Author: Chayan__09

  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना 22वीं किस्त: जानिए किसान कब पाएंगे अगली किस्त का लाभ

    देश के करोड़ों किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए हमेशा उत्साहित रहते हैं। इस योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी और तभी से यह किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत हर साल किसानों को 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जिसे तीन किस्तों में डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

    21वीं किस्त का लाभ और खुशियों की बात

    भारत सरकार ने अब तक इस योजना की कुल 21 किस्तें जारी की हैं। 21वीं किस्त 19 नवंबर, 2025 को जारी की गई थी। इस किस्त का लाभ पाकर देश के करोड़ों किसान बहुत खुश हैं। किसानों ने इस राशि का इस्तेमाल अपने खेत और परिवार की जरूरतों में किया।

    22वीं किस्त कब आएगी?

    किसानों की सबसे बड़ी जिज्ञासा यह है कि 22वीं किस्त कब जारी होगी। पीएम किसान योजना की हर किस्त 4 महीनों के अंतराल पर जारी की जाती है। 21वीं किस्त नवंबर में आई है इसलिए मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 22वीं किस्त अगले साल फरवरी या मार्च महीने में जारी हो सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। केंद्र सरकार किस्त जारी करने से कुछ ही दिन पहले तारीख का एलान करती है।

    किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ

    पीएम किसान योजना में अब ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है उन्हें 22वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा जिन किसानों ने अपने बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है उनके खाते में भी पैसे नहीं आएंगे। इसी तरह स्कीम में गलत जानकारी दर्ज करने वाले किसानों को अपनी जानकारी सही करानी होगी। इसलिए लाभ पाने के लिए किसानों को जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी करनी चाहिए और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करना चाहिए।

    किसानों के लिए संदेश

    दोस्तों पीएम किसान सम्मान निधि योजना हमारे देश के किसानों के लिए बेहद मददगार है। यदि आप चाहते हैं कि अगली किस्त आपके खाते में समय पर आए तो अभी से अपने दस्तावेज सही कर लें। योजना का सही तरीके से लाभ उठाना आपके लिए आर्थिक सुरक्षा और खेती में मदद का साधन है।

  • इंदौर उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से अब सफर होगा और भी आसान नया हाईवे बदलेगा यात्रा का अनुभव

    इंदौर और उज्जैन के बीच सफर हमेशा से बेहद खास रहा है और अब यह यात्रा पहले से भी ज्यादा आसान होने वाली है। सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखते हुए एमपीआरडीसी ने एक नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि आने वाले समय में दोनों शहरों की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाला बड़ा विकास कार्य बनने जा रहा है।

    पितृ पर्वत से चिंतामन गणेश मंदिर तक नया हाईवे तैयार होगा

    नया एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन हाईवे पितृ पर्वत से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास स्थित सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। कुल लंबाई 48.10 किलोमीटर रहेगी और यह पूरी दूरी अब महज तीस मिनट में तय की जा सकेगी। हाईवे की चौड़ाई 60 मीटर रखी जा रही है ताकि भविष्य में भी यातायात का दबाव सहज रूप से संभाला जा सके।

    निर्माण के लिए टेंडर खुल चुका है और लुधियाना की सीगल इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने सबसे कम बोली लगाई है। अधिकारियों के अनुसार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और अगले वर्ष से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

    दो हजार करोड़ रुपये की लागत और किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा

    इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिसमें 1089 करोड़ रुपये सिर्फ निर्माण पर लगाए जाएंगे। बाकी राशि भूमि अधिग्रहण के तहत किसानों को दी जाएगी। इंदौर और उज्जैन जिलों में मिलाकर 175 हेक्टेयर से अधिक जमीन ली जाएगी। अकेले इंदौर जिले में करीब 650 किसानों की जमीन प्रोजेक्ट से प्रभावित होगी।

    हातोद और सांवेर तहसील के अधिकतर किसान इस हाईवे के रास्ते में आ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि गाइडलाइन के अनुसार हर किसान को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

