ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग : सौर ऊर्जा में 30% वृद्धि, 51 हजार से अधिक नए पदों से बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व जल और वायु के समान है। गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश न केवल उद्योगों और किसानों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो भी प्रदेश की बिजली से संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक प्रदेश को बिजली की कमी से मुक्त करने और ऊर्जा के क्षेत्र में सरप्लस बनाए रखने की दिशा में ठोस योजनाएँ बनाई जा रही हैं। प्रदेश में सभी उपलब्ध संसाधनों से बिजली उत्पादन किया जा रहा है और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 6 बिजली कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया और औषधीय पौधे से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पदों को भरा जाएगा। किसानों को इस वर्ष लगभग 20,267 करोड़ रुपये की सब्सिडी और एक करोड़ से अधिक परिवारों को 6445 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी घोषित किया गया है और 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में विभिन्न विभाग भी अपनी ऊर्जा उत्पादन की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा बड़ी संख्या में नियुक्तियों की स्वीकृति देकर बिजली कंपनियों को जीवनदान मिला है। अब किसानों को रात में सिंचाई करने की मजबूरी नहीं होगी, बल्कि दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में नवाचारों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 51,700 नए स्थाई पदों की स्वीकृति से ऊर्जा क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य आने वाले उद्योगपतियों को हरसंभव सहयोग देना है।

कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा एवं श्री विष्णु खत्री सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का ऊर्जा क्षेत्र में किए गए योगदान पर पगड़ी, अंगवस्त्रम और प्रशस्ति पत्र भेंट कर अभिनंदन किया गया

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