Category: Indore news

  • Raja Raghuwanshi Murder Case: शिलांग कोर्ट में बड़ा खुलासा राजा रघुवंशी हत्याकांड में ढाई घंटे चली गवाही आरोपी मुस्कुराते दिखे

    आज हम एक ऐसे संवेदनशील मामले की बात कर रहे हैं जिसने इंदौर सहित पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला अब शिलांग कोर्ट में ट्रायल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर तारीख पर नए खुलासे सामने आ रहे हैं और पीड़ित परिवार के लिए यह सफर और भी भावनात्मक होता जा रहा है। बुधवार को राजा के भाई विपिन रघुवंशी के बयान कोर्ट में हुए और इस दौरान कई अहम बातें सामने आईं।

    शिलांग कोर्ट में शुरू हुआ ट्रायल और आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े

    मामले का ट्रायल शिलांग कोर्ट में शुरू हो चुका है और बुधवार को आरोपी सोनम और राज सहित अन्य आरोपी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े। इस दौरान विपिन रघुवंशी को आरोपियों को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि आरोपियों के चेहरे पर किसी भी तरह का पछतावा नहीं था बल्कि वे बीच बीच में मुस्कुरा भी रहे थे। उन्होंने यह भी देखा कि आरोपी नए गर्म कपड़े पहने हुए कोर्ट में पेश हुए।

    जब जज ने सोनम से उसकी तबीयत के बारे में पूछा तो उसने जवाब दिया कि वह ठीक है। यह दृश्य विपिन के लिए बेहद भावनात्मक था क्योंकि उनके सामने उन्हीं के भाई की हत्या के आरोपी मौजूद थे।

    ढाई घंटे चले बयान लेकिन अधूरे रह गए

    विपिन रघुवंशी के कोर्ट में बयान ढाई घंटे तक चले लेकिन समय समाप्त होने के कारण इन्हें पूरा नहीं किया जा सका। अब गुरुवार को वे एक बार फिर कोर्ट जाएंगे ताकि आगे की गवाही पूरी हो सके।

    बयान के दौरान उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। उन्हें बताया गया था कि सोनम मान ले रखी है और इसी कारण कामाख्या देवी के दर्शन करने जाने की योजना बनाई गई थी। बाद में सोनम ने ही शिलांग जाने का प्लान बनाया। कोर्ट में उनसे यह भी पूछा गया कि गुवाहाटी के टिकट किसने कराए और परिजनों को इन योजनाओं के बारे में जानकारी थी या नहीं।

    राजा रघुवंशी के मोबाइल स्विच ऑफ होने और उनके लापता होने के समय को लेकर भी विस्तार से सवाल पूछे गए।

    दूसरी बार शिलांग पहुंचे विपिन पर भावनात्मक बोझ बढ़ा

    यह दूसरी बार है जब विपिन रघुवंशी शिलांग कोर्ट में बयान देने पहुंचे हैं। इससे पहले वे दस नवंबर को भी कोर्ट गए थे। अभी तक उन्हें केस की चार्जशीट भी नहीं मिली है। उनके भाई राजा की हत्या के इस दर्दनाक मामले में सोनम उसका प्रेमी राज और तीन अन्य आरोपी जेल में बंद हैं और मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    पीड़ित परिवार के लिए यह पूरा दौर बेहद कठिन है क्योंकि हर गवाही उन्हें उस दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है जिसने उनके परिवार को तोड़कर रख दिया।

  • Sirpur Lake Indore: सिरपुर तालाब में बढ़ती लापरवाही: इंदौर की वेटलैंड सिटी और रामसर साइट का गौरव संकट में, पक्षियों और जैव विविधता पर खतरा

    Sirpur Lake Indore: इंदौर का प्रसिद्ध सिरपुर तालाब जिसे वेटलैंड सिटी और रामसर साइट का गौरव प्राप्त है, आज प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो रहा है। सुरक्षा के अभाव में लोग तालाब किनारे अवैध मछलियां पकड़ रहे हैं और पार्टियां कर रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इसे पर्यटन स्थल में बदलने की गलती न करें। यह तालाब शहर की होलकरकालीन धरोहर है और इसकी जैव विविधता के संरक्षण की जिम्मेदारी अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

