Author: Chayan__09

  • PM किसान सम्मान निधि घोटाला: राजस्थान में 440 करोड़ की गड़बड़ी से मचा हड़कंप

    राजस्थान में PM किसान सम्मान निधि घोटाला सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। करीब 440 करोड़ रुपये की गड़बड़ी उजागर होने से यह मामला बेहद गंभीर बन गया है। PM किसान सम्मान निधि घोटाला ने सरकार की योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ किया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, किसानों को अटकी हुई राशि जल्द जारी करने का भरोसा भी दिया गया है।

    PM किसान सम्मान निधि घोटाला की जांच तेज

    PM किसान सम्मान निधि घोटाला को लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घोटाले के पीछे काम कर रहे पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। साथ ही, दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी।

    कैसे हुआ इतना बड़ा फर्जीवाड़ा

    PM किसान सम्मान निधि घोटाला में शुरुआती जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों और गलत डेटा के जरिए बड़ी संख्या में अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

    इस घोटाले ने यह भी दिखाया कि योजना के क्रियान्वयन में कई स्तरों पर निगरानी की कमी रही। अब सरकार इस पूरी प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।

    किसानों को मिलेगा उनका हक

    PM किसान सम्मान निधि घोटाला के बीच सरकार ने यह भी साफ किया है कि असली किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जिन किसानों की किस्तें रुकी हुई हैं, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा।

    सरकार का कहना है कि जांच पूरी होते ही दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ पूरी प्रणाली में सुधार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।

    सरकार का सख्त रुख

    PM किसान सम्मान निधि घोटाला पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।

  • सरसों बेचने वालों के लिए बड़ा मौका या बड़ा जाल… 23 मार्च से शुरू हुई योजना में एक गलती और पैसा खत्म

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए बड़ा फैसला सामने आया है लेकिन इसके साथ ही कई सख्त नियम भी लागू कर दिए गए हैं। सरसों बेचने वाले किसानों को अब सीधे फायदा मिल सकता है लेकिन अगर एक भी नियम छूट गया तो पूरा लाभ हाथ से निकल सकता है। 23 मार्च से शुरू हुई इस नई व्यवस्था ने किसानों के बीच हलचल बढ़ा दी है।

    इंदौर समेत पूरे मध्य प्रदेश में शुरू हुई नई खरीदी

    इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश की मंडियों में 23 मार्च 2026 से सरसों की खरीदी शुरू हो गई है। यह खरीदी भावांतर भुगतान योजना के तहत हो रही है और इसकी आखिरी तारीख 30 मई 2026 तय की गई है।

    इंदौर के किसान इस योजना को लेकर खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। मंडियों में पहले ही दिन से किसानों की आवाजाही बढ़ गई है क्योंकि सभी चाहते हैं कि उन्हें सरकार की तरफ से तय लाभ मिल सके।

    सिर्फ मुख्य मंडी में ही मिलेगा फायदा

    इस योजना का सबसे बड़ा नियम यह है कि किसान को अपनी उपज केवल मुख्य मंडी प्रांगण में ही बेचनी होगी। इंदौर में भी यही नियम लागू है और उपमंडी में सरसों बेचने पर कोई लाभ नहीं मिलेगा।

    इसके अलावा किसान को उसी जिले की मंडी में जाना होगा जहां उसका पंजीयन है। अगर इंदौर का किसान है तो उसे इंदौर जिले की मंडी में ही सरसों बेचनी होगी।

    कितनी सरसों बेच पाएंगे किसान

    सरकार ने इस बार खरीदी की मात्रा भी तय कर दी है। एक हेक्टेयर पर अधिकतम 13.22 क्विंटल सरसों ही इस योजना में शामिल होगी।

    अगर किसी किसान ने 1 मार्च से 22 मार्च के बीच पहले ही सरसों बेच दी है तो वह मात्रा उसकी कुल पात्रता से घटा दी जाएगी। यानी अब वह केवल बची हुई मात्रा पर ही लाभ ले सकेगा।

    भुगतान का नियम बदला तो खेल बदल गया

    इंदौर के किसानों के लिए सबसे अहम नियम भुगतान से जुड़ा है। इस योजना में नकद पैसा लेना पूरी तरह से मना है।

    अगर किसान ने नकद भुगतान लिया तो उसे योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा। व्यापारी को पूरी राशि ऑनलाइन ही डालनी होगी और वही मान्य होगी।

