा।

  • Indore Airport पर चूहे का हमला यात्री की परेशानी ने खड़ी कर दी बड़ी बहस

     Indore Airport: आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। सोचिए जरा आप फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पर पहुंचे हों और अचानक वहां आपको किसी इंसान ने नहीं बल्कि एक चूहे ने काट लिया हो। जी हां इंदौर एयरपोर्ट पर बिल्कुल ऐसा ही हुआ और इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

    यात्री के साथ हुआ चौंकाने वाला हादसा

    इंडिगो की फ्लाईट से यात्रा करने पहुंचे यात्री अरुण मोदी अपनी पत्नी के साथ इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे थे। उड़ान का समय होने में अभी देर थी इसलिए वे पैसेंजर ब्लॉक में बैठ गए। तभी अचानक एक चूहा आया और उनकी पेंट में घुस गया। जब अरुण मोदी ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो चूहे ने उनके घुटने के ऊपर काट लिया। घाव देखकर मोदी घबरा गए और तुरंत मेडिकल डेस्क की ओर दौड़े।

    इंजेक्शन तक नहीं मिला एयरपोर्ट पर

    यहां जाकर मामला और भी गंभीर हो गया। डॉक्टर से मिलने के बाद जब उन्होंने रैबीज इंजेक्शन की मांग की तो पता चला कि एयरपोर्ट पर यह उपलब्ध ही नहीं है। टिटनेस का इंजेक्शन भी आसानी से नहीं मिला। काफी मशक्कत के बाद उन्हें टिटनेस का इंजेक्शन लगाया गया लेकिन रैबीज का इंजेक्शन उन्हें बेंगलुरु जाकर लगवाना पड़ा। सोचिए जरा अंतरराष्ट्रीय दर्जा पाने वाले एयरपोर्ट पर भी इतनी लापरवाही कैसी हो सकती है।

    मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग

    इस घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता अमित चौरसिया ने भी इस मामले को उठाने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि पेस्ट कंट्रोल के नाम पर विभागों में घोटाले हो रहे हैं और इसी कारण एयरपोर्ट पर चूहों की समस्या बढ़ रही है। यह केवल एक यात्री का मामला नहीं है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।

    एयरपोर्ट प्रबंधन के इंतजामों पर सवाल

    अरुण मोदी जो कि बेंगलुरु की आईटी कंपनी में कार्यरत हैं और भोपाल में रहते हैं वे अब भी हैरान हैं कि आखिर एयरपोर्ट पर ऐसी बड़ी चूक कैसे हो सकती है। आपको बता दें कि इंदौर एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा प्राप्त है लेकिन वहां अक्सर कुत्तों और चूहों के दिखाई देने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस घटना के बाद प्रबंधन ने पेस्ट कंट्रोल करवाने की जानकारी दी है लेकिन यात्री अब भी आशंकित हैं।

    दोस्तों इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि केवल नाम के लिए अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिल जाना पर्याप्त नहीं है। जरूरी यह है कि वहां सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी हर सुविधा समय पर उपलब्ध हो। यात्रियों का भरोसा तभी बना रहेगा जब एयरपोर्ट प्रशासन इन घटनाओं को गंभीरता से लेकर सख्त कदम उठाए।

  • Indore Kalka Temple: इंदौर के पूर्वी क्षेत्र का प्रसिद्ध मां कालका मंदिर जहां मजदूरों की मेहनत से हुई थी स्थापना और आज भी मन्नत पूरी होने पर माता को चढ़ती है नींबू की माला

    Indore Kalka Temple: आज हम आपको इंदौर शहर के उस खास मंदिर की कहानी सुनाने जा रहे हैं जो केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आस्था और श्रमिक वर्ग की मेहनत का प्रतीक भी है। यह मंदिर है पूर्वी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध कालका मंदिर, जिसकी विशेषता यह है कि यहां स्थापित मां कालका की मूर्ति खास काले पत्थर से बनाई गई है।

