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  • Indore Ranipura accident: चार दिन पहले दी गई चेतावनी को नजरअंदाज करने की लापरवाही ने ली मासूम जिंदगियां और उजाड़ दिए कई परिवार

    कभी आपने सोचा है कि छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में हुआ हादसा इसका जीता-जागता उदाहरण है। कुछ दिन पहले ही मकान का एक कॉलम धंस गया था और दुकानदार ने मकान मालिक को इस बारे में चेताया भी था। लेकिन अफसोस कि उस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया और यही लापरवाही आखिरकार दो जिंदगियों के खत्म होने और कई परिवारों के टूटने की वजह बन गई।

    यह मकान लगभग सात सौ वर्गफीट में बना था और अवैध तरीके से खड़ा किया गया था। निचली मंजिल में बिना अनुमति दुकानों का निर्माण हुआ और ऊपर शेड डाल दिए गए। निर्माण के दौरान कॉलम में पतले सरिए डाले गए थे, जो इमारत का बोझ सह नहीं पाए। धीरे-धीरे झुकते मकान को नजरअंदाज करना भारी पड़ गया।

    चार दिन पहले जब कॉलम धंसा तो दुकानदार ने मकान मालिक से शटर न लग पाने की समस्या बताई थी। लेकिन मकान मालिक ने इसे हल्के में लिया। अगर नगर निगम के अफसर और मालिक समय रहते जाग जाते तो शायद यह हादसा टल सकता था।

    Indore News: एमवाय अस्पताल से हटेंगे चूहों का खतरा अब सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट होंगे नन्हें बच्चों के वार्ड

    त्योहार का समय था और दुकानों में ग्राहकी कम थी। रात आठ बजे के करीब सभी दुकानें बंद हो गईं। यह संयोग ही था कि कर्मचारी और दुकानदार समय पर निकल गए और बड़ी संख्या में लोग हादसे से बच गए। कुछ परिवार भी रिश्तेदारों से मिलने बाहर गए हुए थे। वरना मलबे में दबने वालों की संख्या कहीं ज्यादा होती।

    रात डेढ़ बजे तक राहत और बचाव का काम चलता रहा। जेसीबी से मलबा हटाने से पहले पूरी गली की बिजली काट दी गई ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। वहां मौजूद हर शख्स के दिल में यही सवाल था कि आखिर कब तक हम लापरवाही और अवैध निर्माणों की कीमत अपनी जिंदगियों से चुकाते रहेंगे।

    रानीपुरा की इस त्रासदी ने फिर साबित कर दिया कि छोटी सी अनदेखी भी कितनी बड़ी तबाही ला सकती है। मकान मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों को यदि समय रहते चेतना होता तो मासूम जिंदगियां बच सकती थीं। अब जरूरत है कि अवैध निर्माण और लापरवाही पर सख्ती हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।

  • Indore News: इंदौर मेट्रो का सफर हुआ लंबा, लेकिन यात्रियों की राह अभी दूर

    Indore News: आज हम बात करेंगे हमारे अपने इंदौर शहर की शान बनने वाली मेट्रो के बारे में। शुरुआत में जब मेट्रो ट्रेन पहली बार ट्रैक पर दौड़ी थी तो पूरा शहर इसे देखने उमड़ पड़ा था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी में एक अलग उत्साह था क्योंकि पहली बार इंदौर को मेट्रो जैसा तोहफा मिला था। लेकिन अब हालात थोड़े बदले-बदले नजर आ रहे हैं।

    अभी फिलहाल मेट्रो का संचालन सिर्फ छह किलोमीटर तक ही किया जा रहा है और यह हिस्सा आबादी वाले क्षेत्र से दूर है। इसी कारण यात्रियों की संख्या बहुत कम हो गई है। शुरुआती दिनों में जहां ट्रेन देखने वालों की भीड़ स्टेशन पर रहती थी वहीं अब सीटें खाली नजर आने लगी हैं। हालांकि मेट्रो ने अब तक दो लाख से ज्यादा यात्रियों को सफर कराया है लेकिन आगे की राह अभी लंबी है।

    शुक्रवार को मेट्रो ने एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार दस किलोमीटर का ट्रायल रन पूरा किया। ट्रेन की स्पीड अभी सिर्फ दस किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है ताकि सुरक्षा जांच सही तरीके से हो सके। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चार किलोमीटर तक के रन की अनुमति दी थी और धीरे-धीरे ट्रायल बढ़ाते हुए इसे रेडिसन चौराहे तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।

    इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में असली रौनक तब आएगी जब इसका संचालन विजय नगर और सुखलिया जैसे व्यस्त क्षेत्रों से होकर सुपर कॉरिडोर तक पहुंचेगा। यहां हजारों विद्यार्थी और आईटी कंपनियों के कर्मचारी रोजाना सफर करते हैं और उनके लिए मेट्रो सबसे सुरक्षित और तेज साधन साबित हो सकती है। अभी पांच से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों का काम अधूरा है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अगले साल तक रेडिसन चौराहे तक मेट्रो चलाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

    दोस्तों इंदौर मेट्रो सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि यह हमारे शहर की पहचान बनने वाली है। अगर यह अपने पूरे रूट पर शुरू हो जाती है तो हजारों लोगों को न केवल ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी बल्कि समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। आने वाले वक्त में मेट्रो हमारे शहर के हर कोने को जोड़कर विकास की नई दिशा तय करेगी।

  • इंदौर से शुरू होगा संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर, ग्रामीणों को मिलेगी निःशुल्क जांच और उपचार सुविधा

    संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर इंदौर: संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की पहल पर इंदौर संभाग में इस सप्ताह से संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविरों की श्रृंखला शुरू होने जा रही है। इसका पहला आयोजन 23 अगस्त को इंदौर जिले के होलकर विज्ञान महाविद्यालय में होगा। शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।

    संभागायुक्त ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित स्वास्थ्य शिविरों को जनता का उत्साहजनक सहयोग मिला था। इस बार भी शिविरों को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों को पहले से चिन्हित कर उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी जाएगी।

    शिविर में उच्च रक्तचाप, कैंसर, डायबिटीज, दंत और नेत्र रोगों सहित कई बीमारियों की जांच की जाएगी। मरीजों को जांच के बाद निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस बार सुविधा बढ़ाने के लिए सोनोग्राफी मशीनों की संख्या भी बढ़ाई गई है। शिविर में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों के साथ-साथ निजी अस्पतालों और आयुष महाविद्यालयों के विशेषज्ञ भी अपनी सेवाएं देंगे।

    अलग-अलग जिलों में होंगे शिविर

    इंदौर के बाद 24 अगस्त को खरगोन जिले के भगवानपुरा, 30 अगस्त को खंडवा जिले के खालवा और 31 अगस्त को धार जिले के तिरला में शिविर आयोजित होंगे।
    सितंबर माह में क्रमशः बड़वानी, धार, झाबुआ, खंडवा और खरगोन जिलों के विभिन्न जनपदों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
    इसी तरह अक्टूबर और नवंबर में भी बुरहानपुर, अलीराजपुर और इंदौर जिले के अलग-अलग स्थानों पर शिविरों का आयोजन होगा।

    इस अभियान का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य जांच और उपचार की नि:शुल्क सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके

  • Indore News: स्वच्छता नियम तोड़ने वालों पर निगम की सख्ती, 32 हजार का जुर्माना वसूला

    शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए नगर निगम लगातार सख्त कदम उठा रहा है। आयुक्त शिवम वर्मा के निर्देशानुसार निगम दल द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है और गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को निगम की टीम ने शहर के कई हिस्सों में चालानी अभियान चलाया। इस दौरान कुल 32 हजार रुपये का स्पॉट फाइन वसूला गया।

    अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने किया। उनके निर्देशन में झोन क्रमांक 13 के अंतर्गत राजीव गांधी चौराहा स्थित वाइन शॉप के बाहर फैली गंदगी की शिकायत पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। सीएसआई सौरभ साहू और सहायक सीएसआई अनिकेत सिंह ने निरीक्षण के बाद वाइन शॉप संचालक पर 10 हजार रुपये और वहीं स्थित अहाते के मालिक पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा नियमों का पालन न करने वाले चार ठेले वालों पर भी 10 हजार रुपये का चालान किया गया।

    नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।

    साथ ही, निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे गंदगी फैलाने से बचें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगी। निगम का लक्ष्य है कि इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था और भी बेहतर हो और शहर स्वच्छ भारत मिशन में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखे।

  • इंदौर: पंचायत उन्नति सूचकांक 2022-23 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को किया गया सम्मानित

