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  • इंदौर में निकलेगा रणजीत हनुमान का भव्य रथ लाखों भक्तों की भीड़ से गूंजेगा शहर, पूरी ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था बदल गई

    इंदौर शहर हर साल की तरह इस बार भी भक्तिमय रंग में रंगने जा रहा है। रणजीत हनुमान मंदिर की प्रसिद्ध प्रभातफेरी का इंतजार भक्त बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों लोग बाबा रणजीत के दर्शन के लिए सुबह चार बजे सड़क पर उमड़ते हैं और यह अनोखा नजारा पूरे देश में बेहद खास माना जाता है। इस वर्ष भी तैयारियां पूरी तरह जोरों पर हैं और शहर भक्तिमय माहौल में डूब चुका है।

     शुक्रवार को सुबह चार बजे प्रभातफेरी निकलेगी

    इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में  शुक्रवार दिन सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की भव्य प्रभातफेरी निकाली जाएगी। मंदिर प्रांगण से बाबा अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकलेंगे और भक्तों को शुभ दर्शन देंगे। रथ की शुरुआत होते ही आसमान भव्य आतिशबाजी से जगमगा उठेगा। यह प्रभातफेरी महूनाका होते हुए अन्नपूर्णा दशहरा मैदान नरेंद्र तिवारी मार्ग से गुजरकर वापस मंदिर पहुंचेगी। अनुमान है कि इस वर्ष प्रभातफेरी में दो लाख से अधिक भक्त शामिल होंगे और ठंड के बावजूद जोश देखने लायक होगा।

    भगवा रंग से सजा शहर झांकियों और भजनों की गूंज

    रणजीत हनुमान मार्ग पर सजावट रात से ही शुरू हो जाएगी और चारों ओर भगवा पताकाएं लहराती दिखाई देंगी। भक्तों की भीड़ भजन गाती मंडलियों के साथ आगे बढ़ेगी और माहौल राम नाम से गूंज उठेगा। इस बार प्रभातफेरी में रामायण आधारित दो विशेष झांकियों का निर्माण किया गया है जिन्हें देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में जुटेंगे। भक्त परंपरा के अनुसार नंगे पैर चलकर अपनी आस्था व्यक्त करेंगे।

    ट्रैफिक में बदलाव और रूट डायवर्ट

    प्रभातफेरी के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 12 दिसंबर की सुबह तीन बजे से फूटी कोठी उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महूनाका चौराहा तक भी ट्राफिक बंद रहेगा। यह व्यवस्था गुरुवार रात दो बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक लागू रहेगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    तीन प्रमुख पार्किंग स्थल भक्तों की सुविधा के लिए

    कलेक्टोरेट की दिशा से आने वाले वाहन लालबाग परिसर में पार्क किए जा सकेंगे। गंगवाल क्षेत्र से आने वाले वाहन सराफा स्कूल एमजेपी लाइन में पार्किंग कर सकेंगे। अन्नपूर्णा मार्ग से आने वाले वाहन दशहरा मैदान में पार्क कर सकेंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित करना और भक्तों को सुगम अनुभव देना है।

    सुरक्षा कड़ी पांच सौ से अधिक पुलिस जवान तैनात

    प्रभातफेरी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद चौकस रखी जाएगी। पांच सौ से अधिक पुलिस जवान पूरे मार्ग में तैनात रहेंगे। बड़े भवनों की छतों पर भी निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। रथ के आसपास सुरक्षा का घेरा बनाया जाएगा और चौकस टीम गलियों में बैरिकेड लगाकर भीड़ को नियंत्रित करेगी।

    इंदौर की आस्था का जीवन्त उत्सव

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है बल्कि यह इंदौर की आस्था और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। लाखों भक्त नंगे पैर निकलकर बाबा के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं और शहर का यह दृश्य आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। हर साल की तरह इस साल भी यह उत्सव लोगों के दिलों में लंबे समय तक याद रहेगा

  • इंदौर में रिकॉर्ड टूटती सर्दी रात का तापमान 5 डिग्री तक गिरा, जेट स्ट्रीम से बढ़ा प्रकोप मंदिरों में भगवान को भी पहनाए गए गर्म कपड़े

    मध्य प्रदेश में इन दिनों ठंड अपने चरम पर है और इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में देखने को मिल रहा है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है और सुबह शाम की ठिठुरन कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन और अधिक चुनौती भरे हो सकते हैं क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

    इंदौर में रात का तापमान गिरकर 5.4 डिग्री पहुंचा सर्दी ने बढ़ाई परेशानी

    इंदौर में कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार रात का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से लगभग साढ़े छह डिग्री कम है। दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा और ठंडी हवाओं ने पूरे शहर में कंपकंपी ला दी। पूरे प्रदेश की बात करें तो शहडोल के कल्याणपुर में सबसे कम तापमान 4.7 डिग्री दर्ज हुआ और प्रदेश के पच्चीस से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान दस डिग्री से नीचे बना हुआ है।

