Category: Indore news

  • MP politics: धार के मंच पर बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर भोजशाला सवाल से बनाई दूरी

    MP politics: धार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बदला हुआ रवैया सामने आया है। अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले मंत्री इस बार सवालों पर काफी संयमित नजर आए। कार्यक्रम का विषय वीबी श्री राम जी था और इसी दौरान जब एक पत्रकार ने भोजशाला को लेकर सवाल किया तो मंत्री ने उस पर बात करने से साफ इनकार कर दिया।

    मंत्री ने मंच से कहा कि वह केवल श्री राम जी से जुड़े विषय पर ही चर्चा करेंगे। भोजशाला के सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनके इस रुख ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि आम तौर पर वे हर मुद्दे पर खुलकर बोलते रहे हैं।

    पुराने बयान के बाद बदला अंदाज

    मंत्री के इस सतर्क व्यवहार की वजह उनके पहले दिए गए एक विवादित बयान को माना जा रहा है। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर दिए गए बयान के बाद भारी राजनीतिक हंगामा हुआ था। उस मामले में उनके इस्तीफे की मांग तक उठी और पार्टी के भीतर भी सवाल खड़े हुए थे।

    उस विवाद के बाद से उनके शब्दों और हावभाव में साफ बदलाव देखा जा रहा है। धार के कार्यक्रम में भी उन्होंने हर सवाल का जवाब देने से परहेज किया और खुद को सीमित रखा।

    सियासी सतर्कता का संकेत

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महसूस किया कि मंत्री अब पहले की तरह तीखे और आक्रामक नजर नहीं आए। उनका लहजा शांत और नियंत्रित रहा। ऐसा लग रहा है कि हालिया विवादों से उन्होंने यह सीख ली है कि हर सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं होता।

    राजनीतिक गलियारों में इसे उनकी नई सियासी रणनीति और सतर्कता के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में उनके बयानों और सार्वजनिक व्यवहार पर सबकी नजर बनी रहेगी।

  • Indore auto protest: ई रिक्शा के नए रूट से भड़के इंदौर के ऑटो चालक सड़क पर उतरकर किया विरोध प्रदर्शन

    Indore auto protest: इंदौर में ई रिक्शा के लिए तय किए गए नए रूट को लेकर ऑटो रिक्शा यूनियन ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। शहर के अलग अलग हिस्सों में ऑटो चालकों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि नए रूट से उनके रोजाना के काम पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण जरूर रहा लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही।

    यह प्रदर्शन इंदौर में सामने आया जहां ऑटो रिक्शा यूनियन ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। चालकों का कहना है कि बिना उनकी राय लिए ई रिक्शा के रूट तय कर दिए गए जिससे उनकी आमदनी घटने का डर है। इसी वजह से यूनियन ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।

    ई रिक्शा रूट को लेकर नाराजगी

    ऑटो रिक्शा यूनियन का कहना है कि नए ई रिक्शा रूट पुराने ऑटो रूट से टकरा रहे हैं। इससे सवारी कम मिलने की स्थिति बन रही है। चालकों ने साफ कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं लेकिन फैसले सभी को साथ लेकर होने चाहिए।

    प्रदर्शन में शामिल चालकों ने मांग की कि प्रशासन इस फैसले पर दोबारा विचार करे। उनका कहना है कि अगर रूट व्यवस्था में बदलाव जरूरी है तो उसमें ऑटो चालकों की भूमिका भी तय की जाए ताकि किसी का नुकसान न हो।

    प्रशासन से बातचीत की उम्मीद

    ऑटो चालकों को उम्मीद है कि उनकी बात प्रशासन तक पहुंचेगी। यूनियन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं। फिलहाल प्रदर्शन के जरिए अपनी समस्या सामने रखी गई है।

    शहर में ई रिक्शा की संख्या बढ़ने के साथ यह मुद्दा और गंभीर होता जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन और यूनियन के बीच बातचीत से ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद की जा रही है।

  • Bhagirathpura News: इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी से 18 मौतें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान

    Bhagirathpura News: इंदौर के भगीरथपुरा इलाके से गंभीर खबर सामने आई है जहां दूषित पानी पीने से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति पर अपनी बात रखी और राहत के आश्वासन दिए।

