Author: Chayan__09

  • इंदौर ऑनलाइन फ्रॉड न्यूज,ऑनलाइन जॉब के नाम पर 1 लाख से ज्यादा की ठगी,व्हाट्सऐप टेलीग्राम स्कैम से छात्रा को नुकसान

    आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन काम और घर बैठे कमाई का सपना हर किसी को आकर्षित करता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र से ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है जहां एक छात्रा को ऑनलाइन ऑडिटिंग जॉब और होटल रेटिंग के नाम पर बड़ी ठगी का शिकार बनाया गया।

    वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुआ भरोसे का खेल

    यह पूरा मामला नवंबर महीने में एक अनजान वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुआ। मैसेज भेजने वाली महिला ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर बताया। उसने कहा कि गूगल पर ऑनलाइन ऑडिटर्स की भर्ती चल रही है और इस काम से रोजाना अच्छी कमाई हो सकती है। मीठी बातों और बड़े वादों ने छात्रा का भरोसा जीत लिया।

    होटल रेटिंग टास्क से बढ़ाया गया विश्वास

    भरोसा मजबूत करने के लिए छात्रा को एक होटल की लिंक भेजी गई और उसे पांच स्टार रेटिंग देने को कहा गया। इस छोटे से काम के बदले खाते में 150 रुपए भेजे गए। जब सच में पैसे आए तो छात्रा को लगा कि यह काम सही है। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका चयन कंपनी में हो गया है और अब उसे बड़े टास्क मिलेंगे।

    टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर की गई ठगी

    अगले कदम में छात्रा को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। यहां ऑनलाइन फॉर्म और प्रोसेस के नाम पर पहले 500 रुपए जमा करवाए गए। फिर रेटिंग टास्क और काम के पैसे अटकने का डर दिखाकर बार बार रकम ट्रांसफर करवाई गई। धीरे धीरे अलग अलग किस्तों में कुल 1 लाख 13 हजार रुपए निकलवा लिए गए।

    संपर्क टूटते ही हुआ ठगी का अहसास

    जब काफी समय बाद भी कोई रिटर्न नहीं मिला और सामने वाला संपर्क से गायब हो गया तब छात्रा को समझ आया कि उसके साथ धोखा हुआ है। उसने तुरंत एरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जिन बैंक खातों में पैसे गए हैं उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस और साइबर सेल की जांच जारी

    एरोड्रम पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में जल्द शिकायत करना बहुत जरूरी होता है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोगों को भी सतर्क किया जा सके।

  • सर्दियों में फूलों की खास देखभाल से बगीचे को रखें हमेशा हरा भरा

    सर्दियों का मौसम मन को सुकून देता है लेकिन यही मौसम बगीचे के फूलों के लिए कई मुश्किलें भी लेकर आता है। ठंड के साथ कोहरा और ओस पौधों की सेहत पर असर डालते हैं। खासतौर पर गमलों और घर की बागवानी में लगे फूल नमी के कारण जल्दी मुरझाने लगते हैं। अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो फूल झड़ने लगते हैं और पौधों की बढ़वार रुक जाती है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी समझदारी और रोज की हल्की देखभाल से आप अपने बगीचे को सर्दियों में भी खिलता हुआ रख सकते हैं।

    सही जगह पर रखें फूलों के गमले

    सर्दियों में फूलों को सही स्थान पर रखना सबसे जरूरी काम होता है। गमलों को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की हल्की धूप जरूर पहुंचे। धूप मिलने से पौधों पर जमी ओस जल्दी सूख जाती है और फंगल बीमारी का खतरा कम हो जाता है। कोशिश करें कि पौधों को लंबे समय तक खुले में कोहरे के बीच न रखें। सही रोशनी मिलने से पौधों की ताकत बनी रहती है और फूल भी लंबे समय तक खिले रहते हैं।