    प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा का अभाव

    सिरपुर तालाब को सहेजने के लिए पिछले 13 वर्षों से प्रयास चल रहे हैं। जनवरी 2022 में इसे रामसर साइट का दर्जा मिला और सितंबर 2023 में नगर निगम ने वेटलैंड सिटी के लिए दावा पेश किया। डेढ़ साल बाद इंदौर को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला, लेकिन सुरक्षा और देखरेख की कमी के कारण यह उपलब्धि अब खतरे में दिख रही है। मौके पर न तो नगर निगम के सुरक्षाकर्मी दिखाई देते हैं और न ही संरक्षण का दावा करने वाले एनजीओ सक्रिय हैं।

    62 करोड़ की विकास योजना

    सिरपुर तालाब के विकास और संरक्षण के लिए नगर निगम ने केंद्र सरकार को 62 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना भेजी है। इसके अलावा यशवंत सागर के विकास के लिए भी योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार के माध्यम से इन योजनाओं को केंद्र तक पहुंचाने और राशि स्वीकृत कराने की तैयारी चल रही है, ताकि संरक्षण और विकास कार्यों को गति मिल सके।

    जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र

    अगस्त 2023 में वेटलैंड सिटी एक्रीडिएशन के तहत तालाब की जैव विविधता का अध्ययन किया गया। रामसर सम्मेलन के मानकों के आधार पर यहां मछलियों, मेंढकों, सांपों और केंचुओं की विभिन्न प्रजातियों का डाटा जुटाया गया। तालाब में 200 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें 55 प्रकार के प्रवासी पक्षी शामिल हैं। यूरेशियन विगन, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड और ग्रेटर फ्लेमिंगो जैसे अद्भुत पक्षी यहां आते हैं।

    पर्यावरणविदों की चेतावनी

    पर्यावरणविद भालू मोंढे ने चेतावनी दी है कि वेटलैंड सिटी का दर्जा मिलने के बाद संरक्षण की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यहां हर साल सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी और 100 से अधिक प्रजातियों की तितलियां पाई जाती हैं। यदि पानी की गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण को नहीं बचाया गया, तो यह पारिस्थितिक तंत्र नष्ट हो जाएगा। रवि गुप्ता का कहना है कि तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से प्राकृतिक वातावरण को नुकसान होगा और वेटलैंड सिटी का दर्जा बरकरार रखना मुश्किल हो जाएगा।

    सिरपुर तालाब न केवल इंदौर का गौरव है बल्कि शहरी पारिस्थितिकी और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा की कमी इसे संकट में डाल रही है। इसे संरक्षित रखने के लिए केवल योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जमीन पर ठोस कदम उठाना और मानवीय गतिविधियों को नियंत्रित करना अनिवार्य है।

  • Indore News: राज्यपाल की मौजूदगी में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का 7वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न

    बुधवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का 7वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह समारोह न केवल विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतीक था बल्कि संविधान के मूल्यों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के सम्मान का भी संदेश दे रहा था। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। साथ ही 76वें संविधान दिवस के अवसर पर संविधान प्रस्तावना का वाचन भी किया गया, जिससे उपस्थित सभी विद्यार्थियों और अतिथियों का मन भावविभोर हो गया।

    राज्यपाल ने दी उपाधि प्राप्त छात्रों को बधाई

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के सपनों के भारत को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। राज्यपाल ने सामाजिक न्याय, समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया और कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और सामाजिक समरसता के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए।

    माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने की सीख

    इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और गुरुजनों का जीवन भर सम्मान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए कई कठिनाइयाँ सहते हैं और उनका सम्मान करना हमारे जीवन को बेहतर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। यह समाज और राष्ट्र की सेवा करने का पहला कदम है।

    केंद्रीय मंत्री और अन्य अतिथियों के विचार

    मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है और यह विश्वविद्यालय सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवाओं को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया और शोधार्थियों के कार्यों की सराहना की।

    विशिष्ट अतिथि अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ें।

    विधायक सुश्री उषा ठाकुर और अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए करने का संदेश दिया।

    शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और स्मारिका विमोचन

    दीक्षांत समारोह में 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने उपाधि प्राप्त छात्रों को दीक्षा और प्रतिज्ञा दिलाई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रकाशन ‘स्मारिका’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन कुलगुरु श्री रामलाल अत्राम और आभार प्रकट किया गया कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने।