    मंत्री ने बताया कि भगीरथपुरा में तीन दिन के भीतर नर्मदा का साफ पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि तब तक किसी भी नागरिक को बोरिंग का पानी पीने नहीं दिया जाए क्योंकि जांच में यह पानी क्लोरीनेशन के बाद भी पीने लायक नहीं पाया गया है। टैंकर से मिलने वाला पानी साफ है लेकिन उसे उबालकर ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और पाइपलाइन का काम

    कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम भगीरथपुरा की हर गली और हर परिवार तक पहुंच रही है। लगभग पचास हजार से साठ हजार लोगों की स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य रखा गया है। जहां जरूरत होगी वहां तुरंत इलाज भी दिया जा रहा है ताकि हालात और न बिगड़ें।

    उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इलाके में पाइपलाइन और ड्रेनेज का काम तेजी से चल रहा है। अब तक तीस प्रतिशत क्षेत्र में नई पाइपलाइन डाली जा चुकी है और उसकी जांच भी कर ली गई है। साथ ही पूरे शहर के पानी के टैंकों की जांच कराने की योजना भी सामने आई है।

    हाईकोर्ट की सख्ती और सरकार को फटकार

    इस पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच में पांच याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार के रवैये को असंवेदनशील बताया और साफ कहा कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

    हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर अधिकारियों की नागरिक और आपराधिक जिम्मेदारी तय की जा सकती है। साथ ही पीड़ित परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर भी अदालत ने हस्तक्षेप के संकेत दिए हैं। भगीरथपुरा के लोग अब राहत और न्याय दोनों की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

  • Hindi Abhiyan : इंदौर से देशभर तक हिंदी की पहचान 35 लाख लोगों ने देवनागरी में बदले हस्ताक्षर

    Hindi Abhiyan : इंदौर से एक बड़ी भाषाई खबर सामने आई है जहां मातृभाषा के सम्मान से जुड़ा आंदोलन देशभर में असर दिखा रहा है। इंदौर से शुरू हुए हिंदी में हस्ताक्षर बदलो अभियान के तहत अब तक 35 लाख से अधिक भारतीयों ने देवनागरी लिपि में हस्ताक्षर करने का संकल्प लिया है। यह अभियान वर्ष 2017 से लगातार चल रहा है और देश के अलग अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है।

    यह आंदोलन इंदौर स्थित मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा चलाया जा रहा है। संस्थान का यह प्रयास हिंदी के प्रति लोगों को जोड़ने और अपनी पहचान मातृभाषा में दर्ज करने के लिए प्रेरित कर रहा है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल हस्ताक्षर बदलने की पहल नहीं बल्कि आत्मसम्मान से जुड़ा कदम है।

    अभियान का उद्देश्य और विचार

    संस्थान के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन अविचल ने इस अभियान की सोच को स्पष्ट करते हुए बताया कि हस्ताक्षर व्यक्ति की मौलिक पहचान होते हैं। उनके अनुसार अंग्रेजी या अन्य लिपियों में हस्ताक्षर करना औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है जबकि देवनागरी लिपि में हस्ताक्षर करना अपनी संस्कृति और मातृभाषा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

    डॉ जैन का कहना है कि यह अभियान हिंदी को केवल राजभाषा तक सीमित रखने के बजाय राष्ट्रभाषा के रूप में जन जीवन में स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास है। इंदौर की धरती से शुरू हुई यह सोच आज राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुकी है।

    देशभर में बढ़ता प्रभाव

    इस अभियान की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी और इसे प्रख्यात भाषाविद और वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय डॉ वेदप्रताप वैदिक का मार्गदर्शन मिला। वर्तमान में देशभर में पंद्रह हजार से अधिक हिंदी योद्धा इस अभियान से जुड़े हुए हैं जो स्कूल कॉलेज और अन्य संस्थानों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

    अभियान का असर शिक्षा जगत में भी साफ दिखाई दे रहा है। अब तक दो सौ से अधिक महाविद्यालय और बीस से अधिक बड़े विश्वविद्यालय इस पहल से जुड़ चुके हैं। यह मुहिम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चल रही है जिससे युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में इससे जुड़ रहा है और हिंदी में हस्ताक्षर को अपनाने का संकल्प ले रहा है।

  • Rani Sarai Indore: रानी सराय बचाओ आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार इंदौर के ग्रीन जोन पर मंडराया खतरा

    Rani Sarai Indore:इंदौर के मध्य क्षेत्र में स्थित रानी सराय को बचाने के लिए शहरवासी और कई संगठन सड़कों पर उतर आए हैं रीगल क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए काटे जाने वाले पेड़ों और पक्षियों के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना जारी है और आज यह आंदोलन दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है