    हाईवे पर निगरानी के लिए एटीएमएस और सीसीटीवी लगेंगे

    पूरे हाईवे पर एटीएमएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि हर वाहन की मूवमेंट की निगरानी सुचारू रूप से की जा सके। सिंहस्थ मेले के दौरान बढ़ते ट्रैफिक को संभालने में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी। इसके साथ ही मौजूदा इंदौर उज्जैन रोड पर वाहनों का दबाव भी कम होगा और लोगों को तेज तथा सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।

    चार प्रमुख स्थानों से मिलेगी हाईवे में एंट्री

    ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में वाहनों की एंट्री चार महत्वपूर्ण पॉइंट से होगी। इनमें इंदौर और उज्जैन के अलावा वेस्टर्न बायपास क्रासिंग और उज्जैन बदनावर रोड क्रासिंग शामिल हैं। सड़क जंबूड़ी हप्सी हातोद कांकरिया बोर्डिया पोटलोद मगरखेड़ी और लिंबा पीपल्या जैसे कई गांवों से होकर निकलेगी। हाईवे पर टोल व्यवस्था मौजूदा स्टेट हाईवे की तरह ही रहेगी और दोनों ओर अलग अलग टोल प्वाइंट बनाए जाएंगे।

    जमीन अधिग्रहण जारी जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

    एमपीआरडीसी अधिकारियों के अनुसार सभी कागजी प्रक्रियाएं लगभग पूरी होने वाली हैं। जमीन अधिग्रहण तेजी से चल रहा है और अगले वर्ष से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। यह प्रोजेक्ट लंबे समय से दोनों शहरों की जरूरत रहा है और इसके बनते ही इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।

  • Indore News: इंदौर में चाइनीज मांझे से छात्र की मौत तेजाजी नगर बायपास पर हुआ दिल दहला देने वाला हादसा

    आज हम आपको इंदौर शहर से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और दिल छू देने वाली घटना के बारे में बता रहे हैं। तेजाजी नगर बायपास पर रविवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया। सिर्फ 16 साल का एक मासूम छात्र गुलशन चाइनीज मांझे की चपेट में आकर अपनी जिंदगी गंवा बैठा। परिवार की खुशियां एक पल में उजड़ गईं और पूरे इलाके में शोक का माहौल फैल गया। यह घटना सभी को सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिर यह जानलेवा मांझा कब तक जिंदगी छीनता रहेगा।

    रालामंडल से लौटते समय हुआ हादसा कुछ ही सेकंड में खत्म हो गई जिंदगी

    गुलशन अपने भाई और दो दोस्तों के साथ रालामंडल घूमने गया था। सुबह की मस्ती भरी सैर को किसने सोचा था कि ऐसा दर्दनाक मोड़ मिल जाएगा। घर लौटते समय अचानक रास्ते में एक पतंग का मांझा बाइक की ओर आया और सीधा गुलशन की गर्दन में फंस गया। मांझा इतना तेज था कि गर्दन पर गहरा घाव हो गया। दोस्त और भाई उसे बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन खून बहुत ज्यादा बह चुका था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही गुलशन ने दम तोड़ दिया।

    परिवार का इकलौता सहारा था गुलशन पढ़ाई के साथ पिता का हाथ भी बंटाता था

    गुलशन ओमेक्स सिटी में रहता था और मूल रूप से ठीकरी अशोक नगर का निवासी था। वह 8वीं कक्षा का छात्र था लेकिन पढ़ाई के साथ अपने पिता की मजदूरी में भी मदद करता था। पिता ने अपने छोटे बेटे के लिए कई सपने देखे थे लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। घर में उसके जाने से ऐसा सन्नाटा है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

    प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा चाइनीज मांझा प्रशासन पर उठ रहे सवाल