    इस समारोह ने यह संदेश दिया कि ज्ञान केवल पुस्तकालयों में सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे गाँवों, बस्तियों और समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचाना आवश्यक है। यह विश्वविद्यालय अपने शोधार्थियों के माध्यम से समाज में वास्तविक बदलाव लाने की दिशा में अग्रसर है।

    डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का यह 7वां दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के लिए उपलब्धियों का पर्व था बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदारी का भी संदेश लेकर आया। राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और अन्य अतिथियों ने ज्ञान के महत्व, सामाजिक समरसता और संवेदनशील नागरिक बनने की सीख दी।

  • Indore News: इंदौर में तैयारियां तेज सरदार पटेल 150वीं जयंती पर निकलने वाली भव्य यूथ एकता यात्रा का शानदार स्वागत होगा

    पूरे देश में इन दिनों एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना चरम पर है क्योंकि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे भारत में चार विशेष यूथ एकता यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन्हीं में से नागपुर से शुरू होने वाली भव्य यूथ यात्रा इंदौर से होकर गुजरने वाली है। इंदौर में इसके स्वागत से लेकर यात्रा के प्रस्थान तक सभी तैयारियां बड़े उत्साह और सम्मान के साथ की जा रही हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधि लगातार निरीक्षण कर यात्रा को यादगार बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

    जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया तैयारियों का विस्तृत जायजा

    आज सांसद शंकर लालवानी महापौर पुष्पयमित्र भार्गव विधायक रमेश मेंदोला कलेक्टर शिवम वर्मा अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव अपर कलेक्टर रोशन राय सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि यात्रा मार्ग और कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचे।
    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर जाकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया जहां से यह यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू होगी।

    बैतूल से शुरू होकर इंदौर पहुंचने वाली यात्रा का रहेगा विशेष पड़ाव

    यह यात्रा मंगलवार 25 नवंबर 2025 को बैतूल से शुरू होकर हरदा खातेगांव कन्नौद और डबल चौकी होते हुए इंदौर पहुंचेगी। उसी दिन इंदौर में रात्रि विश्राम होगा।
    अगले दिन यानी 26 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का शुभारंभ करेंगे और इंदौर में इसका भव्य स्वागत होगा। इसके बाद यह यात्रा धार और झाबुआ से होती हुई गुजरात के गोधरा में प्रवेश करेगी।

    पूरे मार्ग पर रहेगा उत्साह स्वागत और सांस्कृतिक रंग

    इंदौर शहर ही नहीं बल्कि पूरे मार्ग पर यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। रास्ते भर सांस्कृतिक कार्यक्रम लोक नृत्य और युवा संवाद आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के साथ सरदार पटेल के जीवन से जुड़े चित्र स्मरण लेख कविता पाठ और प्रदर्शनी भी लगाई जाएंगी ताकि युवा पीढ़ी को उनके विचारों और राष्ट्रनिर्माण के योगदान से परिचित कराया जा सके।

    एक पेड़ मां के नाम पहल और स्वच्छता कार्यक्रम भी रहेंगे आकर्षण का केंद्र

    इस ऐतिहासिक यूथ यात्रा में सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश देने पर भी जोर दिया जाएगा। यात्रा मार्ग पर एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही स्वच्छता अभियान स्वदेशी प्रदर्शनी और खेल गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। आयोजन को गरिमा और गौरव के साथ सम्पन्न करने के लिए सभी विभागों को समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इंदौर में उमड़ेगा देशभक्ति का जोश सरदार पटेल की एकता की भावना बनेगी प्रेरणा

    इंदौर में होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल यात्रा का स्वागत होगा बल्कि देश की एकता और अखंडता के प्रति सम्मान भी होगा। सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी प्रेरणाएं युवाओं में देशभक्ति जागृत करेंगी और यह यात्रा आने वाले अनेक वर्षों तक याद रखी जाएगी।

  • इंदौर गौतमपुरा में बड़ा अपडेट कलेक्टर शिवम वर्मा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा

    इंदौर जिले के गौतमपुरा क्षेत्र में आज प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं। कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा यहां पहुंचे और उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के 26 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान विधायक मनोज पटेल और एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    सीएम मोहन यादव के कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण

    गौतमपुरा में कलेक्टर ने हेलीपेड स्थल, सभा स्थल और मुख्यमंत्री के रोड शो मार्ग का निरीक्षण किया। उनके साथ नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, नगर परिषद देपालपुर, चिकित्सा विभाग, खाद्य विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सभी विभागों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

