Category: Indore news

  • Raja Raghuvanshi case:हनीमून बना मौत का सफर वेब सीरीज के बाद फिर सुर्खियों में राजा रघुवंशी हत्याकांड

    Raja Raghuvanshi case:इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। हाल ही में रिलीज हुई एक वेब सीरीज ने इस मामले को दोबारा सुर्खियों में ला दिया है। इस सीरीज में केस की क्रूरता और कुछ ऐसे पहलू दिखाए गए हैं जो अब तक पुलिस फाइलों में दबे बताए जा रहे हैं।

    राजा रघुवंशी शादी के बाद पत्नी के साथ हनीमून पर शिलांग गए थे। यह सफर खुशियों की शुरुआत माना जा रहा था लेकिन यही उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। इस घटना ने साल दो हजार पच्चीस में इंदौर और देशभर को झकझोर दिया था।

    वेब सीरीज ने फिर जगाई चर्चा

    नई वेब सीरीज में इस केस पर एक पूरा एपिसोड बनाया गया है। इसमें अपराध की क्रूरता को दिखाया गया है और केस से जुड़े कई पहलुओं पर बात की गई है। इस बार कहानी को पुलिस नहीं बल्कि पत्रकारों के नजरिये से रखा गया है।

    इस एपिसोड में नईदुनिया के सीनियर रिपोर्टर मुकेश मंगल और उदय प्रताप सिंह के बयान शामिल हैं। दोनों पत्रकार लंबे समय से क्राइम बीट कवर करते रहे हैं। उन्होंने कई ऐसी जानकारियां साझा की हैं जिन्हें पहले सार्वजनिक नहीं माना जाता था।

    मनोवैज्ञानिकों ने समझाया अपराध का पहलू

    सीरीज में क्राइम मनोवैज्ञानिक अनुजा कपूर ने हत्यारों की सोच को समझाने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि कैसे एक सामान्य दिखने वाला इंसान अचानक हिंसक हो सकता है। उन्होंने अपराध के तरीके और बाद के व्यवहार के जरिए डार्क पर्सनैलिटी पर रोशनी डाली।

    मनोचिकित्सक डॉक्टर अविनाश डिसूजा ने भी इस केस से जुड़े मानसिक पहलुओं पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि हत्या के समय सोच किस तरह काम कर सकती है और आगे किस तरह का खतरा पैदा हो सकता था।

    वेब सीरीज के बाद यह मामला फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस केस को नए नजरिये से समझने की कोशिश कर रहे हैं।

  • Indore encroachment: इंदौर में फिर चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान सड़कों से हटेंगे कब्जे

    Indore encroachment: इंदौर में सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण और ट्रैफिक परेशानी को देखते हुए नगर निगम अब फिर से अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू करने जा रहा है। गुरुवार को हुई बैठक में इसकी रणनीति बनाई गई और तय हुआ कि ट्रैफिक के लिए जरूरी मार्गों से कब्जे और अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।

    नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस का अमला मिलकर सड़कों पर उतरेगा। दुकानों के बाहर निकले शेड और ओटले हटाए जाएंगे। काउंटर और बाहर रखा सामान भी जब्त किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे यातायात सुचारु होगा और सड़कें खुली नजर आएंगी।

    महत्वपूर्ण मार्गों पर संयुक्त कार्रवाई

    मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बताया कि एयरपोर्ट से बड़ा गणपति और बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए पलासिया तक कार्रवाई होगी। इसी तरह बंगाली चौराहा से तिलक नगर चौराहा तक फुटपाथ खाली कराए जाएंगे।

    इन मार्गों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है। ब्रिजों के पास अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर भी सख्ती होगी। ब्रिज के बोगदों को आकर्षक बनाने और तार फेंसिंग करने की बात भी कही गई है।

    अवैध होर्डिंग और अधूरे काम पर सख्ती

    बैठक में यह भी सामने आया कि शहर में अवैध होर्डिंग और पोस्टर बढ़ गए हैं। अधिकारियों को इन्हें चिन्हित कर दस दिन में हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