    मेट्रो स्टेशन से खतरे में ग्रीन जोन और पक्षियों का बसेरा

    रानी सराय परिसर में मेट्रो स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है जिसके लिए यहां लगे 200 से अधिक पेड़ों को काटा जाना है इससे हजारों पक्षियों का आवास खत्म हो जाएगा यह क्षेत्र इंदौर के मध्य का प्रमुख ग्रीन जोन माना जाता है जो पूरे इलाके को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखता है

    धरने में जनहित पार्टी और पर्यावरणप्रेमी मंच की अगुवाई में बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हो रहे हैं लोग दिन रात परिसर में डटे हुए हैं और पेड़ों की कटाई रोकने की मांग कर रहे हैं

    जनहित पार्टी का अभियान और शहर में जन जागरण

    जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि रानी सराय परिसर में मौजूद 225 पेड़ों की पूरी जानकारी एकत्र की गई है जिसमें उनकी प्रजाति और आकार का विवरण शामिल है इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मिलकर मेट्रो स्टेशन को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का आग्रह किया गया

    1 जनवरी 2026 से कार्यकर्ता कड़ी ठंड में भी परिसर में ही रुककर धरना दे रहे हैं भोजन और रात्रि विश्राम भी वहीं किया जा रहा है इस आंदोलन में पर्यावरणप्रेमी मंच के साथ साथ अन्य संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ पीयूष जोशी भी धरना स्थल पर पहुंचे और इस आंदोलन को शहर हित का बताया

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  • Indore vehicle tax relief: इंदौर में वाहन चालकों को बड़ी राहत बकाया टैक्स और पेनाल्टी पर 90 प्रतिशत तक छूट

    Indore vehicle tax relief: इंदौर समेत पूरे मध्य प्रदेश में वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत की खबर है जहां मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है इस योजना के तहत पुराने वाहन स्क्रैप कराने पर बकाया मोटरयान कर और पेनाल्टी में 90 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है यह छूट 12 अगस्त 2025 की अधिसूचना के तहत लागू की गई है और वाहन चालकों को सीधे लाभ मिल रहा है

    इंदौर में योजना को लेकर परिवहन विभाग की अपील

    मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन वाहन स्वामियों के लिए है जिन पर लंबे समय से मोटरयान कर बकाया चल रहा है विभाग ने अपील की है कि सभी बकायादार वाहन स्वामी तय समय में इस योजना का लाभ लें और बकायादारों की सूची से नाम हटवाएं

    इंदौर की एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने कहा कि कई वाहन स्वामी इस योजना का लाभ लेना शुरू कर चुके हैं पुराने और अनुपयोगी वाहनों से छुटकारा पाने का यह अच्छा मौका है साथ ही स्क्रैपिंग के बाद नया वाहन खरीदने पर दोहरा फायदा भी मिलेगा

    31 मार्च 2026 तक मिलेगा छूट का लाभ

    परिवहन विभाग के आदेश के अनुसार राज्य में पंजीकृत किसी भी प्रवर्ग और किसी भी आयु के वाहन यदि मध्य प्रदेश की अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से स्क्रैप कराए जाते हैं और 31 मार्च 2026 तक एकमुश्त भुगतान किया जाता है तो बकाया राशि पर 90 प्रतिशत की छूट मिलेगी

    यदि किसी वाहन पर 50 हजार रुपये का बकाया है तो इस योजना के तहत केवल 5 हजार रुपये जमा करने होंगे शेष राशि माफ हो जाएगी इसके साथ ही स्क्रैपिंग के बाद मिले Certificate of Deposit के आधार पर नया वाहन खरीदने पर पंजीयन शुल्क और मोटरयान कर में भी अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा

  • Ralamandal accident: इंदौर में भीषण सड़क हादसा तेज रफ्तार कार ट्रक से टकराई तीन की मौके पर मौत एक गंभीर घायल

    Ralamandal accident: इंदौर के रालामंडल इलाके में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है जहां तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई इस हादसे में पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु की मौके पर ही मौत हो गई है जबकि चौथी युवती अनुष्का गंभीर रूप से घायल है हादसे के बाद पूरे शहर में शोक का माहौल है