    1975 में इस मंदिर की स्थापना हुई थी। उस समय इंदौर की कपड़ा मिलों में काम करने वाले मजदूर यहां अपने खाली समय में जुटते थे और भजन गाते थे। स्वदेशी मिल के पास मौजूद एक बड़ा गड्ढा मजदूरों ने मिलकर भरा और वहां पर एक चबूतरा तैयार किया। इसी चबूतरे से मां कालका मंदिर की शुरुआत हुई। जयपुर से विशेष कारीगर बुलाए गए, जिन्होंने काले पत्थर से मां की छह फीट ऊंची भव्य मूर्ति बनाई और प्राण प्रतिष्ठा की गई।

    मां कालका की यह प्रतिमा आज भी भक्तों को आकर्षित करती है। मंदिर का तोरण द्वार भी काले पत्थरों से बना हुआ है जो इसे और अधिक भव्य बनाता है। खासतौर पर शारदीय नवरात्र में मंदिर सुबह से रात तक खुला रहता है। अन्य दिनों में यह दोपहर में बंद रहता है। नवरात्र के समय यहां पूजा की बुकिंग पहले से ही हो जाती है और भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    इस मंदिर की सबसे खास परंपरा है हरे नींबू की माला चढ़ाना। भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर मां को नींबू की माला अर्पित करते हैं। यहां 51 और 108 नींबुओं की माला चढ़ाने का विशेष महत्व है। मंगलवार शनिवार अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मां कालका के दर्शन और नींबू की माला चढ़ाने का महत्व और भी बढ़ जाता है। मंदिर परिसर में लगी दुकानों पर नींबू की छोटी माला 51 रुपये और बड़ी माला लगभग 300 रुपये में मिलती है।

    मंदिर की स्थापना में मजदूर वर्ग का बड़ा योगदान रहा था। अब जबकि मिलें बंद हो चुकी हैं तो भी यह मंदिर इंदौर शहर के सभी क्षेत्रों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। कई बुजुर्ग भक्त बताते हैं कि वे मंदिर की स्थापना के समय से यहां आते आ रहे हैं। यही कारण है कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि इंदौर के श्रमिक इतिहास का भी गवाह है।

    आज भी सुबह और शाम की आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। यहां हर व्यक्ति मां कालका से अपने सुख-दुःख साझा करता है और जब उसकी मन्नत पूरी होती है तो वह नींबू की माला और पूजन सामग्री अर्पित करता है। यही परंपरा इस मंदिर को विशेष और अलग बनाती है।

  • Indore Ranipura accident: चार दिन पहले दी गई चेतावनी को नजरअंदाज करने की लापरवाही ने ली मासूम जिंदगियां और उजाड़ दिए कई परिवार

    कभी आपने सोचा है कि छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में हुआ हादसा इसका जीता-जागता उदाहरण है। कुछ दिन पहले ही मकान का एक कॉलम धंस गया था और दुकानदार ने मकान मालिक को इस बारे में चेताया भी था। लेकिन अफसोस कि उस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया और यही लापरवाही आखिरकार दो जिंदगियों के खत्म होने और कई परिवारों के टूटने की वजह बन गई।

    यह मकान लगभग सात सौ वर्गफीट में बना था और अवैध तरीके से खड़ा किया गया था। निचली मंजिल में बिना अनुमति दुकानों का निर्माण हुआ और ऊपर शेड डाल दिए गए। निर्माण के दौरान कॉलम में पतले सरिए डाले गए थे, जो इमारत का बोझ सह नहीं पाए। धीरे-धीरे झुकते मकान को नजरअंदाज करना भारी पड़ गया।

    चार दिन पहले जब कॉलम धंसा तो दुकानदार ने मकान मालिक से शटर न लग पाने की समस्या बताई थी। लेकिन मकान मालिक ने इसे हल्के में लिया। अगर नगर निगम के अफसर और मालिक समय रहते जाग जाते तो शायद यह हादसा टल सकता था।

    Indore News: एमवाय अस्पताल से हटेंगे चूहों का खतरा अब सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट होंगे नन्हें बच्चों के वार्ड

    त्योहार का समय था और दुकानों में ग्राहकी कम थी। रात आठ बजे के करीब सभी दुकानें बंद हो गईं। यह संयोग ही था कि कर्मचारी और दुकानदार समय पर निकल गए और बड़ी संख्या में लोग हादसे से बच गए। कुछ परिवार भी रिश्तेदारों से मिलने बाहर गए हुए थे। वरना मलबे में दबने वालों की संख्या कहीं ज्यादा होती।

