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- भोपाल की 25 तहसीलों में राजस्व मामलों का अंबार लग गया है।
- सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अभी कुल 7479 राजस्व केस पेंडिंग चल रहे हैं।
- वहीं, बैरसिया तहसील की बात करें तो वहां सीमांकन के 529 मामले लंबे समय से अटके हुए हैं।
- अपर कलेक्टर ने दिए जल्दी निपटारे के आदेश
Bhopal Namantaran Pending: भोपाल (प्रवाह टाइम्स)। भोपाल की 25 तहसीलों में राजस्व मामलों का अंबार लग गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अभी कुल 7479 राजस्व केस पेंडिंग चल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी कोलार और हुजूर तहसील में देखने को मिल रही है, जहाँ पेंडेंसी काफी ज्यादा है। अकेले कोलार तहसील में ही इस साल 3707 मामले अटके हुए हैं। लोगों को अपने कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
नामांतरण और सीमांकन का बुरा हाल
शहर में नामांतरण के 1300 से ज्यादा आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं। वहीं, बैरसिया तहसील की बात करें तो वहां सीमांकन के 529 मामले लंबे समय से अटके हुए हैं। एक आवेदक ने बताया कि तकनीकी खामियों के चलते उसका नामांतरण का आवेदन पहले ही रिजेक्ट कर दिया गया था। लोग दफ्तरों में अपनी फाइल की स्टेटस जानने के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
सर्वर डाउन से रजिस्ट्री पर ब्रेक
राजस्व के काम के अलावा भोपाल में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री का काम भी पूरी तरह से थम गया है। इसका बड़ा कारण ‘सारा’ एप और सर्वर का ठप होना है। इस तकनीकी दिक्कत की वजह से स्वामित्व योजना के तहत अब तक सिर्फ 197 पंजीयन ही हो पाए हैं। सर्वर की इस समस्या ने आम लोगों के साथ-साथ रजिस्ट्री ऑफिस के काम को भी पूरी तरह से जाम कर दिया है।
अपर कलेक्टर ने दिए जल्दी निपटारे के आदेश
इस स्थिति को देखते हुए अपर कलेक्टर महेंद्र कवचे ने सभी अधिकारियों को पेंडिंग मामलों को जल्दी निपटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नियमों के तहत समय सीमा भी तय की है। इसमें अविवादित नामांतरण के लिए 30 दिन, विवादित के लिए 90 दिन, सीमांकन के लिए 30 कार्यदिवस और डायवर्जन के लिए 15 दिन का वक्त तय किया गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन लंबित फाइलों को कितनी जल्दी क्लियर करवा पाता है।
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रितेश परमार Pravah Times के लेखक हैं। वे खास तौर पर भोपाल की स्थानीय खबरों, राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर कंटेंट लिखते हैं।


