Author: Chayan__09

  • इंदौर हाई कोर्ट में नेत्रदान जागरूकता सेशन ने छुआ दिल और जगाई नई उम्मीद

    इंदौर हाई कोर्ट परिसर में आयोजित नेत्रदान जागरूकता सत्र ने पूरे न्यायिक समुदाय में एक नई आशा और प्रेरणा का जन्म दिया। बार काउंसिल हॉल में हुए इस विशेष टॉक और इंटरएक्टिव सेशन में लोगों ने न सिर्फ नेत्रदान के महत्व को समझा बल्कि समाज में रोशनी फैलाने का संकल्प भी लिया। यह सत्र हर उस व्यक्ति को गहराई से छू गया जो मानवता और सेवा की भावना को दिल से मानता है।

    डॉ तेजेश ए मेहता का प्रेरक संदेश जिसने सभी के दिल को छुआ

    इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ तेजेश ए मेहता ने नेत्रदान के महत्व को बहुत सरल और भावनात्मक अंदाज में समझाया। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद हमारी आंखें किसी जरूरतमंद व्यक्ति की दुनिया रोशन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम पड़ाव के बाद भी हम किसी और की जिंदगी में उजाला बन सकते हैं। यह सोच वहां मौजूद वकीलों न्यायाधीशों और स्टाफ के दिलों में गूंजती रही।

    डॉ मेहता ने सभी को प्रेरित किया कि आंखें व्यर्थ न जाने दें बल्कि किसी जरूरतमंद को उपहार में दे दें। उनकी बातों से प्रभावित होकर कई प्रतिभागियों ने नेत्रदान आंदोलन को समर्थन देने की इच्छा जताई। यह कार्यक्रम सिर्फ एक सेशन नहीं बल्कि मानवता की एक जागरूक पुकार बनकर सामने आया।

    पांच वर्षों से समाज में फैला रहे हैं रोशनी का संदेश

    डॉ मेहता पिछले पांच वर्षों से रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3040 के साथ मिलकर नेत्रदान जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस अवधि में उन्होंने हजारों लोगों को जागरूक किया और अनेक नागरिकों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। उनका यह प्रयास समाज की सोच को बदलने और जरूरतमंदों के जीवन में रोशनी पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।

    इंदौर हाई कोर्ट में हुआ यह कार्यक्रम उनके निरंतर प्रयासों को एक बड़ा प्रोत्साहन देता है। यह साबित करता है कि जब जागरूकता सही दिशा में बढ़ती है तो समाज में सकारात्मक बदलाव जरूर आता है।

    Conclusion

    इंदौर हाई कोर्ट परिसर में आयोजित यह नेत्रदान जागरूकता सत्र सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि मानवता की एक गहरी सीख है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन के बाद भी हम किसी और के लिए आशा की किरण बन सकते हैं। समाज में ऐसे अभियान लगातार चलते रहें तो निश्चित ही उजाला और संवेदना दोनों बढ़ते रहेंगे।

  • Indore News: इंदौर इंडेक्स मेडिकल कॉलेज रिश्वत कांड में ईडी और सीबीआई की बड़ी कार्रवाई

    हाल ही में रायपुर के रावतपुरा मेडिकल इंस्टीट्यूट के मान्यता में रिश्वत कांड ने देश भर में सुर्खियां बटोर ली हैं। इस कांड के उजागर होने के बाद सीबीआई ने मेडिकल मान्यता के मामलों में जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में 20 से अधिक कॉलेजों को जांच के घेरे में लाया गया और उनके संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    इसी कड़ी में इंदौर के एक निजी मेडिकल कॉलेज पर गुरुवार को ईडी ने छापा मारा और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इस छापे को दस राज्यों में एक साथ किए गए छापों से जोड़ा जा रहा है। इंदौर के इस कॉलेज के संचालक सुरेश भदौरिया के खिलाफ भी पहले ही मेडिकल मान्यता और धोखाधड़ी का केस दर्ज हो चुका है।