    जेट स्ट्रीम और उत्तर भारत की बर्फीली हवाएं बढ़ा रहीं सर्दी का असर

    मौसम विभाग ने बताया कि इस बढ़ती ठंड की असली वजह उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाएं और जेट स्ट्रीम का सक्रिय होना है। जेट स्ट्रीम इस समय लगभग दो सौ बाईस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है और इसका प्रभाव सीधे मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इस कारण रात के तापमान में भारी गिरावट हो रही है और सुबह तक कई इलाकों में कोहरा भी बन रहा है।

    भगवान को भी पहनाए जा रहे हैं गर्म कपड़े मंदिरों में बदली दिनचर्या

    ठंड की मार से केवल लोग ही नहीं बल्कि मंदिरों में भगवान को भी बचाने के इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इंदौर के कई मंदिरों में देवी देवताओं की साज सज्जा और दिनचर्या में बदलाव किया गया है। मधुमिलन स्थित हनुमान मंदिर में श्री राम दरबार और भगवान गणेश को गर्म ऊनी वस्त्र पहनाए गए हैं ताकि मूर्तियों पर ठंड का असर न पड़े।

    दिन में हल्की राहत लेकिन रात में तेज ठिठुरन का दौर जारी

    सुबह और रात का समय लोगों के लिए काफी कठिन हो रहा है। कई जगहों पर सुबह कोहरा छाने से विजिबिलिटी कम हो रही है और ठंड का असर और बढ़ जाता है। हालांकि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है लेकिन शाम ढलते ही तापमान फिर तेजी से नीचे आ जाता है। रात की ठंड लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी संकोच करने पर मजबूर कर रही है।

    Indore Voter List Update: इंदौर में सिंधी समाज की बड़ी परेशानी हजारों मतदाताओं के नाम हटने की आशंका शहर में बढ़ी हलचल

    इंदौर और मध्य प्रदेश में दो दिन और मुश्किलें बढ़ सकती हैं

    मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार और गुरुवार को इंदौर भोपाल विदिशा राजगढ़ शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का असर और तीव्र हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड से बचाव के सभी उपाय करना जरूरी है ताकि स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर न पड़े।

  • मकर संक्रांति से पहले इंदौर में बड़ी कार्रवाई शहर भर में भिक्षुकों की बढ़ती भीड़ पर प्रशासन का कड़ा अभियान सैकड़ों नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज

    इंदौर शहर इन दिनों मकर संक्रांति के त्योहार से पहले एक गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। त्योहार के दौरान दान के अवसर और ठंड के बढ़ते असर के कारण शहर में भिक्षुकों खासकर नाबालिग बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। इसी बढ़ती गतिविधि को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक व्यापक और सख्त अभियान शुरू किया है ताकि भिक्षावृत्ति पर रोक लगाई जा सके और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित व बेहतर विकल्प दिए जा सकें।

    त्योहार से पहले भिक्षुकों की बढ़ती संख्या पर प्रशासन की सख्त नजर

    मकर संक्रांति के आसपास हर वर्ष शहर में बाहरी राज्यों से आने वाले भिक्षुकों की संख्या बढ़ जाती है। इस बार भी यही रुझान देखा गया जिसके चलते जिला प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि शहर में प्रवेश करने वाले भिक्षुकों की आवाजाही पर खास निगरानी रखी जाए और यह पता लगाया जाए कि वे किन मार्गों से आ रहे हैं।

    प्रशासन का कहना है कि मंदिरों चौराहों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में गतिविधियां सबसे अधिक दिखाई देती हैं इसलिए यहां संयुक्त टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

    भिक्षुकों के पुनर्वास की दिशा में तेजी से काम

    प्रशासन केवल रोकथाम ही नहीं बल्कि पुनर्वास को भी प्राथमिकता दे रहा है। पिछले वर्ष चलाए गए अभियान में तीन हजार से अधिक भिक्षुकों को पकड़ा गया था जिनमें से कई को पुनर्वास केंद्रों में भेजा गया। करीब ग्यारह सौ लोगों को लघु रोजगार कौशल प्रशिक्षण और आजीविका कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें एक नया जीवन शुरू करने का अवसर दिया गया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य तीन विभागों की संयुक्त टीमें इस बार भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी हैं और शहर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लक्ष्य को मजबूत कर रही हैं।

    नाबालिग बच्चों पर विशेष ध्यान और काउंसलिंग की व्यवस्था

    इस अभियान का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू है। अब तक करीब पांच सौ बच्चों की पहचान की जा चुकी है जिनमें से दो सौ से अधिक को स्कूलों आश्रय गृहों और बाल भवनों में भेजा गया है। पचास से ज्यादा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर घर भेजा जा चुका है।

    इंदौर रणजीत अष्टमी महोत्सव की हुई भव्य शुरुआत कलेक्टर शिवम वर्मा ने किया ध्वज पूजन

    बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद तुरंत काउंसलिंग कराई जाती है ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी शिक्षा और जीवन को फिर से आगे बढ़ा सकें। ठंड और त्योहार के माहौल में चौराहों पर बच्चों की संख्या अक्सर तेजी से बढ़ जाती है जिसे रोकने के लिए टीमें चौबीस घंटे सतर्क हैं।