    रालामंडल में तड़के हुआ हादसा कार के उड़े परखच्चे

    यह हादसा रालामंडल क्षेत्र में सुबह करीब 5:15 बजे हुआ बताया जा रहा है तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सामने चल रहे ट्रक में जा घुसी टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए

    हादसे में कार सवार प्रेरणा बच्चन प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया गंभीर रूप से घायल अनुष्का को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है

    पुलिस जांच में जुटी ट्रक चालक फरार

    घटना की सूचना मिलते ही रालामंडल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया है

    पुलिस ने शहर के बाहरी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि फरार चालक को जल्द पकड़ा जा सके हादसे की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता और परिजन भी मौके पर पहुंचने लगे हैं बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री बाला बच्चन भी इंदौर के लिए रवाना हो गए हैं

  • Indore Nagar Nigam: इंदौर में पेयजल सुरक्षा पर बड़ा एक्शन, 3000 किलोमीटर पाइपलाइन का सर्वे और 6600 बोरिंग पर सख्त निगरानी

    Indore Nagar Nigam: इंदौर में नगर निगम ने शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। भागीरथपुरा की दुखद घटना से सबक लेते हुए पूरे शहर में तीन हजार किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन का सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही छह हजार से अधिक सरकारी बोरिंग की जियो टैगिंग और क्लोरिनेशन का काम एक साथ चल रहा है। प्रशासन का साफ कहना है कि पेयजल की शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर में करीब तीन हजार किलोमीटर लंबी पानी की पाइपलाइन फैली हुई है। इस पूरी लाइन का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह के लीकेज को समय रहते ठीक किया जा सके। उन्होंने बताया कि शहर में मौजूद छह हजार से अधिक सरकारी बोरिंग से भी पेयजल की आपूर्ति होती है। इसी कारण हर बोरिंग पर जियो टैगिंग के साथ क्लोरीन डालने का काम तेज गति से किया जा रहा है।

    भागीरथपुरा की घटना के बाद राज्य सरकार ने सभी नगरीय निकायों के लिए नई गाइडलाइन जारी की थी। इन्हीं निर्देशों के तहत इंदौर में यह अभियान शुरू किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि भविष्य में किसी भी इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति न हो और नागरिकों का भरोसा बना रहे।

    ड्रेनेज और जलप्रदाय लाइनों की सघन निगरानी

    नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में पानी और ड्रेनेज की लाइनें एक दूसरे के काफी करीब हैं। ऐसे में मामूली लीकेज भी बड़ा खतरा बन सकता है। इसी वजह से इस सर्वे में खास तौर पर उन स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां पानी और ड्रेनेज लाइनें पास पास हैं।

    उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा जैसे संवेदनशील इलाकों में निजी बोरिंग का भी क्लोरिनेशन कराया गया है। हर जोनल कार्यालय में नर्मदा परियोजना और पेयजल व्यवस्था के लिए अलग टीम बनाई गई है। ये टीमें पूरे शहर में लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि कहीं भी गड़बड़ी न रह जाए।

    स्काडा सिस्टम से निगरानी और शिकायतों का त्वरित समाधान

    नगर निगम आयुक्त ने हाल ही में मूसाखेड़ी स्थित स्काडा सिस्टम और विजलपुर कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया। यहां से पूरे शहर के जल वितरण की निगरानी की जाती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्मार्ट सिटी के तीन एक एक ऐप पर आने वाली पानी और ड्रेनेज से जुड़ी शिकायतों का समाधान तय समय सीमा में किया जाए।

    निगम प्रशासन का कहना है कि इस व्यापक सर्वे के बाद पूरे शहर में जलप्रदाय व्यवस्था और अधिक सुरक्षित हो जाएगी। कहीं भी लीकेज या दूषित पानी की संभावना नहीं रहेगी और नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।

  • Umang Singhar protest: इंदौर में गंदे पानी से 17 मौतें, भगीरथपुरा पहुंचते ही उमंग सिंघार और पुलिस में टकराव, 11 जनवरी को हल्ला बोल

    Umang Singhar protest: इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में गंदे पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर और प्रदेश में हलचल मचा दी है। इसी दूषित पानी की वजह से इलाके में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप ले चुका है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

    गंदे पानी की सप्लाई से परेशान लोगों में डर और गुस्सा साफ नजर आ रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि लंबे समय से खराब पानी आ रहा था लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का दौरा और पुलिस से टकराव

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ भगीरथपुरा पहुंचे। पीड़ितों से मिलने पहुंचे नेताओं को मौके पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