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इंदौर कलेक्टर द्वारा 25 नवंबर से शहर में चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था। प्रशासन ने साफ कहा था कि यह मांझा इंसानों और पशु पक्षियों दोनों के लिए खतरनाक है। इसके बावजूद शहर में इसकी खरीद और उपयोग जारी है। गुलशन की मौत के बाद अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रतिबंध था तो यह मांझा आखिर बाजार तक पहुंच कैसे रहा है। प्रशासन ने आदेश उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन इस हादसे ने सिस्टम की लापरवाही को खुलकर सामने ला दिया है।

    साथियों को भी आई गंभीर चोटें जीवन भर नहीं भूल पाएंगे यह घटना

    गुलशन के भाई अरुण और उसके दोस्त विशाल और कृष्णा भी बाइक पर थे। मांझे को हटाने की कोशिश में उनके हाथ कट गए और उन्हें भी चोटें आईं। वे खुद भी खौफ में हैं क्योंकि उनके सामने ही उनके साथी की जान चली गई। यह कुछ पल इतने डरावने थे कि शायद वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।

    शहर में गुस्सा और दुख लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

    इस घटना ने शहर के लोगों को बेहद दुखी कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं फिर कभी न हों। चाइनीज मांझा हर साल कई लोगों की जान लेता है अब इस पर पूरी तरह रोक लगाना और निगरानी बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।

    गुलशन की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि हम सबको मिलकर ऐसी जानलेवा चीजों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। प्रशासन सख्त कार्रवाई करे और लोग भी जागरूक रहें तभी ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

  • गोभी की खेती से कमाएं मार्च में शानदार मुनाफा किसान भाई अभी करें नर्सरी की तैयारी

    आज हम बात करने वाले हैं गोभी की ऐसी खेती के बारे में जो दिसंबर में शुरू होती है और मार्च तक आपको बेहतरीन कमाई देकर खेत और घर दोनों में खुशहाली ला सकती है। आज किसान भाई सब्जियों में सबसे ज्यादा फूलगोभी को पसंद कर रहे हैं क्योंकि इसकी बाजार में डिमांड हमेशा बनी रहती है और सही समय पर खेती करने से प्रॉफिट कई गुना बढ़ जाता है।

    गोभी की नर्सरी कैसे तैयार करें ताकि पौधे हों मजबूत और स्वस्थ

    किसान भाई अगर आप अपनी गोभी की खेती से अच्छा फायदा चाहते हैं तो सबसे पहला कदम नर्सरी तैयार करना है। नर्सरी में बीज बोने से पहले बीज का उपचार जरूर करें ताकि कोई बीमारी न लगे। उपचार के बाद हल्की मिट्टी में बीज दबा दें और उसे ढक दें। इसके बाद नियमित रूप से हल्का पानी देते रहें। लगभग 20 दिन में आपकी नर्सरी तैयार हो जाएगी और आप इन पौधों को खेत में ट्रांसप्लांट कर सकते हैं।

    दिसंबर में कौन सी किस्में लगाएं ताकि मार्च में मिले सबसे ज्यादा भाव

    सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि दिसंबर का महीना स्नोबॉल श्रेणी की किस्मों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। किसान भाई पूसा स्नोबॉल एक पूसा स्नोबॉल दो जैसी किस्में लगा सकते हैं। इसके अलावा फूलगोभी की हाइब्रिड वैरायटी जैसे पूसा शुभ्रा पेंट गोभी भी बहुत अच्छी पैदावार देती है। अगर आपके पास नेट हाउस खाली है तो उसमें लगाई गई गोभी की क्वालिटी और भी बेहतर मिलती है और बाजार में इसके दाम अधिक मिलते हैं।

    खेत में ट्रांसप्लांट कैसे करें ताकि फसल जल्दी और बेहतर तैयार हो

    जब नर्सरी तैयार हो जाए तो पौधों को खेत में लगाते समय मिट्टी को अच्छी तरह तैयार कर लें। खेत में गोभी के लिए उचित नमी और खाद बहुत जरूरी है। ट्रांसप्लांट के बाद पौधों को शुरू के दिनों में नियमित पानी दें। डॉक्टर यादव बताते हैं कि सही देखभाल करने पर गोभी की फसल लगभग 90 दिन में पूरी तरह तैयार हो जाती है।

