Author: Chayan__09

  • दिसंबर जनवरी में लगाएं ये 3 सब्जियां, किसानों को मिलेगा पूरे साल का सबसे ज्यादा मंडी भाव

    अगर आप किसान हैं और चाहते हैं कि आपकी फसल का सही दाम मिले और मेहनत का पूरा फल आए तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की है। दिसंबर और जनवरी का समय खेती के लिए बहुत खास माना जाता है। इस मौसम में कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जिनकी मांग बाजार में तेजी से बढ़ जाती है और मंडी भाव भी पूरे साल के मुकाबले सबसे ज्यादा मिलते हैं। अगर सही फसल का चुनाव किया जाए तो कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

    भिंडी की खेती से जल्दी और पक्का फायदा

    अगर आपके क्षेत्र में पाला और ज्यादा कोहरा नहीं पड़ता तो भिंडी की खेती इस समय बहुत फायदेमंद साबित होती है। ठंड के मौसम में लगाई गई भिंडी जब बाजार में पहुंचती है तो इसका भाव काफी ऊंचा रहता है। कई मंडियों में किसानों को सत्तर से सौ रुपये प्रति किलो तक का भाव मिल जाता है। भिंडी की मांग शहरों और कस्बों में हमेशा बनी रहती है इसलिए फसल बेचने में परेशानी नहीं होती। सही देखभाल के साथ भिंडी किसानों को भरोसेमंद मुनाफा देती है।

    हरी मिर्च की खेती से पूरे साल कमाई

    हरी मिर्च एक ऐसी सब्जी है जिसकी जरूरत हर घर और हर होटल में होती है। दिसंबर और जनवरी में हरी मिर्च लगाने पर किसानों को अच्छा बाजार भाव मिलता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि मांग पूरे साल बनी रहती है। अगर फसल अच्छी तैयार हो जाए तो प्रति एकड़ लाखों रुपये तक की कमाई संभव है। हरी मिर्च की खेती किसानों के लिए स्थायी आमदनी का जरिया बन सकती है।

    शिमला मिर्च की खेती से बढ़ेगा मुनाफा

    शिमला मिर्च की खेती भी इस मौसम में किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगर आपके इलाके में पाला नहीं गिरता तो दिसंबर और जनवरी में इसे लगाना अच्छा रहता है। इस समय इसकी देखभाल आसान होती है और बाजार में भाव भी ज्यादा मिलते हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली शिमला मिर्च मंडी में जल्दी बिक जाती है जिससे किसान को अच्छा लाभ होता है। बड़े किसान चाहें तो इसे पॉलीहाउस में भी उगा सकते हैं जिससे पैदावार और क्वालिटी दोनों बेहतर होती हैं।

  • Indore News: हाई कोर्ट ने कहा शादीशुदा हो तब भी वयस्क महिला अपनी इच्छा से रह सकती है

    Indore News: इंदौर से आई यह खबर समाज और कानून दोनों के नजरिए से बेहद अहम मानी जा रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने एक अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा है कि अगर महिला वयस्क है तो वह अपनी इच्छा के अनुसार किसी के साथ भी रह सकती है चाहे वह शादीशुदा ही क्यों न हो।

    हाई कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच पेश हुई महिला

    मामला एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है जिसकी सुनवाई के दौरान महिला को शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा के बीच हाई कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के सामने महिला ने साफ शब्दों में कहा कि वह याचिकाकर्ता के साथ रहना चाहती है लेकिन उसके माता पिता ने उसे जबरन अपने पास रखा हुआ है।

    माता पिता ने शादी का दिया तर्क

    सुनवाई के दौरान महिला के माता पिता ने कोर्ट में कहा कि उसकी पहले ही शादी हो चुकी है और शादी के बाद उसे अपने पति के साथ ही रहना चाहिए। इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और महिला के बयान को महत्वपूर्ण माना।

    पहले भी दर्ज हो चुके हैं बयान

    इस मामले में पिछली सुनवाई दो दिसंबर को हुई थी। उस समय कोर्ट ने महिला का बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इससे पहले भी न्यायिक दंडाधिकारी के सामने महिला के बयान दर्ज किए गए थे। उन बयानों में भी महिला ने यही कहा था कि उसके माता पिता उसे जबरन अपने कब्जे में रखे हुए हैं।