    छापों के पीछे की कहानी

    आपको बता दें कि पहले ही सीबीआई ने इस मामले में छह महीने पहले 40 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे। इस कार्रवाई में तीन डॉक्टरों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब ईडी की टीम ने भी कॉलेज और उसके अकाउंट विभाग में जांच शुरू की है। हालांकि संचालक के घर और दफ्तर पर ईडी टीम नहीं पहुंची।

    जांच में यह सामने आया कि कॉलेज संचालकों को पहले ही दौरे और निरीक्षण के बारे में जानकारी दे दी जाती थी। इसके बाद वे कॉलेज में मान्यता के लिए आवश्यक मापदंडों के अनुसार सभी इंतजाम कर लेते थे। इस प्रकार मान्यता दिलाने में रिश्वत और गुप्त गठजोड़ की पूरी व्यवस्था सामने आई है।

    भविष्य में क्या हो सकता है

    इस कांड के उजागर होने से चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बड़ा हलचल मची हुई है। अब इस मामले की पूरी तह तक जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कार्रवाई अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी सतर्क कर सकती है।

    रायपुर और इंदौर के मेडिकल इंस्टीट्यूट रिश्वत कांड ने साबित कर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी कितनी महत्वपूर्ण है। जांच में शामिल एजेंसियों की कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि कोई भी ग़लत काम बगैर सजा के नहीं रह सकता।

  • Raja Raghuwanshi Murder Case: शिलांग कोर्ट में बड़ा खुलासा राजा रघुवंशी हत्याकांड में ढाई घंटे चली गवाही आरोपी मुस्कुराते दिखे

    आज हम एक ऐसे संवेदनशील मामले की बात कर रहे हैं जिसने इंदौर सहित पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला अब शिलांग कोर्ट में ट्रायल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर तारीख पर नए खुलासे सामने आ रहे हैं और पीड़ित परिवार के लिए यह सफर और भी भावनात्मक होता जा रहा है। बुधवार को राजा के भाई विपिन रघुवंशी के बयान कोर्ट में हुए और इस दौरान कई अहम बातें सामने आईं।

    शिलांग कोर्ट में शुरू हुआ ट्रायल और आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े

    मामले का ट्रायल शिलांग कोर्ट में शुरू हो चुका है और बुधवार को आरोपी सोनम और राज सहित अन्य आरोपी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े। इस दौरान विपिन रघुवंशी को आरोपियों को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि आरोपियों के चेहरे पर किसी भी तरह का पछतावा नहीं था बल्कि वे बीच बीच में मुस्कुरा भी रहे थे। उन्होंने यह भी देखा कि आरोपी नए गर्म कपड़े पहने हुए कोर्ट में पेश हुए।

    जब जज ने सोनम से उसकी तबीयत के बारे में पूछा तो उसने जवाब दिया कि वह ठीक है। यह दृश्य विपिन के लिए बेहद भावनात्मक था क्योंकि उनके सामने उन्हीं के भाई की हत्या के आरोपी मौजूद थे।

    ढाई घंटे चले बयान लेकिन अधूरे रह गए

    विपिन रघुवंशी के कोर्ट में बयान ढाई घंटे तक चले लेकिन समय समाप्त होने के कारण इन्हें पूरा नहीं किया जा सका। अब गुरुवार को वे एक बार फिर कोर्ट जाएंगे ताकि आगे की गवाही पूरी हो सके।

    बयान के दौरान उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। उन्हें बताया गया था कि सोनम मान ले रखी है और इसी कारण कामाख्या देवी के दर्शन करने जाने की योजना बनाई गई थी। बाद में सोनम ने ही शिलांग जाने का प्लान बनाया। कोर्ट में उनसे यह भी पूछा गया कि गुवाहाटी के टिकट किसने कराए और परिजनों को इन योजनाओं के बारे में जानकारी थी या नहीं।

    राजा रघुवंशी के मोबाइल स्विच ऑफ होने और उनके लापता होने के समय को लेकर भी विस्तार से सवाल पूछे गए।