    पत्तागोभी लगाने वालों के लिए अहम जानकारी

    अगर किसान भाई पत्तागोभी की खेती करना चाहते हैं तो इसकी विधि लगभग वही है लेकिन इसमें उर्वरकों की मात्रा ज्यादा लगती है। खेत में पौधे लगाने से पहले प्रति हेक्टेयर 120 किलो नत्रजन 60 किलो फास्फोरस और 40 किलो पोटाश देना जरूरी है। इससे पत्तागोभी की पैदावार बढ़ती है और बाजार में बेहतर कीमत मिलती है।

    मार्च में क्यों मिलते हैं गोभी के सबसे ऊंचे दाम

    मार्च महीने में सामान्य सीजन वाली गोभी बाजार से लगभग समाप्त हो जाती है लेकिन डिमांड हमेशा बनी रहती है। ऐसे में दिसंबर में लगाई गई गोभी मार्च की शुरुआत में पूरी तरह तैयार रहती है और इसी वजह से किसान भाइयों को इस समय सबसे अच्छे दाम मिलते हैं। यह वह समय होता है जब आपकी मेहनत का असली फल मिलता है और खेत से कमाई सीधी जेब में जाती है।

    निष्कर्ष

    अगर किसान भाई दिसंबर में गोभी की खेती शुरू करते हैं और सही ढंग से नर्सरी से लेकर फसल तैयार होने तक सभी स्टेप फॉलो करते हैं तो मार्च में उन्हें बेहद अच्छा फायदा मिल सकता है। सही समय सही किस्म और सही देखभाल गोभी की खेती को मुनाफे का सौदा बना देती है।

    Disclaimer

    इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य कृषि सलाह पर आधारित है। किसी भी फसल को लगाने से पहले अपने स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह अवश्य लें।

  • इंदौर उज्जैन रोड हादसा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मेदांता अस्पताल में घायल बालक से की मुलाकात

    आज हम एक ऐसी खबर लेकर आए हैं जिसे पढ़कर आपके दिल में थोड़ा दर्द भी होगा और राहत भी मिलेगी। इंदौर उज्जैन रोड पर हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना में घायल हुए 13 वर्षीय बालक सारांश यादव से जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने मेदांता हॉस्पिटल पहुँचकर मुलाकात की। मंत्री जी ने जिस संवेदनशीलता के साथ बच्चे और उसके परिवार का मनोबल बढ़ाया वह सच में दिल को छू लेने वाला है।

    मंत्री जी ने ली डॉक्टरों से विस्तृत जानकारी

    मेदांता हॉस्पिटल पहुँचते ही श्री तुलसीराम सिलावट ने सबसे पहले चिकित्सकों से सारांश यादव के उपचार की पूरी जानकारी ली। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को समय पर उपचार मिलने से उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है। मंत्री जी ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चे के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न आए और सभी जरूरी चिकित्सीय सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई जाएँ।

    घायल बालक से मिलकर कही हिम्मत बढ़ाने वाली बात

    मंत्री जी ने 13 वर्षीय सारांश यादव के पास जाकर उसका हालचाल जाना और उसकी हिम्मत बढ़ाई। उन्होंने परिवार को यह भरोसा दिलाया कि सरकार उसकी पूरी तरह सहायता कर रही है और भविष्य में भी हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उनके इस मानवीय व्यवहार ने परिवार में आशा और विश्वास की नई किरण जगाई।

    परिजनों को दिलाया भरोसा और दी शुभकामनाएँ

    परिजनों से बात करते हुए मंत्री सिलावट ने कहा कि बच्चे के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सारांश जल्द ही स्वस्थ होकर अपने घर लौटेगा। मंत्री जी ने सारांश के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।