    MSP से कम रेट पर मिलेगा फायदा

    सरसों का समर्थन मूल्य इस बार 6000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। अगर मंडी में इससे कम भाव मिलता है और सरकार के मॉडल रेट से ऊपर रहता है तो ही भावांतर का लाभ मिलेगा।

    इंदौर में कई किसान इसी गणित को समझने में लगे हुए हैं ताकि उन्हें सही समय पर सही फायदा मिल सके।

    मंडी में एंट्री से पहले ये काम जरूरी

    इंदौर की मंडियों में प्रवेश के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। किसान को अपनी ट्रॉली के साथ एंट्री गेट पर रुकना होगा और सरसों का सैंपल दिखाना होगा।

    उसे प्रवेश पर्ची भी लेनी होगी और साथ में आधार कार्ड की कॉपी और पंजीयन दस्तावेज रखना अनिवार्य है। बिना इन दस्तावेजों के मंडी में एंट्री मुश्किल हो सकती है।

    बिना नंबर प्लेट के वाहन नहीं चलेंगे

    इस बार एक और सख्ती की गई है। अगर किसान का वाहन नंबर प्लेट के बिना आता है तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

    इंदौर में कई जगह इस नियम को लेकर पहले ही सख्ती शुरू हो गई है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

    नई सरसों ही होगी मान्य

    इस योजना का लाभ केवल नई फसल पर ही मिलेगा। पुरानी सरसों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

    साथ ही सरसों की क्वालिटी भी साफ सुथरी होनी चाहिए तभी किसान को लाभ मिलेगा। खराब या गंदी सरसों पर योजना लागू नहीं होगी।

  • कम जमीन और कम खर्च में होगी तगड़ी कमाई, इस स्मार्ट खेती फार्मूले ने बदल दी आमदनी की पूरी कहानी, जानिए कैसे एक ही खेत से खुलेंगे कई कमाई के रास्ते

    Low Cost Farming| खेती में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच अब एक ऐसा तरीका सामने आया है जिसने किसानों की सोच बदल दी है. अब कम जमीन और कम खर्च में भी अच्छी कमाई संभव हो रही है. बदलते समय में पारंपरिक खेती से हटकर नए तरीकों को अपनाने वाले किसान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उनकी आय में साफ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

    एक ही खेत से कई कमाई के रास्ते कैसे खुल रहे हैं

    अब खेती सिर्फ एक फसल तक सीमित नहीं रही. नई सोच यह कहती है कि खेत को अलग अलग हिस्सों में बांटकर कई तरह की फसलें उगाई जाएं. इससे एक तरफ जोखिम कम होता है तो दूसरी तरफ हर दिन कुछ न कुछ आय आती रहती है. अगर एक फसल का दाम गिर जाए तो दूसरी फसल नुकसान को संभाल लेती है. Low Cost Farming

    छोटे खेत वाले लोग भी इस तरीके से फायदा उठा रहे हैं. आधे खेत में अनाज और बाकी हिस्से में सब्जियां और बागवानी करने से आमदनी के नए रास्ते बनते हैं. इससे बाजार में लगातार बिक्री बनी रहती है और नकदी की कमी नहीं होती. Low Cost Farming

    समय पर बुवाई से बदल सकती है किस्मत

    खेती में समय सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है. सही समय पर बुवाई करने से फसल की ग्रोथ बेहतर होती है और उत्पादन भी बढ़ता है. खासकर गर्मी के मौसम में सब्जियों की समय पर बुवाई करने वाले लोग जल्दी और ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं.

    जो लोग मौसम के हिसाब से फसल बदलते रहते हैं उन्हें बाजार में हमेशा डिमांड मिलती है. इससे उनकी फसल जल्दी बिकती है और अच्छी कीमत भी मिलती है.

    मल्टी क्रॉपिंग से रोजाना आय का मौका

    अब एक ही तरह की खेती करने का दौर खत्म हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि दो या तीन तरह की सब्जियों की खेती एक साथ करना ज्यादा फायदेमंद है. इससे हर फसल का अलग बाजार मिलता है और कीमत भी बेहतर मिलती है.

    इस तरीके से खेत में हमेशा कुछ न कुछ तैयार रहता है जो सीधे बाजार में बिक सकता है. इससे रोजाना आय का एक स्थायी जरिया बन जाता है जो आर्थिक रूप से काफी मजबूत करता है.

