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  • इंदौर रणजीत अष्टमी महोत्सव की हुई भव्य शुरुआत कलेक्टर शिवम वर्मा ने किया ध्वज पूजन

    आज इंदौर में भक्ति और परंपरा का शानदार संगम देखने को मिला जब प्रसिद्ध रणजीत अष्टमी महोत्सव की शुरुआत धूमधाम से की गई। शहर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने ऐतिहासिक रणजीत हनुमान मंदिर में ध्वज पूजन कर इस चार दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया। वातावरण में भक्ति और उत्साह का ऐसा सुंदर मेल दिखा कि हर कोई इस पल को संजो लेना चाहता था। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़, पूजा की मधुर ध्वनियां और आरती की गूंज ने माहौल को दिव्य बना दिया।

    भक्तों की उमड़ी भीड़ और आस्था का अनोखा संगम

    महोत्सव के प्रारंभ होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। मंदिर प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहे। पूजन अर्चन के बाद शहर में उत्सव का रंग चढ़ गया है। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति उत्साह और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर मिश्रण लेकर आया है। इंदौर की पहचान बन चुका यह महोत्सव लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है और हर साल यहां भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

    चार दिनों तक चलेगा धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव

    रणजीत अष्टमी महोत्सव केवल धर्म तक सीमित नहीं बल्कि यह संस्कृति कला और परंपराओं का एक शानदार मंच भी है। स्थानीय कलाकारों के साथ देश भर के प्रसिद्ध कलाकार यहां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। हर दिन अलग अलग कार्यक्रमों से मंदिर परिसर और शहर का माहौल भक्ति से सराबोर रहेगा। यह उत्सव न केवल इंदौर की ऐतिहासिक धरोहर को मजबूत करता है बल्कि समाज को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का काम भी करता है।

    12 दिसम्बर को निकलेगी भव्य प्रभात फेरी

    महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 12 दिसम्बर को निकलने वाली भव्य प्रभात फेरी है। इस प्रभात फेरी में भगवान रणजीत स्वर्ण रथ पर सवार होकर शहर का भ्रमण करेंगे। यह दृश्य न केवल भक्तों को रोमांचित करता है बल्कि शहर की परंपरा और गौरव को भी प्रदर्शित करता है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज प्रभात फेरी मार्ग का निरीक्षण किया और सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का पूरा जायजा लिया। उन्होंने मंच लगाने वालों से अनुरोध किया कि वे छोटे मंच लगाएं ताकि ट्रैफिक में किसी तरह की बाधा न हो और भक्तजन बिना किसी परेशानी के प्रभात फेरी में शामिल हो सकें।

    महोत्सव से जुड़ी उम्मीदें और भावनाएं

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि रणजीत अष्टमी महोत्सव इंदौर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इस महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। शहर में इस आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर है और हर कोई इस भक्ति उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि इंदौर केवल साफ सफाई के लिए ही नहीं बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है।

    इंदौर का रणजीत अष्टमी महोत्सव शहर की आस्था और संस्कृति का सबसे उज्ज्वल प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन हर उम्र के लोगों के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव लेकर आता है। इस महोत्सव की शुरुआत जिस शांति और भव्यता से हुई है उसने भक्तों के मन में एक नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया

  • Indore latest news: सम्भागायुक्त डॉ खाड़े की अध्यक्षता में हुई इंदौर विमानतल पर्यावरण प्रबंधन समिति की अहम बैठक

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर शहर में आयोजित उस महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विमानतल पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े बेहद जरूरी मुद्दों पर निर्णय लिए गए। सम्भागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में हुई यह बैठक कई मायनों में खास रही क्योंकि इसमें एयरपोर्ट के आसपास स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और एयर ट्रैफिक की सेफ्टी जैसे बड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    इंदौर एयरपोर्ट के आसपास स्वच्छता अभियान तेज किए जाएंगे

    बैठक में विमानतल प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए बिंदुओं पर चर्चा करते हुए सम्भागायुक्त डॉ खाड़े ने बताया कि इंदौर नगर निगम क्षेत्र से लगे आठ पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता के नए कार्य जल्द शुरू होंगे। एयरपोर्ट के आसपास कचरे का जमाव बढ़ रहा है जो न केवल पर्यावरण बल्कि उड़ान सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इसी उद्देश्य से फलों से भरे बड़े पेड़ों की समय पर कटाई और अनावश्यक खाद्य पदार्थों के संग्रहण पर रोक जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है ताकि पक्षियों के जमाव को रोका जा सके और आसमान में उनकी अनियंत्रित गतिविधियों को कम किया जा सके। इसके लिए वन विभाग और नगर निगम से आवश्यक सहयोग भी मांगा गया।