    भावनात्मक पल जिसने बढ़ाया परिवार का हौंसला

    जब एक जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से अस्पताल पहुँचकर घायल बच्चे का हालचाल पूछता है तो यह परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत होती है। इस मुलाकात ने न केवल बच्चे बल्कि परिजनों के हौंसले को भी बढ़ाया। यह दृश्य मानवीय संवेदनाओं का एक सुंदर उदाहरण था।

    जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की यह पहल दिखाती है कि सही समय पर दिया गया समर्थन ही किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। सारांश यादव के स्वस्थ होने की उम्मीद के साथ पूरा शहर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहा है।

  • Indore News: शिलांग में राजा रघुवंशी हत्याकांड ट्रायल, विपिन ने दिए चौकाने वाले बयान, आरोपी अभी भी बेखौफ

    शिलांग कोर्ट में इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड का ट्रायल शुरू हो चुका है। इस मामले की गूंज पूरे शहर में है क्योंकि छह माह पहले हुए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने सबको हिला कर रख दिया था। राजा रघुवंशी की हत्या में मुख्य आरोपी सोनम और उनके प्रेमी राज के नेतृत्व में साजिश रची गई थी।

    विपिन रघुवंशी ने कोर्ट में दिए बयान

    राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी को कोर्ट में तीन दिन तक बयान के लिए बुलाया गया। कोर्ट में उन्होंने अपने बयान में विस्तार से घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजा और सोनम की गुमशुदगी की रिपोर्ट उन्होंने ही दर्ज करवाई थी। आरोपियों के वकील ने विपिन से हत्याकांड से जुड़े कई सवाल पूछे और विपिन ने उन्हें क्रमवार और स्पष्ट रूप से जवाब दिए।

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आरोपी जुड़े

    ट्रायल के दौरान आरोपी सोनम, राज और अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े। विपिन ने कहा कि आरोपियों के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी। वे अच्छे कपड़े पहनकर पूरे तीन दिन कोर्ट में मौजूद रहे। राजा रघुवंशी के भाई ने शंका जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि आरोपियों को शिलांग में पूरी मदद मिल रही है।

    कोर्ट में पूछे गए सवाल

    सुनवाई के दौरान विपिन से शादी की बात पक्की करने, इंदौर से गुवाहाटी के टिकट कराने और कॉल पर हुई बातचीत से जुड़े सवाल पूछे गए। विपिन ने इन सभी सवालों के सिलसिलेवार जवाब दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस केस में उनकी गवाही पूरी हो चुकी है और अब वे चार्जशीट की प्रति कोर्ट से मांगेंगे। यदि कोर्ट उन्हें भविष्य में फिर बुलाएगी तो वे शिलांग आने के लिए तैयार हैं।

    मामले की पृष्ठभूमि

    यह मामला छः माह पहले शिलांग में घटित हुआ था। सोनम और चार अन्य आरोपियों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इस हत्याकांड के पीछे राज और सोनम का हाथ बताया जा रहा है। इस गंभीर मामले की सुनवाई अब कोर्ट में चल रही है और हर कदम पर देश की जनता की नजरें टिकी हुई हैं।

  • IND vs SA Ranchi ODI Pitch Report कल रांची में होगा पहला वनडे पिच मौसम ओस और टीम इंडिया की रणनीति का बड़ा अपडेट

    भारत और साउथ अफ्रीका की बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला कल रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होगी। यह मुकाबला खास इसलिए भी है क्योंकि टीम इंडिया साल 2025 का आखिरी वनडे मैच खेल रही है और इसके बाद अगली वनडे सीरीज 2026 में इंग्लैंड दौरे पर होगी। ऐसे में कल का मैच तैयारी और आत्मविश्वास दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

    रांची की पिच कल कैसी रहेगी बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों की परीक्षा होगी

