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- Kisan Call Center | केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याओं और खेती से जुड़ी हर जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करवाने के लिए किसान कॉल सेंटर की शुरुआत की है।
- इस केंद्र के माध्यम से किसानों को कृषि सलाह सरकारी योजनाओं और अन्य सभी जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही है।
- कॉल पर मौजूद कृषि सलाहकार को फसल, गांव और समस्या की सही जानकारी दें।
- चंडीगढ़ किसान कॉल सेंटर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के किसानों को हिंदी और पंजाबी भाषा में सलाह देता है।
कॉल सेंटर के माध्यम से किसान की किस प्रकार मदद ले सकते हैं, जानिए कॉल सेंटर (Kisan Call Center) की विशेषताएं..
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Kisan Call Center | केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याओं और खेती से जुड़ी हर जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करवाने के लिए किसान कॉल सेंटर की शुरुआत की है।
किसान कॉल सेंटर के माध्यम से किसानों को सभी प्रकार की जानकारी एक ही फोन कॉल से मिल रही है। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को कृषि सलाह सरकारी योजनाओं और अन्य सभी जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही है। किसान कॉल सेंटर किसानों के लिए कृषि सलाह, सरकारी योजनाओं की जानकारी और समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद मंच बन चुका है।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने चालू संसद सत्र के दौरान लोकसभा में लिखित जवाब में किसान कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तार से जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने सदन में बताया है कि किसान Kisan Call Center पर आने वाली हर कॉल को तय समय में उठाने का प्रावधान है।
किसान कॉल सेंटर के माध्यम से अपनी फसलों में क्या रोग है एवं इसके उपाय क्या है, इस खबर के माध्यम से जानते हैं…
क्या है काल सेंटर जानिए?
किसान कॉल सेंटर भारत सरकार की एक सुविधा है, जिसके माध्यम से किसान खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान पाने के लिए फोन पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। यदि किसानों को फसल में बीमारी, कीटों का प्रकोप, खाद-बीज का उपयोग, सिंचाई या खेती की तकनीक से संबंधित कोई समस्या आती है, तो वे इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। Kisan Call Center
इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी भाषा में कृषि संबंधी सही जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे समय पर उचित निर्णय ले सकें और फसल की बेहतर देखभाल कर सकें।
किसान कॉल सेंटर से क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
फसल की समस्या : फसल में लगने वाले रोग और कीटों से बचाव की सलाह। Kisan Call Center
खाद एवं उर्वरक : DAP, यूरिया, NPK और अन्य खादों के उचित उपयोग की जानकारी।
बीज एवं बुवाई : फसल के अनुसार बीज चयन और बुवाई से संबंधित मार्गदर्शन।
सिंचाई : फसल की जरूरत के अनुसार सिंचाई की सलाह।
पशुपालन : खेती से जुड़े पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों की जानकारी। Kisan Call Center
किसान कॉल सेंटर पर शिकायत या सवाल कैसे करें?
अपने मोबाइल फोन से 1800-180-1551 पर कॉल करें।
अपनी भाषा चुनें और अपनी समस्या बताएं। Kisan Call Center
कॉल पर मौजूद कृषि सलाहकार को फसल, गांव और समस्या की सही जानकारी दें।
यदि समस्या का समाधान शुरुआती स्तर पर नहीं मिलता, तो संबंधित विशेषज्ञ से सलाह दिलाने की व्यवस्था की जा सकती है।
कॉल सेंटर किसानों के लिए उपयोगी बना
कोई भी किसान यदि कॉल सेंटर में फोन लगता है तो उसे समय अगर लाइन खाली होती है तो किसान की कॉल चार रिंग के भीतर रिसीव कर ली जाती है। अगर कॉल क्यू में चली जाती है तो किसान को आईवीआर सिस्टम के जरिए उसकी बारी, अनुमानित प्रतीक्षा समय और मौसम या मौसम के अनुसार जरूरी कृषि सलाह सुनाई जाती है। Kisan Call Center
इससे किसान को इंतजार के दौरान भी उपयोगी जानकारी मिलती रहती है। किसान कॉल सेंटर का नंबर 1800-180-1551 है। इसके साथ-साथ किसानों 1551 नंबर भी डायल करने पर किसान कॉल सेंटर की सुविधा मिलती है।
कॉल सेंटर किसानों की समस्या का करता हैं समाधान
कृषि राज्य मंत्री द्वारा सदन में दी गई जानकारी के मुताबिक किसान कॉल सेंटर पर किसानों की सुविधा के लिए वॉइस मेल सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है। अगर सभी लाइनें व्यस्त हों और किसान इंतजार नहीं करना चाहता तो वह दो मिनट तक का वॉइस मैसेज रिकॉर्ड कर सकता है। Kisan Call Center
इस मैसेज में किसान अपनी समस्या और संपर्क नंबर दर्ज करता है, बाद में फार्म टेली एडवाइजर या सुपरवाइजर किसानों को कॉल बैक कर उनकी समस्या का समाधान करते हैं। कम कॉल वाले समय में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाती है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से जारी बयान के मुताबिक, किसान कॉल सेंटर देश के हर क्षेत्र को कवर कर रहे हैं और स्थानीय भाषाओं में सेवाएं दे रहे हैं, ताकि भाषा कभी भी किसानों के लिए बाधा न बने। देश के अलग-अलग हिस्सों में बने किसान कॉल सेंटर से एक या उससे ज्यादा भाषाओं में काम कर रहे हैं। Kisan Call Center
कॉल सेंटर हर भाषाओं में उपलब्ध
केंद्र सरकार द्वारा संचालित किए जाने वाले कॉल सेंटर देश के अलग-अलग क्षेत्रों से कई भाषाओं में संचालित किए जा रहे हैं। अगरतला केंद्र से त्रिपुरा, मिजोरम और मेघालय के किसान जुड़े हैं, जहां बंगाली, मिजो, खासी और गारो भाषाओं में सलाह मिलती है। Kisan Call Center
अहमदाबाद केंद्र गुजरात, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव को कवर करता है और यहां गुजराती व कोंकणी भाषा में सेवाएं दी जाती हैं।
बेंगलुरु केंद्र कर्नाटक के किसानों को कन्नड़ में सलाह देता है, जबकि भुवनेश्वर केंद्र ओडिशा के किसानों को ओड़िया भाषा में जोड़ता है। Kisan Call Center
चंडीगढ़ किसान कॉल सेंटर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के किसानों को हिंदी और पंजाबी भाषा में सलाह देता है। कोयंबटूर केंद्र तमिलनाडु, पुडुचेरी, तिरुवनंतपुरम और लक्षद्वीप के किसानों को तमिल और मलयालम में सेवा देता है।
गुवाहाटी केंद्र अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और नागालैंड के किसानों को हिंदी, आदि, असमिया, मणिपुरी और नागामीस भाषाओं में जोड़ता है। Kisan Call Center
हैदराबाद केंद्र तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के किसानों को तेलुगु में सलाह देता है।
जबलपुर केंद्र मध्य प्रदेश को हिंदी में कवर करता है।
जयपुर केंद्र दिल्ली और राजस्थान के किसानों को हिंदी में सेवाएं देता है।
जम्मू केंद्र जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख के लिए डोगरी और कश्मीरी भाषा में काम करता है। Kisan Call Center
कानपुर केंद्र उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को हिंदी में जोड़ता है।
कोलकाता केंद्र पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार के किसानों को बंगाली, सिक्किमी, नेपाली, तमिल और हिंदी में सेवा देता है।
पटना केंद्र बिहार और झारखंड, पुणे केंद्र महाराष्ट्र और गोवा, रायपुर केंद्र छत्तीसगढ़ और सोलन केंद्र हिमाचल प्रदेश के किसानों को स्थानीय भाषा में सलाह देता है। Kisan Call Center
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विशाल चौधरी Pravah Times के Editor हैं। वे कृषि और खेती-किसानी से जुड़ी खबरों व उपयोगी जानकारी पर विशेष रूप से काम करते हैं। उनका उद्देश्य किसानों तक सरल भाषा में खेती, फसल और कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है।

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