    हाई कोर्ट का स्पष्ट आदेश

    शुक्रवार को हुई अंतिम सुनवाई में हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि महिला वयस्क है और उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने आदेश दिया कि महिला को धीरज नायक के साथ ही रहने दिया जाए और उसकी सुपुर्दगी याचिकाकर्ता को सौंप दी गई।

    पुलिस को दिया सुरक्षा का निर्देश

    कोर्ट ने पुलिस को यह भी आदेश दिया कि वह दोनों को अपनी सुरक्षा में सवाई माधोपुर तक सुरक्षित पहुंचाए। इस फैसले के बाद महिला को राहत मिली है और यह आदेश व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को मजबूत करता है।

  • Khajrana Ganesh Temple Indore: खजराना गणेश मंदिर इंदौर तीन माह बाद खुलीं दान पेटियां निकले करोड़ों रुपये और भक्तों की मन्नतें

    Khajrana Ganesh Temple Indore: इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़ी यह खबर हर भक्त के दिल को छू लेने वाली है। जब आस्था और विश्वास एक साथ जुड़ते हैं तो नतीजा भी खास होता है। तीन माह बाद जब मंदिर की दान पेटियां खोली गईं तो हर कोई हैरान रह गया।

    तीन माह बाद खुलीं चालीस दान पेटियां

    इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में रखी गई चालीस दान पेटियां तीन माह बाद खोली गईं। इन पेटियों से नकद राशि के साथ सोने चांदी के जेवर और विदेशी मुद्रा भी निकली। दो दिन से लगातार गिनती का काम चल रहा है और अभी भी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

    डेढ़ करोड़ से ज्यादा की दान राशि

    दान पेटियों से अब तक डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निकल चुकी है। यह गिनती पच्चीस कर्मचारियों की टीम कर रही है। जिस कक्ष में नोट गिने जा रहे हैं वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। दान पेटियों में बंद हो चुके पांच सौ और दो हजार रुपये के नोट भी मिले हैं।

    ऑनलाइन दान के कारण राशि में आई हल्की कमी

    इस बार दान पेटियों से निकली राशि पिछली गिनती की तुलना में थोड़ी कम रही। इसका मुख्य कारण यह है कि मंदिर में अब ऑनलाइन दान की सुविधा भी उपलब्ध है। मंदिर परिसर में क्यूआर कोड लगाए गए हैं और बड़ी संख्या में भक्त अब डिजिटल माध्यम से भी दान कर रहे हैं।

    हर दिन उमड़ती है भक्तों की भीड़

    खजराना गणेश मंदिर में हर दिन हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार दान पेटियों में चढ़ावा चढ़ाते हैं। हर तीन माह में इन पेटियों की गिनती की जाती है। दान से मिली राशि से ही मंदिर प्रबंध समिति सेवा कार्य अन्न क्षेत्र और धार्मिक आयोजनों का संचालन करती है।

    मन्नतों की पर्चियों ने खींचा ध्यान

    दान पेटियों से कई मन्नतों की पर्चियां भी मिलीं। किसी ने गणपति बप्पा से जल्दी शादी की प्रार्थना की थी तो किसी ने अच्छे नंबरों से पास होने की अर्जी लगाई थी। एक पर्ची पर लिखा था बप्पा मुझे पास करा देना। कई भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद धन्यवाद स्वरूप चढ़ावा भी चढ़ाया था।

    आस्था और विश्वास का जीवंत उदाहरण

    खजराना गणेश मंदिर की यह दान गिनती एक बार फिर साबित करती है कि भक्तों का विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है। बदलते समय के साथ भले ही दान के तरीके बदले हों लेकिन गणपति बप्पा पर आस्था पहले जैसी ही बनी हुई है।

  • पीएम किसान 22वीं किस्त पर बड़ा अपडेट नए साल में आएगा खुशियों का तोहफा

    आज हम बात करने वाले हैं पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त को लेकर उन सवालों की जिनका जवाब पूरे देश के किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. पिछले कई हफ्तों से किसानों के मन में यह उम्मीद एक बार फिर जागी है कि नया साल उनके लिए राहत और खुशियां लेकर आएगा. यही वजह है कि हर किसान यह जानना चाहता है कि आखिर अगली किस्त कब आएगी और पैसा उनके खाते में कब तक पहुंच सकता है.