    बढ़ती पक्षी गतिविधियों से उड़ानों की सुरक्षा पर खतरा

    इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बैठक में बताया कि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के उड़ान व्यवहार में तेजी आई है। वर्ष 2012 में ऐसी सिर्फ छह गतिविधियां दर्ज की गई थीं जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर छब्बीस हो चुकी है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर एयर ट्रैफिक की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती है, इसलिए त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

    इस मुद्दे पर सम्भागायुक्त डॉ खाड़े ने निर्देश दिए कि वन विभाग और नगर निगम मिलकर इस समस्या के समाधान पर तुरंत कार्य शुरू करें। एयरपोर्ट की सीमा में आने वाले बड़े पेड़ों की कटाई और आसपास के होटल व रेस्टोरेंट द्वारा फैलाए जा रहे कचरे को हटाने के लिए भी सख्त कदम उठाने का आदेश दिया गया।

    बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

    इस अहम बैठक में इंदौर एयरपोर्ट निदेशक श्री सुनील मग्गिरवार, अपर कलेक्टर श्री रोशन राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री हेमंत गुप्ता, विभिन्न एयरलाइन्स प्रबन्धक और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इंदौर के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि इंदौर एयरपोर्ट पर पर्यावरण और सुरक्षा दोनों सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।

  • इंडिगो फ्लाइट्स कैंसिल इंदौर और भोपाल एयरपोर्ट पर हड़कंप टेक्निकल समस्या और क्रू की कमी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

    बुधवार का दिन मध्यप्रदेश के हवाई यात्रियों के लिए बेहद तनाव और परेशानी से भरा रहा। कई लोग अपने जरूरी कामों के लिए घर से समय पर निकले लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही उन्हें पता चला कि इंडिगो की उड़ानें या तो कैंसिल हो चुकी हैं या फिर घंटों की देरी से उड़ेंगी। अचानक हुई इस अव्यवस्था ने यात्रियों को मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया और कई लोग अपनी महत्वपूर्ण मीटिंग और प्रोग्राम भी मिस कर बैठे।

    इंदौर एयरपोर्ट पर आठ बड़ी उड़ानें रद्द यात्रियों में नाराजगी

    इंदौर एयरपोर्ट पर बुधवार का दिन यात्रियों के लिए भारी साबित हुआ। इंडिगो की आठ प्रमुख उड़ानें कैंसिल होने से सैकड़ों यात्री फंस गए। इंदौर से दिल्ली मुंबई गोवा कोलकाता चेन्नई और जयपुर जाने वाली कई फ्लाइटें या तो समय पर नहीं उड़ सकीं या अचानक कैंसिल कर दी गईं। यात्रियों को न पहले सूचना मिली और न ही कोई स्पष्ट कारण बताया गया जिससे लोगों की नाराजगी बढ़ती चली गई।

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि तकनीकी खराबी और क्रू की कमी इस अव्यवस्था की मुख्य वजह रही। सिर्फ जाने वाली उड़ानें ही नहीं बल्कि इंदौर आने वाली फ्लाइटों पर भी इसका भारी असर दिखा। अहमदाबाद की फ्लाइट एक घंटे देर से पहुंची। पुणे की उड़ान डेढ़ घंटे देर से उतरी। जम्मू की दो घंटे और चंडीगढ़ की दो घंटे की देरी ने यात्रियों को परेशान कर दिया। दिल्ली की आने वाली फ्लाइट एक घंटे लेट रही। रायपुर की पांच घंटे की देरी ने तो लोगों को बेहद हताश कर दिया। भुवनेश्वर बेंगलुरु और हैदराबाद की उड़ानें भी देर से इंदौर पहुंचीं।

    इंदौर से हैदराबाद चंडीगढ़ दिल्ली पुणे भुवनेश्वर और अहमदाबाद के लिए उड़ानें भी अपने तय समय से काफी देर बाद रवाना हो सकीं जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।