    मेयर ने मधुमिलन चौराहे का काम अधूरा होने पर नाराजगी जताई। कई हिस्सों में काम अभी बाकी है जिससे ट्रैफिक की दिक्कत हो रही है। अफसरों को समय सीमा में काम पूरा करने को कहा गया है। यह निर्माण दो साल से जारी है।

  • Ajit Pawar: विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन पर सुमित्रा महाजन ने जताया गहरा शोक

    Ajit Pawar: लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बुधवार को विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इंदौर में उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना से महाराष्ट्र ने एक सामंजस्यपूर्ण और सम्मानित व्यक्तित्व खो दिया है। यह खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक का माहौल है।

    सुमित्रा महाजन ने बताया कि उन्होंने टीवी पर विभिन्न समाचार चैनलों पर विमान दुर्घटना के दृश्य देखे। उन्होंने कहा कि अजित पवार की मृत्यु की खबर से उन्हें बेहद दुख पहुंचा है। उनका मानना है कि पवार का राजनीतिक जीवन प्रभावशाली और संतुलित रहा।

    राजनीतिक और सामाजिक जीवन में विशेष पहचान

    सुमित्रा महाजन ने कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक जीवन की बड़ी हस्ती थे। विपक्षी नेताओं के साथ भी उनके अच्छे संबंध थे। वह हर स्थिति में समझदारी के साथ सामंजस्य बनाकर चलते थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि पवार भरी सभा में अपनी गलती स्वीकार करने का साहस रखते थे। इसी गुण के कारण उन्हें लोगों का सम्मान मिलता था। उनके व्यक्तित्व में सादगी और स्पष्टता साफ दिखाई देती थी।

    इंदौर से जुड़ी स्मृति को किया साझा

    महाजन ने इंदौर से जुड़ी एक पुरानी याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले जब इंदौर में खो खो की एशियाई स्पर्धा आयोजित की गई थी तब अजित पवार ने टीवी पर इसका सीधा प्रसारण देखा था।

    उस समय पवार ने फोन कर आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी थी। महाजन ने कहा कि यह उनके विनम्र स्वभाव और खेल के प्रति रुचि को दर्शाता है। ऐसे व्यक्तित्व का जाना देश के लिए बड़ी क्षति है।

  • Satyasai chauraha flyover: सत्यसांई चौराहे पर फ्लायओवर का काम तेज होटल और सुविधा घर हटाए गए

    Satyasai chauraha flyover:इंदौर के सत्यसांई चौराहे पर बन रहे फ्लायओवर ब्रिज का निर्माण तेज कर दिया गया है और इसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए दिनरात निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसी दौरान निर्माण में आ रही बाधाओं को हटाने के लिए एक होटल और उसके पास बना महिला सुविधा घर तोड़ दिया गया है।

    प्रशासन और निर्माण एजेंसी का कहना है कि ब्रिज का काम तय समय में पूरा करने के लिए यह जरूरी कदम उठाया गया है। इससे पहले इसी मार्ग पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई भी की जा चुकी है। अब बाधाएं हटने के बाद काम और तेज होने की उम्मीद है।

    एक साल में ब्रिज तैयार करने का लक्ष्य

    सत्यसांई चौराहे पर फ्लायओवर ब्रिज का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सर्विस रोड पर बने होटल और महिला सुविधा घर के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था।

    इन संरचनाओं को हटाने के बाद अब पिलर और अन्य तकनीकी काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इंजीनियर्स का कहना है कि आधुनिक तकनीक से बनाए जा रहे इस ब्रिज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह सौ साल तक भारी ट्रैफिक का भार सह सकेगा।

    निरीक्षण के बाद लिए गए सख्त फैसले

    हाल ही में कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंगल ने शहर में बन रहे चार फ्लायओवर ब्रिज का निरीक्षण किया था। इसमें सत्यसांई चौराहा भी शामिल था। निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसियों से समस्याएं जानी गईं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए।

    इससे पहले फ्लायओवर को आकार देने के लिए करीब डेढ़ सौ पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। यह कार्रवाई रात के समय हुई थी और इसे लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। अब होटल और सुविधा घर हटने के बाद एक बार फिर इस परियोजना को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है।