    दूसरी बार शिलांग पहुंचे विपिन पर भावनात्मक बोझ बढ़ा

    यह दूसरी बार है जब विपिन रघुवंशी शिलांग कोर्ट में बयान देने पहुंचे हैं। इससे पहले वे दस नवंबर को भी कोर्ट गए थे। अभी तक उन्हें केस की चार्जशीट भी नहीं मिली है। उनके भाई राजा की हत्या के इस दर्दनाक मामले में सोनम उसका प्रेमी राज और तीन अन्य आरोपी जेल में बंद हैं और मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    पीड़ित परिवार के लिए यह पूरा दौर बेहद कठिन है क्योंकि हर गवाही उन्हें उस दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है जिसने उनके परिवार को तोड़कर रख दिया।

  • WPL 2026 Mega Auction आज दोपहर साढ़े तीन बजे से शुरू होगी दीप्ति शर्मा पर लगेगी सबसे बड़ी बोली

    महिला क्रिकेट का सबसे बड़ा दिन आज सामने है क्योंकि महिला प्रीमियर लीग 2026 का मेगा ऑक्शन गुरुवार को नई दिल्ली में होने जा रहा है। इस बार ऐसा माहौल है जिसे देखकर हर क्रिकेट प्रेमी का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। कुल 277 खिलाड़ी इस नीलामी में शामिल होंगी जबकि टीमों के पास सिर्फ 73 स्लॉट उपलब्ध हैं। दोपहर साढ़े तीन बजे से शुरू होने वाला यह ऑक्शन कई बड़े फैसलों और रोमांच से भरा होगा।

    मेगा ऑक्शन में होगी रिकॉर्ड खिलाड़ियों की बोली

    डब्ल्यूपीएल 2026 की मेगा नीलामी इस सीजन की सबसे बड़ी खबर बन चुकी है। पांचों फ्रेंचाइजियों के पास मिलकर भारतीय खिलाड़ियों के 50 और विदेशी खिलाड़ियों के 23 स्लॉट खाली हैं जिनके लिए 277 खिलाड़ी दावा पेश करेंगी। इस बार दीप्ति शर्मा पर सबकी नजरें होंगी क्योंकि विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें इस सीजन का सबसे बड़ा ऑक्शन स्टार बना दिया है। यूपी ने उन्हें रिलीज किया है और अब वे टूर्नामेंट की सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ी बन सकती हैं।

    दीप्ति शर्मा बन सकती हैं सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ी

    विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रही दीप्ति शर्मा इस बार मेगा ऑक्शन का सबसे चमकता नाम हैं। यूपी वॉरियर्स ने उन्हें रिलीज कर दिया था और अब उनके लिए सभी टीमें बोली लगाने को तैयार दिख रही हैं। अगर यूपी चाहे तो वे उन्हें वापस लेने के लिए राइट टू मैच कार्ड का उपयोग भी कर सकती है। अभी तक स्मृति मंधाना सबसे महंगी खिलाड़ी रही हैं जिन्हें 2023 में बंगलूरू ने 3.4 करोड़ में खरीदा था। इस बार दीप्ति इस रिकॉर्ड को तोड़ सकती हैं।

    युवा भारतीय खिलाड़ियों पर भी होगी बड़ी बोली

    क्रांति गौड़ और श्री चरणी जैसे युवा खिलाड़ियों ने विश्व कप में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। इनके खेल ने सभी टीमों का ध्यान खींचा है और उम्मीद की जा रही है कि ये खिलाड़ी दीप्ति शर्मा की बराबरी तक बोली पा सकते हैं। हरलीन देओल रेणुका सिंह और स्नेह राणा भी नीलामी के महत्वपूर्ण नाम हैं।

