इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर की प्रभातफेरी 2025: तैयारियाँ जोरों पर, रथ की सजावट और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

इंदौर में हर साल श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत दृश्य का आयोजन होता है। रणजीत हनुमान मंदिर की प्रभातफेरी इस वर्ष 12 दिसंबर को सुबह चार बजे निकलेगी। यह परंपरा वर्ष 1985 में पहली बार ठेले पर निकली थी। उसके पहले भक्त बाबा की तस्वीर लेकर मंदिर से महूनाका चौराहा तक निकलते थे। वर्ष 2008 में यह प्रभातफेरी बग्घी पर निकलने लगी और आज यह इंदौर के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक बन गई है।

प्रभातफेरी मार्ग और सजावट

इस वर्ष प्रभातफेरी मंदिर से उषा नगर, महूनाका चौराहा, अन्नपूर्णा मंदिर, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए फिर मंदिर पहुँचेगी। जिस मार्ग से प्रभातफेरी निकलती है, उसे भगवा पताका और ध्वजों से सजाया जाता है। यह सजावट 10 दिसंबर से शुरू हो गई है। प्रभातफेरी के दौरान मंदिर परिसर से बाबा का रथ निकलते ही आकर्षक आतिशबाजी होती है। स्वागत मंचों पर भी इस दौरान आतिशबाजी का दौर चलता है। प्रभातफेरी के समय दीपावली जैसा दृश्य नजर आता है।

श्रद्धालुओं की उपस्थिति और सोशल मीडिया का क्रेज़

इस प्रभातफेरी में इंदौर के साथ-साथ आसपास के शहरों से भी श्रद्धालु शामिल होंगे। अनुमानित रूप से इस बार दो लाख से अधिक लोग प्रभातफेरी में भाग लेंगे। खास बात यह है कि रथ की यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो रहे हैं। लोग वीडियो साझा कर उत्साह बढ़ा रहे हैं और प्रभातफेरी की महिमा को ऑनलाइन भी अनुभव कर रहे हैं।

https://www.instagram.com/reel/DR6OBVcEQOn/

प्रभातफेरी की खासियत

रणजीत हनुमान मंदिर की प्रभातफेरी सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक बन गई है। श्रद्धालु सुबह से ही रथ यात्रा में शामिल होने के लिए मंदिर पहुँचते हैं और पूरे मार्ग पर भगवा रंग और भक्तिमय वातावरण देखते ही बनता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से यह परंपरा देशभर में लोगों तक पहुँच रही है।

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