    अब तक इस मैदान पर 6 वनडे मुकाबले खेले गए हैं और यहां की पिच बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के लिए संतुलित मानी जाती है। नई गेंद से पेसर्स को हल्की मदद मिल सकती है लेकिन जैसे जैसे मैच आगे बढ़ेगा स्पिनर्स की भूमिका ज्यादा अहम होने लगेगी। पहली पारी का औसत स्कोर यहां 260 से 265 के बीच रहता है। अगर कल कोई टीम 300 से ज्यादा रन बना लेती है तो मुकाबला बेहद रोमांचक हो सकता है।

    रांची में टारगेट का पीछा करने वाली टीम का पलड़ा रहा मजबूत कल भी यही ट्रेंड दिख सकता है

    यहां अब तक तीन बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीत हासिल की है जबकि दो बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम सफल रही है। यही वजह है कि कल भी टॉस जीतने वाली टीम ओस को देखते हुए पहले गेंदबाजी चुन सकती है। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना यहां आसान माना जाता है।

    कल टॉस बनेगा सबसे बड़ा फैक्टर ओस से पूरी तस्वीर बदल सकती है

    रांची में टॉस जीतने वाली टीम सिर्फ दो बार ही जीत सकी है जबकि टॉस हारने वाली टीम तीन बार जीती है। कल मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा और शाम तक ओस गिरने की पूरी संभावना है। ओस की वजह से गेंद फिसलेगी और स्पिनर्स को पकड़ बनाने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में कल दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना बड़ा फायदा दे सकता है।

    टीम इंडिया के लिए क्यों खास है कल का मुकाबला

    यह सीरीज टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी का शुरुआती पड़ाव है। कल के मैच में हर किसी की नजर विराट कोहली और रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर रहेगी। दोनों के फॉर्म से टीम की रणनीति और मजबूत बनेगी।

    कल के मैच का समय और मौसम अपडेट

    पहला वनडे कल दोपहर 1:30 बजे खेला जाएगा। रांची के मौसम की बात करें तो आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की कोई दिक्कत नहीं दिख रही है। फैन्स कल एक पूरा रोमांचक मुकाबला देखने के लिए तैयार हो सकते हैं

  • Indore News: इंदौर सराफा चौपाटी में बड़ा बदलाव दुकानों की संख्या घटी और विवाद बढ़ा

    इंदौर की सराफा चौपाटी एक बार फिर सुर्खियों में है। शहर के लोग यहां की रौनक को बहुत पसंद करते हैं लेकिन इस बार माहौल थोड़ा अलग नजर आया। नगर निगम ने चौपाटी को और व्यवस्थित बनाने के इरादे से इसका आकार छोटा कर दिया है। दुकानों की संख्या कम होने से कई दुकानदार नाराज हैं और स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है। आज हम आपको इस पूरे बदलाव और विवाद के बारे में आसान और समझने लायक भाषा में बता रहे हैं ताकि आप पूरी कहानी जान सकें।

    नगर निगम ने कम की दुकानों की संख्या और बदला पूरा सिस्टम

    नगर निगम ने सराफा चौपाटी में सिर्फ उनसठ दुकानों को ही लगाने की अनुमति दी है। पहले यहां डेढ़ सौ से ज्यादा दुकानें लगा करती थीं जिससे चौपाटी पर काफी भीड़ रहती थी। अब दुकानदारों को क्रम अनुसार नंबरों की तख्तियां दी गई हैं और उन्हीं तख्तियों को दिखाकर दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी। शुक्रवार को नई व्यवस्था लागू होते ही चौपाटी पहले से अधिक खुली नजर आई और भीड़ भी पहले की तुलना में कम रही।

    सूची से बाहर हुए दुकानदारों में गहरा असंतोष

    नई सूची में शामिल न किए गए कई दुकानदारों ने नगर निगम पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सूची तैयार करते समय पारदर्शिता नहीं रखी गई। पहले सौ दुकानों की सूची बनने की बात सामने आई थी लेकिन अचानक उनसठ दुकानों की अंतिम सूची जारी कर दी गई जिससे विवाद और बढ़ गया। कुछ दुकानदारों का यह भी आरोप है कि चौपाटी के पदाधिकारियों ने अपने पक्ष में एक से ज्यादा दुकानें ले लीं जिस कारण पुराने और वास्तविक दुकानदारों को बाहर होना पड़ा।