    रात में पौधों को ढकना क्यों है जरूरी

    रात के समय कोहरा और ओस सबसे ज्यादा गिरती है। ऐसे में फूलों के गमलों को हल्के कपड़े या बोरी से ढक देना बहुत फायदेमंद होता है। ढकते समय ध्यान रखें कि हवा के लिए थोड़ी जगह जरूर रहे। अगर पूरी तरह बंद कर दिया गया तो अंदर नमी जमा हो सकती है जो पौधों के लिए नुकसानदायक होती है। यह छोटी सी आदत फूलों को ठंड के असर से काफी हद तक बचा लेती है।

    सर्दियों में पानी देने का सही तरीका

    ठंड के मौसम में पानी देने में जरा सी भी लापरवाही पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है। जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ने लगती हैं। इसलिए हमेशा सुबह के समय ही पानी दें। दिन में धूप मिलने से मिट्टी की अतिरिक्त नमी सूख जाती है। शाम या रात में पानी देने से ओस के साथ नमी बढ़ जाती है जो फूलों के लिए सही नहीं होती।

    मिट्टी और खाद का संतुलन बनाए रखें

    सर्दियों में मिट्टी की देखभाल भी बहुत जरूरी होती है। समय समय पर मिट्टी को हल्का सा खोदते रहें ताकि हवा का संचार बना रहे। इससे मिट्टी में नमी संतुलित रहती है और पौधे स्वस्थ रहते हैं। जैविक खाद का सीमित मात्रा में उपयोग करें। इससे पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वे ठंड को आसानी से सहन कर पाते हैं।

    पत्तियों पर दिखे बीमारी के संकेत तो तुरंत ध्यान दें

    अगर पौधों की पत्तियों पर सफेद धब्बे या फंगल संक्रमण नजर आए तो तुरंत उन पत्तियों को हटा दें। समय पर सफाई करने से बीमारी पूरे पौधे में नहीं फैलती। घरेलू उपाय के तौर पर नीम के तेल का हल्का घोल छिड़कना भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इससे पौधे सुरक्षित रहते हैं और फूलों की सुंदरता बनी रहती है।

    थोड़ी सी सावधानी से सर्दियों में भी खिलता रहेगा बगीचा

    कुल मिलाकर सर्दियों में फूलों की देखभाल कोई मुश्किल काम नहीं है। सही समय पर धूप देना संतुलित पानी देना रात में ढकना और मिट्टी की हल्की देखभाल जैसे छोटे उपाय आपके बगीचे को ठंड में भी जीवंत बनाए रखते हैं। अगर आप नियमित रूप से इन आसान टिप्स को अपनाते हैं तो सर्दियों का मौसम भी आपके फूलों की खूबसूरती को कम नहीं कर पाएगा।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत पर बवाल हाई कोर्ट की सख्ती से प्रशासन को कड़ा संदेश

    आज हम आपको एक ऐसी खबर बता रहे हैं जो दिल को झकझोर देती है और इंसाफ की उम्मीद को और मजबूत करती है। राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है जहां आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी ने शिलांग कोर्ट से जमानत की मांग की है। इस मांग ने मृतक के परिवार के दर्द को फिर से ताजा कर दिया है और पूरे मामले में भावनात्मक तनाव बढ़ गया है।

    जमानत याचिका पर परिवार की कड़ी आपत्ति

    राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने अदालत में सोनम की जमानत का खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि सोनम ने न सिर्फ राजा के साथ बल्कि दो परिवारों के साथ विश्वासघात किया है। आरोप है कि राजा से शादी से पहले वह राज कुशवाह के साथ पहले ही विवाह कर चुकी थी। विपिन का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बाद जमानत देना न्याय के साथ समझौता होगा।

    हनीमून के दौरान हत्या का आरोप

    यह मामला इसलिए और ज्यादा संवेदनशील हो जाता है क्योंकि आरोप है कि शिलांग में हनीमून के दौरान राजा की हत्या की गई। इस साजिश में सोनम के साथ उसका प्रेमी राज कुशवाह और अन्य आरोपी भी शामिल बताए गए हैं। सभी आरोपी इस समय शिलांग की जेल में बंद हैं और मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है।

    हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और प्रशासन को संदेश

    इसी बीच हाई कोर्ट ने एक अलग लेकिन उतना ही गंभीर मामले में प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। इंदौर में हुए भीषण ट्रक हादसे के बाद सरकार की ओर से पेश की गई रिपोर्ट पर कोर्ट ने कहा कि सिर्फ रिपोर्ट पेश करने से हादसे नियंत्रित नहीं होंगे। अदालत ने साफ कहा कि जो उपाय बताए गए हैं उन्हें रोजमर्रा के व्यवहार में भी लागू किया जाना चाहिए।

    सड़क सुरक्षा को लेकर न्यायालय की चिंता

    हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब सड़क सुरक्षा के सख्त नियम पहले से मौजूद हैं तब भी इस तरह की घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट में बताए गए सुधारात्मक कदमों को जमीन पर उतारा जाए ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए।

    इंसाफ और सुरक्षा की उम्मीद

    दोनों ही मामलों में अदालत की भूमिका यह दिखाती है कि कानून सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। चाहे वह एक परिवार को न्याय दिलाने की बात हो या सड़कों पर आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हो अदालत ने साफ संकेत दिया है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • देपालपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, बिना लाइसेंस 100 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    देपालपुर क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्राम जलोदिया पार में स्थित एक निजी भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से पटाखा निर्माण किया जा रहा था। प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली तुरंत जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

    सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया

    प्रशासन को जानकारी प्राप्त हुई थी कि भूमि सर्वे नम्बर 162 2 एवं 163 2 पर बिना अनुमति पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही है। यह भूमि आदित्य राज पिता बहादुर सिंह चावड़ा के स्वामित्व की बताई गई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी देपालपुर श्री राकेश मोहन त्रिपाठी के निर्देश पर तत्काल स्थल निरीक्षण के आदेश दिए गए।

    संयुक्त टीम ने किया स्थल निरीक्षण

    बुधवार को कार्यपालिक दण्डाधिकारी श्री नागेन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस थाना देपालपुर के निरीक्षक श्री रंजीत सिंह बघेल अन्य पुलिस बल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से पाया गया कि वहां बिना किसी वैध अनुमति और लाइसेंस के पटाखा निर्माण की गतिविधियां चल रही थीं जो कानून का खुला उल्लंघन है।

    मौके पर नहीं मिला कोई जिम्मेदार व्यक्ति

    निरीक्षण के समय स्थल पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से वहां कोई भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं थे। यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जा रही है क्योंकि पटाखा निर्माण में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

    भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त

    कार्रवाई के दौरान मौके से पटाखा सुतली बम की 13 बोरियां और पटाखा बनाने की लगभग 5 बोरियां सामग्री बरामद की गई जिसका वजन करीब 100 किलोग्राम बताया गया। पूरी सामग्री को मौके पर ही सील किया गया और नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया। यह प्रक्रिया पुलिस और राजस्व अमले की उपस्थिति में पूरी की गई।

    कानून के तहत होगी आगे की कार्रवाई

    प्रशासन के अनुसार यह अवैध गतिविधि विस्फोटक अधिनियम और अन्य संबंधित नियमों का उल्लंघन है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जन सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी

  • कड़ाके की ठंड से कांपा इंदौर, शीतलहर की वापसी ने बदला मौसम, न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री

    मध्यप्रदेश में एक बार फिर ठंड ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शीतलहर की वापसी के साथ इंदौर में तापमान तेजी से नीचे गिर गया है। सुबह और रात के समय ठंड इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। घना कोहरा और तेज ठंडी हवाएं आम जीवन को प्रभावित कर रही हैं और शहर की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

    इंदौर का तापमान 4.9 डिग्री तक गिरा

    इंदौर में मंगलवार रात और बुधवार सुबह ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया। शहर का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से काफी कम है। दिन के समय तापमान 27.9 डिग्री रहा लेकिन रात की तेज ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद सर्द बना दिया। सुबह घने कोहरे के कारण सड़कों पर आवाजाही मुश्किल रही हालांकि बाद में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिली।

    मौसम विभाग का कोल्ड वेव अलर्ट

    मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। इंदौर उज्जैन और देवास में घने कोहरे और ठंडी हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