    नई तकनीक से घटेगा खर्च बढ़ेगा उत्पादन

    खेती में अब मशीनों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. छोटे ट्रैक्टर और पावर टिलर जैसे उपकरण काम को आसान बनाते हैं और समय भी बचाते हैं. इसके साथ ही उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है. Low Cost Farming

    ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर जैसी तकनीक पानी की बचत के साथ साथ फसल की गु णवत्ता को भी बेहतर बनाती हैं. इससे लागत कम होती है और पैदावार ज्यादा मिलती है.

    मल्चिंग तकनीक से खेत रहेगा सुरक्षित

    मल्चिंग तकनीक खेती में एक गेम चेंजर साबित हो रही है. इसमें जमीन को प्लास्टिक कवर से ढक दिया जाता है जिससे खरपतवार नहीं उगते और नमी बनी रहती है. इससे पानी की जरूरत कम हो जाती है और फसल तेजी से बढ़ती है. Low Cost Farming

    इसके साथ स्ट्रिंगर जैसी विधियों को अपनाने से पौधों को सहारा मिलता है और उत्पादन में सुधार होता है. यह तरीका खासकर सब्जियों की खेती में काफी कारगर माना जा रहा है.

    ग्रेडिंग से बढ़ेगी बाजार में कीमत

    फसल उगाने के बाद उसकी सही तरीके से ग्रेडिंग करना भी उतना ही जरूरी है. जब उत्पाद को आकार और गुणवत्ता के हिसाब से अलग किया जाता है तो बाजार में उसकी कीमत ज्यादा मिलती है. Low Cost Farming

    अच्छी क्वालिटी और साफ सुथरे तरीके से तैयार किया गया माल ग्राहकों को जल्दी आकर्षित करता है. इससे बिक्री तेजी से होती है और मुनाफा बढ़ता है

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  • CM मोहन यादव हुए इमोशनल जब बच्चों ने बनाया उनका स्केच… फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया

    Indore student sketch CM Mohan Yadav: इंदौर में उस वक्त माहौल तालियों से गूंज उठा जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सामने दो स्कूली बच्चों की कला ने ऐसा जादू दिखाया कि खुद मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए ठहर गए। निपानिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जो नजारा देखने को मिला उसने हर किसी का दिल जीत लिया।

    इंदौर के बच्चों ने बना दिया यादगार पल

    इंदौर के निपानिया क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों की प्रतिभा खुलकर सामने आई। इसी दौरान दो छात्र ईशान भालसे और शिवा वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का शानदार स्केच तैयार किया। Indore student sketch CM Mohan Yadav

    जब यह स्केच मुख्यमंत्री को भेंट किया गया तो वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इतनी कम उम्र में इतनी बारीक और जीवंत चित्रकारी देखकर खुद मुख्यमंत्री भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। Indore student sketch CM Mohan Yadav

    मुख्यमंत्री ने खुद बुलाया और की खुलकर तारीफ

    इंदौर के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तुरंत दोनों विद्यार्थियों को अपने पास बुलाया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके बारे में जाना।

    बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रतिभा बहुत खास होती है और इसे आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों की कला की जमकर सराहना की और उन्हें आगे भी लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

    इंदौर में मिला बच्चों को खास इनाम

    इस पूरे मौके को और भी खास तब बना दिया गया जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दोनों छात्रों को 11 हजार रुपये का पारितोषिक देने की घोषणा की।

    उन्होंने मौके पर मौजूद कलेक्टर शिवम वर्मा को निर्देश दिए कि दोनों विद्यार्थियों को 11-11 हजार रुपये की राशि सम्मान के रूप में दी जाए। इस फैसले के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। Indore student sketch CM Mohan Yadav

    इंदौर बना प्रतिभाओं का नया मंच

    इंदौर लगातार ऐसे कार्यक्रमों के जरिए बच्चों की प्रतिभाओं को सामने लाने का काम कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर सही मंच मिले तो छोटे शहरों के बच्चे भी बड़ी पहचान बना सकते हैं।

    ईशान और शिवा की यह सफलता अब इंदौर के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। उनके इस सम्मान ने यह साफ कर दिया कि मेहनत और हुनर कभी भी छिपे नहीं रहते। Indore student sketch CM Mohan Yadav

    इंदौर में मौत का चार्जर बना इलेक्ट्रिक कार का कनेक्शन आठ जिंदा जले एक घर बना आग का कब्रिस्तान

