Tag: indore update

  • Indore Breaking: कड़ाके की ठंड में देवदूत बने सुवेग राठी: इंदौर की सड़कों पर जिंदा दिखी इंसानियत

    इंदौर के कड़ाके की ठंड में जब अधिकतर लोग अपने घरों में सुरक्षित बैठे थे, तब शहर की सड़कों पर मानवता की एक सच्ची तस्वीर सामने आई। सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता सुवेग राठी बिना किसी प्रचार और सूचना के जरूरतमंदों के बीच देवदूत बनकर पहुंचे। रात का अंधेरा, सर्द हवाएं और फुटपाथों पर ठिठुरते लोग—इसी माहौल में सुवेग राठी ने इंसानियत का उजाला फैलाया।

    बिना शोर के सेवा का उदाहरण बने सुवेग राठी

    बस स्टैंड, चौराहों और सड़कों के किनारे सो रहे बेसहारा लोगों के पास पहुंचकर सुवेग राठी ने खुद अपने हाथों से ऊनी शॉल ओढ़ाई। यह पहल न किसी राजनीतिक मंच से जुड़ी थी और न ही किसी प्रचार अभियान से। यह सिर्फ मानवता की भावना से किया गया काम था, जिसने साबित किया कि सच्ची सेवा वही है जो खामोशी से की जाए।

    एक शॉल और सैकड़ों दुआएं

    कड़ाके की ठंड में एक ऊनी शॉल किसी के लिए मामूली हो सकती है, लेकिन ठिठुरते इंसान के लिए वही शॉल जिंदगी की सबसे बड़ी राहत बन जाती है। ठंड से राहत पाकर चेहरों पर लौटी मुस्कान ने यह साफ कर दिया कि सुवेग राठी जैसे लोग आज भी समाज में इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं।

     

    View this post on Instagram

     

    A post shared by Suveg Rathi (@suvegrathi)

    read also: मतदाता सूची पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू, इंदौर में दावे-आपत्तियों की सुनवाई को लेकर प्रशासन अलर्ट

  • Indore News: इंदौर में गूंजा जंगल बचाओ आंदोलन, अरावली–सिंगरौली कटाई के खिलाफ आदिवासियों का आक्रोश

    Indore News:  आज इंदौर में सिंगरौली और अरावली के जंगलों को बचाने के लिए एक विशाल आंदोलन देखने को मिला। प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अवैध खनन और औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे आदिवासियों का विस्थापन और पर्यावरण का विनाश हो रहा है।

    जंगल बचाओ आंदोलन में भविष्य की चिंता

    आंदोलन में शामिल आदिवासी नेताओं ने कहा कि हजारों वर्षों से जंगलों की रक्षा करने वाले समुदायों को नक्सलवाद के नाम पर हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जंगल कटाई आंदोलन केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सांसों से जुड़ी लड़ाई है। यदि जंगल नष्ट हुए, तो जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और तापमान में असंतुलन पूरे देश को प्रभावित करेगा।

    अरावली कटाई और दिल्ली का प्रदूषण

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अरावली पहाड़ियों की कटाई से दिल्ली सहित उत्तर भारत में प्रदूषण और भी भयावह हो सकता है। उनका कहना है कि जंगलों का विनाश मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए खतरा है।

    आंदोलन आगे भी रहेगा जारी

    सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि यदि जंगलों की कटाई नहीं रुकी, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा और पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।

    read also: इंदौर जनसुनवाई की मिसाल इलाज रोजगार और शिक्षा में राहत कलेक्टर शिवम वर्मा को मिला जनता का आभार