    कोहरे से सड़क रेल और हवाई यातायात प्रभावित

    घने कोहरे और कम दृश्यता का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ रहा है। हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं और इंदौर आने जाने वाली कई उड़ानें निरस्त करनी पड़ी हैं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं

    उत्तर भारत खासकर दिल्ली में खराब मौसम का असर मध्यप्रदेश के रेल यातायात पर भी साफ नजर आ रहा है। दिल्ली से भोपाल और इंदौर की ओर आने वाली कई ट्रेनें लगातार दूसरे दिन देरी से पहुंचीं। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें 6 से 7 घंटे तक लेट चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कम दृश्यता के कारण ट्रेनों की गति कम रखनी पड़ रही है। एंटी फॉग डिवाइस होने के बावजूद समय पर संचालन में दिक्कतें बनी हुई हैं।

    लोगों को सतर्क रहने की सलाह

    तेज ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 14वीं किस्त अपडेट, दिसंबर में आएंगे 2000 रुपये, एमपी किसानों को बड़ी राहत

    आज हम मध्यप्रदेश के किसानों के लिए आई एक राहत भरी खबर पर बात करने जा रहे हैं जो इस समय हर किसान के मन में उम्मीद जगा रही है पीएम किसान की 21वीं किस्त मिलने के बाद अब राज्य के किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं यह योजना किसानों की आर्थिक मजबूती से सीधे जुड़ी हुई है और इसी वजह से इसकी हर किस्त किसानों के लिए खास बन जाती है

    मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त को लेकर बड़ी उम्मीद

    राज्य के किसानों के बीच इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त कब आएगी सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है लेकिन पिछले वर्षों के अनुभव को देखें तो दिसंबर का महीना इस योजना के लिए अहम माना जाता है पहले भी अधिकतर किस्तें इसी समय के आसपास किसानों के खातों में भेजी गई हैं इसी कारण माना जा रहा है कि इस बार भी दिसंबर के आखिरी दिनों में यह राशि किसानों को मिल सकती है

    दिसंबर में क्यों मानी जा रही है किस्त आने की संभावना

    कृषि विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस योजना के लिए किसानों का डेटा वेरिफिकेशन लगभग पूरा हो चुका है जब भी यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती है तब किस्त जारी होने की संभावना मजबूत हो जाती है अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो दिसंबर के अंत तक दो हजार रुपये की यह किस्त सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकती है यह पैसा रबी फसल की तैयारी में किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकता है

    क्या है मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की असली ताकत

    मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया था यह योजना पीएम किसान सम्मान निधि योजना की पूरक योजना है यानी जो किसान पीएम किसान योजना के पात्र हैं उन्हें ही इसका लाभ मिलता है इसके तहत राज्य सरकार हर साल किसानों को छह हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देती है यह राशि खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किसानों का सहारा बनती है

    एमपी के किसानों को सालाना मिलते हैं पूरे बारह हजार रुपये

    मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह योजना इसलिए खास है क्योंकि उन्हें केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से आर्थिक मदद मिलती है पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार छह हजार रुपये देती है वहीं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत राज्य सरकार भी छह हजार रुपये देती है इस तरह पात्र किसानों को हर साल कुल बारह हजार रुपये सीधे उनके खाते में मिलते हैं जो खेती और घर की जरूरतों के काम आते हैं

    कितने किसानों को मिलता है इस योजना का लाभ

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ प्रदेश के करीब तिरासी लाख से ज्यादा किसानों को मिलता है सरकार हर साल इस योजना पर बड़ी राशि खर्च करती है इस बार भी 14वीं किस्त को लेकर सभी जरूरी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पात्र किसानों को जल्द ही इसका लाभ मिलेगा

    कैसे जानें आपको मिलेगी 14वीं किस्त या नहीं

    अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपका नाम मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की लाभार्थी सूची में है या नहीं तो आप घर बैठे इसकी जानकारी ले सकते हैं इसके लिए आपको राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा वहां योजना से जुड़े विकल्प में जाकर अपनी किसान संबंधी जानकारी भरनी होती है अगर आपका नाम पात्र किसानों की सूची में शामिल है तो आपको 14वीं किस्त का लाभ जरूर मिलेगा