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  • तूफानी बारिश और ओलों ने छीनी किसानों की मुस्कान अब बड़वानी में शुरू हुआ बड़ा सर्वे ऑपरेशन जानिए कब मिलेगा मुआवजा

    Barwani hailstorm damages crops:बड़वानी में मौसम के अचानक बदले तेवर ने खेतों की तस्वीर ही बदल दी है। पिछले 24 घंटों में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में खड़ी फसलें जमीन पर बिखरी नजर आ रही हैं और किसान अब उम्मीद भरी नजरों से प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

    बड़वानी में मौसम का कहर और खेतों में पसरा सन्नाटा

    बड़वानी जिले के अलग अलग इलाकों में जो मंजर सामने आया है वह किसी झटके से कम नहीं है। अंजड़ ठीकरी और पानसेमल जैसे क्षेत्रों में तेज ओलों ने मक्का की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही केला और पपीता जैसी नगदी फसलें भी इस आपदा से नहीं बच पाईं।

    किसानों का कहना है कि कुछ ही घंटों में पूरी मेहनत मिट्टी में मिल गई। बड़वानी के कई गांवों में खेतों में सफेद ओलों की परत देखी गई जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नुकसान कितना बड़ा है। Barwani hailstorm damages crops

    कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत एक्शन में प्रशासन

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बड़वानी प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए हैं। कलेक्टर जयति सिंह के निर्देश के बाद राजस्व विभाग कृषि विभाग और उद्यानिकी विभाग की संयुक्त टीमें तुरंत मैदान में उतर गईं।

    ये टीमें बड़वानी जिले के प्रभावित गांवों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। रेहगुन सजवानी लोनसरा बालकुआं तलवाड़ा बुजुर्ग धनोरा भातकी आमझिरी मल्फा खेतिया और मलगांव जैसे गांवों में लगातार सर्वे किया जा रहा है ताकि नुकसान का सही आंकलन हो सके।

    खेतों में पहुंची टीमों ने शुरू किया जमीनी सर्वे

    बड़वानी (Barwani hailstorm damages crops)में चल रहे इस सर्वे अभियान के दौरान अधिकारी खुद खेतों तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरपंचों की मौजूदगी में फसलों की स्थिति को देखा जा रहा है ताकि कोई भी किसान छूट न जाए।

    अभी शुरुआती तौर पर नेत्रांकन विधि से नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके बाद फसल कटाई प्रयोग के जरिए वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाएगा। यह प्रक्रिया तय करेगी कि किस किसान को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी।

    किसानों के लिए राहत की उम्मीद कब पूरी होगी

    बड़वानी के किसान इस समय सबसे बड़ा सवाल यही पूछ रहे हैं कि राहत कब मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही सर्वे पूरा होगा वैसे ही नियमों के अनुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    हालांकि अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि हर प्रभावित किसान तक सही मदद पहुंचे। इसलिए बड़वानी में सर्वे को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है ताकि राहत देने में देरी न हो। Barwani hailstorm damages crops 

    बड़वानी से जुड़ी अन्य ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए   Barwani News सेक्शन देखें।

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  • 25 मार्च को खुलने जा रहा है रोजगार का बड़ा दरवाजा! आलीराजपुर में लगेगा ऐसा मेला जहां नौकरी खुद आएगी आपके पास

    Alirajpur Youth Sangam Fair 2026| आलीराजपुर के युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बेरोजगारी से जूझ रहे हजारों युवक युवतियों के लिए अब मौका खुद चलकर उनके शहर में आने वाला है। 25 मार्च 2026 को आलीराजपुर में एक ऐसा आयोजन होने जा रहा है जो कई युवाओं की जिंदगी बदल सकता है। इस दिन सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में एक दिवसीय युवा संगम मेला लगाया जाएगा जहां सीधे कंपनियां पहुंचकर युवाओं को नौकरी देने वाली हैं।

    आलीराजपुर में पहली बार ऐसा मौका जब कंपनियां खुद करेंगी चयन

    आलीराजपुर (Alirajpur Youth Sangam Fair 2026)जिले में आयोजित होने वाला यह युवा संगम मेला सिर्फ एक सामान्य आयोजन नहीं है बल्कि यह युवाओं के लिए करियर की नई शुरुआत बन सकता है। इस मेले में निजी क्षेत्र की तीन अलग अलग कंपनियां शामिल होंगी जो मौके पर ही युवाओं का चयन करेंगी।