    किस्त कब आएगी किसानों में उमड़ी उम्मीद

    पीएम किसान योजना की पिछली यानी 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में दो हजार रुपये सीधे भेजे गए थे. इस किस्त के तुरंत बाद से ही किसानों की नजर 22वीं किस्त पर टिक गई है. कई मीडिया रिपोर्टें कह रही हैं कि सरकार नई किस्त को नए साल 2026 की शुरुआत में जारी कर सकती है. अगर यह खबर सच साबित होती है तो यह करोड़ों किसानों के लिए नए साल का सबसे बड़ा तोहफा होगा.

    कई विशेषज्ञों का मानना है कि किस्त फरवरी 2026 के अंत तक भी जारी हो सकती है. हालांकि अंतिम तारीख तभी तय होगी जब सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा की जाएगी. जब तक यह घोषणा नहीं आती किसानों को अपनी जरूरी दस्तावेजी जानकारी समय पर अपडेट कर लेनी चाहिए ताकि राशि आने में किसी तरह की दिक्कत न आए.

    किन किसानों को नहीं मिलेगा भुगतान

    सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जिन किसानों की eKYC पूरी नहीं है उन्हें किस्त का पैसा नहीं मिलेगा. कई बार सिर्फ इसी वजह से लाखों किसानों की किस्त रुक जाती है. इसलिए जिन किसानों ने अभी तक eKYC नहीं करवाई है वे इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें. eKYC अधूरी रहने पर अगली किस्त स्वचालित रूप से रोक दी जाएगी.

    इसी तरह बैंक अकाउंट की जानकारी बिल्कुल सही होनी चाहिए. बैंक अकाउंट आधार से लिंक होना जरूरी है क्योंकि किस्त DBT के जरिए सीधे खाते में भेजी जाती है. अगर अकाउंट नंबर या IFSC में कोई गलती है या DBT सक्रिय नहीं है तो पैसा खाते में नहीं पहुंचेगा. किसान अपने बैंक में जाकर या ऑनलाइन लॉगिन करके अपनी सभी जानकारी एक बार अवश्य जांच लें.

    किसानों को यह भी देखना चाहिए कि उनका नाम लाभार्थी सूची में सही दर्ज है या नहीं. कई बार जानकारी अपडेट न होने के कारण नाम सूची से हट जाता है और किस्त रुक जाती है. किसान pmkisan.gov.in पर जाकर अपना नाम आसानी से देख सकते हैं.

    कैसे कराएं eKYC और किन बातों का रखें ध्यान

    eKYC कराना बहुत आसान है. किसान घर बैठे पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर eKYC सेक्शन खोल सकते हैं. यहां आधार नंबर दर्ज करने पर मिलने वाले ओटीपी से वेरिफिकेशन पूरा किया जा सकता है. अगर किसी किसान के मोबाइल पर ओटीपी नहीं आता या ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आती है तो वह नजदीकी CSC सेंटर जाकर उंगलियों के निशान से eKYC अपडेट करा सकता है. इससे भुगतान में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी.

    नई प्रक्रिया फार्मर रजिस्ट्री क्या है और क्यों जरूरी है

    योजना में इस बार एक नई प्रक्रिया जोड़ी गई है जिसे फार्मर रजिस्ट्री कहा जाता है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे से योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो इस रजिस्ट्री में पंजीकृत होंगे. किसान अपने राज्य की कृषि वेबसाइट या किसी CSC सेंटर पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं. यह रजिस्ट्री यह तय करने में मदद करती है कि वास्तविक किसान कौन है और योजना का लाभ किसे मिलना चाहिए. इसलिए हर किसान को समय पर यह प्रक्रिया जरूर पूरी करनी चाहिए.

