इंदौर मैराथन 2025 हजारों धावकों की भागीदारी से खिल उठा शहर फिटनेस जागरुकता का बड़ा संदेश

इंदौर की गुलाबी सर्द सुबह आज एक बेहद खास नजारा लेकर आई। हजारों लोग एक साथ सड़कों पर उतरे और Run Indore One Indore Marathon में शामिल होकर पूरे देश को एक सुंदर संदेश दिया कि जब जनता एकजुट होती है तो हर लक्ष्य बेहद आसान हो जाता है। यह मैराथन न सिर्फ एक खेल आयोजन था बल्कि फिटनेस, स्वच्छता और सामूहिक चेतना का शानदार प्रतीक भी बना।

जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण बना इंदौर

मैराथन की शुरुआत दशहरा मैदान से हुई जहां हर उम्र के धावक एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़े और उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा हर क्षेत्र में अद्भुत उदाहरण पेश करता है और अब फिटनेस भी इस शहर की नई पहचान बन रही है।
दौड़ का मार्ग नरेंद्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान रोड, महूनाका, अन्नपूर्णा मार्ग से होकर वापस दशहरा मैदान पर समाप्त हुआ। तीन, पांच और सात किलोमीटर की इस दौड़ में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने अपना पूरा उत्साह दिखाया।

नेताओं ने सराहा इंदौर का फिटनेस और स्वच्छता प्रेम

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रतिभागियों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि इंदौर सिर्फ स्वच्छता ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में देश दुनिया में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने बताया कि शहर सरकार से नहीं बल्कि नागरिकों के सहयोग से चलता है और यही कारण है कि इंदौर आज नंबर वन शहर है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दौड़ को सामूहिक चेतना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि फिटनेस का मूल आधार दौड़ है और इंदौर एक बार फिर पूरे देश को जनसहभागिता की मिसाल दिखा रहा है।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी प्रतिभागियों के जोश की सराहना की और कहा कि इंदौर हमेशा अपने नवाचारों से आकर्षित करता है और यह मैराथन भी उसी का हिस्सा है।

दिव्यांग धावकों ने जीता सबका दिल

इस मैराथन में दिव्यांग धावकों के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। सैकड़ों दिव्यांग धावक भी इस दौड़ का हिस्सा बने और उन्होंने अपने अद्भुत साहस और उत्साह से लोगों का दिल जीत लिया। उनके जोश ने बताया कि सीमाएं सिर्फ सोच में होती हैं।

स्वच्छता और स्वास्थ्य की शपथ के साथ आगे बढ़ा इंदौर

मैराथन की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई और उसके बाद सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता और स्वास्थ्य की शपथ ली। फिर अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर इस शानदार आयोजन को रवाना किया गया। यह आयोजन एक बार फिर साबित कर गया कि इंदौर सिर्फ स्वच्छ नहीं बल्कि फिट और जागरूक शहर भी है।

यह मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं थी बल्कि एक भावना थी जो इंदौर के हर नागरिक के अंदर एकजुटता और जागरूकता का बड़ा संदेश छोड़ गई। इंदौर ने फिर दिखा दिया कि क्यों वह देश का सबसे आगे बढ़ने वाला शहर कहलाता है।

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