    किसानों के लिए क्यों है यह किस्त बेहद जरूरी

    पीएम किसान की 21वीं किस्त के बाद मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त किसानों के लिए एक और सहारा बन सकती है खासकर रबी सीजन की तैयारी के समय यह राशि बीज खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मददगार होती है अब किसानों को बस सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख की घोषणा का इंतजार है

  • लगातार दूसरे दिन रद्द हुई इंदौर दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    अगर आप भी इंदौर से दिल्ली यात्रा की योजना बना रहे थे तो यह खबर आपको चिंता में डाल सकती है। इंदौर से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान लगातार दूसरे दिन भी निरस्त रही। अचानक मिले मैसेज ने यात्रियों की पूरी योजना बिगाड़ दी और लोग असमंजस में फंस गए।

    सुबह की उड़ान रद्द होने से यात्री हुए परेशान

    इंदौर से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की सुबह की उड़ान संख्या 1860 को लगातार दूसरे दिन रद्द कर दिया गया। यात्रियों को सोमवार देर रात उड़ान निरस्त होने का संदेश भेजा गया। इस कारण यात्री दिल्ली पहुंचने के लिए कोई दूसरा विकल्प समय पर नहीं चुन पाए। कई लोगों की जरूरी मीटिंग और कार्यक्रम प्रभावित हो गए।

    बिना वजह बताए रद्द हुई फ्लाइट

    एयरलाइंस की ओर से उड़ान निरस्त होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। सूत्रों के अनुसार दिल्ली से इंदौर आने वाला विमान ही उड़ान नहीं भर पाया। इसके कारण मंगलवार सुबह आठ बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट को भी रद्द करना पड़ा। यात्रियों को अंतिम समय में सूचना मिलने से नाराजगी बढ़ गई।

    कनेक्टिंग फ्लाइट वालों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

    जिन यात्रियों को दिल्ली से आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी थी उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को दूसरी एयरलाइंस के महंगे टिकट खरीदने पड़े। कुछ लोगों ने मजबूरी में बस से दिल्ली जाने का फैसला लिया। ट्रेनों में भी कंफर्म टिकट नहीं मिल पाने से हालात और खराब हो गए।

    देर रात मिली सूचना से बढ़ी नाराजगी

    एक यात्री ने बताया कि यदि एयरलाइंस शाम को ही उड़ान निरस्त होने की जानकारी दे देती तो दूसरे विकल्पों पर विचार किया जा सकता था। देर रात अचानक मिले मैसेज से जरूरी मीटिंग रद्द करनी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में समय पर सूचना मिलना बहुत जरूरी है।

    विमान नहीं आया इंदौर फिर भी रात में हुआ फैसला

    इंदौर से दिल्ली की यह फ्लाइट अलसुबह दिल्ली से इंदौर आती है और फिर सुबह दिल्ली रवाना होती है। मंगलवार को विमान दिल्ली से ही नहीं आया। इसके बावजूद उड़ान रद्द करने की सूचना रात में ही दे दी गई। यदि मौसम या कोहरे का कारण होता तो सुबह जानकारी दी जाती। सोमवार को जब सुबह फ्लाइट रद्द हुई थी तब यात्रियों ने एयरपोर्ट पर नाराजगी जताई थी।

    दिल्ली के कोहरे का असर इंदौर की उड़ानों पर

    दिल्ली में घने कोहरे का असर इंदौर की हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को इंदौर आने और जाने वाली सोलह उड़ानें निरस्त कर दी गईं। इनमें अधिकतर उड़ानें दिल्ली से जुड़ी हुई थीं। इसके अलावा बीस से अधिक उड़ानें समय पर रवाना नहीं हो सकीं।

  • इंदौर मेट्रो को मिलेगी नई रफ्तार, रोबोट चौराहा तक बढ़ेगा रुट, तब जाकर शुरू होगी असली कमाई