    सड़क मरम्मत से लेकर बैठने की व्यवस्था तक कलेक्टर ने दिए अहम निर्देश

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्मा ने कार्यक्रम की हर छोटी और बड़ी जरूरत की समीक्षा की। उन्होंने रोड शो मार्ग पर सड़क की मरम्मत साफ सफाई और विद्युत लाइनों को सुरक्षित ऊंचाई पर करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर मंच पेयजल चलित शौचालय बिजली व्यवस्था बैठक व्यवस्था और बेरिकेटिंग से जुड़े सभी प्रबंधों को समयसीमा में पूरा करने को कहा गया।

    मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का भी लिया जायजा

    कलेक्टर वर्मा गौतमपुरा के शासकीय विद्यालय भी पहुंचे जहां 12 मतदान केंद्रों के मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण तेजी से जारी है। कलेक्टर ने बूथ लेवल अधिकारियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि यह कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले BLO को सम्मानित किया जाएगा।

    अधिकारी और जनप्रतिनिधि सक्रिय प्रशासन चुनाव तैयारियों में जुटा

    गौतमपुरा में आज की समीक्षा से साफ है कि प्रशासन आगामी कार्यक्रम और चुनावी तैयारियों को लेकर बेहद गंभीर है। सभी विभागों को समन्वय में काम करने और समय पर सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोग भी बड़े कार्यक्रम और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर उत्साहित हैं

  • इंदौर कनाडिया में बड़ा हादसा 68 वर्षीय नवीनचंद्र जैन की मौत ट्रक की तेज टक्कर से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    आज इंदौर के कनाडिया क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। यहां टाउनशिप में रहने वाले 68 वर्षीय नवीनचंद्र जैन सुबह की तरह ही दूध लेने घर से निकले थे लेकिन वापसी के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोर से टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी खतरनाक थी कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है।

    टक्कर के बाद भी नहीं रुका ट्रक चालक पुलिस जुटी जांच में

    हादसा होते ही ट्रक चालक मौके से फरार हो गया जिससे उसका नंबर भी ट्रेस नहीं हो सका। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से ट्रक और उसके चालक की पहचान कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर उस समय भीड़ कम थी और चालक तेज रफ्तार में था जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रीलाल गंगवाल के भतीजे थे नवीनचंद्र जैन

    नवीनचंद्र जैन कोई आम व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रीलाल गंगवाल के भतीजे थे। वे मूल रूप से देवास के रहने वाले थे और बैंक की नौकरी के सिलसिले में लंबे समय तक अलग अलग शहरों में रहे। कुछ वर्ष पहले ही वे बैंक से सेवानिवृत्त हुए थे और शांत स्वभाव के लिए पूरे क्षेत्र में जाने जाते थे।

    परिवार पर टूटा दुख का पहाड़ दो बेटे विदेश और बेंगलुरु में रहते हैं

    इस हादसे के बाद परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो बेटे हैं जिनमें से एक अमेरिका में रहता है जबकि दूसरा बेंगलुरु में है। पिता की मौत की खबर मिलते ही अमेरिका में रहने वाला बेटा तुरंत भारत के लिए रवाना हो गया है। मंगलवार शाम को उनकी अंत्येष्टि की जाएगी।

    परिजनों ने जताई अंगदान की इच्छा एक प्रेरणादायक कदम

    दुख की इस घड़ी में भी परिवार ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। परिजनों ने बताया कि नवीनचंद्र जैन अंगदान करना चाहते थे इस इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने संबंधित संस्था से संपर्क कर लिया है। बेटे के विदेश से आने के बाद अंगदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    समुदाय में शोक की लहर क्षेत्र में फैला सन्नाटा

    नवीनचंद्र जैन की मौत से पूरे कनाडिया क्षेत्र में शोक की लहर है। लोग उनके शांत और सरल स्वभाव को याद कर भावुक हो रहे हैं। समाज के कई लोग और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

    पुलिस की सक्रियता जरूरी है न्याय की उम्मीद में परिवार

    परिवार और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक तक पहुंचेगी और उन्हें न्याय मिलेगा। सड़क पर ऐसी लापरवाह ड्राइविंग कई परिवारों को उजाड़ देती है जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • इंदौर नागपुर वंदे भारत ट्रेन में बढ़े कोच यात्रियों की खुशी दोगुनी हुई नया सफर अब और भी आरामदायक