    रात डेढ़ बजे तक राहत और बचाव का काम चलता रहा। जेसीबी से मलबा हटाने से पहले पूरी गली की बिजली काट दी गई ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। वहां मौजूद हर शख्स के दिल में यही सवाल था कि आखिर कब तक हम लापरवाही और अवैध निर्माणों की कीमत अपनी जिंदगियों से चुकाते रहेंगे।

    रानीपुरा की इस त्रासदी ने फिर साबित कर दिया कि छोटी सी अनदेखी भी कितनी बड़ी तबाही ला सकती है। मकान मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों को यदि समय रहते चेतना होता तो मासूम जिंदगियां बच सकती थीं। अब जरूरत है कि अवैध निर्माण और लापरवाही पर सख्ती हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।

  • इंदौर के दिल राजवाड़ा पर गूंजा भारत की जीत का जश्न देर रात तक छाया उत्साह

    क्रिकेट का जुनून हर भारतीय के दिल में बसता है और जब बात भारत पाकिस्तान मैच की हो तो यह उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। रविवार रात टीम इंडिया ने एशिया कप में पाकिस्तान को शानदार अंदाज में छह विकेट से हराया। इस जीत के बाद इंदौर का दिल कहे जाने वाला राजवाड़ा चौक फिर से क्रिकेटप्रेमियों के जश्न का गवाह बना।

    तिरंगे के साथ नारेबाजी और ढोलक की थाप

    जैसे ही टीम इंडिया ने जीत दर्ज की, शहर के क्रिकेटप्रेमी तिरंगे झंडे लेकर राजवाड़ा पर जमा हो गए। वहां नारेबाजी की गूंज सुनाई दी और कई युवक ढोलक की थाप पर नाचने लगे। भीड़ भले ही पिछली बार जितनी नहीं थी लेकिन जो भी लोग पहुंचे उन्होंने पूरे जोश और गर्व के साथ अपनी खुशी जाहिर की।

    पुलिस की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था

    भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए आसपास के थानों से पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। जवानों ने चौकसी रखी और किसी भी अव्यवस्था को होने से पहले ही नियंत्रित किया। देर रात करीब एक बजे तक माहौल जश्न में डूबा रहा और उसके बाद पुलिस ने लोगों को शांति से घर जाने के लिए रवाना किया।

    सराफा चौपाटी भी बनी जश्न का हिस्सा

    इंदौर की सराफा चौपाटी जहां रात में चहल-पहल हमेशा रहती है, वह भी इस बार क्रिकेट प्रेमियों के उत्साह से सराबोर हो गई। वहां मौजूद लोग भी टीम इंडिया की जीत के जश्न में शामिल हो गए और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे।

    भारत की लगातार जीत और इंदौर का जोश

    दोस्तों यह पहली बार नहीं था जब भारतीय टीम की जीत का जश्न राजवाड़ा पर मनाया गया हो। इससे पहले भी जब टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराया था, तब भी यही चौक क्रिकेट प्रेमियों से खचाखच भर गया था। इस बार भी नजारा कुछ ऐसा ही रहा। जीत का जश्न भले ही थोड़ी देर का था लेकिन हर किसी के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी।

  • Indore News: एमवाय अस्पताल से हटेंगे चूहों का खतरा अब सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट होंगे नन्हें बच्चों के वार्ड

    आज हम आपको इंदौर के एमवाय अस्पताल से जुड़ी एक बड़ी और संवेदनशील खबर बताने जा रहे हैं जो हर माता पिता के दिल को छू जाती है। हाल ही में अस्पताल में चूहों की समस्या ने इतनी गंभीर स्थिति पैदा कर दी कि नवजात बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। बच्चों के जीवन से किसी भी तरह का जोखिम न उठाने के लिए अब प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। एमवाय अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट यानी NICU और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट यानी PICU को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।

    हाई कोर्ट की सख्ती और विशेषज्ञों की राय

    एमवाय अस्पताल में चूहों द्वारा बच्चों को नुकसान पहुँचाने की घटना के बाद यह मामला सीधे हाई कोर्ट तक पहुँचा। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा। टीम ने जब NICU और PICU का निरीक्षण किया तो वहाँ की स्थिति को बेहद असुरक्षित माना। चूंकि ये यूनिट नवजात और गंभीर बच्चों के इलाज के लिए सबसे अहम माने जाते हैं इसलिए विशेषज्ञों ने साफ सुझाव दिया कि इन्हें किसी सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए जहाँ चूहों या संक्रमण का कोई खतरा न हो।