    किसानों के लिए उम्मीद का समय

    पीएम किसान की 22वीं किस्त पर अभी आधिकारिक तारीख नहीं आई है लेकिन उम्मीद है कि सरकार नए साल की शुरुआत में किसी भी समय घोषणा कर सकती है. इसलिए किसानों के लिए यह सही समय है कि वे अपने सभी दस्तावेज आधार बैंक डिटेल eKYC और फार्मर रजिस्ट्री की जानकारी अपडेट कर लें. इससे किस्त आने में देरी नहीं होगी और पैसा समय पर खाते में पहुंच जाएगा.

  • इंदौर में रणजीत हनुमान प्रभातफेरी में उमड़ा आस्था का सागर ठंड में भी दो लाख भक्त पहुंचे

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में निकली उस दिव्य प्रभातफेरी की जिसने पूरे शहर को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग दिया। शुक्रवार सुबह चार बजे जैसे ही रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली वैसे ही इंदौर की सड़कों पर आस्था का विशाल सागर उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड थी लेकिन भक्तों के उत्साह पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। हर ओर भक्ति संगीत गूंज रहा था और श्रद्धा से भरी आंखें इस पवित्र यात्रा का स्वागत कर रही थीं।

    कड़ाके की ठंड में भी भक्तों की अपार भीड़ बनी आकर्षण

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से निकली प्रभातफेरी में दो लाख से ज्यादा भक्त शामिल हुए। ऐसा लग रहा था मानो पूरा शहर बाबा रणजीत के चरणों में नतमस्तक हो गया हो। भगवा माहौल भक्तिमय भजनों और जयकारों से भर गया था। भजन मंडलियां संगीत के स्वरों से आसमान को गूंजा रही थीं। झांकियां भक्तों में अलग ही उत्साह जगा रही थीं। रथ यात्रा को देखकर भक्तों की आंखों में श्रद्धा की चमक साफ नजर आ रही थी।

    रातभर चलती रही तैयारियां और सुबह दिखा भव्य रूप

    रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर तैयारियां शुरू हो गई थीं। सुबह 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना। रथ के आगे नृत्य दल कलाकार और नासिक ढोल पर प्रदर्शन करने वाले कलाकार अपनी कला से भक्तों का मन मोह रहे थे। जैसे ही प्रभातफेरी मंदिर परिसर से निकली वैसे ही आकाश आतिशबाजी से जगमगा उठा। यात्रा महूनाका अन्नपूर्णा दशहरा मैदान और नरेंद्र तिवारी मार्ग से होते हुए फिर मंदिर पहुंची।

    रामायण आधारित झांकियों ने जीता भक्तों का मन

    इस वर्ष प्रभातफेरी में दो विशेष झांकियों का निर्माण कराया गया था जो रामायण पर आधारित थीं। भक्तों ने इन झांकियों को खूब सराहा। इससे भक्ति का माहौल और भी गहरा हो गया। इसके अलावा बीस से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में शामिल हुईं। भक्त नंगे पैर चलकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे थे। कई भक्त मार्ग में झाड़ू लगाकर अपनी सेवा भावना भी प्रदर्शित कर रहे थे।

    ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    प्रभातफेरी को ध्यान में रखते हुए शहर में शुक्रवार सुबह तीन बजे से कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए। फूटी कोठी उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महूनाका चौराहा तक का मार्ग भी बंद रहा। भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की थी।

    पांच सौ पुलिस जवानों ने संभाली सुरक्षा की कमान

    प्रभातफेरी में सुरक्षा के लिए पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए। मार्ग के आसपास की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस जवान निगरानी कर रहे थे। ड्रोन की मदद से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रथ के आसपास सुरक्षा का घेरा लगातार बना रहा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग की हर गली तक पुलिस पहुंचाई गई और बैरिकेड लगाकर पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

