मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज को लेकर यहां तनाव की स्थिति बन गई है। शुक्रवार का दिन होने के कारण मुस्लिम पक्ष नमाज की तैयारी की बात कर रहा है जबकि हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में एक बार आती है और इस दिन पूरे समय पूजा होनी चाहिए।
इस टकराव के चलते पुलिस और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दोनों पक्ष अपने अपने धार्मिक अधिकार की बात कह रहे हैं। भोजशाला क्षेत्र में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
मुस्लिम पक्ष की नमाज की मांग
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि शुक्रवार होने के कारण वे भोजशाला में नमाज पढ़ेंगे। उनका दावा है कि भले ही कम संख्या में लोग पहुंचें लेकिन नमाज अदा की जाएगी। इसके लिए तैयारी की बात भी कही जा रही है।
उनका कहना है कि यह उनका धार्मिक अधिकार है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रशासन के सामने स्थिति और जटिल हो गई है।
हिंदू पक्ष की पूजा की तैयारी
हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी साल में केवल एक बार आती है। ऐसे में भोजशाला में पूरे दिन पूजा ही होनी चाहिए। पूजा की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। भोजशाला एक बार फिर शांति व्यवस्था की परीक्षा बन गई है।

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