    मामला कोर्ट तक पहुंचने की तैयारी विवाद और गहरा

    चौपाटी से हटाए गए कई दुकानदार अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी को देखते हुए नगर निगम ने भी कैविएट दाखिल कर दी है ताकि मामला अदालत में पहुंचने पर निगम अपना पक्ष मजबूत तरीके से रख सके। शुक्रवार को चायनिस और फास्ट फूड के नए स्टॉल भी लगाए जाने की बात उठी जिससे विरोध और बढ़ गया। सराफा चौपाटी की कमेटी ने कहा है कि यह सूची अंतिम नहीं है और जांच के बाद इसमें बदलाव हो सकता है। यही उम्मीद दुकानदारों को थोड़ी राहत देती है कि आगे स्थिति बदल सकती है।

    चौपाटी में नए नियम से रोजाना की रौनक पर असर

    नई व्यवस्था के अनुसार अब रोज दुकान लगाने से पहले तख्ती दिखाना अनिवार्य है। जिन ठेलों के पास नंबर नहीं होंगे वे सराफा चौपाटी में दुकान नहीं लगा सकेंगे। शुक्रवार को चौपाटी देर से लगी और कई दुकानदारों ने निराशा जताई कि बिना स्पष्ट आधार के उनकी रोजी रोटी पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह तय नहीं बताया गया कि सूची किस तरह तैयार की गई और किन मानकों को ध्यान में रखा गया।

    आगे क्या हो सकता है उम्मीद और अनिश्चितता दोनों

    नगर निगम का दावा है कि चौपाटी को व्यवस्थित करना जरूरी था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दुकानों की संख्या कम की गई है। हालांकि विवाद बढ़ता जा रहा है और कई दुकानदार अब भी फैसले से असंतुष्ट हैं। कमेटी द्वारा सूची में बदलाव की संभावना ने सबमें थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई है लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

  • भारत बनाम श्रीलंका महिला टी20 सीरीज 2025: टीम इंडिया की नई तैयारी और युवा सितारों की चमक

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हाल ही में महिला वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम अब श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलने के लिए तैयार है। भारत के प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। टीम इस बार नए कॉम्बिनेशन, युवा खिलाड़ियों और बेहतर रणनीति के साथ मैदान में उतरना चाहेगी। हर कोई जानना चाहता है कि क्या टीम इंडिया इस टी20 सीरीज में भी इतिहास रच पाएगी।

    क्या स्मृति मंधाना टीम में होंगी?

    टीम की सबसे चर्चित खिलाड़ी स्मृति मंधाना की वापसी पर सभी की नजरें टिकी हैं। हाल ही में हुई घटनाओं के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या मंधाना इस सीरीज में खेलेंगी। अभी तक उनके कोई बयान नहीं आए हैं और संभावना है कि वह टीम से कुछ और समय के लिए दूर रह सकती हैं। ऐसे में टीम के युवा सितारों पर अधिक जिम्मेदारी होगी।

    भारत का अगला लक्ष्य: टी20 विश्व कप

    पहले भारत को बांग्लादेश के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने थे, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण यह दौरा स्थगित कर दिया गया। इसके बाद बीसीसीआई ने खाली स्लॉट में श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज की घोषणा की। यह सीरीज भारत के लिए केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि 2026 में होने वाले टी20 महिला विश्व कप की तैयारी का पहला कदम है। वनडे विश्व कप जीतने के बाद टीम का अगला लक्ष्य टी20 विश्व चैंपियन बनना है।

    पिछले टी20 विश्व कप में भारत शुरुआती चरण में ही बाहर हो गया था। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद टीम ने शानदार वापसी की और वेस्टइंडीज को 2-1 तथा इंग्लैंड को 3-2 से हराया। यही जीत टीम की उम्मीदों को और बढ़ाती है।