    यात्रियों की शिकायतें सोशल मीडिया पर तेज कंपनी ने मांगा PNR

    मुंबई की फ्लाइट 6E 2053 में सीट बुक करने वाले यात्री क्षितिज चंद्रसेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनकी 4 दिसंबर की बुकिंग बिना बताए 5 दिसंबर कर दी गई। यात्रियों ने कहा कि न उनसे सहमति ली गई और न ही बदलाव की जानकारी दी गई। इस शिकायत के बाद इंडिगो ने उनसे PNR नंबर मांगकर जांच का आश्वासन दिया लेकिन इससे यात्रियों की परेशानी कम नहीं हुई।

    भोपाल एयरपोर्ट पर चेक इन सिस्टम फेल उड़ानें बुरी तरह प्रभावित

    देश के कई एयरपोर्ट पर बुधवार को चेक इन सिस्टम में भारी गड़बड़ी आई। भोपाल एयरपोर्ट पर इसका सबसे ज्यादा असर इंडिगो की उड़ानों पर देखने को मिला। हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट 6E 7121 पहुंच ही नहीं सकी और दूसरी हैदराबाद फ्लाइट लगभग 40 मिनट लेट उतरी। रायपुर की फ्लाइट 6E 7281 भी रद्द रही। बैंगलुरू की नाइट फ्लाइट डेढ़ घंटे की देरी से आई।

    दिल्ली की सुबह वाली उड़ान 35 मिनट देर दोपहर वाली उड़ान लगभग पौने दो घंटे लेट और रात वाली फ्लाइट करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। मुंबई की फ्लाइट 6E 5172 को सुबह 11 बजे पहुंचना था लेकिन वह दोपहर 1 बजे लैंड हुई। उड़ान 6E 5298 भी अपने तय समय 4:45 की बजाय 6:50 बजे पहुंच पाई।

    यात्रियों की दिक्कतें बढ़ीं राहत की उम्मीद अब भी कम

    इंदौर और भोपाल एयरपोर्ट की इस स्थिति ने यात्रियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। कई लोग घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहे। कई यात्रियों ने कहा कि उन्हें इस बारे में पहले से जानकारी मिल जाती तो वे अपनी यात्रा टाल सकते थे। अचानक हुई उड़ान रद्दीकरण और देरी ने यात्रियों की एक बड़ी संख्या को तनाव और असुविधा में डाल दिया है।

  • Indore News: इंदौर में रणजीत अष्टमी की तैयारियां भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर हुए बड़े फैसले

    इंदौर में हर वर्ष होने वाला पावन रणजीत अष्टमी उत्सव इस बार और भी भव्य स्वरूप में दिखाई देने वाला है। भक्तों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष 12 दिसंबर की सुबह होने वाली विशाल प्रभात फेरी में बाबा रणजीत स्वर्ण रथ में विराजित होकर भक्तों को आशीर्वाद देने निकलेंगे और पूरा शहर भक्ति और उत्साह से भरा दिखाई देगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में रणजीत हनुमान मंदिर परिसर में एक विशेष बैठक आयोजित की गई जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता के साथ तैयारियां शुरू

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट कहा कि प्रभात फेरी में शामिल होने वाले किसी भी भक्त को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भक्तों की सुविधा के लिए मार्गों की साफ सफाई से लेकर पानी प्रकाश ध्वनि और आवागमन से जुड़ी हर व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश

    प्रभात फेरी मार्ग पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन इस बार और भी सतर्क है। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शराब पीकर आने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। किसी भी व्यक्ति को शस्त्र लेकर शामिल होने की अनुमति नहीं रहेगी। पूरा मार्ग सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी में रहेगा। कंट्रोल रूम की स्थापना भी की जाएगी ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    मंच लगाने और विद्युत व्यवस्था पर विशेष नियम

    प्रभात फेरी मार्ग पर मंच लगाने के लिए पुलिस अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। मंच का साइज भी तय कर दिया गया है जिसकी चौड़ाई अधिकतम आठ फीट होगी। विद्युत कनेक्शन के लिए मध्य प्रदेश विद्युत मंडल से पूर्व अनुमोदन लेना होगा और विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    गर्म प्रसाद वितरण पर रोक

    मंचों पर प्रसाद बनाया नहीं जा सकेगा और किसी भी प्रकार का गर्म प्रसाद वितरित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय भीड़ की सुरक्षा और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया है।