    देवगुराड़िया और अन्नपूर्णा क्षेत्रों में सबसे अधिक गतिविधियां

    शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास भिक्षुकों की संख्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। देवगुराड़िया अन्नपूर्णा बिजासन और पितृ पर्वत जैसे स्थानों पर बच्चों के रेस्क्यू अभियान लगातार चल रहे हैं।

    प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान दान मिलने की संभावना बढ़ जाती है जिसके कारण भिक्षावृत्ति का चलन अचानक तेज हो जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे भिक्षा न दें और पुनर्वास अभियान का समर्थन करें क्योंकि जब तक दान का प्रवाह नहीं रुकेगा तब तक भिक्षावृत्ति का चक्र टूट नहीं सकेगा।

    इंदौर के लिए यह अभियान सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मानवीय पहल भी है। बच्चों को सुरक्षित जीवन देना और भिक्षुक परिवारों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। प्रशासन और नागरिक दोनों मिलकर ही शहर को स्थायी रूप से भिक्षुक मुक्त बना सकते हैं।

  • Indore Voter List Update: इंदौर में सिंधी समाज की बड़ी परेशानी हजारों मतदाताओं के नाम हटने की आशंका शहर में बढ़ी हलचल

    आज हम बात कर रहे हैं इंदौर में चल रही उस अहम समस्या की जिसने सिंधी समाज के हजारों परिवारों को चिंता में डाल दिया है। शहर में बसे कई सिंधी शरणार्थियों के नाम मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं क्योंकि एसआईआर प्रक्रिया में उनकी मैपिंग नहीं हो पा रही है। कई लोगों के पास 2003 का इपिक नंबर मौजूद नहीं है और निर्वाचन आयोग की तरफ से इस स्थिति पर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं। ऐसे में समाज के लोगों में असमंजस और भय का माहौल बन गया है।

    इपिक नंबर न होने से बढ़ी परेशानी

    इंदौर में तीन चार दशक पहले पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र से आकर बसे हिंदू शरणार्थी आज भी कई दस्तावेजी समस्याओं से जूझ रहे हैं। एसआईआर प्रक्रिया में 2003 की मतदाता सूची के आधार पर मैपिंग की जा रही है लेकिन हजारों सिंधी परिवारों के पास इतना पुराना इपिक नंबर उपलब्ध ही नहीं है। सबसे हैरानी की बात यह है कि बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे पीएल राजा मंधवानी भी इसी समस्या का सामना कर रहे हैं। वे बताते हैं कि उनकी तरह लगभग पंद्रह से बीस हजार सिंधी मतदाता इस दस्तावेज को उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं जिससे उनका नाम मतदाता सूची से बाहर होने की आशंका गहरा रही है।

    मंधवानी के अनुसार कई लोग ऐसे हैं जिन्हें नागरिकता तो मिल चुकी है लेकिन 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम कभी दर्ज ही नहीं था। इसी कारण वे एसआईआर की मैपिंग में फिट नहीं बैठ पा रहे। जैकबाबाद सिंधी पंचायत अपने स्तर पर शिविर लगाकर फार्म भरवा रही है ताकि लोग कम से कम अपने दस्तावेज जमा कर सकें और आगे प्रमाण दे सकें कि उन्होंने प्रक्रिया को पूरा किया है।

    निर्वाचन आयोग की चुप्पी से बढ़ा असमंजस

    सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि निर्वाचन आयोग ने सिंधी शरणार्थियों जैसे विशेष मामलों के लिए कोई अलग दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। उपजिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार का कहना है कि फिलहाल केवल यही नियम है कि 2025 की मतदाता सूची की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची के नामों से की जाएगी।
    यदि किसी का नाम मैप नहीं होता है तो ऐसे लोगों को आगे एक और अवसर दिया जाएगा जिसमें वे सूची में बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज देकर अपना नाम दर्ज करवा सकेंगे।

    हालांकि इतने बड़े समुदाय के लिए यह प्रक्रिया काफी पेचीदा साबित हो रही है और लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आगे उनका नाम बचेगा या हट जाएगा।

    सांसद शंकर लालवानी ने उठाई आवाज

    सिंधी समाज से आने वाले इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान और अन्य देशों से आए हिंदू व सिंधी शरणार्थियों के लिए अलग दिशा निर्देश जारी होने चाहिए ताकि वे बिना भय और भ्रम के अपना मताधिकार सुरक्षित रख सकें। वे इस संबंध में आगे भी बात करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

    मतदाता सूची का महत्व और समाज की मांग

    इंदौर के क्षेत्र चार में ही 70 हजार से अधिक मतदाता सिंधी समाज से हैं और यह संख्या पूरे शहर में बड़ी आबादी को प्रभावित करती है। मतदाता सूची में नाम बना रहना केवल मतदान का अधिकार ही नहीं बल्कि अस्तित्व और पहचान का भी प्रतीक है। इसलिए समाज के प्रतिनिधि और पंचायतें लगातार प्रयास कर रहे हैं कि हर परिवार की मैपिंग सही तरीके से हो और कोई भी व्यक्ति अधिकार से वंचित न रह जाए।