    इंदौर की रणजीत हनुमान प्रभातफेरी हर वर्ष भक्तों के लिए एक बड़ा आध्यात्मिक उत्सव बनकर आती है। इस बार भी भक्तों की आस्था भीड़ और ऊर्जा ने सिद्ध कर दिया कि भक्ति का भाव किसी मौसम किसी कठिनाई से नहीं डिगता। यह यात्रा इंदौर की धार्मिक परंपराओं और एकता का शानदार प्रतीक बनकर सामने आई।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव का इंदौर दौरा मेडिकल कॉलेज दोगुने नक्सलवाद पर बड़ा हमला विकास को लेकर बड़ा बयान

    आज हम आपसे मध्यप्रदेश की राजनीति और विकास से जुड़ी एक अहम खबर साझा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर आए और यहां कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके इस दौरे ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार प्रदेश के विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है और जनता से जुड़े हर विषय पर गंभीर है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर नक्सलवाद को लेकर निशाना साधा और साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या दो गुनी होने की बड़ी उपलब्धि भी बताई।

    इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव का आगमन और कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर पहुंचे और यहां पहुंचते ही लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे पहले विधायक गोलू शुक्ला के निवास पर गए जहां उन्होंने वर वधू को आशीर्वाद दिया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार से लोगों में खास उत्साह दिखाई दिया। विमानतल पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे बाणगंगा स्थित विधायक शुक्ला के निवास पहुंचे और वहां कुछ समय बिताने के बाद वापस विमानतल रवाना हो गए। इंदौर के बाद उनका बेंगलुरु का कार्यक्रम था और रात को वे फिर इंदौर लौटकर निजी विमान से भोपाल प्रस्थान करेंगे।

    मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी होने पर मुख्यमंत्री का बयान

    मीडिया से चर्चा करते समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी कर दी गई है जिससे युवाओं को मेडिकल शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में बड़ी मदद मिली है। मुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार ने सिंचाई का रकबा बढ़ाने रोजगार के अवसर बढ़ाने और इंडस्ट्री ग्रोथ रेट को राष्ट्रीय औसत से आगे ले जाने में महत्वपूर्ण काम किया है। उनका यह दावा प्रदेश के विकास की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

    नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा

    नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नक्सलवाद एक बड़ी समस्या के रूप में खड़ा था और इसे खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे में निर्णायक भूमिका निभाई है जिससे कई जिले नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर सिर्फ आरोप लगाने और समस्या को जिंदा रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया जबकि उनकी सरकार समाधान में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी बताया कि उनकी सरकार के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और इस दौरान विकास की गति हर क्षेत्र में तेज हुई है।

    विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस

    मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुकी है। यह संकेत देता है कि प्रदेश में औद्योगिक वातावरण लगातार बेहतर हो रहा है और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है और जनता को इसका लाभ मिलता रहेगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का इंदौर दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संदेश देता है। उनके बयानों से साफ है कि सरकार विकास नक्सलवाद के खात्मे रोजगार और मेडिकल शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर प्रदेश की प्रगति पर और अधिक दिखाई देने की उम्मीद है।

  • जुकिनी की खेती से किसान दो महीने में कमाएं लाखों रुपये Zucchini Farming से जुड़ी पूरी जानकारी

    आज हम आपके लिए एक ऐसी फसल की जानकारी लेकर आए हैं जिसे अभी बहुत कम किसान उगा रहे हैं लेकिन इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। अगर आप खेती में कुछ नया करना चाहते हैं और कम समय में अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो जुकिनी की खेती आपके लिए शानदार विकल्प बन सकती है। कई जगह इसे झुकिनी और कुछ स्थानों पर Zucchini भी कहा जाता है। कृषि विभाग और कृषि अनुसंधान केंद्र इस फसल को बढ़ावा दे रहे हैं और किसानों को प्रशिक्षण के साथ बीज का वितरण भी कर रहे हैं।