    चिकित्सा सेवा और फायर ब्रिगेड की विशेष व्यवस्था

    प्रभात फेरी मार्ग पर आकस्मिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। निर्धारित स्थानों पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड तैनात की जाएगी। वाहन पार्किंग के लिए दशहरा मैदान लालबाग सराफा विद्या निकेतन फूटी कोठी आदि स्थान तय किए गए हैं। आयोजन में शामिल अधिकारियों और वॉलिंटियरों को परिचय पत्र भी दिए जाएंगे।

    चार दिन चलने वाले कार्यक्रमों की शुरूआत

    रणजीत अष्टमी उत्सव की शुरुआत 9 दिसंबर को ध्वजारोहण से होगी। 10 दिसंबर को दीपोत्सव और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा जिसमें पचास हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। 11 दिसंबर को रथ में विराजित होने वाली विग्रह प्रतिमा का अभिषेक होगा और भक्तों के लिए सवा लाख रक्षासूत्र तैयार किए जाएंगे जिन्हें प्रभात फेरी में निःशुल्क बांटा जाएगा। 12 दिसंबर की सुबह स्वर्ण रथ में सवार होकर बाबा रणजीत भव्य प्रभात फेरी के माध्यम से भक्तों को आशीर्वाद देंगे। मंदिर परिसर में चारों दिन भव्य फूल सजावट की जाएगी।

    कलेक्टर ने की पूजा अर्चना

    इस अवसर पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने रणजीत हनुमान मंदिर में पहुंचकर दर्शन पूजन किया और भक्तों की सुरक्षा तथा सुविधा को सर्वोपरि बताया।

  • Indore News: इंदौर में चाइनीज मांझे से छात्र की मौत तेजाजी नगर बायपास पर हुआ दिल दहला देने वाला हादसा

    आज हम आपको इंदौर शहर से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और दिल छू देने वाली घटना के बारे में बता रहे हैं। तेजाजी नगर बायपास पर रविवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया। सिर्फ 16 साल का एक मासूम छात्र गुलशन चाइनीज मांझे की चपेट में आकर अपनी जिंदगी गंवा बैठा। परिवार की खुशियां एक पल में उजड़ गईं और पूरे इलाके में शोक का माहौल फैल गया। यह घटना सभी को सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिर यह जानलेवा मांझा कब तक जिंदगी छीनता रहेगा।

    रालामंडल से लौटते समय हुआ हादसा कुछ ही सेकंड में खत्म हो गई जिंदगी

    गुलशन अपने भाई और दो दोस्तों के साथ रालामंडल घूमने गया था। सुबह की मस्ती भरी सैर को किसने सोचा था कि ऐसा दर्दनाक मोड़ मिल जाएगा। घर लौटते समय अचानक रास्ते में एक पतंग का मांझा बाइक की ओर आया और सीधा गुलशन की गर्दन में फंस गया। मांझा इतना तेज था कि गर्दन पर गहरा घाव हो गया। दोस्त और भाई उसे बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन खून बहुत ज्यादा बह चुका था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही गुलशन ने दम तोड़ दिया।

    परिवार का इकलौता सहारा था गुलशन पढ़ाई के साथ पिता का हाथ भी बंटाता था

    गुलशन ओमेक्स सिटी में रहता था और मूल रूप से ठीकरी अशोक नगर का निवासी था। वह 8वीं कक्षा का छात्र था लेकिन पढ़ाई के साथ अपने पिता की मजदूरी में भी मदद करता था। पिता ने अपने छोटे बेटे के लिए कई सपने देखे थे लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। घर में उसके जाने से ऐसा सन्नाटा है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

    प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा चाइनीज मांझा प्रशासन पर उठ रहे सवाल

    सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इंदौर कलेक्टर द्वारा 25 नवंबर से शहर में चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था। प्रशासन ने साफ कहा था कि यह मांझा इंसानों और पशु पक्षियों दोनों के लिए खतरनाक है। इसके बावजूद शहर में इसकी खरीद और उपयोग जारी है। गुलशन की मौत के बाद अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रतिबंध था तो यह मांझा आखिर बाजार तक पहुंच कैसे रहा है। प्रशासन ने आदेश उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन इस हादसे ने सिस्टम की लापरवाही को खुलकर सामने ला दिया है।

    साथियों को भी आई गंभीर चोटें जीवन भर नहीं भूल पाएंगे यह घटना

    गुलशन के भाई अरुण और उसके दोस्त विशाल और कृष्णा भी बाइक पर थे। मांझे को हटाने की कोशिश में उनके हाथ कट गए और उन्हें भी चोटें आईं। वे खुद भी खौफ में हैं क्योंकि उनके सामने ही उनके साथी की जान चली गई। यह कुछ पल इतने डरावने थे कि शायद वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।