    इसका मतलब साफ है कि अब नौकरी के लिए बड़े शहरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आलीराजपुर में ही कंपनियां इंटरव्यू लेंगी और योग्य उम्मीदवारों को मौके पर ही रोजगार का अवसर दे सकती हैं।

    स्वरोजगार से लेकर प्रशिक्षुता तक हर विकल्प मिलेगा

    इस मेले की खास बात यह है कि यहां सिर्फ नौकरी ही नहीं बल्कि स्वरोजगार और प्रशिक्षुता के विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। यानी जो युवा खुद का काम शुरू करना चाहते हैं उन्हें भी यहां सही मार्गदर्शन और अवसर मिल सकता है।

    आलीराजपुर के ऐसे युवा जो अभी तक दिशा की तलाश में थे उनके लिए यह मेला किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है। यहां उनके कौशल के अनुसार विकल्प मिलेंगे जिससे वे अपने भविष्य को मजबूत बना सकते हैं।

    आईटीआई परिसर बनेगा रोजगार का केंद्र

    25 मार्च को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आलीराजपुर का परिसर पूरी तरह रोजगार के माहौल में बदल जाएगा। यहां सुबह से ही युवाओं की भीड़ देखने को मिल सकती है क्योंकि यह मौका हर किसी के लिए अहम है।

    संस्था के प्राचार्य ने भी जिले के अधिक से अधिक युवाओं से अपील की है कि वे इस मेले में जरूर शामिल हों। उनका कहना है कि यह आयोजन युवाओं को उनके कौशल के अनुसार सही दिशा देने के लिए किया जा रहा है। Alirajpur Youth Sangam Fair 2026

    आलीराजपुर के युवाओं के लिए क्यों खास है यह आयोजन

    आलीराजपुर (Alirajpur Youth Sangam Fair 2026)जैसे जिले में जहां रोजगार के अवसर सीमित होते हैं वहां इस तरह का आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। यह मेला न सिर्फ नौकरी दिलाने का माध्यम बनेगा बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।

    जो युवा लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है जिसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    अलीराजपुर से जुड़ी अन्य ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए Alirajpur News सेक्शन देखें।

  • इन तारीखों से शुरू होगी MP में गेहूं खरीदी 2026, किसानों को मिलेगा 2625 रुपए प्रति क्विंटल, भोपाल सहित इन संभागों को पहले मौका

    Madhya Pradesh Wheat Purchase 2026| मध्य प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशी की खबर सामने आई है। सरकार ने गेहूं खरीदी को लेकर ऐसा फैसला लिया है जो सीधे किसानों की जेब पर असर डालेगा। इस बार समर्थन मूल्य के साथ बोनस जोड़कर कीमत को इतना बढ़ा दिया गया है कि हर किसान को अपनी मेहनत का सही दाम मिलने की उम्मीद है।

    1 अप्रैल से शुरू होगी खरीदी भोपाल समेत इन संभागों में पहले मिलेगा मौका

    खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने साफ कर दिया है कि गेहूं खरीदी का पूरा प्लान तैयार हो चुका है। इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी। वहीं बाकी संभागों में 7 अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी। भोपाल में रहने वाले किसानों के लिए यह खबर खास मायने रखती है क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचते हैं। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक खरीदी होगी जिससे किसानों को लंबी लाइन या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। Madhya Pradesh Wheat Purchase 2026

    अब मिलेगा 2625 रुपए प्रति क्विंटल सीधे खाते में आएगा फायदा

    इस बार सरकार ने 40 रुपए बोनस देने का बड़ा फैसला लिया है। इसके बाद गेहूं (Madhya Pradesh Wheat Purchase 2026) का समर्थन मूल्य बढ़कर 2625 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। यह बढ़ोतरी सीधे किसानों की आमदनी बढ़ाने वाली है। भोपाल और आसपास के जिलों में किसान लंबे समय से बेहतर दाम की मांग कर रहे थे। ऐसे में यह फैसला उनके लिए किसी राहत पैकेज से कम नहीं है।