    जुकिनी की खेती क्यों बन रही है बेहतर कमाई का साधन

    किसानों के लिए जुकिनी की खेती एक वरदान की तरह उभर रही है। हजारीबाग और झारखंड के कई कृषि प्रधान जिलों में किसानों को इसकी खेती के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है क्योंकि यह फसल कम समय में अधिक उत्पादन देती है। एक एकड़ में किसान 10 से 12 टन तक की पैदावार ले सकते हैं। बाजार में जुकिनी की कीमत ₹80 से ₹100 प्रति किलो तक मिल जाती है जिससे किसानों को भारी लाभ होता है।
    एक पौधे से 8 से 10 फल आसानी से मिलते हैं और एक फल का वजन आधा से एक किलो तक पहुंच जाता है। इसकी कीमत ₹20 से ₹60 तक रहती है। इस आधार पर किसान आसानी से अपनी आमदनी का अनुमान लगा सकते हैं। अगर औसतन ₹80 प्रति किलो के हिसाब से 10 टन उत्पादन मिलता है तो किसान करीब 8 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। खेत की तैयारी बेड बनाना बीज खरीदना मल्चिंग सिंचाई और मजदूरी जैसे खर्च निकालने के बाद भी दो महीने की फसल से 4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा मिल जाता है।

    जुकिनी कैसी दिखाई देती है

    जुकिनी देखने में खीरा और कद्दू का मिश्रण लगती है। यह हरे पीले और नीले रंग में पाई जाती है और किसान मुख्य रूप से हरी और पीली वैरायटी का उत्पादन करते हैं। यह फसल हल्की और आकर्षक दिखती है और आसानी से तैयार हो जाती है।

    जुकिनी की खेती कैसे करें

    जुकिनी की खेती करने के लिए खेत में बेड बनाए जाते हैं और प्लास्टिक मल्च का उपयोग किया जाता है। इसमें 25 माइक्रोन का प्लास्टिक मल्च लगाया जाता है। बेड के बीच लगभग 3 फीट की दूरी रखी जाती है और पौधों के बीच 2 फीट का अंतर रखा जाता है। एक बीघा में लगभग 1500 पौधे लगाए जा सकते हैं। दो महीने में यह फसल तैयार होकर बाजार में बेचने लायक हो जाती है।

    जुकिनी की खेती का सही समय

    जुकिनी की खेती रबी और खरीफ दोनों सीजन में की जा सकती है। रबी में इसे अक्टूबर और नवंबर में लगाया जाता है जबकि खरीफ में अप्रैल से अगस्त तक इसकी बुवाई होती है। अगर मौसम अनुकूल न हो तो किसान इसे पॉलीहाउस में भी उगा सकते हैं जहां इसका उत्पादन और भी बेहतर मिलता है। पॉलीहाउस में किसान साल में तीन बार जुकिनी की खेती करके अधिक कमाई कर सकते हैं।

    जुकिनी की खेती किसान भाइयों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभर रही है। कम समय में अधिक उत्पादन और बढ़िया बाजार भाव इसे अत्यधिक लाभकारी बनाते हैं। यदि आप नई फसलें आजमाना चाहते हैं और खेती में अच्छा बदलाव लाना चाहते हैं तो जुकिनी की खेती आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।

  • टी20 विश्व कप 2026 टिकट बिक्री शुरू सिर्फ 100 रुपये में देखें भारत श्रीलंका में मेगा टूर्नामेंट का लाइव रोमांच

    आज आपके लिए एक बहुत ही खुश करने वाली खबर लेकर आए हैं क्योंकि आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 के टिकटों की बिक्री आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मौका बेहद खास है क्योंकि पहली बार इतने बड़े टूर्नामेंट के टिकट इतने सस्ते दाम पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अगर आप भी विश्व स्तरीय क्रिकेट का मजा सीधे स्टेडियम में लेना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है।

    टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत और मेजबानी

    टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होकर 8 मार्च तक खेला जाएगा। कोलंबो में पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच पहला मैच खेला जाएगा। इसके बाद कोलकाता में वेस्टइंडीज और बांग्लादेश के बीच मुकाबला होगा और अंत में मुंबई में भारत और अमेरिका के बीच एक रोमांचक मैच देखने को मिलेगा। क्रिकेट उत्साहियों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है क्योंकि यह टूर्नामेंट पहली बार इतने बड़े पैमाने पर दोनों देशों की साझेदारी में हो रहा है।