    शहर में गुस्सा और दुख लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

    इस घटना ने शहर के लोगों को बेहद दुखी कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं फिर कभी न हों। चाइनीज मांझा हर साल कई लोगों की जान लेता है अब इस पर पूरी तरह रोक लगाना और निगरानी बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।

    गुलशन की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि हम सबको मिलकर ऐसी जानलेवा चीजों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। प्रशासन सख्त कार्रवाई करे और लोग भी जागरूक रहें तभी ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

  • Raja Raghuwanshi Murder Case: शिलांग कोर्ट में बड़ा खुलासा राजा रघुवंशी हत्याकांड में ढाई घंटे चली गवाही आरोपी मुस्कुराते दिखे

    आज हम एक ऐसे संवेदनशील मामले की बात कर रहे हैं जिसने इंदौर सहित पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला अब शिलांग कोर्ट में ट्रायल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर तारीख पर नए खुलासे सामने आ रहे हैं और पीड़ित परिवार के लिए यह सफर और भी भावनात्मक होता जा रहा है। बुधवार को राजा के भाई विपिन रघुवंशी के बयान कोर्ट में हुए और इस दौरान कई अहम बातें सामने आईं।

    शिलांग कोर्ट में शुरू हुआ ट्रायल और आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े

    मामले का ट्रायल शिलांग कोर्ट में शुरू हो चुका है और बुधवार को आरोपी सोनम और राज सहित अन्य आरोपी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े। इस दौरान विपिन रघुवंशी को आरोपियों को करीब से देखने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि आरोपियों के चेहरे पर किसी भी तरह का पछतावा नहीं था बल्कि वे बीच बीच में मुस्कुरा भी रहे थे। उन्होंने यह भी देखा कि आरोपी नए गर्म कपड़े पहने हुए कोर्ट में पेश हुए।

    जब जज ने सोनम से उसकी तबीयत के बारे में पूछा तो उसने जवाब दिया कि वह ठीक है। यह दृश्य विपिन के लिए बेहद भावनात्मक था क्योंकि उनके सामने उन्हीं के भाई की हत्या के आरोपी मौजूद थे।

    ढाई घंटे चले बयान लेकिन अधूरे रह गए

    विपिन रघुवंशी के कोर्ट में बयान ढाई घंटे तक चले लेकिन समय समाप्त होने के कारण इन्हें पूरा नहीं किया जा सका। अब गुरुवार को वे एक बार फिर कोर्ट जाएंगे ताकि आगे की गवाही पूरी हो सके।

    बयान के दौरान उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। उन्हें बताया गया था कि सोनम मान ले रखी है और इसी कारण कामाख्या देवी के दर्शन करने जाने की योजना बनाई गई थी। बाद में सोनम ने ही शिलांग जाने का प्लान बनाया। कोर्ट में उनसे यह भी पूछा गया कि गुवाहाटी के टिकट किसने कराए और परिजनों को इन योजनाओं के बारे में जानकारी थी या नहीं।

    राजा रघुवंशी के मोबाइल स्विच ऑफ होने और उनके लापता होने के समय को लेकर भी विस्तार से सवाल पूछे गए।

    दूसरी बार शिलांग पहुंचे विपिन पर भावनात्मक बोझ बढ़ा

    यह दूसरी बार है जब विपिन रघुवंशी शिलांग कोर्ट में बयान देने पहुंचे हैं। इससे पहले वे दस नवंबर को भी कोर्ट गए थे। अभी तक उन्हें केस की चार्जशीट भी नहीं मिली है। उनके भाई राजा की हत्या के इस दर्दनाक मामले में सोनम उसका प्रेमी राज और तीन अन्य आरोपी जेल में बंद हैं और मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    पीड़ित परिवार के लिए यह पूरा दौर बेहद कठिन है क्योंकि हर गवाही उन्हें उस दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है जिसने उनके परिवार को तोड़कर रख दिया।

  • इंदौर बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव शहर को मिले पांच नए जोन और अंडरग्राउंड लाइन सब डिविजन की मंजूरी

