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ज्ञानेश कुमार कौन हैं? IIT कानपुर से IAS और फिर देश के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने की पूरी कहानी

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Gyanesh Kumar
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  • Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों एक बार फिर देश की राजनीति और चुनावी बहस के केंद्र में हैं।
  • मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
  • सितंबर 2026 तक ज्ञानेश कुमार Gyanesh Kumar भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर हैं।
  • IIT कानपुर की पढ़ाई से लेकर केरल कैडर के IAS अधिकारी, केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और फिर निर्वाचन आयोग तक उनका करियर कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाओं से जुड़ा रहा है।
इस लेख से स्वतः तैयार किया गया सार।

Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों एक बार फिर देश की राजनीति और चुनावी बहस के केंद्र में हैं। मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ज्ञानेश कुमार कौन हैं, उनका प्रशासनिक करियर कैसा रहा है और वे भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक कैसे पहुंचे?

कौन हैं ज्ञानेश कुमार?

ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) 988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी हैं। वे जनवरी 2024 में प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे और इसके बाद मार्च 2024 में उन्हें निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया। 19 फरवरी 2025 को उन्होंने भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त यानी Chief Election Commissioner के रूप में कार्यभार संभाला। वे 2023 में बने नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले CEC हैं।

IIT कानपुर से पढ़ाई, फिर IAS का सफर

ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी इस समय सर्च में काफी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech किया। इसके अलावा उन्होंने बिजनेस फाइनेंस और पर्यावरण अर्थशास्त्र से जुड़े उच्च शिक्षा कार्यक्रम भी किए। इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर IAS अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया।

गृह मंत्रालय में निभाई अहम जिम्मेदारी

IAS अधिकारी के रूप में ज्ञानेश कुमार ने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के पद पर काम कर चुके हैं। उनके प्रशासनिक करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों से भी जुड़ा रहा। बाद में उन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

चुनाव आयुक्त से CEC तक कैसे पहुंचे?

मार्च 2024 में ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। उस समय देश में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी। करीब एक साल बाद उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया और 19 फरवरी 2025 को उन्होंने देश के शीर्ष चुनावी पद की जिम्मेदारी संभाली।

SIR विवाद में क्यों आया ज्ञानेश कुमार का नाम?

ज्ञानेश कुमार Gyanesh Kumar के मौजूदा चर्चा में आने की सबसे बड़ी वजह मतदाता सूची का Special Intensive Revision यानी SIR है। सितंबर 2026 में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ मुद्दों पर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों का उल्लेख किया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्तियां जताई गई थीं।

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए?

24 सितंबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कथित “वोट चोरी” का मुद्दा उठाया और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनने की अपील की। ये राहुल गांधी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं लिखा जा सकता।

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

निर्वाचन आयोग की ओर से यह रुख सामने आया है कि आयोग की कार्रवाई संविधान, चुनावी कानूनों और लिखित निर्देशों के आधार पर होती है। जुलाई 2026 में CEC ज्ञानेश कुमार ने भी कहा था कि आयोग की प्रत्येक कार्रवाई संविधान और चुनाव कानूनों से निर्देशित होती है तथा अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार को लेकर अभी इतनी चर्चा क्यों है?

ज्ञानेश कुमार का नाम इसलिए तेजी से चर्चा में आया है क्योंकि एक तरफ SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर राजनीतिक बहस चल रही है, वहीं दूसरी तरफ आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई है। इसके बाद राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने CEC पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग का अपना संस्थागत पक्ष मौजूद है। इसलिए मौजूदा विवाद को समझने के लिए आरोपों, मीडिया रिपोर्टों और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग देखना जरूरी है।

ज्ञानेश कुमार का मौजूदा पद क्या है?

सितंबर 2026 तक ज्ञानेश कुमार Gyanesh Kumar भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर हैं। हालिया घटनाक्रम में उनके नाम के साथ CEC, Election Commission, SIR, voter list और Rahul Gandhi जैसे कीवर्ड लगातार चर्चा में हैं। 25 सितंबर 2026 की रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि CEC के कुछ निर्धारित युवा मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।

ज्ञानेश कुमार की कहानी सिर्फ विवाद तक सीमित नहीं

ज्ञानेश कुमार का करियर एक लंबे प्रशासनिक सफर से होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचा है। IIT कानपुर की पढ़ाई से लेकर केरल कैडर के IAS अधिकारी, केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और फिर निर्वाचन आयोग तक उनका करियर कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाओं से जुड़ा रहा है। फिलहाल SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस ने उन्हें देश की सबसे चर्चित संवैधानिक संस्थाओं में से एक के प्रमुख के रूप में फिर सुर्खियों में ला दिया है

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