    कांग्रेस पदाधिकारी रवि गुरुनानी ने निर्वाचन आयोग से क्षेत्रवार सूची जारी करने की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने शरणार्थी प्रभावित हो रहे हैं और किन नामों के हटने की आशंका है।

    इंदौर में सिंधी समाज के सामने खड़ी यह चुनौती भावनात्मक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बेहद संवेदनशील है। लोग वर्षों पहले अपने देश छोड़कर भारत आए और यहां अपना जीवन बसाया लेकिन अब दस्तावेजी कमी के कारण मताधिकार से वंचित होने का खतरा उनके मन में गहरी चिंता पैदा कर रहा है। समाज को उम्मीद है कि जल्द ही स्पष्ट दिशा निर्देश मिलेंगे और सभी लोगों का नाम सुरक्षित रखा जाएगा।

  • दिसंबर 2025 का आखिरी प्रदोष व्रत सत्रह दिसंबर को जानें शुभ मुहूर्त और महादेव की कृपा पाने का पावन अवसर

    साल 2025 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और भक्तों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि वर्ष का अंतिम प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत शुभ और कल्याणकारी व्रत माना जाता है। त्रयोदशी तिथि की संध्या बेला को प्रदोष काल कहा जाता है जिसमें महादेव की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। यही कारण है कि यह व्रत मनोकामना पूर्ति और जीवन में सुख शांति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

    दिसंबर 2025 के अंतिम प्रदोष व्रत की तिथि और समय

    पंचांग के अनुसार पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सोलह दिसंबर की रात ग्यारह बजकर अठावन मिनट पर शुरू होगी और यह अठारह दिसंबर दोपहर दो बजकर तैंतीस मिनट पर समाप्त होगी। इस गणना के अनुसार वर्ष 2025 का अंतिम प्रदोष व्रत सत्रह दिसंबर को रखा जाएगा। इस दिन महादेव की पूजा प्रदोष काल में करने का विशेष महत्व बताया गया है।

    प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त शाम पांच बजकर सत्ताईस मिनट से रात्रि आठ बजकर ग्यारह मिनट तक रहेगा। इसी अवधि में भोलेनाथ की आराधना करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है और साधक को मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त होता है।

    प्रदोष व्रत का महत्व और धार्मिक मान्यता

    प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष व्रत रखने वाले भक्त के जीवन से संकट दूर होते हैं और उसे बुद्धि विद्या और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। संबंधों में मधुरता आती है और दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। करियर और कारोबार में उन्नति भी इसी व्रत के प्रभाव से प्राप्त होती है। बुध प्रदोष व्रत विशेष रूप से वाणी पर नियंत्रण और धन लाभ देने वाला माना गया है।

    कहा जाता है कि प्रदोष काल में की गई पूजा से महादेव अत्यधिक प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को अनंत सुखों से नवाजते हैं। जो साधक श्रद्धा और भक्ति से यह व्रत करता है उसके सभी कष्ट और दोष दूर होने लगते हैं और जीवन में प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

  • IPL 2026 मिनी ऑक्शन में बड़े खिलाड़ियों की एंट्री आबू धाबी में होने वाली नीलामी से बढ़ी टीमों की टेंशन

    आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले एक बार फिर क्रिकेट की दुनिया में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 16 दिसंबर को आबू धाबी में होने वाला मिनी ऑक्शन इस बार और भी खास होने वाला है। इस नीलामी के लिए कुल 350 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है जिनमें 240 भारतीय और 110 विदेशी क्रिकेटर शामिल हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि कई बड़े नाम फिर से आईपीएल में वापसी करने के लिए तैयार हैं। यही वजह है कि यह ऑक्शन इस बार रिकॉर्डतोड़ रोमांच लेकर आ रहा है।

    नीलामी में दक्षिण अफ्रीका के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डीकॉक अपनी नई टीम खोजते दिखाई देंगे। उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ भी दोबारा मैदान में उतरने को तैयार हैं। स्मिथ का बेस प्राइस दो करोड़ रुपये है और वे आखिरी बार 2021 में आईपीएल में खेलते नजर आए थे। इस बार 1390 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन केवल 350 ही फाइनल सूची में जगह बना पाए। अब 10 टीमों के पास कुल 77 स्लॉट बचे हैं जिनके लिए यह तगड़ी जंग देखने को मिलेगी।

    दो करोड़ बेस प्राइस वाले मार्की प्लेयर्स की चमक और बढ़ी

    आईपीएल 2026 की नीलामी में दो करोड़ वाले मार्की प्लेयर्स सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। भारत के वेंकटेश अय्यर और रवि बिश्नोई से लेकर ऑस्ट्रेलिया के जेक फ्रेजर मैकगर्क कैमरून ग्रीन और स्टीव स्मिथ तक ऐसे कई नाम हैं जिन पर टीमें किसी भी कीमत पर बोली लगाने को तैयार होंगी। दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर और नॉर्टजे जैसे खिलाड़ी भी इस श्रेणी में शामिल हैं। साथ ही श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा मथीशा पथिराना और अफगानिस्तान के मुजीब रहमान जैसे खिलाड़ी नीलामी में शानदार आकर्षण जोड़ते हैं। यह सभी खिलाड़ी मैच का पूरा रंग बदलने की क्षमता रखते हैं और हर फ्रेंचाइजी इन पर पैनी नजर बनाए रखेगी।