    पुलिस द्वारा गाड़ी से उतरने से रोके जाने पर उमंग सिंघार नाराज नजर आए। उन्होंने मौके पर ही पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा और नेताओं को आगे जाने दिया गया।

    गंदे पानी की जांच और हल्ला बोल का ऐलान

    उमंग सिंघार ने इलाके की बस्तियों में पहुंचकर खुद गंदे पानी की जांच की। उन्होंने इसे वाटर ऑडिट बताया और इंदौर के लोगों से भी अपने अपने क्षेत्रों में सामाजिक और जल ऑडिट करने की अपील की। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए साफ पानी की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

    उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और इंदौर नगर निगम की भी आलोचना की और कहा कि शहर की सफाई और पर्यावरण को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखाई दे रही है। इसी दौरान उन्होंने मौजूदा महापौर को पप्पी मेयर भी कहा।

    कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 11 जनवरी को इंदौर में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। यह न्याय यात्रा बड़ा हनुमान से राजवाड़ा तक पैदल निकाली जाएगी। इसमें इंदौर और आसपास के इलाकों से करीब 50000 लोगों को जुटाने की तैयारी है।

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  • DAVV Students: इंदौर के डीएवीवी छात्रों की बड़ी सफलता, सेना के लिए मल्टी फ्रीक्वेंसी कामिकाजा ड्रोन तैयार

    इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दो छात्रों ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डीएवीवी के अमोघ द्विवेदी और पार्थ तिवारी ने ऐसा फ्रीक्वेंसी हापिंग कामिकाजा ड्रोन विकसित किया है जो दुश्मन की फ्रीक्वेंसी ब्लाकिंग के बावजूद अपना ऑपरेशन जारी रखता है। यह ड्रोन सेना के टास्क पर तैयार किया गया है और इसकी टेस्टिंग सफल रही है।

    ड्रोन तकनीक आज सुरक्षा और निगरानी में अहम भूमिका निभा रही है। इसी जरूरत को समझते हुए इंदौर के छात्रों ने यह नवाचार किया है। यह ड्रोन निगरानी सामग्री पहुंचाने और ग्रेनेड लॉन्च करने में सक्षम है। इससे रक्षा क्षेत्र में इसकी उपयोगिता और भरोसा दोनों बढ़ जाते हैं।

    ब्लाकिंग के बावजूद सक्रिय रहने की खास तकनीक

    डीएवीवी के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलाजी संस्थान के विद्यार्थियों ने इस ड्रोन को फ्रीक्वेंसी हापिंग कामिकाजा ड्रोन नाम दिया है। आम तौर पर ड्रोन एक ही फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं। जब दुश्मन उस फ्रीक्वेंसी को ब्लाक कर देता है तो ड्रोन निष्क्रिय हो जाता है।

    इस कमी को दूर करने के लिए छात्रों ने मल्टी फ्रीक्वेंसी सिस्टम विकसित किया है। यह ड्रोन एक साथ कई फ्रीक्वेंसी पर काम करने में सक्षम है। इसी कारण यह कठिन परिस्थितियों में भी गिरता नहीं और अपना मिशन पूरा करता है।

    कामिकाजा ड्रोन ऐसे मिशन के लिए बनाए जाते हैं जिनमें लक्ष्य तक पहुंचना सबसे जरूरी होता है। इन्हें वापसी के लिए नहीं बल्कि मिशन को सफल बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है। तकनीकी भाषा में इन्हें लाइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है।

    सेना के टास्क पर हुआ सफल अनुसंधान

    विद्यार्थियों के अनुसार वे पिछले दो वर्षों से ड्रोन टेक्नोलाजी पर अनुसंधान कर रहे थे। इसी दौरान सेना की एक तकनीकी टीम की ओर से उन्हें मल्टी फ्रीक्वेंसी ड्रोन विकसित करने का टास्क मिला।

    करीब डेढ़ साल की लगातार रिसर्च के बाद ड्रोन का प्रोटोटाइप तैयार किया गया। पहले इसकी टेस्टिंग प्रयोगशाला स्तर पर हुई। इसके बाद सेना के अधिकारियों के सामने इसका परीक्षण किया गया जो पूरी तरह सफल रहा।

    इस नवाचार को लेकर छात्रों ने पेटेंट के लिए आवेदन भी किया है। इंदौर में हुए इस प्रयास को रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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