    Indore: जिला पंचायत इंदौर में सोमवार को पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 1.0) वर्ष 2022-23 का विमोचन एवं प्रचार-प्रसार के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय की अध्यक्षता में निर्धारित सूचकांकों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार 11 हजार रुपये ग्राम पंचायत अजनोद (सांवेर) को, द्वितीय पुरस्कार 7100 रुपये ग्राम पंचायत दर्जी कराडिया (सांवेर) को और तृतीय पुरस्कार 5100 रुपये ग्राम पंचायत चित्तोड़ा (सांवेर) को प्रदान किया गया। इसके अलावा डांसरी, रंगवासा, लसुडिया परमार, मकोडिया, गुरान और नागपुर सहित कई पंचायतों को 2100 रुपये और अन्य पंचायतों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने कहा कि यह सम्मान केवल उपलब्धि नहीं बल्कि अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा और चुनौती है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि पंचायत उन्नति सूचकांक 9 विषयों पर आधारित है और इसका उद्देश्य पंचायतों को सशक्त एवं पारदर्शी बनाना है। कार्यशाला में जिलेभर से सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    Live एशिया कप अपडेट : 19 अगस्त 2025, 12:02 PM
  • Indore News: हुकुमचंद मिल सिटी फॉरेस्ट को बचाने के लिए राजबाड़ा पर हुआ विरोध प्रदर्शन, नागरिक बोले – हमें फ्लैट नहीं, ऑक्सीजन चाहिए

    इंदौर। शहर के बीचों-बीच स्थित हुकुमचंद मिल का प्राकृतिक सिटी फॉरेस्ट इन दिनों बड़े खतरे में है। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा इस हरे-भरे क्षेत्र को काटकर फ्लैट बनाने की योजना बनाई गई है। इसके विरोध में शनिवार शाम 5 बजे से 6 बजे तक पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने राजबाड़ा चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर संदेश दिया – “पेड़ बचेंगे तो इंदौर बचेगा, हमें फ्लैट नहीं ऑक्सीजन चाहिए।”

    हुकुमचंद मिल परिसर में फैला यह सिटी फॉरेस्ट केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि हजारों पक्षियों और जीव-जंतुओं का घर है। यह शहर की आबोहवा को संतुलित रखने और प्रदूषण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नागरिकों का कहना था कि यदि यह प्राकृतिक धरोहर नष्ट हुई तो आने वाली पीढ़ियों को केवल कंक्रीट का जंगल और प्रदूषण मिलेगा।

    जानकारी के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड की योजना है कि अगले छह महीने में इस सिटी फॉरेस्ट को काटकर यहां फ्लैटों का निर्माण शुरू किया जाए। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस योजना का कड़ा विरोध किया है और सरकार से मांग की है कि इस क्षेत्र को स्थायी रूप से संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया जाए।

    राजबाड़ा पर हुई इस मानव श्रृंखला में शहर के कई प्रमुख लोग और नागरिक शामिल हुए। इनमें ओपी जोशी, शिवाजी मोहिते, रामेश्वर गुप्ता, दिलीप वाघेला, अजय लागू, अभय जैन, अरविंद पोरवाल, विश्वनाथ कदम, शैला शिंत्रे, संदीप खानवलकर, प्रकाश पाठक, रामस्वरूप मंत्री, प्रणीता दीक्षित, स्वप्निल व्यास, मनीष काले, प्रमोद नामदेव, डॉ. सम्यक जैन, शबाना पारेख, चन्द्रशेखर गवली, प्रकाश सोनी, जावेद आलम, आराध्य दीक्षित, आशीष राय और डॉ. सृष्टि सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि प्रशासन को तुरंत इस परियोजना को रोकना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस फॉरेस्ट को बचाना होगा।

    प्रदर्शन में शामिल लोगों ने साफ कहा कि हमें फ्लैट नहीं, हमें ऑक्सीजन चाहिए। पेड़ कटेंगे तो शहर की सांसें रुक जाएंगी। सिटी फॉरेस्ट इंदौर की धड़कन है और इसे हर हाल में बचाना होगा। इंदौर का यह विरोध प्रदर्शन केवल हुकुमचंद मिल के सिटी फॉरेस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरवासियों की उस चिंता को दिखाता है जो लगातार बढ़ते प्रदूषण और कंक्रीट के जंगलों से है। नागरिकों का स्पष्ट संदेश है कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं।

  • इंदौर जन्माष्टमी उत्सव 2025: राजवाड़ा के पास स्थित गोपाल मंदिर और बांके बिहारी मंदिर का 200 साल पुराना इतिहास और होल्कर परिवार की आस्था की कहानी

    इंदौर जन्माष्टमी उत्सव 2025:: जन्माष्टमी नजदीक आते ही हर जगह उत्साह का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इस बार शनिवार को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इंदौर में भी तैयारियां जोरों पर हैं, खासकर राजवाड़ा के पास स्थित दो ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर और बांके बिहारी मंदिर में। यह दोनों मंदिर करीब 200 साल पुराने हैं और इनका निर्माण होल्कर राजघराने की महिलाओं ने कराया था। इनकी कहानी जितनी रोचक है उतनी ही श्रद्धा से भरी हुई भी है।