    डेढ़ करोड़ और एक करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ियों में भी जोरदार मुकाबला

    स्पेंसर जॉनसन रहमानुल्लाह गुरबाज और मैथ्यू शॉर्ट जैसे खिलाड़ी डेढ़ करोड़ वाले ब्रैकेट में टीमों का ध्यान खींचने के लिए तैयार हैं। वहीं एक करोड़ वाले खिलाड़ियों में जॉनी बेयरस्टो क्विंटन डीकॉक राहुल चाहर उष्मेश यादव फजलहक फारूकी और कुसल परेरा जैसे धाकड़ क्रिकेटर शामिल हैं। इस ब्रैकेट में भी कई मैच विनर मौजूद हैं और टीमें अपनी जरूरत के अनुसार इन खिलाड़ियों को खरीदकर अपनी ताकत बढ़ाना चाहेंगी।

    पचहत्तर लाख और पचास लाख बेस प्राइस वाले भारतीय खिलाड़ियों पर सबकी नजर

    भारतीय क्रिकेटरों की लंबी लिस्ट हर साल आईपीएल की मजबूत नींव बनाती है। इस बार पचहत्तर लाख बेस प्राइस वाले खिलाड़ियों की सूची में पृथ्वी शॉ राहुल त्रिपाठी दीपक हुड्डा शिवम मावी चेतन सकारिया कुलदीप सेन और तस्कीन अहमद जैसे कई नाम हैं। इनमें से बहुत से खिलाड़ी पहले भी आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और फिर से अपनी जगह पक्की करने के लिए तैयार हैं।

    पचास लाख बेस प्राइस वाले खिलाड़ियों में महिपाल लोमरोर तुषार देशपांडे यश दयाल और इंग्लैंड के जो क्लार्क जैसे नामों ने नीलामी से पहले ही काफी चर्चा बटोरी है। आईपीएल में इन खिलाड़ियों की मांग हमेशा से बनी रहती है क्योंकि ये मैच में तुरंत प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं।

    तीस लाख और चालीस लाख बेस प्राइस की विशाल सूची में नए चेहरों की भरमार

    तीस लाख और चालीस लाख वाले बेस प्राइस में सबसे लंबी और युवा खिलाड़ियों से भरी सूची देखने को मिलती है। इनमें भारतीय घरेलू क्रिकेट के उभरते सितारे शामिल हैं जिनमें कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो पहली बार आईपीएल में कदम रखने जा रहे हैं। इनके सपनों और जुनून की ऊर्जा इस नीलामी को और खास बनाती है। कई टीमों के स्काउट इन खिलाड़ियों पर महीनों से नजर बनाए हुए हैं और सही खिलाड़ी को टीम में लाने की होड़ और भी दिलचस्प बनेगी।

    IPL 2026 मिनी ऑक्शन से उम्मीदें और रोमांच

    आईपीएल नीलामी केवल खिलाड़ियों की खरीद फरोख्त का मंच नहीं है बल्कि यह वह दिन होता है जब लाखों क्रिकेट प्रेमी अपनी पसंदीदा टीमों के भविष्य की झलक देखते हैं। टीमों के द्वारा किए गए हर फैसले से फैंस का उत्साह कई गुना बढ़ जाता है। इस बार इतने बड़े नामों के मौजूद होने से यह स्पष्ट है कि मिनी ऑक्शन बिल्कुल भी छोटा नहीं होगा। आने वाले सीजन में टीमों की रणनीति और खिलाड़ियों की फॉर्म मिलकर एक नया रोमांच रचने वाली है।

  • रबी सीजन सब्जी खेती पर बड़ा मौका किसानों को मिल रहा है 75 प्रतिशत तक अनुदान जल्दी आवेदन करें

    अगर आप रबी सीजन में सब्जियों की खेती करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह समय बेहद खास है। सरकार किसानों को सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है ताकि खेती की लागत कम हो सके और किसानों को अधिक मुनाफा मिल सके। गाजर मटर चुकंदर जैसी सब्जियां इस मौसम में खूब उगाई जाती हैं और इन्हीं पर सरकार की तरफ से विशेष अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए बहुत सहायक है जो कम लागत में अधिक उत्पादन का लक्ष्य रखते हैं।