    इंदौर मेट्रो को लेकर शहर के लोगों के मन में कई उम्मीदें हैं। मेट्रो को आधुनिक इंदौर की पहचान माना जा रहा है लेकिन फिलहाल इसकी कमाई चिंता का विषय बनी हुई है। वजह साफ है मेट्रो अभी बहुत कम दूरी में चल रही है। जब मेट्रो लंबी दूरी तय करेगी तब यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी और आय का रास्ता खुलेगा।

    कम दूरी में चलने से नहीं मिल रही मेट्रो को कमाई

    इस समय इंदौर में मेट्रो का संचालन सीमित हिस्से में हो रहा है। कम दूरी होने के कारण हर फेरे में बहुत कम यात्री सफर कर रहे हैं। शुरुआत में तो हालात ऐसे रहे कि एक बार में गिने चुने लोग ही मेट्रो में नजर आते थे। बाद में संचालन में बदलाव किया गया जिससे यात्रियों की संख्या कुछ बढ़ी लेकिन फिर भी खर्च निकालना मुश्किल बना हुआ है।

    गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक ट्रायल रन

    इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहे तक अलग अलग गति पर किया जा रहा है। इस हिस्से में संचालन के लिए जरूरी विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जैसे ही अनुमति मिलेगी मेट्रो का दायरा और बढ़ जाएगा जिससे शहर के बड़े हिस्से को सीधा फायदा मिलेगा।

    रोबोट चौराहा तक मेट्रो चलाने की तैयारी

    मेट्रो को गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक चलाने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। पूरे रुट का निरीक्षण रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन की टीम ने किया है। निरीक्षण के बाद मेट्रो के संचालन की संभावित तिथि मार्च दो हजार छब्बीस तय की गई है। इस रुट पर मेट्रो चलने से यात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

    नए स्टेशनों पर तेजी से चल रहा काम

    ट्रैक तैयार होने के बाद अब अधिकारियों का पूरा ध्यान नए स्टेशनों के निर्माण पर है। चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा स्टेशन सुखलिया ग्राम स्टेशन विजय नगर और रेडिसन चौराहा स्टेशन को प्राथमिकता में रखा गया है। लक्ष्य है कि फरवरी तक इन स्टेशनों का काम पूरा कर लिया जाए ताकि मार्च तक मेट्रो को रोबोट चौराहे तक चलाया जा सके।

    यात्रियों को मिलेगी राहत और सुविधा

    जब मेट्रो लंबी दूरी तक चलेगी तो शहर के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। रोजाना सफर करने वालों का समय बचेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। मेट्रो रोबोट चौराहा तक पहुंचते ही ऑफिस जाने वाले लोग छात्र और व्यापारी बड़ी संख्या में इससे जुड़ेंगे।

    खर्च ज्यादा आय कम बनी चुनौती

    फिलहाल मेट्रो कॉरपोरेशन को संचालन से पर्याप्त आय नहीं हो पा रही है। जबकि मेट्रो के संचालन और स्टेशनों पर तीन सौ से ज्यादा कर्मचारियों का स्टाफ तैनात है। जब तक यात्री नहीं बढ़ेंगे तब तक लागत निकालना मुश्किल रहेगा। अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि रुट बढ़ते ही यह स्थिति बदल जाएगी।

    अंडरग्राउंड रुट पर भी बनेगा नया प्लान

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद अब मेट्रो के अंडरग्राउंड रुट को लेकर नई योजना बनाई जाएगी। बदलाव के बाद यह रुट करीब एक किलोमीटर और बढ़ सकता है। इसके लिए नए मेट्रो स्टेशन की जमीन भी तलाशनी होगी। यह कदम इंदौर मेट्रो को और मजबूत बनाएगा।

    इंदौर मेट्रो से जुड़ी उम्मीदें

    इंदौर मेट्रो सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं बल्कि शहर के भविष्य की दिशा है। जैसे जैसे इसका दायरा बढ़ेगा वैसे वैसे लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। आने वाले समय में मेट्रो इंदौर की पहचान बन सकती है।