    विदेशी खिलाड़ियों में होगी जोरदार टक्कर

    विदेशी खिलाड़ियों में सबसे अधिक चर्चा दक्षिण अफ्रीका की कप्तान एल वोलवार्ड्ट की है जिन्होंने विश्व कप में सबसे अधिक रन बनाए थे। उनके अलावा नादिन डीक्लार्क ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग एलिसा हीली लिचफील्ड न्यूजीलैंड की अमेलिया केर और इंग्लैंड की एक्लेस्टोन भी आज की नीलामी में बड़ी राशि ला सकती हैं।

    टीमों का शेष पर्स कितना है

    इस बार किस टीम के पास कितना पर्स है यह जानना भी बहुत जरूरी है क्योंकि यहीं तय करेगा कि वे किस खिलाड़ी पर कितनी बड़ी बोली लगा सकती हैं।
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास 6.15 करोड़
    मुंबई इंडियंस के पास 5.75 करोड़
    दिल्ली कैपिटल्स के पास 5.7 करोड़
    गुजरात जायंट्स के पास 9 करोड़
    यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा 14.5 करोड़

    आज का दिन तय करेगा कई खिलाड़ियों का भविष्य

    आज की नीलामी सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि कई खिलाड़ियों के सपनों की असली परीक्षा है। कुछ नए चेहरे अपना भविष्य चमकाएंगे तो कुछ अनुभवी खिलाड़ी फिर एक बार खुद को साबित करेंगे। यह नीलामी महिला क्रिकेट के नए युग की शुरुआत भी साबित हो सकती है।

  • Sirpur Lake Indore: सिरपुर तालाब में बढ़ती लापरवाही: इंदौर की वेटलैंड सिटी और रामसर साइट का गौरव संकट में, पक्षियों और जैव विविधता पर खतरा

    Sirpur Lake Indore: इंदौर का प्रसिद्ध सिरपुर तालाब जिसे वेटलैंड सिटी और रामसर साइट का गौरव प्राप्त है, आज प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो रहा है। सुरक्षा के अभाव में लोग तालाब किनारे अवैध मछलियां पकड़ रहे हैं और पार्टियां कर रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इसे पर्यटन स्थल में बदलने की गलती न करें। यह तालाब शहर की होलकरकालीन धरोहर है और इसकी जैव विविधता के संरक्षण की जिम्मेदारी अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

    प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा का अभाव

    सिरपुर तालाब को सहेजने के लिए पिछले 13 वर्षों से प्रयास चल रहे हैं। जनवरी 2022 में इसे रामसर साइट का दर्जा मिला और सितंबर 2023 में नगर निगम ने वेटलैंड सिटी के लिए दावा पेश किया। डेढ़ साल बाद इंदौर को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला, लेकिन सुरक्षा और देखरेख की कमी के कारण यह उपलब्धि अब खतरे में दिख रही है। मौके पर न तो नगर निगम के सुरक्षाकर्मी दिखाई देते हैं और न ही संरक्षण का दावा करने वाले एनजीओ सक्रिय हैं।

    62 करोड़ की विकास योजना

    सिरपुर तालाब के विकास और संरक्षण के लिए नगर निगम ने केंद्र सरकार को 62 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना भेजी है। इसके अलावा यशवंत सागर के विकास के लिए भी योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार के माध्यम से इन योजनाओं को केंद्र तक पहुंचाने और राशि स्वीकृत कराने की तैयारी चल रही है, ताकि संरक्षण और विकास कार्यों को गति मिल सके।

    जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र

    अगस्त 2023 में वेटलैंड सिटी एक्रीडिएशन के तहत तालाब की जैव विविधता का अध्ययन किया गया। रामसर सम्मेलन के मानकों के आधार पर यहां मछलियों, मेंढकों, सांपों और केंचुओं की विभिन्न प्रजातियों का डाटा जुटाया गया। तालाब में 200 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें 55 प्रकार के प्रवासी पक्षी शामिल हैं। यूरेशियन विगन, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड और ग्रेटर फ्लेमिंगो जैसे अद्भुत पक्षी यहां आते हैं।