  • Indore water deaths: दूषित पानी से इंदौर में मौतों का आंकड़ा अट्ठाइस पहुंचा युवा कांग्रेस करेगी पदयात्रा

    इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला अब भी जारी है और एक और जान जाने के बाद मृतकों की संख्या अठ्ठाइस तक पहुंच गई है। भागीरथपुरा निवासी रिटायर्ड शिक्षक और कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष राजाराम बौरासी की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। लगातार बढ़ती मौतों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।

    इस घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल तेज हो गए हैं। कई परिवार अब भी डर के माहौल में जी रहे हैं और साफ पानी की सुरक्षित आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या अभी भी कम नहीं हुई है।

    युवा कांग्रेस करेगी पदयात्रा

    मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने दूषित जल के मामले को लेकर पदयात्रा का एलान किया है। यह यात्रा अट्ठाइस जनवरी से शुरू होगी और पांच मार्च तक चलेगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से जिलों में भी यात्रा निकाली जाएगी।

    इस पदयात्रा में दूषित जल के साथ महंगाई कानून व्यवस्था बेरोजगारी और अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के साथ हो रहे अत्याचार जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे। युवा कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन पीड़ितों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

    अस्पतालों में अब भी गंभीर मरीज

    फिलहाल दूषित पानी से बीमार दस लोग सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से चार मरीज आईसीयू में रखे गए हैं। एक महिला और एक पुरुष की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राजाराम बौरासी हृदय रोग से पीड़ित थे और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या भी थी। विभाग ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों में उल्टी दस्त की पुष्टि नहीं होती।

    इसके बावजूद लगातार बढ़ती मौतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने का दावा किया जा रहा है लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं।

  • Mahalakshmi Nagar news: महालक्ष्मी नगर में पुजारी की कार में मिली लाश सिर में गोली से फैला सनसनी

    Mahalakshmi Nagar news: इंदौर के महालक्ष्मी नगर इलाके में मंगलवार सुबह एक पुजारी की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। कार के भीतर सतीश शर्मा का शव मिला जिनके सिर में गोली लगी थी। कार अंदर से लॉक थी और पिस्टल भी कार में ही पड़ी मिली जिससे मामला और उलझ गया है।

    यह घटना लसुड़िया क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर की है। पुलिस को सुबह सूचना मिली कि कॉलोनी के सूने हिस्से में खड़ी एक कार में शव पड़ा है। कांच तोड़कर गेट खोला गया और शव को बाहर निकाल कर एमवाय अस्पताल भेजा गया।

    सतीश शर्मा मंदिर में पुजारी थे। वह रात को पाटनीपुरा से पूजा का सामान लेने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और पुलिस को सूचना दी गई।

    कार अंदर से लॉक पिस्टल भी भीतर मिली

    सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने कार देखी तो अंदर सतीश का शव मिला। कार अंदर से लॉक थी और जिस पिस्टल से गोली चली वही पिस्टल कार में रखी थी। सिर में गोली लगने के निशान साफ दिखे।

    पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार वहां कब और कैसे पहुंची। पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।

    परिवार और पुराने विवाद की भी जांच

    सतीश के दो बच्चे हैं। वह मूल रूप से अशोक नगर के रहने वाले थे और कुछ साल पहले इंदौर आकर बसे थे। पुलिस यह भी पता कर रही है कि उनकी किसी से पुरानी रंजिश तो नहीं थी।

    पारिवारिक विवाद के एंगल से भी जानकारी जुटाई जा रही है। परिजनों ने किसी तरह के विवाद की बात नहीं कही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।

  • Indore district hospital: सात साल से अधूरा जिला अस्पताल पश्चिम क्षेत्र की जनता निजी इलाज को मजबूर

    Indore district hospital: इंदौर में जिला अस्पताल के निर्माण में हो रही लगातार देरी से पश्चिम क्षेत्र की जनता सबसे ज्यादा परेशान है। छोटे मोटे इलाज के लिए भी लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। नूरानी नगर चंदन नगर सिरपुर बांक द्वारकापुरी सहित दर्जनों बस्तियों और आसपास के गांवों के लोग इसी अस्पताल पर निर्भर हैं लेकिन आज भी उन्हें यहां पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा है।