    इंदौर शहर में बिजली वितरण से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शहर के लगातार विस्तार और नई कॉलोनियों के तेजी से विकसित होते स्वरूप को देखते हुए अब बिजली व्यवस्था को और मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी दिशा में मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिससे आने वाले समय में उपभोक्ताओं को और बेहतर बिजली सेवा मिल सकेगी।

    इंदौर में अब 35 जोन से होगी बिजली आपूर्ति

    बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंदौर में बिजली वितरण अब मौजूदा 30 की जगह 35 जोन से होगा। शहर तेज़ी से फैल रहा है और नए क्षेत्रों में बसावट बढ़ रही है ऐसे में बिजली सेवा को त्वरित और सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
    कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि नए जोन उपभोक्ताओं को उनके नजदीक से बिजली सेवा उपलब्ध कराएंगे ताकि समस्या आने पर समाधान भी तुरंत मिल सके। यह बदलाव शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।

    पांच नए जोन से शहर के उपभोक्ताओं को मिलेगी त्वरित सेवा

    बैठक में जिन पांच नए बिजली जोन की मंजूरी दी गई उनमें तुलसी नगर, मांगलिया शहरी जोन, सिलिकॉन सिटी जोन, बिलावली जोन और नंदबाग जोन शामिल हैं।
    इन नए जोन में आसपास के मौजूदा क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा ताकि बिजली सेवा और अधिक तेजी से उपलब्ध हो सके। यह चुनाव उन इलाकों के विस्तार और उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए किया गया है।

    अंडरग्राउंड लाइन के लिए बनेगा अलग सब डिविजन

    इंदौर स्मार्ट सिटी मिशन और नई कॉलोनियों में तेजी से बढ़ती अंडरग्राउंड बिजली लाइनों की संख्या को देखते हुए अंडरग्राउंड लाइन सब डिविजन बनाने का निर्णय भी लिया गया। यह नया डिविजन यूजीएन सब डिविजन के नाम से काम करेगा और शहर में अंडरग्राउंड लाइनों के संधारण की जिम्मेदारी संभालेगा।
    नई स्मार्ट कॉलोनियों और विस्तार वाले क्षेत्रों में इस कदम से समस्या समाधान की गति कई गुना बढ़ जाएगी।

    सिंहस्थ 2028 के लिए बनेगा विशेष डिविजन

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिंहस्थ के लिए एक अलग डिविजन बनाया जाएगा। क्योंकि वर्ष 2028 का सिंहस्थ एक विशाल आयोजन है और इसमें बिजली की मांग और प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होगी। इसलिए इस डिविजन को सिंहस्थ समाप्त होने तक की अनुमति दी गई है।

    बोर्ड बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

    यह अहम निर्णय मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिए गए जिसकी अध्यक्षता ऊर्जा सचिव श्री अविनाश लावनिया ने की। बैठक में वित्त विभाग के श्री आरआर मीणा, प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग ओएसडी श्री वीके गौड़, डॉ अरूणा तिवारी, डॉ प्रशांत सालवान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
    प्रमुख अभियंता, कार्यपालक निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे और शहर की बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई।

    इंदौर शहर तेजी से आधुनिक हो रहा है और उसकी जरूरतें भी उसी गति से बढ़ रही हैं। पांच नए जोन, अंडरग्राउंड लाइन सब डिविजन और सिंहस्थ डिविजन जैसे फैसले शहर के भविष्य को देखते हुए लिए गए हैं। इससे बिजली सेवा न सिर्फ मजबूत होगी बल्कि उपभोक्ताओं को हर स्तर पर ज्यादा बेहतर और त्वरित सुविधा मिलेगी।

  • इंदौर मैराथन 2025 हजारों धावकों की भागीदारी से खिल उठा शहर फिटनेस जागरुकता का बड़ा संदेश

    इंदौर की गुलाबी सर्द सुबह आज एक बेहद खास नजारा लेकर आई। हजारों लोग एक साथ सड़कों पर उतरे और Run Indore One Indore Marathon में शामिल होकर पूरे देश को एक सुंदर संदेश दिया कि जब जनता एकजुट होती है तो हर लक्ष्य बेहद आसान हो जाता है। यह मैराथन न सिर्फ एक खेल आयोजन था बल्कि फिटनेस, स्वच्छता और सामूहिक चेतना का शानदार प्रतीक भी बना।

    जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण बना इंदौर

    मैराथन की शुरुआत दशहरा मैदान से हुई जहां हर उम्र के धावक एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़े और उन्होंने कहा कि इंदौर हमेशा हर क्षेत्र में अद्भुत उदाहरण पेश करता है और अब फिटनेस भी इस शहर की नई पहचान बन रही है।
    दौड़ का मार्ग नरेंद्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान रोड, महूनाका, अन्नपूर्णा मार्ग से होकर वापस दशहरा मैदान पर समाप्त हुआ। तीन, पांच और सात किलोमीटर की इस दौड़ में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने अपना पूरा उत्साह दिखाया।

    नेताओं ने सराहा इंदौर का फिटनेस और स्वच्छता प्रेम

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रतिभागियों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि इंदौर सिर्फ स्वच्छता ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में देश दुनिया में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने बताया कि शहर सरकार से नहीं बल्कि नागरिकों के सहयोग से चलता है और यही कारण है कि इंदौर आज नंबर वन शहर है।
    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दौड़ को सामूहिक चेतना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि फिटनेस का मूल आधार दौड़ है और इंदौर एक बार फिर पूरे देश को जनसहभागिता की मिसाल दिखा रहा है।
    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी प्रतिभागियों के जोश की सराहना की और कहा कि इंदौर हमेशा अपने नवाचारों से आकर्षित करता है और यह मैराथन भी उसी का हिस्सा है।

    दिव्यांग धावकों ने जीता सबका दिल

    इस मैराथन में दिव्यांग धावकों के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। सैकड़ों दिव्यांग धावक भी इस दौड़ का हिस्सा बने और उन्होंने अपने अद्भुत साहस और उत्साह से लोगों का दिल जीत लिया। उनके जोश ने बताया कि सीमाएं सिर्फ सोच में होती हैं।

    स्वच्छता और स्वास्थ्य की शपथ के साथ आगे बढ़ा इंदौर

    मैराथन की शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई और उसके बाद सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता और स्वास्थ्य की शपथ ली। फिर अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर इस शानदार आयोजन को रवाना किया गया। यह आयोजन एक बार फिर साबित कर गया कि इंदौर सिर्फ स्वच्छ नहीं बल्कि फिट और जागरूक शहर भी है।

    यह मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं थी बल्कि एक भावना थी जो इंदौर के हर नागरिक के अंदर एकजुटता और जागरूकता का बड़ा संदेश छोड़ गई। इंदौर ने फिर दिखा दिया कि क्यों वह देश का सबसे आगे बढ़ने वाला शहर कहलाता है।

  • इंदौर में मेडिकैप्स कॉलेज विवाद भड़क उठा अश्लील वीडियो वायरल और बस हादसों ने बढ़ाई चिंता प्रशासन पर उठे सवाल

    इंदौर शहर में शिक्षा और अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले मेडिकैप्स कॉलेज को लेकर एक बार फिर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर युवक और युवती का एक आपत्तिजनक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे कॉलेज परिसर के भीतर ही रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। यह मामला सामने आते ही कॉलेज के माहौल और अनुशासन को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं और छात्रों की सुरक्षा पर भी गहरा चिंतन शुरू हो गया है।

    कॉलेज परिसर में वायरल हुआ अश्लील वीडियो छात्र ने बताए चौंकाने वाले तथ्य

    इस वीडियो के सामने आने के बाद कॉलेज का माहौल चर्चा में है। एक स्टूडेंट ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि यह वीडियो M ब्लॉक के पीछे का है और यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पार्किंग में छात्र और छात्रा को ऐसी ही हरकतें करते देखा गया था और उसका वीडियो भी वायरल हुआ था।
    छात्र ने यह भी बताया कि वीडियो कॉलेज के छात्रों ने ही बनाया और फिर उसे वायरल किया। इससे बड़ा सवाल यह उठता है कि कॉलेज प्रशासन परिसर में अनुशासन बनाए रखने में असफल क्यों हो रहा है और कब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।

    कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप सुरक्षित माहौल पर गंभीर प्रश्न

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उभर रहा है कि क्या कॉलेज प्रशासन छात्रों को सुरक्षित और अनुशासित माहौल देने में सक्षम है। लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो यह दर्शाते हैं कि सुरक्षा और मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत नहीं है।
    कॉलेज जैसे बड़े संस्थान में अगर इस तरह की घटनाएं बार बार होती हैं तो यह न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बल्कि संस्थान की छवि के लिए भी हानिकारक है।