    पर्यावरणविदों की चेतावनी

    पर्यावरणविद भालू मोंढे ने चेतावनी दी है कि वेटलैंड सिटी का दर्जा मिलने के बाद संरक्षण की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यहां हर साल सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी और 100 से अधिक प्रजातियों की तितलियां पाई जाती हैं। यदि पानी की गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण को नहीं बचाया गया, तो यह पारिस्थितिक तंत्र नष्ट हो जाएगा। रवि गुप्ता का कहना है कि तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से प्राकृतिक वातावरण को नुकसान होगा और वेटलैंड सिटी का दर्जा बरकरार रखना मुश्किल हो जाएगा।

    सिरपुर तालाब न केवल इंदौर का गौरव है बल्कि शहरी पारिस्थितिकी और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा की कमी इसे संकट में डाल रही है। इसे संरक्षित रखने के लिए केवल योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जमीन पर ठोस कदम उठाना और मानवीय गतिविधियों को नियंत्रित करना अनिवार्य है।

  • Indore News: राज्यपाल की मौजूदगी में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का 7वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न

    बुधवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का 7वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह समारोह न केवल विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतीक था बल्कि संविधान के मूल्यों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के सम्मान का भी संदेश दे रहा था। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। साथ ही 76वें संविधान दिवस के अवसर पर संविधान प्रस्तावना का वाचन भी किया गया, जिससे उपस्थित सभी विद्यार्थियों और अतिथियों का मन भावविभोर हो गया।

    राज्यपाल ने दी उपाधि प्राप्त छात्रों को बधाई

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के सपनों के भारत को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। राज्यपाल ने सामाजिक न्याय, समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया और कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और सामाजिक समरसता के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए।

    माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने की सीख

    इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और गुरुजनों का जीवन भर सम्मान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए कई कठिनाइयाँ सहते हैं और उनका सम्मान करना हमारे जीवन को बेहतर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। यह समाज और राष्ट्र की सेवा करने का पहला कदम है।

    केंद्रीय मंत्री और अन्य अतिथियों के विचार

    मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि है और यह विश्वविद्यालय सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवाओं को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया और शोधार्थियों के कार्यों की सराहना की।

    विशिष्ट अतिथि अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ें।

    विधायक सुश्री उषा ठाकुर और अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए करने का संदेश दिया।

    शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और स्मारिका विमोचन

    दीक्षांत समारोह में 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने उपाधि प्राप्त छात्रों को दीक्षा और प्रतिज्ञा दिलाई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रकाशन ‘स्मारिका’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन कुलगुरु श्री रामलाल अत्राम और आभार प्रकट किया गया कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने।

    इस समारोह ने यह संदेश दिया कि ज्ञान केवल पुस्तकालयों में सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे गाँवों, बस्तियों और समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचाना आवश्यक है। यह विश्वविद्यालय अपने शोधार्थियों के माध्यम से समाज में वास्तविक बदलाव लाने की दिशा में अग्रसर है।

    डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का यह 7वां दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के लिए उपलब्धियों का पर्व था बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदारी का भी संदेश लेकर आया। राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और अन्य अतिथियों ने ज्ञान के महत्व, सामाजिक समरसता और संवेदनशील नागरिक बनने की सीख दी।

  • Indore News: इंदौर में तैयारियां तेज सरदार पटेल 150वीं जयंती पर निकलने वाली भव्य यूथ एकता यात्रा का शानदार स्वागत होगा

    पूरे देश में इन दिनों एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना चरम पर है क्योंकि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे भारत में चार विशेष यूथ एकता यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन्हीं में से नागपुर से शुरू होने वाली भव्य यूथ यात्रा इंदौर से होकर गुजरने वाली है। इंदौर में इसके स्वागत से लेकर यात्रा के प्रस्थान तक सभी तैयारियां बड़े उत्साह और सम्मान के साथ की जा रही हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधि लगातार निरीक्षण कर यात्रा को यादगार बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

    जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया तैयारियों का विस्तृत जायजा