    आज आपके लिए एक ऐसी खबर लेकर आया हूं जो इंदौर और नागपुर के रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए सच में राहत की सांस जैसी है। वंदे भारत ट्रेन में कोच बढ़ाए जाने के बाद अब यात्रा पहले से भी ज्यादा आसान हो गई है। जो लोग इंदौर से भोपाल या नागपुर के बीच रोजाना आना जाना करते हैं उनके लिए यह बदलाव एक बड़ी सुविधा लेकर आया है।

    अब 16 कोच के साथ रोज चलेगी वंदे भारत ट्रेन

    रविवार तक इंदौर नागपुर वंदे भारत ट्रेन सिर्फ आठ कोचों में चल रही थी जिसमें लगभग 530 सीटें उपलब्ध थीं। अब रेलवे ने इसमें बड़ा बदलाव करते हुए कोचों की संख्या दोगुनी कर दी है। सोमवार सुबह से यह ट्रेन सोलह नियमित कोचों के साथ चलनी शुरू हो गई है। सीटें बढ़ने के बाद ट्रेन की यात्री क्षमता 1124 तक पहुंच गई है जिससे सफर करने वाले लोगों को आसानी से सीट मिल सकेगी।

    इंदौर से नागपुर तक का सफर अब और भी आसान

    सोमवार की सुबह ट्रेन इंदौर से 6.10 बजे रवाना हुई। इसमें नए जुड़े कोचों के साथ ट्रेन उज्जैन पहुंची जहां 6.50 बजे दो मिनट का छोटा स्टाॅप था। इसके बाद ट्रेन भोपाल के लिए निकल गई और सुबह करीब सवा 9 बजे भोपाल पहुंची। यहां से भी बड़ी संख्या में यात्री नागपुर के लिए सवार हुए।
    पहले दिन यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं दिखी लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बुकिंग बढ़ेगी और सीटें पहले से अधिक भरेंगी।

    दो साल पहले मिली थी इंदौर की पहली वंदे भारत अब क्षमता दोगुनी

    करीब दो साल पहले इंदौर को पहली वंदे भारत ट्रेन मिली थी। शुरुआत में यह सिर्फ इंदौर से भोपाल के बीच चलती थी लेकिन बाद में सुविधा बढ़ाने के लिए इसे नागपुर तक बढ़ा दिया गया। पिछले सप्ताह इस ट्रेन के लिए नए रैक इंदौर लाए गए थे जिन्हें सोमवार सुबह ट्रेन से जोड़ दिया गया।
    पहले यह अतिरिक्त कोच दिल्ली पटना ट्रेन के लिए भेजे जा रहे थे लेकिन अब इन्हें इंदौर नागपुर वंदे भारत में शामिल कर दिया गया है जिससे यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है।

    भोपाल और बीच के शहरों के यात्रियों को भी फायदा

    इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन पहले से ही एक अच्छा विकल्प थी क्योंकि यह तेज और आरामदायक सफर देती है। अब कोच बढ़ने से भोपाल से नागपुर तक जाने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
    सोमवार रात यह ट्रेन फिर इंदौर लौटेगी और इसी तरह आगे भी रोज सोलह कोचों के साथ नियमित रूप से चलेगी।

    Disclaimer

    इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। किसी भी प्रकार के बदलाव या अपडेट के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी देखें।

  • इंदौर बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव शहर को मिले पांच नए जोन और अंडरग्राउंड लाइन सब डिविजन की मंजूरी

    इंदौर शहर में बिजली वितरण से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शहर के लगातार विस्तार और नई कॉलोनियों के तेजी से विकसित होते स्वरूप को देखते हुए अब बिजली व्यवस्था को और मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी दिशा में मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिससे आने वाले समय में उपभोक्ताओं को और बेहतर बिजली सेवा मिल सकेगी।

    इंदौर में अब 35 जोन से होगी बिजली आपूर्ति

    बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंदौर में बिजली वितरण अब मौजूदा 30 की जगह 35 जोन से होगा। शहर तेज़ी से फैल रहा है और नए क्षेत्रों में बसावट बढ़ रही है ऐसे में बिजली सेवा को त्वरित और सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
    कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि नए जोन उपभोक्ताओं को उनके नजदीक से बिजली सेवा उपलब्ध कराएंगे ताकि समस्या आने पर समाधान भी तुरंत मिल सके। यह बदलाव शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।