    मेडिकैप्स कॉलेज की बसों से जुड़े हादसों ने बढ़ाई चिंता तीन महीने में तीन मौतें

    मेडिकैप्स कॉलेज से जुड़े विवाद सिर्फ अश्लील वीडियो तक सीमित नहीं हैं। पिछले तीन महीनों में कॉलेज ग्रुप की बसों से हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
    नवीनतम मामला 31 अक्टूबर का है जब एमजी रोड पर कॉलेज की बस ने बाइक सवार दो लोगों को जोरदार टक्कर मार दी जिसमें एक युवक की मौत हो गई।
    इससे पहले अगस्त में बड़ा गणपति चौराहे पर मेडीकैप्स की बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी और उस भयावह हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी।

    इन लगातार होते हादसों से कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठे हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि बस संचालन में लापरवाही है और सुरक्षा नियमों का पालन सही ढंग से नहीं किया जाता।

    छात्रों और शहर में बढ़ी नाराजगी यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली पर उठे प्रश्न

    लगातार हो रही घटनाओं ने छात्रों अभिभावकों और शहरवासियों के बीच आक्रोश बढ़ा दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली कैसी है और वह इन समस्याओं को समय रहते नियंत्रित क्यों नहीं कर रही है।
    अश्लील वीडियो और बस हादसों जैसे मुद्दों ने न सिर्फ कॉलेज की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है बल्कि छात्रों की सुरक्षा पर भी खतरा खड़ा कर दिया है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि कॉलेज प्रबंधन इन मामलों पर क्या कार्रवाई करता है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

    मेडिकैप्स कॉलेज से जुड़े ये मामले एक बार फिर याद दिलाते हैं कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे इसके लिए प्रशासन को तुरंत और कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं आगे दोबारा न हों।

  • Indore News: इंदौर पुणे बस में युवती से छेड़छाड़ चालक और परिचालक फरार हिम्मत दिखाकर युवती ने दर्ज कराई रिपोर्ट

    Indore News: इंदौर से पुणे जा रही एक प्राइवेट बस में एक युवती के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। शूटिंग प्रतियोगिता से लौट रही इस युवती ने पूरे साहस के साथ आवाज उठाई और अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाई। बस में मौजूद यात्रियों ने भी हालात बेहद मुश्किल बताई क्योंकि चालक और परिचालक घटना के बाद बस से कूदकर फरार हो गए और सभी यात्रियों को सड़क पर घंटों परेशान होना पड़ा।

    शूटिंग प्रतियोगिता से लौट रही युवती ने दिखाई हिम्मत

    पुणे निवासी 30 वर्षीय युवती भोपाल से वर्मा ट्रेवल्स की बस से पुणे जा रही थी। सफर के दौरान परिचालक ने सीट को लेकर पूछताछ के बहाने युवती को गलत तरीके से हाथ लगाया। युवती ने विरोध किया तो वह वहां से चला गया लेकिन कुछ देर बाद दोबारा आने लगा और बार बार अनुचित व्यवहार करता रहा। युवती ने तय किया कि वह इस घटना को अनदेखा नहीं करेगी।

    राजेंद्र नगर थाना नजर आते ही युवती ने कार्रवाई की मांग की

    जैसे ही बस इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के पास पहुंची युवती ने चालक से तुरंत बस रोकने को कहा ताकि वह पुलिस में शिकायत दे सके। इसी दौरान पुलिस की रात्रि चेकिंग चल रही थी। पुलिस को देखकर चालक और परिचालक डर गए और मौके से बस छोड़कर भाग निकले। अचानक से बस रुक जाने और चालक कर्मियों के फरार होने से यात्रियों में अफरा तफरी मच गई।

    चालक और परिचालक के फरार होने से यात्री घंटों परेशान

    बस सड़क किनारे खड़ी रही और यात्रियों को ठंडी रात में बाहर खड़े रहना पड़ा। कई यात्रियों के अनुसार दोनों कर्मचारी नशे में थे और उनका व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था। राजेंद्र नगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अन्य बस संचालकों से संपर्क कर एक नया चालक बुलवाया। नए चालक के आने के बाद बस को आगे रवाना किया जा सका।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

    राजेंद्र नगर थाना प्रभारी नीरज बिरथरे ने बताया कि युवती ने लिखित शिकायत दर्ज कर दी है और पुलिस ने छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार चालक और परिचालक की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना गंभीर है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।