    आज सांसद शंकर लालवानी महापौर पुष्पयमित्र भार्गव विधायक रमेश मेंदोला कलेक्टर शिवम वर्मा अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव अपर कलेक्टर रोशन राय सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि यात्रा मार्ग और कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचे।
    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर जाकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया जहां से यह यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू होगी।

    बैतूल से शुरू होकर इंदौर पहुंचने वाली यात्रा का रहेगा विशेष पड़ाव

    यह यात्रा मंगलवार 25 नवंबर 2025 को बैतूल से शुरू होकर हरदा खातेगांव कन्नौद और डबल चौकी होते हुए इंदौर पहुंचेगी। उसी दिन इंदौर में रात्रि विश्राम होगा।
    अगले दिन यानी 26 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा का शुभारंभ करेंगे और इंदौर में इसका भव्य स्वागत होगा। इसके बाद यह यात्रा धार और झाबुआ से होती हुई गुजरात के गोधरा में प्रवेश करेगी।

    पूरे मार्ग पर रहेगा उत्साह स्वागत और सांस्कृतिक रंग

    इंदौर शहर ही नहीं बल्कि पूरे मार्ग पर यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। रास्ते भर सांस्कृतिक कार्यक्रम लोक नृत्य और युवा संवाद आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के साथ सरदार पटेल के जीवन से जुड़े चित्र स्मरण लेख कविता पाठ और प्रदर्शनी भी लगाई जाएंगी ताकि युवा पीढ़ी को उनके विचारों और राष्ट्रनिर्माण के योगदान से परिचित कराया जा सके।

    एक पेड़ मां के नाम पहल और स्वच्छता कार्यक्रम भी रहेंगे आकर्षण का केंद्र

    इस ऐतिहासिक यूथ यात्रा में सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश देने पर भी जोर दिया जाएगा। यात्रा मार्ग पर एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही स्वच्छता अभियान स्वदेशी प्रदर्शनी और खेल गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। आयोजन को गरिमा और गौरव के साथ सम्पन्न करने के लिए सभी विभागों को समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इंदौर में उमड़ेगा देशभक्ति का जोश सरदार पटेल की एकता की भावना बनेगी प्रेरणा

    इंदौर में होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल यात्रा का स्वागत होगा बल्कि देश की एकता और अखंडता के प्रति सम्मान भी होगा। सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी प्रेरणाएं युवाओं में देशभक्ति जागृत करेंगी और यह यात्रा आने वाले अनेक वर्षों तक याद रखी जाएगी।

  • इंदौर गौतमपुरा में बड़ा अपडेट कलेक्टर शिवम वर्मा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा

    इंदौर जिले के गौतमपुरा क्षेत्र में आज प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहीं। कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा यहां पहुंचे और उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के 26 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की भी बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान विधायक मनोज पटेल और एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    सीएम मोहन यादव के कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण

    गौतमपुरा में कलेक्टर ने हेलीपेड स्थल, सभा स्थल और मुख्यमंत्री के रोड शो मार्ग का निरीक्षण किया। उनके साथ नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, नगर परिषद देपालपुर, चिकित्सा विभाग, खाद्य विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सभी विभागों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

    सड़क मरम्मत से लेकर बैठने की व्यवस्था तक कलेक्टर ने दिए अहम निर्देश

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्मा ने कार्यक्रम की हर छोटी और बड़ी जरूरत की समीक्षा की। उन्होंने रोड शो मार्ग पर सड़क की मरम्मत साफ सफाई और विद्युत लाइनों को सुरक्षित ऊंचाई पर करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर मंच पेयजल चलित शौचालय बिजली व्यवस्था बैठक व्यवस्था और बेरिकेटिंग से जुड़े सभी प्रबंधों को समयसीमा में पूरा करने को कहा गया।

    मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का भी लिया जायजा

    कलेक्टर वर्मा गौतमपुरा के शासकीय विद्यालय भी पहुंचे जहां 12 मतदान केंद्रों के मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण तेजी से जारी है। कलेक्टर ने बूथ लेवल अधिकारियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि यह कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले BLO को सम्मानित किया जाएगा।

