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  • Indore city news: इंदौर में टूटा 48 साल का रिकॉर्ड सर्द उत्तरी हवाओं ने जमाया शहर सोमवार तक रहेगी शीतलहर की मार

    Indore city news: इन दिनों इंदौर में ठंड ने कुछ ऐसा रूप दिखाया है जिसने शहरवासियों को कांपने पर मजबूर कर दिया है। सर्द उत्तरी हवाओं की वजह से तापमान अचानक नीचे गिरा है और पिछले कई दशकों में पहली बार ऐसा कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। शहर में ऐसी ठिठुरन बनी हुई है कि दिन में भी लोग गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं।

    सर्द उत्तरी हवाओं ने गिराया पारा और बना दी अतिशीत लहर की स्थिति

    शनिवार की सुबह इंदौर में तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह गिरावट इतनी तीव्र थी कि पिछले 48 साल का रिकॉर्ड टूट गया। साल 1977 में शहर का न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार की तुलना में न्यूनतम तापमान में सीधे पांच डिग्री की कमी दर्ज की गई। यह गिरावट बताती है कि उत्तरी हवाएं कितनी तेजी से शहर को प्रभावित कर रही हैं।

    18 किलोमीटर प्रतिघंटा की बर्फीली हवा ने दिन में भी बढ़ाई ठंडक

    शनिवार को करीब 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने दिन भर शहर को सर्दी का कड़ा अहसास कराया। सुबह से लेकर शाम तक हर समय ठिठुरन बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह स्थिति हिमालय क्षेत्र से आने वाली उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण बनी है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते इंदौर की ओर तेज सर्द हवाएं पहुंच रही हैं।

    सोमवार तक शीतलहर बरकरार धूप देगी हल्की राहत

    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में सोमवार तक शीतलहर की स्थिति जारी रहेगी। सुबह और रात के तापमान में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि दिन में हल्की धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है। शनिवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहे और रविवार को भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है।

    तापमान में रिकॉर्ड गिरावट के पीछे वैज्ञानिकों का विश्लेषण

    भोपाल मौसम केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिमी हवाएं तेज हो गई हैं। इसी चलते इंदौर का तापमान तेजी से गिरा। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक ही दिन में पांच डिग्री की गिरावट काफी असामान्य मानी जाती है और यह दर्शाती है कि हवा का रुख पूरी तरह बदल गया है।

    प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों में इंदौर भी शामिल

    शनिवार को प्रदेश के दस सबसे ठंडे शहरों की सूची में इंदौर भी शामिल रहा। इस सूची में शहडोल का तापमान सबसे कम यानी 4 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहर जैसे उमरिया राजगढ़ पचमढ़ी रीवा और नौगांव में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। ऐसे में यह साफ है कि प्रदेश भर में कड़ाके की ठंड ने पूरी तरह दस्तक दे दी है।

    पिछले सौ साल के तापमान रिकार्ड बताते हैं सर्दी का बदलता स्वरूप

    अगर पिछले सौ वर्षों के रिकॉर्ड देखें तो इंदौर ने कई बार बेहद कम तापमान झेला है। वर्ष 1936 में तो शहर का तापमान सिर्फ 1.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद भी कई वर्षों में तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि इंदौर का मौसम समय समय पर बेहद कठोर हो सकता है।

    पिछले दस वर्षों के तापमान का रिकॉर्ड भी हुआ अपडेट

    पिछले दस साल में इंदौर का न्यूनतम तापमान कई बार 6 डिग्री से नीचे गया है। वर्ष 2018 और 2019 में तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार 6.2 डिग्री तक पहुंचना यह दर्शाता है कि सर्दी पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक कठोर हो गई है।

    इंदौर को अभी और सहनी होगी कड़ाके की ठंड

    इंदौर में इस समय मौसम पूरी तरह सर्द हवाओं के कब्जे में है। कम तापमान और तेज हवा का मेल मिलकर ऐसी ठिठुरन बना रहे हैं जो कम से कम सोमवार तक जारी रह सकती है। शहरवासियों को सावधान रहने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

    Indore latest news: सम्भागायुक्त डॉ खाड़े की अध्यक्षता में हुई इंदौर विमानतल पर्यावरण प्रबंधन समिति की अहम बैठक

  • जैविक खेती से बढ़ाएं आलू की पैदावार और मुनाफा पलामू के कृषि वैज्ञानिक ने बताए आसान तरीके