    जिला अस्पताल का निर्माण कार्य पिछले सात साल से चल रहा है लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है। शहर में जहां निजी अस्पताल एक साल में बनकर तैयार हो जाते हैं वहीं सरकारी अस्पताल का काम वर्षों से अधूरा पड़ा है। इससे लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है।

    300 बेड के दावे पर भी नहीं हुआ काम पूरा

    शुरुआत में जिला अस्पताल को सौ बेड का बनाने की योजना थी लेकिन वह भी पूरी नहीं हो सकी। बाद में इसे दो हजार पच्चीस तक तीन सौ बेड का बनाने का दावा किया गया था लेकिन यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया।

    यहां बार बार योजना बदली जाती रही और टेंडर बदलते रहे। इसके बावजूद निर्माण की रफ्तार नहीं बढ़ सकी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सख्ती भी कभी नजर नहीं आई जिससे काम समय पर पूरा हो सके।

    सिर्फ स्त्री एवं प्रसूति विभाग शुरू

    फिलहाल अस्पताल के नाम पर यहां केवल स्त्री एवं प्रसूति विभाग ही शुरू किया गया है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी कई बार निरीक्षण कर चुके हैं लेकिन हर बार जल्द काम पूरा होने का आश्वासन देकर चले जाते हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी दो हजार पच्चीस तक निर्माण पूरा होने की बात कही थी लेकिन अब निरीक्षण तक नहीं हो रहा है। मरीज कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ है।

    इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों की परेशानी और भी बढ़ गई है।

  • SGSITS में शुरू होंगे संस्कृत और प्राकृत के नए कोर्स नई शिक्षा नीति की बड़ी पहल

    SGSITS: इंदौर के प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज एसजीएसआईटीएस में नई शिक्षा नीति के तहत एक नई पहल की जा रही है। संस्थान में अब फ्रेंच जर्मन और हिंदी के साथ संस्कृत और प्राकृत भाषा के सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इस फैसले से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय भाषाई विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

    संस्थान अपने लैंग्वेज विंग के माध्यम से लंबे समय से विदेशी और भारतीय भाषाओं के कोर्स चला रहा है। अब इसी कड़ी में संस्कृत और प्राकृत को भी जोड़ा जा रहा है। आगामी सत्रों से विद्यार्थियों के लिए ये दोनों प्राचीन भाषाएं एक नए विकल्प के रूप में उपलब्ध होंगी।

    भारतीय संस्कृति से जोड़ने की तैयारी

    लैंग्वेज विंग द्वारा हाल ही में संस्कृत भाषा का ओरिएंटेशन और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बताया गया कि संस्थान का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के अनुसार भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाना है।

    कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ भारतीय भाषाओं का अध्ययन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मदद करेगा। संस्थान का मानना है कि यह कदम शिक्षा को और समृद्ध बनाएगा।

    संस्कृत की आधुनिक दुनिया में उपयोगिता

    विशेष व्याख्यान में मुख्य वक्ता डॉ सरिता जैन ने संस्कृत की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं है बल्कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी इसकी उपयोगिता बढ़ रही है।

    इस अवसर पर डॉ नीरज जैन लैंग्वेज विंग की संयोजक डॉ सारिका तिवारी और कई वरिष्ठ संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय डॉ पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया। संस्थान के इस कदम को भारतीय मूल्यों और आधुनिक कौशल के सुंदर समावेश के रूप में देखा जा रहा है।

  • MPPSC Indore protest:इंदौर में एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का धरना न्याय यात्रा 2.0 शुरू

    इंदौर में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के सामने शनिवार रात से अभ्यर्थियों ने धरना शुरू कर दिया है। यह धरना दस सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। आंदोलन नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के नेतृत्व में चल रहा है जिसे न्याय यात्रा 2.0 नाम दिया गया है। हाई कोर्ट इंदौर से अनुमति मिलने के बाद यह प्रदर्शन शुरू हुआ है जो चार दिनों तक चलेगा।

    अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले हुए आंदोलन के दौरान प्रशासन ने कई आश्वासन दिए थे लेकिन लंबे समय के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें फिर से सड़क पर उतरना पड़ा है।

    कड़ाके की ठंड में भी डटे रहे अभ्यर्थी

    शनिवार रात से शुरू हुए धरने में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद हैं। ठंड काफी तेज होने के बावजूद युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ है। आयोग परिसर के बाहर बिस्तर बिछाकर अभ्यर्थी रात गुजार रहे हैं और अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।

    अभ्यर्थियों ने बताया कि दिसंबर 2024 में हुए आंदोलन के बाद उम्मीद जगी थी कि समस्याओं का समाधान होगा। तेरह महीने बीत जाने के बाद भी अधिकतर वादे अधूरे हैं। इसी नाराजगी के चलते यह आंदोलन दोबारा शुरू किया गया है।

    इंटरव्यू अंक और पद बढ़ाने की प्रमुख मांग

    धरने में शामिल अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग राज्य सेवा परीक्षा के इंटरव्यू अंकों को लेकर है। वर्तमान में इंटरव्यू 185 अंकों का होता है जिसे वे बहुत अधिक मानते हैं। उनका कहना है कि इतने अधिक अंक होने से चयन प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं इसलिए इसे घटाकर 100 अंक किया जाए।

    इसके साथ ही अभ्यर्थी 87 13 फॉर्मूला समाप्त करने और सभी पदों पर चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। राज्य सेवा परीक्षा में पदों की संख्या 155 से बढ़ाकर 700 करने की मांग भी प्रमुख है। स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस के पद बढ़ाने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।

    अभ्यर्थियों ने 2019 से रोके गए पदों की सूची जारी करने मेंस परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं दोबारा दिखाने और यूपीएससी की तर्ज पर समय पर नियुक्ति देने की मांग भी उठाई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक धरना जारी रहेगा।

  • Tree Cutting Protest: इंदौर के रानी सराय में पेड़ों की कटाई के खिलाफ 25 दिनों से जारी बड़ा आंदोलन

    इंदौर के रीगल क्षेत्र में रानी सराय स्थित सैकड़ों पेड़ों की कटाई और हजारों पक्षियों के आशियाने को बचाने के लिए पिछले 25 दिनों से लगातार धरना और विरोध प्रदर्शन जारी है। जनहित पार्टी और कई सामाजिक संगठनों के इस आंदोलन ने अब शहर में एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि विकास के नाम पर प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।

    धरने में शामिल लोग रानी सराय परिसर में मौजूद 225 से अधिक पेड़ों और वहां बसे पक्षियों को बचाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन स्थल पर लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई है और माहौल भावुक लेकिन शांतिपूर्ण है।

    रीगल क्षेत्र में चला जन जागरण और विरोध प्रदर्शन

    आंदोलन के दौरान रीगल चौराहे पर करीब एक घंटे तक सघन जन जागरण अभियान चलाया गया। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और पेड़ों की कटाई के विरोध में नारे लगाए।

    नागरिकों ने रानी सराय के पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लिया। शाम के समय कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये पेड़ केवल हरियाली नहीं बल्कि शहर की पहचान और विरासत हैं।

    मेट्रो स्टेशन शिफ्ट करने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी

    जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि पिछले 25 दिनों से लगातार धरना दिया जा रहा है। आंदोलन के पहले चरण में परिसर में मौजूद 225 से अधिक पेड़ों का पंचनामा तैयार किया गया जिसमें उनकी प्रजाति और आकार का विवरण दर्ज किया गया है।

    संगठन के प्रतिनिधियों ने इस मामले में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। मांग साफ है कि प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए ताकि एक भी पेड़ न कटे।

    गौरतलब है कि यह धरना 1 जनवरी 2026 से जारी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यकर्ता दिन रात रानी सराय परिसर में ही डटे हुए हैं। भोजन और विश्राम भी वहीं किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।