    अधिकारी और जनप्रतिनिधि सक्रिय प्रशासन चुनाव तैयारियों में जुटा

    गौतमपुरा में आज की समीक्षा से साफ है कि प्रशासन आगामी कार्यक्रम और चुनावी तैयारियों को लेकर बेहद गंभीर है। सभी विभागों को समन्वय में काम करने और समय पर सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोग भी बड़े कार्यक्रम और प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर उत्साहित हैं

  • इंदौर कनाडिया में बड़ा हादसा 68 वर्षीय नवीनचंद्र जैन की मौत ट्रक की तेज टक्कर से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    आज इंदौर के कनाडिया क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। यहां टाउनशिप में रहने वाले 68 वर्षीय नवीनचंद्र जैन सुबह की तरह ही दूध लेने घर से निकले थे लेकिन वापसी के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोर से टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी खतरनाक थी कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है।

    टक्कर के बाद भी नहीं रुका ट्रक चालक पुलिस जुटी जांच में

    हादसा होते ही ट्रक चालक मौके से फरार हो गया जिससे उसका नंबर भी ट्रेस नहीं हो सका। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से ट्रक और उसके चालक की पहचान कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर उस समय भीड़ कम थी और चालक तेज रफ्तार में था जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रीलाल गंगवाल के भतीजे थे नवीनचंद्र जैन

    नवीनचंद्र जैन कोई आम व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रीलाल गंगवाल के भतीजे थे। वे मूल रूप से देवास के रहने वाले थे और बैंक की नौकरी के सिलसिले में लंबे समय तक अलग अलग शहरों में रहे। कुछ वर्ष पहले ही वे बैंक से सेवानिवृत्त हुए थे और शांत स्वभाव के लिए पूरे क्षेत्र में जाने जाते थे।

    परिवार पर टूटा दुख का पहाड़ दो बेटे विदेश और बेंगलुरु में रहते हैं

    इस हादसे के बाद परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो बेटे हैं जिनमें से एक अमेरिका में रहता है जबकि दूसरा बेंगलुरु में है। पिता की मौत की खबर मिलते ही अमेरिका में रहने वाला बेटा तुरंत भारत के लिए रवाना हो गया है। मंगलवार शाम को उनकी अंत्येष्टि की जाएगी।

    परिजनों ने जताई अंगदान की इच्छा एक प्रेरणादायक कदम

    दुख की इस घड़ी में भी परिवार ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। परिजनों ने बताया कि नवीनचंद्र जैन अंगदान करना चाहते थे इस इच्छा को पूरा करने के लिए परिवार ने संबंधित संस्था से संपर्क कर लिया है। बेटे के विदेश से आने के बाद अंगदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    समुदाय में शोक की लहर क्षेत्र में फैला सन्नाटा

    नवीनचंद्र जैन की मौत से पूरे कनाडिया क्षेत्र में शोक की लहर है। लोग उनके शांत और सरल स्वभाव को याद कर भावुक हो रहे हैं। समाज के कई लोग और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

    पुलिस की सक्रियता जरूरी है न्याय की उम्मीद में परिवार

    परिवार और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक तक पहुंचेगी और उन्हें न्याय मिलेगा। सड़क पर ऐसी लापरवाह ड्राइविंग कई परिवारों को उजाड़ देती है जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • आईपीएल 2026 ऑक्शन में हिल जाएगा फैंस का दिल ऐसे बड़े नाम हो सकते हैं पूरी तरह अनसोल्ड

    आज हम बात करने वाले हैं आईपीएल 2026 ऑक्शन से जुड़ी उस बड़ी चर्चा की जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया है. इस बार कई ऐसे सुपरस्टार खिलाड़ी हैं जो कभी अपनी टीमों के सुपरहिट मैच विनर हुआ करते थे लेकिन अब हालत ये है कि आईपीएल 2026 ऑक्शन में उनका बिकना भी मुश्किल माना जा रहा है. कुल 77 स्लॉट्स को भरने के लिए टीमें बोली लगाएंगी और कई युवा खिलाड़ियों पर पैसा बरसेगा लेकिन कुछ पुराने दिग्गज शायद इस बार किसी टीम की योजना में फिट ना बैठ पाएं.