    सीरीज शेड्यूल

    पहला T20I: रविवार 21 दिसंबर, विशाखापटनम
    दूसरा T20I: मंगलवार 23 दिसंबर, विशाखापटनम
    तीसरा T20I: शुक्रवार 26 दिसंबर, तिरुवनंतपुरम
    चौथा T20I: रविवार 28 दिसंबर, तिरुवनंतपुरम
    पांचवां T20I: मंगलवार 30 दिसंबर, तिरुवनंतपुरम

    टीम इंडिया के युवा सितारे और अनुभवी खिलाड़ियों का यह संगम रोमांचक मुकाबलों का वादा करता है। प्रशंसक इस सीरीज में नए हीरो देखने के लिए उत्साहित हैं।

    Disclaimer

    यह लेख केवल जानकारी और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है। लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक टीम अपडेट पर आधारित है।

  • Indore Weather Update: इंदौर का मौसम क्यों हो रहा है गर्म दिसंबर की शुरुआत में भी ठंड हुई कमजोर जानिए क्या कहता है मौसम विभाग

    Indore Weather Update: आज हम बात कर रहे हैं इंदौर के मौसम की जो इन दिनों शहरवासियों को हैरान कर रहा है। नवंबर का अंत और दिसंबर की शुरुआत आमतौर पर कड़ाके की ठंड लेकर आती है लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। तापमान में मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई है लेकिन ठंड का असर अब भी कमजोर है और मौसम का मिजाज गर्म जैसा बना हुआ है। आइए जानते हैं इसका कारण क्या है और आगे मौसम कैसा रहने वाला है।

    तापमान में हल्की गिरावट फिर भी ठंड का असर कमजोर

    इंदौर के मौसम में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार बीते दिन शहर का अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो बिल्कुल सामान्य रहा। हालांकि यह पिछले दिन की तुलना में थोड़ा कम रहा लेकिन गर्माहट का एहसास अब भी बना हुआ है। रात का न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री तक पहुंचा जो सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक है। इस कारण शहरवासियों को रात के समय भी कड़कड़ाती ठंड महसूस नहीं हो रही है।

    पूर्वी हवाओं की सक्रियता के कारण दिनभर हल्की ठंडी हवा जरूर महसूस होती है लेकिन यह ठंड बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इन हवाओं की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई जिससे मौसम में थोड़ी नरमी जरूर आई लेकिन ठंड का असर बढ़ नहीं पाया।

    पहाड़ों पर बर्फबारी रुकने से बदला इंदौर का मौसम

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी फिलहाल थमी हुई है। जब पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी होती है तो वहां से सर्द हवाएं तेज गति से मैदानी इलाकों की ओर आती हैं और तापमान अचानक गिर जाता है। लेकिन इस बार पूर्वी हवाओं के कारण इन उत्तर की ठंडी हवाओं का प्रभाव इंदौर तक नहीं पहुंच पा रहा है।

    हवाओं के रुख बदलने से तापमान स्थिर बना हुआ है और गिरावट रुक गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 10 से 15 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। दिन का तापमान 28 से 29 डिग्री के बीच और रात का तापमान 14 से 15 डिग्री के करीब रह सकता है। यानी दिसंबर की शुरुआत भी गर्म रहेगी और लोगों को अभी कड़कड़ाती ठंड का इंतजार करना होगा।

    दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में बढ़ सकती है ठंड

    हालांकि मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम बदल सकता है। तब पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ने की संभावना है जिसके बाद शीतलहर का असर इंदौर तक पहुंचेगा। उस समय शहर में अचानक ठंड बढ़ सकती है और दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे जा सकता है।

    फिलहाल शहरवासी हल्की ठंड का आनंद ले रहे हैं लेकिन आने वाले कुछ हफ्तों में इंदौर का मौसम पूरी तरह बदल सकता है। इसलिए गर्म कपड़े संभालकर रखें क्योंकि दिसंबर के अंत तक ठंड अपना असली रंग दिखा सकती है।