    दरअसल, इंदौर शहर की पहचान 1725 के बाद से शुरू हुई थी और यह होल्कर रियासत का केंद्र बना। मराठा शासकों के शासनकाल में ज्यादातर शिव और देवी के मंदिर बने लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर अपेक्षाकृत कम थे। इसी कमी को दूर करने के लिए राजवाड़ा के पास गोपाल और बांके बिहारी मंदिर का निर्माण कराया गया। इन मंदिरों का इंदौर की धार्मिक आस्था और इतिहास से गहरा जुड़ाव है।

    गोपाल मंदिर का निर्माण महारानी कृष्णाबाई होल्कर ने वर्ष 1832 में कराया था। उस समय करीब 80 हजार रुपये की लागत आई थी जो उनकी निजी निधि से खर्च किए गए थे। यह मंदिर लकड़ी और पत्थरों से बना है और इसकी संरचना मराठा शैली की झलक पेश करती है। प्रवेश द्वार के सामने गरुड़ और गणेश की मूर्तियां हैं, जबकि बाहर का विन्यास और शिखर नागर शैली का है। मंदिर की मजबूती पर संदेह दूर करने के लिए इसके छत पर हाथी को चलाकर परीक्षण भी किया गया था। जब हाथी आसानी से घूम गया तो होल्कर परिवार को संतोष हुआ कि मंदिर मजबूत है। मंदिर बनने के बाद जन्माष्टमी पर इसकी प्राण प्रतिष्ठा की गई और परंपरा के अनुसार मध्यरात्रि में पांच तोपों की सलामी देकर उत्सव शुरू होता था। खास बात यह भी है कि वर्ष 1937 में महाराजा यशवंत राव होल्कर ने हरिजन समाज के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए थे। हाल ही में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इसका जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया गया है।

    वहीं, राजवाड़ा के समीप स्थित बांके बिहारी मंदिर भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह दो मंजिला मंदिर है जिसमें श्रीकृष्ण के तीन विग्रहों के साथ भगवान दत्तात्रेय का विग्रह भी है। यहां जन्माष्टमी के अलावा दत्तात्रेय जयंती भी विशेष रूप से मनाई जाती है। इस मंदिर में पंच अवतार श्रीकृष्ण, दत्तात्रेय, चक्रपाणि महाराज, चक्रधर महाराज और गोविंद प्रभु की पूजा होती है।

    इन मंदिरों के निर्माण के पीछे महानुभाव पंथ का भी प्रभाव रहा। इस पंथ के संस्थापक चक्रधर स्वामी महाराष्ट्र के समाज सुधारक संत थे और इस पंथ में भगवान कृष्ण को ही सर्वोच्च महत्व दिया गया है। यह जाति प्रथा के विरोध में खड़ा हुआ आंदोलन था और होल्कर राजघराने की महिलाएं भी इसके अनुयायी थीं। इसी कारण उन्होंने श्रीकृष्ण के इन मंदिरों का निर्माण करवाया और इन्हें इंदौर की पहचान बना दिया।

    आज ये दोनों मंदिर न सिर्फ इंदौर की धार्मिक आस्था का केंद्र हैं बल्कि 200 साल पुराने इतिहास और परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। जन्माष्टमी पर इन मंदिरों में होने वाला विशेष अभिषेक और पूजन हर किसी के लिए अद्भुत और दिव्य अनुभव होता है।

  • Indore News: इंदौर में फिर चमत्कार — जन्मी दो सिर, चार हाथ और दो दिल वाली बच्ची, डॉक्टर भी हैरान

    Indore News: कभी-कभी जिंदगी ऐसे चमत्कार दिखा देती है जिन्हें देख इंसान और विज्ञान दोनों ही हैरान रह जाते हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक बार फिर ऐसा ही अद्भुत और दुर्लभ मामला सामने आया है जिसने सभी को भावुक कर दिया है। यहां एक नवजात बच्ची का जन्म हुआ है जिसके दो सिर हैं, चार हाथ हैं, दो दिल हैं और दो पैर हैं। यह बच्ची खरगोन जिले के मोथापुरा गांव की सोनाली नामक महिला ने 13 अगस्त की रात इंदौर के एमटीएच अस्पताल में जन्म दिया। बच्ची का सीना और पेट एक ही है लेकिन सिर और हाथ अलग-अलग हैं। डॉक्टरों ने बताया कि जब एक बच्ची रोती है तो दूसरी बच्ची के अंगों में हलचल होने लगती है और उसकी नींद टूट जाती है।

    शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील आर्य के अनुसार मेडिकल भाषा में इस तरह के जन्म को कंजोइंड ट्विन्स कहा जाता है और यह पूरी दुनिया में बेहद दुर्लभ होते हैं। फिलहाल बच्ची को एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी हालत पर नजर रख रही है। मुख्य अंग साझा होने की वजह से सर्जरी से अलग करने की संभावना बेहद कम है। यह चमत्कारिक जन्म एक महीने में दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 22 जुलाई को देवास जिले की एक महिला ने दो सिर वाली बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन जन्म के करीब 12 दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और घर ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। अब सभी की दुआ है कि इस बार जन्मी बच्ची स्वस्थ जीवन जी सके।

  • Indore News: आरएपीटीसी ग्राउंड में कलेक्टर आशीष सिंह ने किया झंडा वंदन, इंदौर ने जोश के साथ मनाया 79वां स्वतंत्रता दिवसg

    Indore News: इंदौर शहर में 79वां स्वतंत्रता दिवस इस बार पूरी शान और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के कोने-कोने में तिरंगे की शान लहराती दिखी और लोगों के चेहरों पर देशभक्ति का उल्लास साफ झलक रहा था। इस मौके पर एआईसीटीएसएल ऑफिस में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ध्वजारोहण किया। खास बात यह रही कि महापौर अपनी टीम के साथ साइकिल चलाकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे जिससे पर्यावरण और फिटनेस का संदेश भी दिया गया।

    मुख्य आयोजन महेश गार्ड लाइन स्थित आरएपीटीसी ग्राउंड में हुआ जहां कलेक्टर आशीष सिंह ने झंडा वंदन किया। पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश भोपाल से सीधे प्रसारित किया गया जिसके लिए पूरे मैदान में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गईं। जैसे ही मुख्यमंत्री का संदेश सुनाया गया पूरे मैदान में तालियों की गूंज और देशभक्ति के जयघोष सुनाई देने लगे।

    समारोह में 17 दलों की भव्य परेड ने सभी का मन मोह लिया। सीमा सुरक्षा बल, जिला पुलिस बल, नगर सेना, यातायात पुलिस, स्काउट-गाइड और कई अन्य दलों ने अपने अनुशासित कदमों से मंचासीन अतिथियों को सलामी दी। इस परेड का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक आरएपीटीसी नीति दंडोतिया ने किया जबकि टूआईसी सूबेदार सोनाली वास्कले उनके अनुकरण में रहीं। बीएसएफ और प्रथम वाहिनी का बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा जिसकी धुनों ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया।

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को रंगीन और भावनात्मक बना दिया। गरिमा विद्या मंदिर, शासकीय उत्कृष्ट बाल विनय मंदिर, शासकीय सांदीपनि अहिल्या आश्रम कन्या विद्यालय और उमिया पाटीदार कन्या विद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और लोकनृत्यों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह का सबसे प्रेरणादायक पल बना जिसने सभी को गर्व से भर दिया।

  • Indore News : इंदौर में दर्दनाक हादसा या हत्या? कनाड़िया में महिला की संदिग्ध मौत से फैली सनसनी

    Indore News :इंदौर शहर के कनाड़िया इलाके में बुधवार शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे मोहल्ले को हिला कर रख दिया। 30 वर्षीय रानी नाम की महिला अपने ही घर के पास गंभीर रूप से घायल पड़ी मिली और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पति उसे लेकर तुरंत एमवाय अस्पताल पहुँचे और डॉक्टरों को बताया कि यह एक एक्सीडेंट था लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि मायके पक्ष ने इस मामले में पति पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं।

    रानी की शादी को कई साल हो चुके थे लेकिन परिजनों के अनुसार पिछले दो साल से पति-पत्नी के रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी। आरोप है कि पति का किसी दूसरी महिला से प्रेम संबंध था और इसी बात को लेकर घर में आए दिन झगड़े होते थे। मायके वालों का कहना है कि इस वजह से कई बार थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।

    परिजनों ने दावा किया कि पति अक्सर उस महिला का नाम लेकर रानी को धमकाता था और मानसिक रूप से परेशान करता था। घटना के दिन भी क्या हुआ यह अब तक साफ नहीं है लेकिन रानी का इस तरह घायल अवस्था में मिलना और फिर मौत हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। मोहल्ले में लोग हैरान हैं कि आखिर यह वाकई एक सड़क हादसा था या फिर किसी साजिश का नतीजा।

    फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच सामने आएगा लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में विश्वास और हिंसा के बीच की खाई को उजागर कर दिया है।