    रिकॉर्ड तोड़ पंजीयन इस बार किसानों का जबरदस्त उत्साह

    इस साल गेहूं खरीदी (Madhya Pradesh Wheat Purchase 2026) के लिए 19 लाख से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया है। यह आंकड़ा पिछले साल से काफी ज्यादा है जब करीब 15 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। भोपाल जिले में भी हजारों किसानों ने पंजीयन कराया है जिससे साफ है कि इस बार खरीदी का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ने वाले हैं। सीहोर विदिशा रायसेन और राजगढ़ जैसे भोपाल के आसपास के जिलों में भी भारी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया है

    भोपाल सहित पूरे प्रदेश में दिखेगा बड़ा असर बाजार से लेकर गांव तक बदलेगी तस्वीर

    भोपाल में गेहूं खरीदी (Madhya Pradesh Wheat Purchase 2026) शुरू होते ही मंडियों में रौनक बढ़ेगी। ट्रैक्टर ट्रॉली की आवाजाही बढ़ेगी और गांव से लेकर शहर तक आर्थिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी। इस फैसले का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि व्यापारी मजदूर और परिवहन से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलेगा। भोपाल और आसपास के इलाकों में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा जहां खेती मुख्य आय का जरिया है।

    सिर्फ 2 महीने में हो सकती है गर्मियों में तगड़ी कमाई! इस सब्जी की खेती से मिलेगा बड़ा मुनाफा, जानिए कौन सी है खेती

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  • Barwani Village Training Program| बड़वानी में बड़ा कदम: गांव बदलने की नई तैयारी शुरू, युवाओं को मिला खास ट्रेनिंग का मौका

    Barwani Village Training Program| बड़वानी में आज कुछ ऐसा हुआ जिसने गांव की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगा दी। ग्राम बोरलाय में एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम ने लोगों के बीच नई सोच और नई ऊर्जा भर दी। गांव के विकास को लेकर जो बातें अक्सर सिर्फ कागजों में रह जाती हैं आज उन्हें जमीन पर उतारने की तैयारी दिखाई दी।

    बोरलाय गांव में विकास की नई शुरुआत

    बड़वानी जिले के ग्राम (Barwani Village Training Program) बोरलाय में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद और नवांकुर संस्था के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रस्फुटन समिति के सदस्यों को खास तौर पर तैयार किया गया ताकि वे गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

    यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि इसमें शामिल लोगों को वास्तविक जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया। गांव के लोग अब सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि बदलाव के भागीदार बनने जा रहे हैं।

    परिषद की भूमिका को समझाया गया

    प्रशिक्षण के दौरान मुख्य वक्ता दूधलाल जी ने परिषद की कार्यप्रणाली को बहुत सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे परिषद गांवों में जागरूकता बढ़ाकर समाज को मजबूत बनाती है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर गांव मजबूत होगा तो पूरा समाज अपने आप मजबूत हो जाएगा। बड़वानी Barwani Village Training Program जैसे क्षेत्रों में इस तरह के प्रयास बहुत जरूरी हैं जहां अभी भी विकास की कई संभावनाएं बाकी हैं।

    गांव और पर्यावरण के बीच संतुलन की सीख

    कार्यक्रम में संतोष यादव ने ग्राम विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि अगर विकास करना है तो प्रकृति को साथ लेकर चलना होगा।

    बड़वानी के ग्रामीण  Barwani Village Training Program इलाकों में यह समझ बहुत जरूरी है क्योंकि यहां खेती और प्रकृति दोनों ही जीवन का आधार हैं। सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को भी उन्होंने बेहद आसान भाषा में रखा।

    संस्था बनाने से लेकर संचालन तक की जानकारी

    उदेराम ठाकुर ने लोगों को बताया कि एक मजबूत संस्था कैसे बनाई जाती है और उसका उद्देश्य क्या होना चाहिए। उन्होंने NGO के गठन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया ताकि गांव के लोग खुद की संस्था बनाकर अपने क्षेत्र में काम कर सकें।

    इसके बाद राजेंद्र देवड़े ने समिति के संचालन से जुड़े जरूरी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे प्रतिवेदन तैयार किया जाता है और लेखा जोखा सही तरीके से रखा जाता है ताकि काम पारदर्शी रहे।

    आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा संदेश

    कार्यक्रम के अंतिम चरण में सुरेश मुकाती ने आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव खुद अपने पैरों पर खड़ा नहीं होगा तब तक असली विकास संभव नहीं है। Barwani Village Training Program