    पांच नए जोन से शहर के उपभोक्ताओं को मिलेगी त्वरित सेवा

    बैठक में जिन पांच नए बिजली जोन की मंजूरी दी गई उनमें तुलसी नगर, मांगलिया शहरी जोन, सिलिकॉन सिटी जोन, बिलावली जोन और नंदबाग जोन शामिल हैं।
    इन नए जोन में आसपास के मौजूदा क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा ताकि बिजली सेवा और अधिक तेजी से उपलब्ध हो सके। यह चुनाव उन इलाकों के विस्तार और उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए किया गया है।

    अंडरग्राउंड लाइन के लिए बनेगा अलग सब डिविजन

    इंदौर स्मार्ट सिटी मिशन और नई कॉलोनियों में तेजी से बढ़ती अंडरग्राउंड बिजली लाइनों की संख्या को देखते हुए अंडरग्राउंड लाइन सब डिविजन बनाने का निर्णय भी लिया गया। यह नया डिविजन यूजीएन सब डिविजन के नाम से काम करेगा और शहर में अंडरग्राउंड लाइनों के संधारण की जिम्मेदारी संभालेगा।
    नई स्मार्ट कॉलोनियों और विस्तार वाले क्षेत्रों में इस कदम से समस्या समाधान की गति कई गुना बढ़ जाएगी।

    सिंहस्थ 2028 के लिए बनेगा विशेष डिविजन

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिंहस्थ के लिए एक अलग डिविजन बनाया जाएगा। क्योंकि वर्ष 2028 का सिंहस्थ एक विशाल आयोजन है और इसमें बिजली की मांग और प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होगी। इसलिए इस डिविजन को सिंहस्थ समाप्त होने तक की अनुमति दी गई है।

    बोर्ड बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

    यह अहम निर्णय मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिए गए जिसकी अध्यक्षता ऊर्जा सचिव श्री अविनाश लावनिया ने की। बैठक में वित्त विभाग के श्री आरआर मीणा, प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग ओएसडी श्री वीके गौड़, डॉ अरूणा तिवारी, डॉ प्रशांत सालवान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
    प्रमुख अभियंता, कार्यपालक निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे और शहर की बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई।

    इंदौर शहर तेजी से आधुनिक हो रहा है और उसकी जरूरतें भी उसी गति से बढ़ रही हैं। पांच नए जोन, अंडरग्राउंड लाइन सब डिविजन और सिंहस्थ डिविजन जैसे फैसले शहर के भविष्य को देखते हुए लिए गए हैं। इससे बिजली सेवा न सिर्फ मजबूत होगी बल्कि उपभोक्ताओं को हर स्तर पर ज्यादा बेहतर और त्वरित सुविधा मिलेगी।

  • इंदौर मैराथन 2025 हजारों धावकों की भागीदारी से खिल उठा शहर फिटनेस जागरुकता का बड़ा संदेश

    इंदौर की गुलाबी सर्द सुबह आज एक बेहद खास नजारा लेकर आई। हजारों लोग एक साथ सड़कों पर उतरे और Run Indore One Indore Marathon में शामिल होकर पूरे देश को एक सुंदर संदेश दिया कि जब जनता एकजुट होती है तो हर लक्ष्य बेहद आसान हो जाता है। यह मैराथन न सिर्फ एक खेल आयोजन था बल्कि फिटनेस, स्वच्छता और सामूहिक चेतना का शानदार प्रतीक भी बना।

    जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण बना इंदौर

    मैराथन की शुरुआत दशहरा मैदान से हुई जहां हर उम्र के धावक एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़े और उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा हर क्षेत्र में अद्भुत उदाहरण पेश करता है और अब फिटनेस भी इस शहर की नई पहचान बन रही है।
    दौड़ का मार्ग नरेंद्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान रोड, महूनाका, अन्नपूर्णा मार्ग से होकर वापस दशहरा मैदान पर समाप्त हुआ। तीन, पांच और सात किलोमीटर की इस दौड़ में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने अपना पूरा उत्साह दिखाया।