    पलामू जिले से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां के कृषि वैज्ञानिक डॉ अखिलेश शाह ने बताया है कि किसान यदि आलू की खेती में जैविक तरीकों का इस्तेमाल करें तो उनकी पैदावार गुणवत्ता और मुनाफा तीनों तेजी से बढ़ सकते हैं। जैविक तकनीकों से उगाए गए आलू बाजार में अधिक कीमत पाते हैं और स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित माने जाते हैं। आजकल शहरों और ऑनलाइन बाजारों में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है जिससे किसान की कमाई कई गुना तक बढ़ सकती है।

    मिट्टी को जीवांश से भरपूर बनाना है पहला कदम

    डॉ शाह बताते हैं कि जैविक खेती की नींव खेत की मिट्टी को उपजाऊ और जीवांश से भरपूर बनाने से शुरू होती है। जुताई के समय प्रति एकड़ बीस से पच्चीस क्विंटल गोबर की अच्छी तरह सड़ी खाद पांच किलो ट्राइकोडर्मा दस किलो नीमखली और दो क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट मिलाकर खेत में डालें। इससे मिट्टी नरम होती है रोग कम होते हैं और आलू की गांठें मोटी बनती हैं। जैविक खाद पानी को रोककर रखती है जिससे सिंचाई पर आने वाला खर्च भी काफी कम हो जाता है।

    अच्छे बीज से होती है बंपर पैदावार की शुरुआत

    उच्च गुणवत्ता वाले बीज का चुनाव खेती की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। तीस से चालीस ग्राम वजन वाले चिकने और रोग रहित आलू ही बोआई के लिए चुनें। डॉ शाह बताते हैं कि बोने से पहले बीज का उपचार करना बेहद जरूरी है। इसके लिए दस लीटर पानी में पचास ग्राम ट्राइकोडर्मा पचास मिली नीम तेल और पांच ग्राम स्यूडोमोनास मिलाकर बीज को तीस मिनट डुबोकर रखें। यह तरीका सस्ता भी है और झुलसा गलन और वायरस जैसे रोगों से मजबूत सुरक्षा भी देता है।

    सही दूरी पर रोपाई से फसल रहती है स्वस्थ

    आलू को सही दूरी पर लगाना उत्पादन बढ़ाने का बेहद प्रभावी तरीका है। पौधों की कतार दूरी पैंतालीस से साठ सेंटीमीटर और पौधे की दूरी बीस से पच्चीस सेंटीमीटर रखें। इससे पौधों को पर्याप्त धूप और खुली हवा मिलती है और फसल स्वस्थ रहती है। रोपाई के बाद मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है लेकिन अत्यधिक गीलापन सड़न बढ़ा सकता है।

    जैविक पोषक घोल से बढ़ती है आलू की गांठ बनाने की क्षमता

    डॉ शाह बताते हैं कि फसल की बढ़वार और गांठ बनने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जैवामृत और जीवामृत जैसे जैविक घोल बहुत लाभकारी हैं। प्रति एकड़ दो सौ लीटर जैवामृत तीस से पैंतीस दिन की अवस्था में डालने से मिट्टी में सूक्ष्म जीव सक्रिय होते हैं। ह्यूमिक एसिड समुद्री शैवाल और गौमूत्र आधारित घोल की दो से तीन बार स्प्रे करने से आलू की गांठें भारी बनती हैं और उत्पादन बीस से पच्चीस प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

    रोग और कीट नियंत्रण के लिए प्रभावी जैविक उपाय

    आलू फसल में सबसे बड़ा खतरा झुलसा रोग और कीटों से होता है। जैविक उपाय बेहद सस्ते और कारगर हैं। पांच लीटर गौमूत्र पांच लीटर नीम अर्क और चालीस ग्राम ट्राइकोडर्मा का घोल हर पंद्रह दिन पर छिड़कें। इल्ली और पत्ती खाने वाले कीटों पर नियंत्रण के लिए नीम तेल और बवेरिया बेसियाना का प्रयोग करें। फेरोमोन ट्रैप और पीले चिपचिपे कार्ड लगाने से रासायनिक दवाओं की जरूरत लगभग समाप्त हो जाती है।

    सिंचाई और मल्चिंग से मिलता है अतिरिक्त फायदा

    जैविक खेती में बूंद बूंद सिंचाई का उपयोग करने से पानी की बचत होती है और फसल बेहतर बढ़ती है। खेत में धान का पुआल या भूसा बिछाकर जैविक मल्चिंग करने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है खरपतवार कम होते हैं और आलू की गांठें आकार में एक समान बनती हैं। मल्चिंग से उत्पादन दस से पंद्रह प्रतिशत तक बढ़ जाता है और श्रम खर्च भी काफी कम होता है।

    जैविक आलू की बढ़ती मांग से किसानों को मिलता है अधिक लाभ

    शहरों और ऑनलाइन बाजार में जैविक आलू की मांग लगातार बढ़ रही है। किसान यदि अपनी फसल को किसान मंडी FPO या सीधी बिक्री के माध्यम से बेचें तो सामान्य आलू से बीस से चालीस प्रतिशत अधिक कीमत मिल सकती है। रासायनिक दवाओं और उर्वरकों का खर्च न होने से जैविक खेती में होने वाला मुनाफा सामान्य खेती की तुलना में दोगुना तक हो सकता है।

  • Indore news: इंदौर में शराब ठेकेदार की आत्महत्या का सनसनीखेज वीडियो आया सामने आरोपी अधिकारी पर भारी आरोप

    इंदौर में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। परिवार द्वारा जारी किए गए एक खास वीडियो ने पूरे प्रकरण को नई दिशा दे दी है। इस वीडियो में दिनेश ने अपनी मौत से कुछ ही देर पहले जो बातें कहीं वे सुनकर किसी का भी दिल दहल सकता है। उन्होंने साफ कहा कि वह लगातार मानसिक प्रताड़ना और रिश्वतखोरी से परेशान होकर अपनी जान ले रहे हैं।

    मौत से पहले चलती कार में रिकॉर्ड किया दर्द भरा वीडियो

    दिनेश मकवाना ने अपनी आत्महत्या से ठीक पहले चलती कार में एक मिनट छह सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि वह देवास जिले में शराब के ठेके चलाते थे और उनका पूरा काम लगभग चौदह करोड़ रुपए का था। दिनेश ने गंभीर आरोप लगाया कि देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित उनसे हर दुकान के लिए डेढ़ लाख रुपए महीना मांगती थीं। उनके पास कुल पांच दुकानें थीं और इस तरह उन्हें हर महीने साढ़े सात लाख रुपए देने पड़ते थे।

    वीडियो में दिनेश ने यह भी बताया कि वह अब तक बीस से बाइस लाख रुपए दे चुके थे लेकिन व्यापार कमजोर होने के कारण जब उन्होंने थोड़े समय की मांग की तो मंदाकिनी दीक्षित ने वेयर हाउस से उनका माल उठना ही रोक दिया। दिनेश ने कहा कि रोज रोज की इस प्रताड़ना ने उन्हें तोड़ दिया और मजबूर होकर उन्होंने यह कदम उठाया।

    परिवार ने वीडियो ढूंढा और अधिकारियों को सौंपा

    दिनेश की मां संतोष मकवाना ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था। जब मोबाइल देखा गया तो शुरुआत में कुछ नहीं मिला। बाद में दिनेश के अठारह वर्षीय पोते प्रजेश ने फोन की फाइलें खंगालते हुए यह वीडियो खोज निकाला। यह वीडियो हाथ लगते ही परिवार ने इंदौर पुलिस कमिश्नर, ग्वालियर आबकारी आयुक्त और कनाड़िया पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की।

    उज्जैन के अधिकारियों के नाम पर वसूली का दावा

    दिनेश की मां ने यह भी आरोप लगाया कि मंदाकिनी दीक्षित उनसे कहती थीं कि यह पैसा उन्हें ऊपर उज्जैन में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल को दिनेश ने पहली किस्त दी थी और मई में दूसरी किस्त वह खुद देने गई थीं। यह पूरा लेनदेन देवास की ग्रीन कॉलोनी स्थित मंदाकिनी दीक्षित के निजी ऑफिस पर होता था। कनाड़िया पुलिस ने दिनेश की मां और पत्नी के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • Indore latest news: सम्भागायुक्त डॉ खाड़े की अध्यक्षता में हुई इंदौर विमानतल पर्यावरण प्रबंधन समिति की अहम बैठक

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर शहर में आयोजित उस महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विमानतल पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े बेहद जरूरी मुद्दों पर निर्णय लिए गए। सम्भागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में हुई यह बैठक कई मायनों में खास रही क्योंकि इसमें एयरपोर्ट के आसपास स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और एयर ट्रैफिक की सेफ्टी जैसे बड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    इंदौर एयरपोर्ट के आसपास स्वच्छता अभियान तेज किए जाएंगे

    बैठक में विमानतल प्रबंधन समिति द्वारा रखे गए बिंदुओं पर चर्चा करते हुए सम्भागायुक्त डॉ खाड़े ने बताया कि इंदौर नगर निगम क्षेत्र से लगे आठ पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता के नए कार्य जल्द शुरू होंगे। एयरपोर्ट के आसपास कचरे का जमाव बढ़ रहा है जो न केवल पर्यावरण बल्कि उड़ान सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इसी उद्देश्य से फलों से भरे बड़े पेड़ों की समय पर कटाई और अनावश्यक खाद्य पदार्थों के संग्रहण पर रोक जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है ताकि पक्षियों के जमाव को रोका जा सके और आसमान में उनकी अनियंत्रित गतिविधियों को कम किया जा सके। इसके लिए वन विभाग और नगर निगम से आवश्यक सहयोग भी मांगा गया।

    बढ़ती पक्षी गतिविधियों से उड़ानों की सुरक्षा पर खतरा

    इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बैठक में बताया कि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के उड़ान व्यवहार में तेजी आई है। वर्ष 2012 में ऐसी सिर्फ छह गतिविधियां दर्ज की गई थीं जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर छब्बीस हो चुकी है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर एयर ट्रैफिक की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती है, इसलिए त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

    इस मुद्दे पर सम्भागायुक्त डॉ खाड़े ने निर्देश दिए कि वन विभाग और नगर निगम मिलकर इस समस्या के समाधान पर तुरंत कार्य शुरू करें। एयरपोर्ट की सीमा में आने वाले बड़े पेड़ों की कटाई और आसपास के होटल व रेस्टोरेंट द्वारा फैलाए जा रहे कचरे को हटाने के लिए भी सख्त कदम उठाने का आदेश दिया गया।

    बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

    इस अहम बैठक में इंदौर एयरपोर्ट निदेशक श्री सुनील मग्गिरवार, अपर कलेक्टर श्री रोशन राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री हेमंत गुप्ता, विभिन्न एयरलाइन्स प्रबन्धक और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इंदौर के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि इंदौर एयरपोर्ट पर पर्यावरण और सुरक्षा दोनों सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।

  • दिसंबर की सर्दियों में ऐसे बचाएं तुलसी का पौधा जानिए राम तुलसी श्याम तुलसी और कपूर तुलसी की सही देखभाल

    सर्दियों का मौसम आते ही घर की तुलसी को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है. हर भारतीय घर में तुलसी को पूजा और आस्था से जोड़ा जाता है और माना जाता है कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति लाती है. लेकिन ठंड बढ़ने पर कोहरा पाला और ठंडी हवा तुलसी को जल्दी नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए जरूरत है सही तरह से देखभाल करने की ताकि पौधा पूरा सीजन हरा भरा और ताज़ा बना रहे.

    तुलसी की किस्में और सर्दियों में उनकी जरूरतें

    तुलसी की कई किस्में होती हैं और हर किस्म की जरूरतें सर्दियों में अलग होती हैं. राम तुलसी ठंड को सबसे ज्यादा सहन करने वाली मानी जाती है और धूप मिलने पर यह तेजी से बढ़ती है. वन तुलसी भी मजबूत होती है लेकिन इसे हल्की धूप की जरूरत रहती है. श्याम तुलसी ठंडी हवा में जल्दी मुरझा जाती है इसलिए इसे घर के सुरक्षित कोने में रखना बेहतर होता है. कपूर तुलसी बेहद सुगंधित होती है लेकिन इसकी जड़ें ठंड में जल्दी जम सकती हैं इसलिए इसे बहुत कम पानी देना चाहिए.

    धूप और नमी का सही संतुलन

    सर्दियों में मिट्टी देर तक गीली रहती है जिससे तुलसी की जड़ें सड़ने लगती हैं. इस वजह से पौधा कमजोर हो जाता है और पत्तियां पीली होकर झड़ जाती हैं. तुलसी को रोज लगभग तीन से चार घंटे हल्की सुबह की धूप जरूर मिलनी चाहिए. इससे पत्तियां ताज़ा रहती हैं और पौधा स्वस्थ बना रहता है. पानी केवल तब दें जब मिट्टी हल्की सूखी महसूस हो क्योंकि जड़ों का ज्यादा देर गीला रहना नुकसानदायक होता है.

    रात में तुलसी को ठंड से कैसे बचाएं

    रात के समय ठंडी हवा तुलसी को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है. इसलिए रात में पौधे को घर के अंदर किसी गर्म कोने में रखना सबसे सही तरीका है. चाहें तो तुलसी के गमले को हल्के दुपट्टे या मलमल के कपड़े से ढक सकते हैं. इससे पौधा पाले और तेज ठंड से सुरक्षित रहता है. सूखी या पीली पत्तियों को समय पर हटाते रहें ताकि नई पत्तियां आसानी से निकल सकें. मिट्टी को थोड़ा गर्म रखने के लिए गमले की सतह पर हल्की राख या सूखी घास डालना भी फायदेमंद रहता है.

    खाद देने का सही तरीका

    सर्दियों में तुलसी को बहुत कम खाद की जरूरत होती है. महीने में एक बार हल्की प्राकृतिक खाद जैसे गोबर खाद वर्मी कम्पोस्ट या लकड़ी की राख देना काफी होता है. इस मौसम में रासायनिक खाद का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे जड़ें जल सकती हैं और पौधा सूख सकता है. प्राकृतिक खाद धीरे धीरे पौधे को पोषण देती है और ठंड में मजबूती देती है.

    हमारी परंपरा में तुलसी का महत्व

    तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है. माना जाता है कि यह घर की हवा को शुद्ध करती है और सकारात्मकता बढ़ाती है. तुलसी के पत्ते सर्दी जुकाम खांसी और इम्यूनिटी बढ़ाने तक में काम आते हैं. इसलिए सर्दियों में इसकी देखभाल केवल बागवानी का काम नहीं बल्कि परंपरा और विश्वास दोनों का सम्मान है.

  • Delhi News: दिल्ली में हवा फिर जहरीली आज का AQI बेहद खराब प्रदूषण बढ़ा कैंसर का खतरा सरकार अलर्ट

    आज दिल्ली की हवा एक बार फिर लोगों की सांसें थाम रही है। आसमान में जमी धुंध और हर तरफ फैली धूसरता ने राजधानी के जीवन को परेशान कर दिया है। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है और हवा में मौजूद जहरीले कण लोगों की सेहत को गहरा नुकसान पहुँचा रहे हैं। शुक्रवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 348 के आसपास दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में आता है और यह स्तर किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी खतरनाक माना जाता है।

    दिल्ली में धुंध का कहर कई इलाकों में एक्यूआई 300 से ऊपर

    राजधानी के कई प्रमुख इलाके जैसे आनंद विहार और अक्षरधाम शुक्रवार को धुंध की मोटी परत से ढके रहे। यहाँ एक्यूआई 348 दर्ज किया गया जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई जलन और भारीपन का सामना करना पड़ा। इंडिया गेट पर भी 267 का एक्यूआई दर्ज किया गया जो स्थिति में सुधार न होने का संकेत देता है। तेज हवाओं के कारण थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन यह राहत टिकाऊ नहीं रही और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही बनी रही।

    दिल्ली में बढ़ते कैंसर मामलों पर चिंता प्रदूषण बना बड़ा कारण

    आईसीएमआर की हाल की रिपोर्ट ने राजधानी में बढ़ते कैंसर मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में 2024 में 28 हजार से ज्यादा नए कैंसर मामले दर्ज हुए हैं जो लगातार बढ़ती संख्या को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी की जहरीली हवा तनाव और खराब जीवनशैली कैंसर के बढ़ते जोखिम का सबसे बड़ा कारण है। प्रदूषण के कारण हो रही बीमारियों और नकली दवाओं के बाजार को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    दिल्ली एनसीआर में भी चिंताजनक स्थिति नोएडा गाजियाबाद गुरुग्राम में हवा बेहद खराब

    दिल्ली से सटे एनसीआर इलाकों में भी हालात अलग नहीं हैं। नोएडा का एक्यूआई 308 गाजियाबाद का 302 गुरुग्राम का 293 और ग्रेटर नोएडा का 285 दर्ज किया गया है जो सभी बेहद खराब श्रेणी में आते हैं। इन क्षेत्रों में भी लोग सांस संबंधी समस्याओं और आंखों में जलन से जूझ रहे हैं।

    प्रदूषण पर काबू के लिए दिल्ली सरकार की नई पहल मिस्ट स्प्रे सिस्टम की शुरुआत

    दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक नई तकनीक लागू करना शुरू कर दिया है। राजधानी में 305 मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जा रहे हैं जिनके जरिए हवा में मौजूद धूल और जहरीले कणों को कम किया जाएगा। इस तकनीक का पायलट टेस्ट एनडीएमसी क्षेत्र में सफल रहा जिसके बाद इसे पूरे शहर में लागू करने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों को अपने क्षेत्रों में प्रदूषण रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री की दिल्ली वालों से अपील एमसीडी 311 ऐप का अधिक उपयोग करें

    मुख्यमंत्री ने नागरिकों से एमसीडी 311 ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। इस ऐप के माध्यम से लोग गड्ढे कूड़े और धूल से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सरकार का कहना है कि ऐसी शिकायतों का समाधान 72 घंटे में किया जाएगा और जल्द ही सभी बड़े प्रदूषण हॉटस्पॉट पर मिस्ट सिस्टम लगा दिए जाएंगे।

    दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरे की लाइन पार कर चुकी है। सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम महत्वपूर्ण जरूर हैं लेकिन प्रदूषण के असली समाधान के लिए लोगों की जागरूकता और सख्त नियमों की जरूरत है। आने वाले दिनों में एयर क्वालिटी बेहद खराब रहने की आशंका है इसलिए विशेषज्ञ लोगों को खुद को सुरक्षित रखने की सलाह दे रहे हैं।

  • MP weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम ने बदला मिजाज इंदौर उज्जैन पर चक्रवात का असर शनिवार से बढ़ेगी सर्दी

    MP weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम फिर से करवट ले रहा है। सुबह की ठंड और दिन की हल्की गर्मी के बीच लोग उलझे हुए महसूस कर रहे हैं। कहीं तेज धूप परेशान कर रही है तो कहीं सर्द हवाओं का असर दिखाई दे रहा है। मौसम का यह बदला हुआ रंग पूरे प्रदेश में लोगों पर अलग अलग तरह की स्थिति पैदा कर रहा है। आज हम आपको बताते हैं कि एमपी में मौसम का हाल क्या है और आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा।

    इंदौर और उज्जैन के ऊपर प्रति चक्रवात तापमान पर पड़ा बड़ा असर

    मौसम केंद्र के अनुसार इंदौर और उज्जैन के ऊपर फिलहाल एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस कारण देश के उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं पूरी तरह मध्य प्रदेश तक नहीं पहुंच पा रही हैं। जहां यह हवाएं रुक रही हैं वहां तापमान थोड़ा बढ़ा हुआ है और जहां हवाएं गुजर रही हैं वहां हल्की ठंड बढ़ने लगी है।

    यही वजह है कि प्रदेश के कई जिलों में दिन में तेज धूप के बावजूद रात में ठंडक बढ़ जाती है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि गुरुवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से डेढ़ डिग्री का उतार चढ़ाव बना रहा।

    पचमढ़ी सबसे ठंडा मंडला सबसे गर्म रिकॉर्ड

    प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक तापमान मंडला में 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा दतिया में 9.3 राजगढ़ में 9.4 रीवा में 9.8 और उमरिया में 9.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इससे साफ है कि प्रदेश में कहीं हल्की शीतलहर है तो कहीं तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।

    शनिवार से बढ़ेगी ठंड पूरे प्रदेश में गिरेगा तापमान

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जो प्रति चक्रवात इंदौर और उज्जैन के ऊपर बना हुआ है वह शुक्रवार रात तक आगे बढ़ जाएगा। इसके हटते ही उत्तर भारत की ठंडी हवाएं पूरे मध्य प्रदेश में तेजी से प्रवेश करेंगी। शनिवार से दिन और रात दोनों का तापमान दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है जिससे ठंड फिर तेज हो जाएगी।

    अगले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहेगा। इंदौर और उज्जैन संभागों को छोड़कर लगभग सभी संभागों में तापमान में गिरावट दिखाई देगी।

    मध्य प्रदेश का मौसम इन दिनों थोड़ा अनिश्चित बना हुआ है। सुबह शाम की ठंडक और दोपहर की धूप के बीच लोगों को अपनी दिनचर्या संभालनी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार ठंड आने वाले दिनों में और बढ़ेगी इसलिए सतर्क और सुरक्षित रहना जरूरी है।

  • Indore SIR Upadate : इंदौर में चुनावी लापरवाही पर कलेक्टर की कड़ी कार्रवाई एक साथ 13 अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी

    इंदौर से आज एक बड़ी खबर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था और निर्वाचन कार्य की गंभीरता को साफ दिखाती है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान जरा सी चूक भी पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इसी कारण जब अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्य में कोताही बरतते हैं तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। आज हम आपको उसी मामले की पूरी जानकारी सरल और भावनात्मक अंदाज में दे रहे हैं।

    निर्वाचन कार्य में लापरवाही के मामले में 13 पर गिरा गाज

    विशेष गहन पुनरीक्षण एसआइआर के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारियों ने निर्वाचन का काम समय पर और जिम्मेदारी से पूरा नहीं किया। कलेक्टर ने इसे गंभीर मामला माना और गुरुवार को सभी 13 अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। प्रशासन ने साफ कहा है कि निर्वाचन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    24 घंटे में जवाब देने के सख्त निर्देश

    नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करें। यह जवाब उनके संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से जमा किया जाना है। यदि कोई जवाब नहीं दिया जाता है तो कलेक्टर ने एक पक्षीय कार्रवाई करने की चेतावनी भी दे दी है। इससे पता चलता है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से देख रहा है।

    किन कर्मचारी अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

    जिन 13 लोगों को नोटिस जारी हुआ है उनमें पंचायत विभाग से लेकर शिक्षा विभाग और आंगनवाड़ी से लेकर बीमा सेवाओं तक के कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी का विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 205 इंदौर 2 और 208 इंदौर 5 के तहत निर्वाचन कार्य में दायित्व तय था। लेकिन समय पर कार्य न करने और आदेश की अवहेलना के कारण ये सभी कार्रवाई के दायरे में आ गए।

    इन कर्मचारियों में मुकेश वर्मा राजेंद्र कुवाल कांता माने सुहागील मरावी संहिता अरदास मनीष कुरवाड़े आबिद खान राधेश्याम भंवर घनश्याम आर्य रेखा यादव किरण वर्मा शैलजा वर्मा और विवेक अखंड शामिल हैं। यह कार्रवाई भविष्य के लिए भी एक संदेश है कि चुनावी काम में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

    प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

    कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई कर्मचारी समय पर जवाब नहीं देता है या संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देता है तो उसके खिलाफ एक पक्षीय कठोर कदम उठाया जाएगा। इससे यह भी समझ आता है कि जिला प्रशासन निर्वाचन प्रक्रिया को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहता।

    यह मामला बताता है कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जरा सी भी लापरवाही पूरे तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है। प्रशासन की यह कार्रवाई बाकी कर्मचारियों के लिए भी एक चेतावनी है कि उन्हें अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता से निभाना चाहिए।

  • Vaishnavi Narendra Sharma Biography | भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती स्टार

    Vaishnavi Narendra Sharma Biography: Vaishnavi Narendra Sharma भारतीय महिला क्रिकेट की एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। वह left-handed batter और slow left arm orthodox spinner के रूप में खेलती हैं। कम उम्र में ही उनकी तकनीक और मैच-winning प्रदर्शन ने उन्हें घरेलू और अंडर-19 महिला क्रिकेट में पहचान दिलाई है।

    प्रारंभिक जीवन और परिवार

    Vaishnavi Sharma का जन्म 18 दिसंबर 2005 को ग्वालियर, मध्यप्रदेश में हुआ। उन्होंने मात्र पाँच साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। ग्वालियर की तानसेन क्रिकेट अकादमी से प्रशिक्षण लेकर Vaishnavi ने जल्दी ही खेल में उत्कृष्टता हासिल की। उनके परिवार ने हमेशा उनके खेल में समर्थन दिया और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए।

    घरेलू और जूनियर क्रिकेट करियर

    Vaishnavi ने मध्यप्रदेश महिला टीम से अपने घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत की। वह अपनी बल्लेबाज़ी और slow left arm orthodox गेंदबाज़ी के लिए जानी जाती हैं। उनके प्रतिभाशाली प्रदर्शन ने उन्हें इंडिया अंडर-19 टीम में चयन दिलाया।

    अंतरराष्ट्रीय जूनियर क्रिकेट और उपलब्धियाँ

    Vaishnavi Sharma ने अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में इतिहास रचा। उन्होंने मलेशिया के खिलाफ पारी के 14वें ओवर में नूर ऐन बिंती रोसलान, नूर इस्मा दानिया और सिती नाज़वाह को आउट करके हैट्रिक पूरी की। वह अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