    प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए जिससे उनमें आत्मविश्वास और जिम्मेदारी दोनों बढ़े। बड़वानी के इस छोटे से गांव में हुआ यह आयोजन अब बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है।

  • सिर्फ 2 महीने में हो सकती है गर्मियों में तगड़ी कमाई! इस सब्जी की खेती से मिलेगा बड़ा मुनाफा, जानिए कौन सी है खेती

     Bottle Gourd Farming| गर्मियों के सीजन की शुरुआत होते ही किसानों के लिए एक बड़ा मौका सामने आ जाता है जहां सही फैसला सीधे कमाई से जुड़ जाता है. इस बार अगर आपने समय रहते सही सब्जी और सही तकनीक चुन ली तो सिर्फ दो महीने में खेत से ऐसा मुनाफा निकल सकता है जो पूरे साल की मेहनत का रास्ता आसान कर दे. मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में इस समय लौकी की खेती तेजी से चर्चा में है क्योंकि यह कम लागत में तेज रिटर्न देने वाली फसल बनकर उभरी है.

    मार्च में क्यों बनती है लौकी खेती की सबसे बड़ी टाइमिंग

    मार्च का महीना गर्मी की शुरुआत का संकेत देता है और यही समय लौकी की खेती ( Bottle Gourd Farming) के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. इस मौसम में बीज जल्दी अंकुरित होते हैं और बेल तेजी से बढ़ती है. इंदौर और भोपाल जैसे इलाकों में तापमान भी इस फसल के लिए अनुकूल रहता है जिससे पौधों की ग्रोथ मजबूत होती है. अगर इस समय सही तरीके से बुवाई की जाए तो फसल का चक्र बहुत तेज चलता है और बाजार में मांग भी लगातार बनी रहती है. यही कारण है कि कई किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर सब्जियों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं.

    बेड विधि ने बदला खेती का पूरा खेल

    खेती ( Bottle Gourd Farming) में सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब फल जमीन से सटकर खराब होने लगते हैं. इसी समस्या का समाधान बेड विधि देती है. इसमें खेत को समतल रखने के बजाय ऊंची मेड़ बनाई जाती है और उसी पर बीज बोया जाता है. इस तकनीक से पौधों को बेहतर ड्रेनेज मिलता है. पानी रुकता नहीं है और जड़ों तक सही मात्रा में नमी पहुंचती है. सबसे बड़ी बात यह है कि फल जमीन से दूर रहते हैं जिससे सड़ने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है. भोपाल और आसपास के किसानों के लिए यह तरीका काफी फायदेमंद साबित हो रहा है क्योंकि पानी की बचत भी इसमें अच्छी होती है.

    मचान तकनीक से बढ़ती है लंबाई और क्वालिटी

    अगर आप चाहते हैं कि आपकी लौकी ( Bottle Gourd Farming) बाजार में सबसे अलग दिखे तो मचान तकनीक जरूरी है. इसमें बेल को जमीन पर फैलने देने के बजाय ऊपर चढ़ाया जाता है. इसके लिए बांस या तार का सहारा दिया जाता है.

    जब लौकी हवा में लटकती है तो उसका आकार सीधा और लंबा बनता है. इसमें किसी तरह का दबाव नहीं पड़ता इसलिए उसकी चमक और क्वालिटी दोनों बेहतर होती हैं. इंदौर मंडी में ऐसी लौकी की कीमत भी ज्यादा मिलती है क्योंकि ग्राहक साफ और आकर्षक सब्जी को ज्यादा पसंद करते हैं.

    खाद और देखभाल में छोटी गलती भी कर सकती है नुकसान

    अच्छी पैदावार के लिए सिर्फ तकनीक ही नहीं बल्कि सही पोषण भी जरूरी है. खेत में जैविक खाद का इस्तेमाल करने से मिट्टी की ताकत बनी रहती है और उत्पादन भी बढ़ता है. वर्मी कंपोस्ट जैसी खाद पौधों को धीरे धीरे पोषण देती है जिससे फसल मजबूत होती है.  ( Bottle Gourd Farming)

    समय समय पर हल्का छिड़काव करना भी जरूरी होता है ताकि कीट और रोग फसल को नुकसान न पहुंचा सकें. खास बात यह है कि अगर शुरुआत से ही देखभाल सही की जाए तो बाद में दवाओं पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता.