    गाजर मटर और चुकंदर की खेती पर मिल रहा है भारी अनुदान

    इस योजना के तहत किसानों को सब्जियों की खेती पर 75 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। यदि किसान गाजर या मटर की खेती करते हैं तो प्रति हेक्टेयर लगभग दस हजार रुपये की लागत आती है जिस पर सरकार सात हजार पांच सौ रुपये का अनुदान देती है। इससे खेती की लागत काफी कम हो जाती है और किसान बेहतर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं।
    चुकंदर की खेती पर भी सरकार उदारता दिखा रही है। प्रति हेक्टेयर बारह हजार रुपये के खर्च पर नौ हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। इस आर्थिक सहयोग से किसान अधिक क्षेत्र में सब्जी उत्पादन कर सकते हैं और अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।

    लखीसराय जिले में किसानों के लिए खास अवसर

    विभिन्न जिलों में उद्यान विभाग समय समय पर किसानों को अनुदान उपलब्ध कराता है। फिलहाल लखीसराय जिला इस योजना का प्रमुख लाभार्थी है। यहां किसान 0.25 एकड़ से लेकर 2.5 एकड़ तक की सब्जी खेती के लिए बीजों पर अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
    बीजों पर मिल रहा अनुदान एक हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये तक दिया जा रहा है जिसमें हरा मटर गाजर चुकंदर बैंगन जैसी कई फसलों को शामिल किया गया है। उद्यान विभाग ने इस सीजन के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं जिनमें हरा मटर करीब बीस हेक्टेयर चुकंदर तीस हेक्टेयर और गाजर तीस हेक्टेयर तक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इससे यह स्पष्ट है कि जिले में सब्जी उत्पादन को लेकर बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

    अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रक्रिया

    लखीसराय जिले के किसान यदि इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें उद्यान विभाग में जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए किसानों के पास अपनी जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज होने चाहिए। किसान चाहे तो अधिक जानकारी और सहायता के लिए प्रखंड उद्यान पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
    यदि किसी किसान को अनुदान प्रक्रिया में कोई समस्या आती है या जानकारी स्पष्ट नहीं मिलती है तो वह जिला उद्यान पदाधिकारी से भी शिकायत कर सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सब्जी खेती में आर्थिक सहायता देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें।

    खेती का यह मौका क्यों है खास

    सरकार द्वारा दिया जा रहा यह अनुदान किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक शानदार अवसर है। कम लागत में गाजर मटर और चुकंदर जैसी फसलों से अच्छी कमाई की जा सकती है। रबी सीजन इन सब्जियों के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है इसलिए इस योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
    जो किसान पहले लागत अधिक होने के कारण बड़ी मात्रा में सब्जी उत्पादन नहीं कर पाते थे अब वे आसानी से खेती का विस्तार कर सकते हैं। यह समय किसानों के लिए सुनहरा अवसर बनकर आया है।

  • इंदौर रणजीत अष्टमी महोत्सव की हुई भव्य शुरुआत कलेक्टर शिवम वर्मा ने किया ध्वज पूजन

    आज इंदौर में भक्ति और परंपरा का शानदार संगम देखने को मिला जब प्रसिद्ध रणजीत अष्टमी महोत्सव की शुरुआत धूमधाम से की गई। शहर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने ऐतिहासिक रणजीत हनुमान मंदिर में ध्वज पूजन कर इस चार दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ किया। वातावरण में भक्ति और उत्साह का ऐसा सुंदर मेल दिखा कि हर कोई इस पल को संजो लेना चाहता था। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़, पूजा की मधुर ध्वनियां और आरती की गूंज ने माहौल को दिव्य बना दिया।

    भक्तों की उमड़ी भीड़ और आस्था का अनोखा संगम

    महोत्सव के प्रारंभ होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। मंदिर प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहे। पूजन अर्चन के बाद शहर में उत्सव का रंग चढ़ गया है। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति उत्साह और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर मिश्रण लेकर आया है। इंदौर की पहचान बन चुका यह महोत्सव लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है और हर साल यहां भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

    चार दिनों तक चलेगा धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव

    रणजीत अष्टमी महोत्सव केवल धर्म तक सीमित नहीं बल्कि यह संस्कृति कला और परंपराओं का एक शानदार मंच भी है। स्थानीय कलाकारों के साथ देश भर के प्रसिद्ध कलाकार यहां अपनी प्रस्तुतियां देंगे। हर दिन अलग अलग कार्यक्रमों से मंदिर परिसर और शहर का माहौल भक्ति से सराबोर रहेगा। यह उत्सव न केवल इंदौर की ऐतिहासिक धरोहर को मजबूत करता है बल्कि समाज को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का काम भी करता है।

    12 दिसम्बर को निकलेगी भव्य प्रभात फेरी

    महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 12 दिसम्बर को निकलने वाली भव्य प्रभात फेरी है। इस प्रभात फेरी में भगवान रणजीत स्वर्ण रथ पर सवार होकर शहर का भ्रमण करेंगे। यह दृश्य न केवल भक्तों को रोमांचित करता है बल्कि शहर की परंपरा और गौरव को भी प्रदर्शित करता है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज प्रभात फेरी मार्ग का निरीक्षण किया और सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का पूरा जायजा लिया। उन्होंने मंच लगाने वालों से अनुरोध किया कि वे छोटे मंच लगाएं ताकि ट्रैफिक में किसी तरह की बाधा न हो और भक्तजन बिना किसी परेशानी के प्रभात फेरी में शामिल हो सकें।