    खेल शैली और भूमिका

    • बल्लेबाज़ी: Left-handed, middle order, तकनीकी और दबाव में शांत।

    • गेंदबाज़ी: Slow left arm orthodox, विकेट लेने में माहिर।

    • लीडरशिप: दबाव में स्थिर और टीम के लिए अहम योगदान।

    Impact on the Game

    Vaishnavi Sharma की युवा प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य की भारतीय महिला क्रिकेट का स्टार खिलाड़ी बना दिया है। उनकी तकनीक, मेहनत और खेल के प्रति जुनून नए क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है। हैट्रिक जैसी उपलब्धियाँ दर्शाती हैं कि वह सिर्फ प्रतिभाशाली नहीं बल्कि clutch performer भी हैं।

    Vaishnavi Narendra Sharma भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती प्रतिभा हैं। उनके अद्वितीय प्रदर्शन और महत्वपूर्ण कीर्तिमान दर्शाते हैं कि वह आने वाले वर्षों में senior महिला टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।

  • Bhavika Ahire Biography | भारतीय महिला क्रिकेट की उभरती सितारा

    Bhavika Ahire Biography: Bhavika Ahire भारतीय महिला क्रिकेट की एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। वह left-handed batsman और wicketkeeper के रूप में खेलती हैं। भव्य तकनीक और मैच विजेता खेल के कारण Bhavika ने कम उम्र में ही घरेलू और अंडर-19 क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। 11 दिसंबर 2007 को जन्मी Bhavika आज युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

    प्रारंभिक जीवन और परिवार

    Bhavika Ahire का जन्म 11 दिसंबर 2007 को मुंबई, भारत में हुआ। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट में गहरी रुचि थी। मुंबई के समृद्ध क्रिकेटिंग माहौल ने उनके खेल को प्रारंभिक रूप से प्रभावित किया। उनके परिवार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें क्रिकेट अकादमियों और प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुँचाया।

    घरेलू और जूनियर क्रिकेट करियर

    Bhavika ने मुंबई महिला टीम के लिए अपने घरेलू करियर की शुरुआत की। वह अपनी बल्लेबाज़ी के लिए जानी जाती हैं और wicketkeeping में भी कुशल हैं। उनके तकनीकी और स्ट्रोक खेलने की क्षमता ने जल्दी ही चयनकर्ताओं और कोचों का ध्यान आकर्षित किया।

    डेब्यू और प्रमुख प्रदर्शन

    Bhavika ने अपनी स्कूल टीम से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में डेब्यू किया। 2022 में उन्होंने मुंबई अंडर-16 टीम के लिए डेब्यू किया और अपने शांत स्वभाव और स्ट्रोक प्ले से सबका ध्यान खींचा। महत्वपूर्ण मैचों में उन्होंने महत्वपूर्ण रन बनाए और टीम को जीत दिलाने में योगदान किया।

    महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ और कीर्तिमान

    • अंडर-16 क्रिकेट में सबसे प्रमुख रन-स्कोरर।

    • 2023 अंडर-16 चैंपियनशिप के फाइनल में सेंचुरी बनाई और Player of the Match।

    • All-India Under-16 squad में चयन।

    • कई युवा टूर्नामेंट में व्यक्तिगत उच्चतम स्कोर बनाए।

    • 2023 में 150 गेंदों में 180 रन की पारी जिसमें 20 चौके और 5 छक्के शामिल थे।

    खेल शैली और भूमिका

    • बल्लेबाज़ी: Left-handed middle order, तकनीकी और शांत खेल।

    • गेंदबाज़ी / विकेटकीपिंग: Legbreak bowling और wicketkeeping में सक्षम।

    • लीडरशिप और मानसिक मजबूती: दबाव में स्थिर प्रदर्शन।

    करियर आंकड़े (2023 तक)

    Format Matches Innings Runs Average Strike Rate 100s 50s
    Under-16 25 22 1050 47.72 90.67 1 6
    List A

    Impact on the Game

    Bhavika Ahire की युवा प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य की भारतीय महिला क्रिकेट का स्टार खिलाड़ी बना दिया है। उनकी तकनीक, मेहनत और खेल के प्रति जुनून नए क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है। Bhavika न केवल पिच पर बल्कि grassroots क्रिकेट में युवाओं को प्रोत्साहित करने में भी सक्रिय हैं।

    Bhavika Ahire भारतीय महिला क्रिकेट की एक उभरती प्रतिभा हैं। उनके प्रभावशाली प्रदर्शन और महत्वपूर्ण कीर्तिमान दर्शाते हैं कि वह आने वाले वर्षों में भारतीय महिला टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।