    कम लागत में तेज कमाई का पूरा गणित समझें

    लौकी की खेतीBottle Gourd Farming) की सबसे बड़ी खासियत इसकी लागत और रिटर्न का अंतर है. एक हेक्टेयर में खेती करने पर खर्च काफी सीमित रहता है. वहीं फसल तैयार होने में ज्यादा समय नहीं लगता.

    करीब 60 दिनों के अंदर फसल तैयार हो जाती है और गर्मियों में इसकी डिमांड भी बहुत ज्यादा होती है. ऐसे में सही तकनीक अपनाने वाले किसान आसानी से अपनी लागत से कई गुना ज्यादा कमाई कर सकते हैं. भोपाल और इंदौर के बाजारों में इस समय लौकी की मांग लगातार बनी रहती है जिससे बिक्री में भी परेशानी नहीं आती. ( Bottle Gourd Farming)

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  • इंदौर में मौत का चार्जर बना इलेक्ट्रिक कार का कनेक्शन आठ जिंदा जले एक घर बना आग का कब्रिस्तान

    Tilak Nagar Indore| इंदौर के तिलक नगर इलाके से बुधवार सुबह ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। प्रीति नगर में एक घर के बाहर चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक कार अचानक आग का कारण बन गई और देखते ही देखते पूरा घर आग की लपटों में घिर गया। इस भयावह हादसे में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि चार लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जूझ रहे हैं।

    चार्जिंग के दौरान हुआ शॉर्ट सर्किट और सब कुछ खत्म

    इंदौर के तिलक नगर (Tilak Nagar Indore) थाना क्षेत्र के प्रीति नगर में यह हादसा अल सुबह हुआ जब घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्ज हो रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में विकराल आग का रूप ले लिया।

    आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर रखे एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।

    एक ही परिवार खत्म हुआ बच्चों तक को नहीं बचाया जा सका

    इंदौर (Tilak Nagar Indore)  के इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के कई लोग हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गए। मृतकों में मनोज पुगलिया और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा बिहार और राजस्थान से आए मेहमान भी इस हादसे का शिकार बन गए।

    बताया जा रहा है कि बिहार के किशनगंज से आए विजय सेठिया अपनी पत्नी और बेटे के साथ इंदौर आए थे। वहीं उनकी बेटी अपने बच्चों के साथ कोटा से आई थी। यह पूरा परिवार कुछ ही पलों में आग की लपटों में समा गया।

    सबसे दर्दनाक पल तब सामने आया जब एक छोटे बच्चे का शव इतनी बुरी हालत में मिला कि उसे पहचानना तक मुश्किल हो गया। इंदौर के लोगों के लिए यह दृश्य किसी डरावने सपने से कम नहीं था।

    चीख पुकार सुनकर दौड़े लोग लेकिन नहीं बचा सके किसी को

    इंदौर (Tilak Nagar Indore) के प्रीति नगर में जैसे ही सुबह चीख पुकार गूंजी तो आसपास के लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। लोगों ने देखा कि मकान पूरी तरह आग में घिरा हुआ है।

    पड़ोसियों ने बिना देर किए पानी की बाल्टियां लेकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। साथ ही फायर ब्रिगेड और पुलिस को भी सूचना दी गई। लेकिन जब तक मदद पहुंचती तब तक आग पूरे घर को निगल चुकी थी।

    फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और घर के अंदर से आठ शव बाहर निकाले गए। साथ ही कई गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए जो हादसे की भयावहता को दिखाते हैं।

    इंदौर में अफसरों की टीम एक्टिव जांच के आदेश

    इस बड़े हादसे के बाद इंदौर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस घटना को गंभीर मानते हुए तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं। भोपाल  से विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम को इंदौर भेजा गया है ताकि हादसे की असली वजह सामने लाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। (Tilak Nagar Indore)

    पूरा इलाका सदमे में हर आंख नम

    इंदौर के तिलक नगर (Tilak Nagar Indore) इलाके में इस हादसे के बाद गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रीति नगर में हर घर में मातम जैसा माहौल है। जिसने भी यह खबर सुनी वह स्तब्ध रह गया।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक इतनी भयानक आग उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी। एक ही घर से आठ लोगों का इस तरह जाना पूरे इंदौर के लिए एक गहरा जख्म बन गया है।

    जमीन के दाम में बड़ा धमाका 2606 लोकेशन पर बढ़ेंगी गाइडलाइन दरें कई जगह 200% से ज्यादा उछाल

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