    शासन की रिपोर्ट और नई जगह का चुनाव

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने भी अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश की जिसमें सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खुल गई। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों और अधिकारियों ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का दौरा किया और वहाँ की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने यह देखने की कोशिश की कि इन नाज़ुक यूनिटों को किस जगह सबसे सुरक्षित तरीके से स्थापित किया जा सकता है।

    स्टाफ भी जाएगा साथ

    सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इन यूनिटों को शिफ्ट करने में किसी बड़े तकनीकी अवरोध की आशंका नहीं है लेकिन वहाँ स्टाफ की कमी ज़रूर है। इसी वजह से यह तय किया गया है कि एमवाय अस्पताल के NICU और PICU में कार्यरत पूरा स्टाफ भी साथ ही स्थानांतरित किया जाएगा। ताकि बच्चों के इलाज में किसी भी तरह की दिक्कत न आए और उनका स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुरक्षित रहे।

    माता पिता के लिए राहत की खबर

    दोस्तों यह फैसला उन माता पिता के लिए बड़ी राहत की खबर है जिनके नन्हें मासूम एमवाय अस्पताल में भर्ती थे। अब बच्चों का इलाज एक सुरक्षित और बेहतर माहौल में होगा और परिवार के लोग सुकून की सांस ले पाएंगे।

  • Indore News: इंदौर मेट्रो का सफर हुआ लंबा, लेकिन यात्रियों की राह अभी दूर

    Indore News: आज हम बात करेंगे हमारे अपने इंदौर शहर की शान बनने वाली मेट्रो के बारे में। शुरुआत में जब मेट्रो ट्रेन पहली बार ट्रैक पर दौड़ी थी तो पूरा शहर इसे देखने उमड़ पड़ा था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी में एक अलग उत्साह था क्योंकि पहली बार इंदौर को मेट्रो जैसा तोहफा मिला था। लेकिन अब हालात थोड़े बदले-बदले नजर आ रहे हैं।

    अभी फिलहाल मेट्रो का संचालन सिर्फ छह किलोमीटर तक ही किया जा रहा है और यह हिस्सा आबादी वाले क्षेत्र से दूर है। इसी कारण यात्रियों की संख्या बहुत कम हो गई है। शुरुआती दिनों में जहां ट्रेन देखने वालों की भीड़ स्टेशन पर रहती थी वहीं अब सीटें खाली नजर आने लगी हैं। हालांकि मेट्रो ने अब तक दो लाख से ज्यादा यात्रियों को सफर कराया है लेकिन आगे की राह अभी लंबी है।

    शुक्रवार को मेट्रो ने एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार दस किलोमीटर का ट्रायल रन पूरा किया। ट्रेन की स्पीड अभी सिर्फ दस किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है ताकि सुरक्षा जांच सही तरीके से हो सके। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चार किलोमीटर तक के रन की अनुमति दी थी और धीरे-धीरे ट्रायल बढ़ाते हुए इसे रेडिसन चौराहे तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।

    इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में असली रौनक तब आएगी जब इसका संचालन विजय नगर और सुखलिया जैसे व्यस्त क्षेत्रों से होकर सुपर कॉरिडोर तक पहुंचेगा। यहां हजारों विद्यार्थी और आईटी कंपनियों के कर्मचारी रोजाना सफर करते हैं और उनके लिए मेट्रो सबसे सुरक्षित और तेज साधन साबित हो सकती है। अभी पांच से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों का काम अधूरा है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अगले साल तक रेडिसन चौराहे तक मेट्रो चलाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

    दोस्तों इंदौर मेट्रो सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि यह हमारे शहर की पहचान बनने वाली है। अगर यह अपने पूरे रूट पर शुरू हो जाती है तो हजारों लोगों को न केवल ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी बल्कि समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। आने वाले वक्त में मेट्रो हमारे शहर के हर कोने को जोड़कर विकास की नई दिशा तय करेगी।