    आईपीएल 2026 का ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी में होगा और इस बार कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिल सकते हैं. चलिए जानते हैं उन पांच बड़े खिलाड़ियों के बारे में जिनका इस बार अनसोल्ड रह जाना लगभग तय माना जा रहा है.

    विजय शंकर का करियर मुश्किल मोड़ पर पहुंचा

    विजय शंकर को कभी भविष्य का ऑलराउंडर माना जाता था लेकिन पिछले सीजन चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें रिटेन नहीं किया है. सीएसके ने उन्हें 1.20 करोड़ में खरीदा था और उन्होंने सिर्फ 6 मैच में 118 रन ही बनाए. गेंदबाजी भी नहीं मिली जिससे उनका रोल और छोटा हो गया. 34 साल के विजय शंकर की फॉर्म और उम्र दोनों ही उनके खिलाफ हैं इसलिए इस बार उनका बिकना बेहद कठिन लग रहा है.

    राहुल त्रिपाठी की गिरती फॉर्म के कारण मुश्किलें बढ़ीं

    राहुल त्रिपाठी कभी टॉप ऑर्डर में धमाकेदार बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे लेकिन पिछले दो सीजन में उनका स्ट्राइक रेट और निरंतरता दोनों ही बिगड़ गई. चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें पिछले साल 3.40 करोड़ में खरीदा था लेकिन वह सिर्फ 55 रन ही बना पाए. 34 साल की उम्र और लगातार खराब प्रदर्शन के चलते उनकी बोली लगना मुश्किल माना जा रहा है.

    मोहित शर्मा के लिए राह बहुत कठिन

    मोहित शर्मा का अनुभव शानदार है लेकिन 37 साल की उम्र और कमजोर प्रदर्शन उनकी सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं. दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें पिछले सीजन 2.20 करोड़ में खरीदा था लेकिन वह 8 मैच में सिर्फ 2 विकेट ही ले पाए. इतने कम असरदार प्रदर्शन के बाद किसी टीम का उन पर दांव लगाना लगभग नामुमकिन दिखता है.

    ग्लेन मैक्सवेल का नाम बड़ा प्रदर्शन छोटा

    ग्लेन मैक्सवेल दुनिया के सबसे बड़े टी20 सितारों में गिने जाते हैं लेकिन आईपीएल में उनका प्रदर्शन लगातार गिरा है. आरसीबी ने उन्हें कभी 14.25 करोड़ में खरीदा था लेकिन पिछले कुछ सीजन में उन्होंने रन बनाना लगभग बंद ही कर दिया. पिछले वर्ष पंजाब किंग्स ने उन्हें 4.20 करोड़ में खरीदा था लेकिन वह सिर्फ 48 रन ही बना पाए. इस बार उनकी उम्र और खराब फॉर्म को देखते हुए उनका बिकना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है.

    फाफ डू प्लेसिस का अंत करीब

    फाफ डू प्लेसिस ने आईपीएल में हजारों रन बनाए हैं और कई मैच जिताए हैं लेकिन 41 साल की उम्र में टीमें अब निवेश करने से डर रही हैं. दिल्ली के लिए पिछले सीजन उन्होंने 202 रन बनाए थे लेकिन फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया. टीमें अब युवा और तेज खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रही हैं इसलिए फाफ के लिए स्थिति बेहद कठिन हो सकती है.

    निष्कर्ष

    आईपीएल 2026 ऑक्शन कई खिलाड़ियों के करियर के लिए निर्णायक साबित होगा. नई प्रतिभाएं चमकेंगी और पुराने सितारे शायद फीके पड़ जाएंगे. यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नामों में से कौन अंतिम समय में किसी टीम का ध्यान खींचने में सफल होता है.