    सिर्फ 100 रुपये से शुरू हो रहे टिकट फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने घोषणा की है कि टिकटों की बिक्री भारतीय समयानुसार शाम 6 बजकर 45 मिनट से शुरू हो गई है। भारत में कई वेन्यू पर टिकटों की शुरुआती कीमत 100 रुपये रखी गई है जबकि श्रीलंका में LKR1000 यानी लगभग 295 रुपये में टिकट उपलब्ध होगा। 20 लाख से अधिक टिकट बिक्री के लिए रखे गए हैं ताकि हर फैंस को मौका मिल सके कि वह स्टेडियम में बैठकर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को खेलते देख सके।

    आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा कि टिकट बिक्री का पहला चरण इस टूर्नामेंट को सबसे सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि हमारा लक्ष्य हर बैकग्राउंड और हर आर्थिक स्थिति वाले फैंस को स्टेडियम में वर्ल्ड क्लास क्रिकेट दिखाने का अवसर देना है। संजोग गुप्ता के मुताबिक यह टूर्नामेंट सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि विश्व भर के फैंस के लिए एक उत्सव बनने जा रहा है।

    बीसीसीआई का उत्साह और स्टेडियम अनुभव का वादा

    बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी कहा कि सिर्फ 100 रुपये से टिकट शुरू करने का फैसला फैंस के उत्साह को कई गुना बढ़ा रहा है। भारत में क्रिकेट एक भावना है और इसी भावना को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने आधुनिक सुविधाओं वाले स्टेडियमों में एक शानदार मैच डे अनुभव देने का वादा किया है। फैंस के लिए आसान व्यवस्था और ऊर्जा से भरपूर माहौल तैयार किया जा रहा है ताकि हर मैच एक यादगार क्षण बन सके।

  • MP में विकास की रफ्तार बढ़ी CM मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में दिए बड़े निर्देश ,गुणवत्ता और पारदर्शिता पर खास जोर

    MP इन दिनों तेज़ी से विकास की नई राह बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि सड़कें केवल यात्रा के लिए नहीं बल्कि रोजगार स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सामाजिक प्रगति का आधार होती हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग का हर काम जनता के जीवन को आसान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है और सरकार की प्राथमिकता है कि हर परियोजना गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी हो।

    लोक निर्माण से लोक कल्याण की बड़ी सोच

    डॉ यादव ने विभाग के पिछले दो वर्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की आधारभूत संरचना जितनी मजबूत होगी उतना ही राज्य का विकास तेज़ होगा। उन्होंने बताया कि जबलपुर और ग्वालियर को जल्द मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया जाएगा ताकि इन शहरों की योजनाएं बड़े पैमाने पर आगे बढ़ सकें। उन्होंने राजमार्गों का घनत्व बढ़ाने और स्थानीय मांगों को योजनाओं में शामिल करने पर भी जोर दिया।

    Indore Voter List Update: इंदौर में सिंधी समाज की बड़ी परेशानी हजारों मतदाताओं के नाम हटने की आशंका शहर में बढ़ी हलचल

    पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन बिल्डिंग पर विशेष ध्यान

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधोसंरचना निर्माण में पर्यावरण को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। भवन निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग संकल्पना और प्राकृतिक ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित हो सके। साथ ही फ्लाईओवर अंडरपास और सर्विस लेन जैसी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा।

    डिजिटल नवाचार और लोकपथ ऐप की सफलता

    बैठक में यह जानकारी दी गई कि लोकपथ ऐप पर आई 12 हजार से अधिक शिकायतों में से 99 प्रतिशत का सफल निवारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐप में सड़क की रियल टाइम स्थिति भी उपलब्ध कराई जाए ताकि नागरिकों को और बेहतर सुविधा मिल सके।

    इंदौर में रिकॉर्ड टूटती सर्दी रात का तापमान 5 डिग्री तक गिरा, जेट स्ट्रीम से बढ़ा प्रकोप मंदिरों में भगवान को भी पहनाए गए गर्म कपड़े