  • Agriculture News: दिसंबर में शिमला मिर्च की खेती से बदल सकती है किस्मत

    Agriculture News:अगर आप कम समय में अच्छी कमाई का सपना देख रहे हैं तो दिसंबर का महीना आपके लिए एक सुनहरा मौका लेकर आता है ठंड के मौसम में कुछ ऐसी सब्जियां होती हैं जो कम मेहनत में शानदार मुनाफा देती हैं उन्हीं में से एक है शिमला मिर्च यह ऐसी फसल है जिसकी मांग हर मौसम में बनी रहती है घर की रसोई से लेकर होटल और फास्ट फूड तक इसका खूब इस्तेमाल होता है यही वजह है कि सही तरीके से की गई खेती किसानों की आमदनी बढ़ा सकती है

    क्यों दिसंबर में शिमला मिर्च लगाना फायदेमंद है

    दिसंबर में मौसम ठंडा होने लगता है जो शिमला मिर्च के लिए बहुत अनुकूल माना जाता है इस समय लगाई गई फसल जल्दी बढ़ती है और करीब साठ से पैंसठ दिनों में तोड़ाई के लिए तैयार हो जाती है कम समय में फसल तैयार होने से लागत जल्दी निकल जाती है और मुनाफा हाथ में आता है यही कारण है कि यह खेती आज तेजी से लोकप्रिय हो रही है

    मिट्टी और मौसम की सही तैयारी

    शिमला मिर्च ठंडे मौसम की फसल है और इसे हल्की दोमट से मध्यम चिकनी मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है खेत में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था होना बहुत जरूरी है क्योंकि ज्यादा पानी रुकने से पौधे खराब हो सकते हैं खेती शुरू करने से पहले खेत की गहरी जुताई करें और फिर दो तीन बार हल्की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लें सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाने से मिट्टी की ताकत बढ़ती है और नमी भी बनी रहती है

    नर्सरी की तैयारी और पौधों की मजबूती

    दिसंबर में नर्सरी तैयार करना सबसे सही माना जाता है बीज करीब आठ से दस दिन में अंकुरित हो जाते हैं और लगभग तीस से पैंतीस दिन में पौधे खेत में लगाने लायक बन जाते हैं नर्सरी की मिट्टी में जैविक खाद और थोड़ी बालू मिलाने से पौधे मजबूत होते हैं समय समय पर हल्का जैविक छिड़काव करने से पौधों को कीड़ों से बचाया जा सकता है जिससे आगे चलकर फसल अच्छी मिलती है

    पौध रोपण और सिंचाई का सही तरीका

    खेत में पौधे लगाने के समय क्यारियों के बीच सही दूरी रखना बहुत जरूरी होता है ताकि पौधों को हवा और धूप भरपूर मिले शुरुआती दिनों में हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए जिससे पौधे अच्छी तरह जम जाएं बाद में पांच छह दिन में एक बार पानी देना काफी होता है ध्यान रखें कि खेत में पानी जमा न हो क्योंकि ज्यादा नमी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है

    खाद और नियमित देखभाल का महत्व

    शिमला मिर्च की फसल में जैविक खाद का उपयोग सबसे बेहतर माना जाता है इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन भी बढ़ता है फसल बढ़ने के दौरान ऊपर से खाद देने से फूल और फल लगातार आते रहते हैं समय समय पर पौधों की निगरानी करना बहुत जरूरी है ताकि किसी भी समस्या को शुरुआत में ही रोका जा सके

    रोग और कीट से बचाव कैसे करें

    इस फसल में कुछ कीट पत्तियों का रस चूस लेते हैं जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं ऐसे में जैविक कीटनाशक का समय पर उपयोग फायदेमंद रहता है खेत में हवा का अच्छा संचार होना भी जरूरी है इसलिए उचित दूरी और नियमित गुड़ाई बहुत मदद करती है इससे रोग लगने की संभावना काफी कम हो जाती है

    तोड़ाई उत्पादन और कमाई की संभावना

    दिसंबर में लगाए गए पौधे करीब साठ से पैंसठ दिन बाद फल देना शुरू कर देते हैं इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि एक बार तोड़ाई शुरू होने के बाद कई दिनों तक लगातार फसल मिलती रहती है अच्छी देखभाल के साथ एक एकड़ से भरपूर उत्पादन लिया जा सकता है बाजार में इसकी कीमत मौसम और मांग के अनुसार अच्छी मिलती है जिससे किसान को शानदार मुनाफा होता है