    नेताओं ने सराहा इंदौर का फिटनेस और स्वच्छता प्रेम

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रतिभागियों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि इंदौर सिर्फ स्वच्छता ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में देश दुनिया में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने बताया कि शहर सरकार से नहीं बल्कि नागरिकों के सहयोग से चलता है और यही कारण है कि इंदौर आज नंबर वन शहर है।
    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दौड़ को सामूहिक चेतना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि फिटनेस का मूल आधार दौड़ है और इंदौर एक बार फिर पूरे देश को जनसहभागिता की मिसाल दिखा रहा है।
    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी प्रतिभागियों के जोश की सराहना की और कहा कि इंदौर हमेशा अपने नवाचारों से आकर्षित करता है और यह मैराथन भी उसी का हिस्सा है।

    दिव्यांग धावकों ने जीता सबका दिल

    इस मैराथन में दिव्यांग धावकों के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। सैकड़ों दिव्यांग धावक भी इस दौड़ का हिस्सा बने और उन्होंने अपने अद्भुत साहस और उत्साह से लोगों का दिल जीत लिया। उनके जोश ने बताया कि सीमाएं सिर्फ सोच में होती हैं।

    स्वच्छता और स्वास्थ्य की शपथ के साथ आगे बढ़ा इंदौर

    मैराथन की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई और उसके बाद सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता और स्वास्थ्य की शपथ ली। फिर अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर इस शानदार आयोजन को रवाना किया गया। यह आयोजन एक बार फिर साबित कर गया कि इंदौर सिर्फ स्वच्छ नहीं बल्कि फिट और जागरूक शहर भी है।

    यह मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं थी बल्कि एक भावना थी जो इंदौर के हर नागरिक के अंदर एकजुटता और जागरूकता का बड़ा संदेश छोड़ गई। इंदौर ने फिर दिखा दिया कि क्यों वह देश का सबसे आगे बढ़ने वाला शहर कहलाता है।

  • MP News: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर इंदौर और भोपाल में शीतलहर का अलर्ट जारी

    मध्यप्रदेश में इस समय ठंड अपने चरम पर है। सुबह की हवा में चुभन है रातों में कंपकंपी है और हर दिन तापमान नई गिरावट दर्ज कर रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि रीवा जिले से ठंड के कारण एक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग ने इंदौर और भोपाल समेत कई जिलों में अगले दो दिनों तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है जिससे लोगों में चिंता और बढ़ गई है।

    इंदौर और भोपाल में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी से बढ़ी ठिठुरन

    इस साल नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए थे और अब तक स्थितियां सामान्य से कहीं ज्यादा कड़ी हो चुकी हैं। भोपाल में नवंबर की ठंड ने पिछले 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है जबकि इंदौर में पिछले 25 सालों में नवंबर में इतनी ठंड कभी नहीं दर्ज की गई। इंदौर में शुक्रवार को दिन का तापमान थोड़ा बढ़कर 28.8 डिग्री हुआ लेकिन रात का पारा गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जिसने शहरवासियों को कांपने पर मजबूर कर दिया। भोपाल और इंदौर दोनों ही शहरों में पिछले कई दिनों से रात का तापमान लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है जिससे ठिठुरन और तेज महसूस हो रही है।

    पचमढ़ी में सीजन का सबसे ठंडा रिकॉर्ड

    गुरुवार और शुक्रवार की रात प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज हुआ। यहां पारा गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फीली हवा और सर्द मौसम ने स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी हैरान कर दिया है। कड़ाके की ठंड का असर अब लोगों की जान पर भी भारी पड़ने लगा है। रीवा जिले में ठंड लगने से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है जो इस मौसम की गंभीरता को दर्शाती है।

    मालवा निमाड़ में सबसे ज्यादा असर शीतलहर जारी

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड शुरू हो गई थी जिसका असर अब मालवा और निमाड़ क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। भोपाल में पिछले दस दिनों से लगातार शीतलहर चल रही है जिससे लोगों को सुबह और शाम बाहर निकलना बेहद मुश्किल लग रहा है। मौसम विभाग ने इंदौर भोपाल राजगढ़ शाजापुर और सीहोर में अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी बताती है कि आने वाले दो दिन और भी कठिन हो सकते हैं।

    22 नवंबर से बदल सकता है मौसम का मिजाज

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 22 नवंबर से देश की दक्षिण पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है जो मौसम में कुछ बदलाव ला सकता है। हालांकि इससे पहले प्रदेशवासियों को तेज ठंड कड़ाके की हवाओं और शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। उम्मीद यह है कि 22 नवंबर के बाद तापमान में थोड़ा बदलाव आएगा और सर्दी की तीव्रता कुछ कम हो सकती है। तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।