    दो वर्षों की बड़ी उपलब्धियाँ

    प्रदेश में 12 हजार किमी सड़क निर्माण 3 नए मेडिकल कॉलेज 136 विद्यालय भवन और प्रमुख शहरी कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया गया है। साथ ही सौर ऊर्जा वृक्षारोपण और ट्री ट्रांसप्लांटेशन जैसे प्रयासों ने विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना दिलाई है।

  • इंदौर में निकलेगा रणजीत हनुमान का भव्य रथ लाखों भक्तों की भीड़ से गूंजेगा शहर, पूरी ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था बदल गई

    इंदौर शहर हर साल की तरह इस बार भी भक्तिमय रंग में रंगने जा रहा है। रणजीत हनुमान मंदिर की प्रसिद्ध प्रभातफेरी का इंतजार भक्त बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों लोग बाबा रणजीत के दर्शन के लिए सुबह चार बजे सड़क पर उमड़ते हैं और यह अनोखा नजारा पूरे देश में बेहद खास माना जाता है। इस वर्ष भी तैयारियां पूरी तरह जोरों पर हैं और शहर भक्तिमय माहौल में डूब चुका है।

     शुक्रवार को सुबह चार बजे प्रभातफेरी निकलेगी

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में  शुक्रवार दिन सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की भव्य प्रभातफेरी निकाली जाएगी। मंदिर प्रांगण से बाबा अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकलेंगे और भक्तों को शुभ दर्शन देंगे। रथ की शुरुआत होते ही आसमान भव्य आतिशबाजी से जगमगा उठेगा। यह प्रभातफेरी महूनाका होते हुए अन्नपूर्णा दशहरा मैदान नरेंद्र तिवारी मार्ग से गुजरकर वापस मंदिर पहुंचेगी। अनुमान है कि इस वर्ष प्रभातफेरी में दो लाख से अधिक भक्त शामिल होंगे और ठंड के बावजूद जोश देखने लायक होगा।

    भगवा रंग से सजा शहर झांकियों और भजनों की गूंज

    रणजीत हनुमान मार्ग पर सजावट रात से ही शुरू हो जाएगी और चारों ओर भगवा पताकाएं लहराती दिखाई देंगी। भक्तों की भीड़ भजन गाती मंडलियों के साथ आगे बढ़ेगी और माहौल राम नाम से गूंज उठेगा। इस बार प्रभातफेरी में रामायण आधारित दो विशेष झांकियों का निर्माण किया गया है जिन्हें देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में जुटेंगे। भक्त परंपरा के अनुसार नंगे पैर चलकर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।

    ट्रैफिक में बदलाव और रूट डायवर्ट

    प्रभातफेरी के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 12 दिसंबर की सुबह तीन बजे से फूटी कोठी उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महूनाका चौराहा तक भी ट्राफिक बंद रहेगा। यह व्यवस्था गुरुवार रात दो बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक लागू रहेगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    तीन प्रमुख पार्किंग स्थल भक्तों की सुविधा के लिए

    कलेक्टोरेट की दिशा से आने वाले वाहन लालबाग परिसर में पार्क किए जा सकेंगे। गंगवाल क्षेत्र से आने वाले वाहन सराफा स्कूल एमजेपी लाइन में पार्किंग कर सकेंगे। अन्नपूर्णा मार्ग से आने वाले वाहन दशहरा मैदान में पार्क कर सकेंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित करना और भक्तों को सुगम अनुभव देना है।

    सुरक्षा कड़ी पांच सौ से अधिक पुलिस जवान तैनात

    प्रभातफेरी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद चौकस रखी जाएगी। पांच सौ से अधिक पुलिस जवान पूरे मार्ग में तैनात रहेंगे। बड़े भवनों की छतों पर भी निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। रथ के आसपास सुरक्षा का घेरा बनाया जाएगा और चौकस टीम गलियों में बैरिकेड लगाकर भीड़ को नियंत्रित करेगी।

    इंदौर की आस्था का जीवन्त उत्सव

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है बल्कि यह इंदौर की आस्था और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। लाखों भक्त नंगे पैर निकलकर बाबा के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं और शहर का यह दृश्य आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। हर साल की तरह इस साल भी यह उत्सव लोगों के दिलों में लंबे समय तक याद रहेगा