    बाजार में हमेशा बनी रहती है मांग

    शिमला मिर्च की मांग गांव से लेकर शहर तक हर जगह रहती है होटल ढाबा और फास्ट फूड में इसका खूब इस्तेमाल होता है इसी वजह से यह फसल आसानी से बिक जाती है और सही समय पर बेचने से अच्छे दाम भी मिल जाते हैं अगर खेती का तरीका सही हो तो यह फसल हर सीजन आमदनी का मजबूत जरिया बन सकती है

  • इंदौर को मिलेगी नई रफ्तार, मोहन यादव का बड़ा मास्टर प्लान, मेट्रो अंडरग्राउंड, 25 साल का ट्रैफिक विजन और मेट्रोपॉलिटन विस्तार

    इंदौर लगातार आगे बढ़ रहा है और अब इसके विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के विकास कार्यों को लेकर एक अहम बैठक ली जिसमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बड़े फैसले लिए गए। यह बैठक सिर्फ योजनाओं की नहीं बल्कि आने वाले पच्चीस वर्षों के सपनों की नींव रखती है। सरकार का मकसद साफ है सुरक्षित शहर बेहतर ट्रैफिक और मजबूत अधोसंरचना।

    अधोसंरचना विकास पर केंद्रित रही अहम बैठक

    इस बैठक का मुख्य फोकस अधोसंरचना विकास रहा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और नशे पर नियंत्रण जैसे जरूरी सामाजिक मुद्दों पर भी लगातार काम कर रही है। इस बार शहर और आसपास के नगरों के लिए लंबे समय की योजना बनाई जा रही है ताकि इंदौर आने वाले वर्षों में भी व्यवस्थित और सुगम बना रहे।

    मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला

    बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेट्रो का रूट अंडरग्राउंड ही रहेगा। बंगाली कॉलोनी से मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड चलेगी। इस बदलाव पर करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस फैसले से प्रोजेक्ट में किसी तरह की देरी नहीं होगी।

    मेट्रोपॉलिटन एरिया का होगा बड़ा विस्तार

    अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मेट्रोपॉलिटन एरिया की सीमा में अब रतलाम शहर भी जुड़ेगा। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 14000 वर्ग किलोमीटर होगा। धार महू और उज्जैन की नगर पंचायतें भी इसमें शामिल होंगी। इससे पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास संभव होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

    बीआरटीएस हटने के बाद बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बीआरटीएस हटने के बाद दोबारा ट्रैफिक सर्वे कराया जाएगा। शहर के लिए पच्चीस साल के हिसाब से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। इसका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा और जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर को बेहद जरूरी बताया गया है।

    आसपास के शहरों से मजबूत होगी कनेक्टिविटी

    सरकार का फोकस इंदौर को आसपास के शहरों से और मजबूत तरीके से जोड़ने पर है। उज्जैन की एप्रोच को ज्यादा मजबूत किया जाएगा क्योंकि भविष्य में वहां बड़ी संख्या में लोग आने वाले हैं। उज्जैन देवास और पीथमपुर अब इंदौर से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। दूसरे शहरों से इंदौर को जोड़ने वाले मार्गों को भी चौड़ा किया जाएगा ताकि सफर आसान हो सके।

    मास्टर प्लान के साथ जोनल प्लान पर भी जोर

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंदौर के मास्टर प्लान के साथ साथ जोनल प्लान भी तैयार किए जाएं। इन्हीं योजनाओं के अनुसार सड़कों और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे शहर का विकास संतुलित रहेगा और किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।

    बंगाली कॉलोनी अंडरग्राउंड मेट्रो पर लगी मुहर

    पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो को बंगाली कॉलोनी से अंडरग्राउंड करने पर जोर दिया था। बैठक में जनप्रतिनिधियों की सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी। साथ ही अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि इस बदलाव के कारण प्रोजेक्ट की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए।