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- AI scam India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने लोगों के काम को आसान बनाने के साथ डिजिटल दुनिया की तस्वीर भी बदल दी है, लेकिन इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल अब एक गंभीर चिंता बनता जा रहा है।
- कई बार किसी परिचित व्यक्ति की आवाज या वीडियो जैसा दिखने वाला कंटेंट सामने रखकर तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाया जाता है।
- 2026 में IT Rules में संशोधन के जरिए सिंथेटिक यानी AI से तैयार सामग्री की पहचान, लेबलिंग और गैरकानूनी कंटेंट को रोकने से जुड़े प्रावधानों को मजबूत किया गया है।
- अगर किसी व्यक्ति को AI से बनाई गई नकली तस्वीर, वीडियो या आवाज के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा है, तो डरकर पैसे देना समस्या को खत्म करने का भरोसेमंद तरीका नहीं है।
AI scam India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने लोगों के काम को आसान बनाने के साथ डिजिटल दुनिया की तस्वीर भी बदल दी है, लेकिन इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल अब एक गंभीर चिंता बनता जा रहा है। तस्वीर, आवाज और वीडियो को इस तरह बदला जा सकता है कि सामने वाले के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाए। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को डराने, ठगने और ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।
AI के जरिए कैसे बढ़ रहा है ब्लैकमेल का खतरा
AI की मदद से किसी व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो को बदलकर ऐसी सामग्री तैयार की जा सकती है, जिसका उस व्यक्ति की वास्तविक जिंदगी से कोई संबंध नहीं होता। इसके बाद आरोपी उस सामग्री को सोशल मीडिया या परिचितों तक पहुंचाने की धमकी देकर पैसे मांग सकते हैं। कई मामलों में नकली पहचान बनाकर पहले पीड़ित से संपर्क किया जाता है और बाद में उसकी निजी जानकारी या तस्वीरों का दुरुपयोग किया जाता है। AI scam India
डीपफेक वीडियो से लोगों को बनाया जा रहा निशाना
डीपफेक तकनीक इस खतरे को और गंभीर बनाती है। इसमें किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज या हावभाव को दूसरी सामग्री के साथ जोड़कर नकली वीडियो या ऑडियो तैयार किया जा सकता है। भारत में जांच एजेंसियों के सामने ऐसे मामले भी आए हैं, जिनमें AI से तैयार किए गए वीडियो का इस्तेमाल निवेश से जुड़े फर्जी दावों और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। AI scam India
ब्लैकमेल के साथ ठगी का भी नया तरीका
AI का दुरुपयोग केवल निजी तस्वीरों तक सीमित नहीं है। साइबर अपराधी नकली प्रोफाइल, भरोसेमंद दिखने वाले संदेश और बनावटी वीडियो का सहारा लेकर लोगों को अलग-अलग तरह के ऑनलाइन जाल में फंसा सकते हैं। कई बार किसी परिचित व्यक्ति की आवाज या वीडियो जैसा दिखने वाला कंटेंट सामने रखकर तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाया जाता है। AI scam India
AI एक्सपर्ट की नजर में सबसे बड़ी चुनौती
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि आम इंटरनेट यूजर किसी तस्वीर, आवाज या वीडियो को देखकर तुरंत उस पर भरोसा न करे। केवल चेहरा या आवाज पहचान में आने भर से किसी डिजिटल कंटेंट को असली मान लेना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर तब, जब सामने वाला व्यक्ति जल्दबाजी में पैसे, ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या निजी तस्वीर मांग रहा हो।
नकली वीडियो की पहचान करना क्यों जरूरी है
किसी संदिग्ध वीडियो में आवाज और होंठों की गतिविधि के बीच अंतर, चेहरे के भावों में असामान्यता, प्रकाश या बैकग्राउंड में गड़बड़ी जैसी चीजें दिखाई दे सकती हैं। हालांकि हर डीपफेक को केवल देखकर पहचान पाना आसान नहीं है। इसलिए किसी सनसनीखेज वीडियो या संदेश पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत और संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है। AI scam India
सरकार भी AI से जुड़े खतरे को लेकर सतर्क
भारत सरकार ने AI से तैयार होने वाली भ्रामक और नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री को लेकर नियमों और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियों को मजबूत किया है। 2026 में IT Rules में संशोधन के जरिए सिंथेटिक यानी AI से तैयार सामग्री की पहचान, लेबलिंग और गैरकानूनी कंटेंट को रोकने से जुड़े प्रावधानों को मजबूत किया गया है। सरकार ने डीपफेक, impersonation और गैर-सहमति वाली निजी सामग्री जैसे मामलों को भी गंभीरता से लिया है। AI scam India
पीड़ित होने पर चुप रहना समाधान नहीं
अगर किसी व्यक्ति को AI से बनाई गई नकली तस्वीर, वीडियो या आवाज के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा है, तो डरकर पैसे देना समस्या को खत्म करने का भरोसेमंद तरीका नहीं है। संदिग्ध संदेश, प्रोफाइल, फोन नंबर, भुगतान संबंधी जानकारी और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण हो सकता है। आर्थिक साइबर अपराध या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में जल्द से जल्द संबंधित अधिकारियों को सूचना देना भी जरूरी है।
AI से डरने के बजाय सावधानी जरूरी
AI अपने आप में अपराध का माध्यम नहीं है, बल्कि उसका गलत इस्तेमाल समस्या पैदा करता है। यही वजह है कि डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ते हुए तकनीक के फायदे समझने के साथ उसके जोखिमों को पहचानना भी जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निजी फोटो या वीडियो साझा करने, संदिग्ध लिंक खोलने और बिना पुष्टि के पैसे भेजने से बचना आज के समय में डिजिटल सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुका है। AI scam India
निहारिका शाह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीक और डिजिटल दुनिया से जुड़े विषयों पर लिखने वाली लेखिका हैं। उन्हें AI टूल्स, मशीन लर्निंग और टेक्नोलॉजी के बदलते दौर को समझने में विशेष रुचि है। निहारिका जटिल तकनीकी विषयों को सरल और आसान हिंदी में पाठकों तक पहुंचाने पर ध्यान देती हैं। उनके लेखों में AI के नए टूल्स, तकनीकी अपडेट, डिजिटल इनोवेशन और आम लोगों की जिंदगी पर तकनीक के प्रभाव जैसे विषय शामिल रहते हैं।



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