    महोत्सव से जुड़ी उम्मीदें और भावनाएं

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि रणजीत अष्टमी महोत्सव इंदौर की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इस महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। शहर में इस आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर है और हर कोई इस भक्ति उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि इंदौर केवल साफ सफाई के लिए ही नहीं बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है।

    इंदौर का रणजीत अष्टमी महोत्सव शहर की आस्था और संस्कृति का सबसे उज्ज्वल प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन हर उम्र के लोगों के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव लेकर आता है। इस महोत्सव की शुरुआत जिस शांति और भव्यता से हुई है उसने भक्तों के मन में एक नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया

  • मध्यप्रदेश में ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग से बदला राशन वितरण का सिस्टम , मुख्यमंत्री ने की बड़ी समीक्षा

    मध्यप्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी बड़ी योजनाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि हर पात्र परिवार तक निशुल्क खाद्यान्न सुगमता से पहुंचना हमारी प्राथमिकता है। जरूरतमंद गरीब श्रमिक किसान और महिलाओं का कल्याण ही सरकार की नीतियों का मुख्य आधार है। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारी कार्यों की सराहना की और आगे की दिशा में स्पष्ट निर्देश भी दिए।

    ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग की बड़ी सफलता लाखों हितग्राहियों को मिला लाभ

    बैठक में सबसे अधिक चर्चा ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग प्रक्रिया पर हुई। मुख्यमंत्री ने इस कार्य की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जानी चाहिए ताकि हर पात्र हितग्राही को उसका अधिकार मिल सके। बड़ी बात यह रही कि सत्यापन के बाद 34 लाख से अधिक अपात्र हितग्राहियों का नाम सिस्टम से हटाया गया और लगभग 14 लाख नए पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई जिसके बाद उन्हें निशुल्क खाद्यान्न मिलने लगा। यह प्रयास सीधे तौर पर पारदर्शिता और सही लक्षित व्यवस्था की बड़ी मिसाल बन गया है।

    श्रमिकों के लिए बनाई गई विशेष प्राथमिकता श्रेणी मिले अधिक लाभ और बेहतर सुविधा

    बैठक में बताया गया कि ई श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को विशेष प्राथमिकता श्रेणी में जोड़कर 25 लाख से अधिक नए श्रमिकों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने केवल दो वर्षों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों हितग्राहियों को अन्न वितरित किया है। पीडीएस प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए उचित मूल्य दुकानों की संख्या बढ़ाने से लेकर तकनीकी साधनों का उपयोग तक हर कदम भविष्य की जरूरत को देखते हुए उठाया गया है।

    ई केवाइसी की ऐतिहासिक उपलब्धि लगभग पूरे प्रदेश की जनसंख्या को मिला लाभ

    मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 536 लाख से अधिक हितग्राहियों में से 497 लाख का ई केवाइसी पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि देश में सबसे तेज और सबसे सफल प्रक्रियाओं में से एक मानी जा रही है। प्रतीक्षा में खड़े लाखों परिवारों को भी पात्रता पर्चियां जारी कर दी गई हैं ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को अन्न से वंचित न रहना पड़े।

    किसानों को मिला एमएसपी बोनस और प्रोत्साहन राशि खेतिहर परिवारों में लौटी उमंग

    मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी बताया कि गेंहू और धान बेचने वाले किसानों को एमएसपी के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि दी गई है जिससे किसानों की मेहनत को उचित मूल्य मिला है। दो वर्षों में हजारों करोड़ की राशि किसानों तक पहुंचाकर सरकार ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। चावल के रिकॉर्ड परिदान और भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी ने राज्य की खाद्यान्न व्यवस्था को और मजबूत किया है।

    लाडली बहनों को उज्जवला योजना का लाभ करोड़ों की सब्सिडी पहुंची महिलाओं तक

    लाडली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस रिफिल पर बड़ी राहत दी गई है। दो वर्षों में करोड़ों का अनुदान सीधे लाभार्थी महिलाओं के खाते में भेजा गया है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षित और सक्षम बनाना है।

    नवाचार और तकनीक से पारदर्शी हुआ राशन प्रदाय एसएमएस से हर सूचना पहुंच रही है घर तक

    विभाग ने तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया है। अब हितग्राहियों को राशन वितरण से संबंधित हर जानकारी एसएमएस से मिलती है। ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है ताकि किसी स्तर पर भ्रम या अनियमितता की गुंजाइश न रहे। इंदौर जिले की कई उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदलकर दुकानदारों की आय और सेवा मानकों दोनों को बेहतर बनाया गया है।

    MP News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष बालाघाट में 10 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त बनने की राह पर

    आधुनिक पीओएस मशीनें जीपीएस मॉनिटरिंग और सोलर गोदाम बेहतर भविष्य की ओर कदम

    मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की जिसमें आधुनिक पीओएस मशीनें आईरिस स्केनर तौल कांटा इंटिग्रेशन जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सोलर पैनल और गोदामों के आधुनिकीकरण जैसे कदम शामिल हैं। इससे राशन वितरण और भंडारण प्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आएगी।

    सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष तैयारी अखाड़ों को मिलेगा अस्थायी राशन कार्ड

    सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी और अखाड़ों की आवश्यकता के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि विशाल आयोजन में किसी भी प्रकार की खाद्यान्न संबंधित परेशानी न आए। यह प्रबंधन राज्य की दूरदर्शी योजना का हिस्सा है।

    मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खाद्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के लिए किए गए ये प्रयास प्रदेश के हर वर्ग को राहत दे रहे हैं। ई केवाइसी राइट फुल टारगेटिंग आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता ने पूरी व्यवस्था को नया रूप दिया है। आने वाले वर्षों में स्मार्ट पीडीएस और मॉडर्नाइज्ड भंडारण व्यवस्था से राज्य की खाद्यान्न प्रणाली और अधिक मजबूत होने वाली है।

  • Indore Weather Update: इंदौर में ठंड का तेज़ हमला शहर 5.7 डिग्री पर जम गया 10 साल बाद पड़ी इतनी कड़ाके की सर्दी

    Indore Weather Update इंदौर में इस साल की ठंड कुछ अलग ही रंग दिखा रही है। लोगों ने सोचा था कि पिछले कुछ दिनों की ठिठुरन अब कम हो जाएगी लेकिन मौसम ने सभी को हैरान कर दिया। रविवार से सोमवार की रात में पारा अचानक फिसलकर 5.7 डिग्री पर जा पहुंचा और इसी के साथ पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। शहर रात भर कड़ाके की ठंड से कांप उठा और सुबह तक लोगों ने गर्म कपड़ों से खुद को बचाए रखा। यह तापमान सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है बल्कि इंदौर के हर घर हर सड़क और हर सुबह की कहानी बन गया है।

    लगातार टूट रहे हैं ठंड के रिकॉर्ड इंदौर की सर्दी ने सभी को चौंकाया

    बीते कुछ दिनों में इंदौर ने अपनी ही ठंड के रिकॉर्ड तोड़ दिए। शुक्रवार की रात 6.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था और यही 10 साल का सबसे कम न्यूनतम था। लोगों ने सोचा कि इससे ज्यादा ठंड क्या होगी लेकिन दो दिन बाद ही शहर ने नया रिकॉर्ड बना दिया। 5.7 डिग्री के इस तापमान ने ठंड की तीव्रता को कई गुना बढ़ा दिया और मौसम विभाग ने इसे तीव्र शीतलहर की स्थिति बताया। सुबह होते ही सड़कों पर कम आवाजाही दिखी और धूप निकलने के बावजूद हवा में चुभन महसूस होती रही।

    दिन और रात के तापमान में बड़ी गिरावट शहर चौबीसों घंटे ठिठुरा

    विमानतल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहा जो सामान्य से दो डिग्री कम था। वहीं रात का तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे दर्ज हुआ। पूर्वी और उत्तर पूर्वी हवाओं की 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार ने ठंड को और भयंकर बना दिया। रात से सुबह तक घरों में हीटर चलाने पड़े और सुबह के समय लोग सूरज निकलने का इंतजार करते रहे लेकिन धूप की गर्मी भी ठंडी हवा के आगे फीकी पड़ गई।

    उत्तर भारत की बर्फबारी का सीधा असर इंदौर तीसरा सबसे ठंडा शहर बना

    कश्मीर हिमाचल और उत्तराखंड में जारी बर्फबारी का सीधा असर इंदौर सहित मध्यप्रदेश के कई शहरों पर देखने को मिल रहा है। उत्तरी दिशा से आने वाली बर्फीली हवाओं ने तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक गिरा दिया। राज्य में पचमढ़ी का तापमान 5.2 डिग्री और उमरिया 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। इन दोनों के बाद इंदौर 5.7 डिग्री के साथ तीसरा सबसे ठंडा शहर बना। हालांकि पचमढ़ी एक पहाड़ी क्षेत्र है इसलिए मैदानी इलाकों में इंदौर इस समय सबसे ठंडे स्थानों में शुमार है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मैदानी इलाकों में दिन और रात के तापमान में आमतौर पर 14 से 15 डिग्री का अंतर होता है लेकिन इस बार यह अंतर 20 डिग्री से ज्यादा रहा जो इंदौर की सर्दी को असामान्य रूप से कठोर बनाता है। इसी वजह से लोग दिन में धूप का आनंद भी पूरी तरह नहीं ले पा रहे क्योंकि हवा की ठंडक लगातार बढ़ती जा रही है।

    इंदौर की इस ऐतिहासिक ठंड ने शहर की रफ्तार को धीमा कर दिया है और लोगों को अपने दैनिक कामकाज में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह ठंड अभी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है और तापमान में और गिरावट भी संभव है। ऐसे में शहरवासियों के लिए यह जरूरी है कि वे खुद को गर्म रखें और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें।