मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक पर्यटक परिवार को होटल में ठहरने के दौरान धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। यह मामला उन सैकड़ों पर्यटकों के लिए चेतावनी है जो छुट्टियां मनाने पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं और बाद में होटल संचालकों की मनमानी का शिकार हो जाते हैं।
दो दिन की बुकिंग थी तीसरे दिन की रकम वसूली गई
प्रवाह टाइम्स से जुड़े एक सदस्य अपने परिवार के साथ पचमढ़ी घूमने पहुंचे थे। पचमढ़ी पहुंचने के बाद उन्होंने वहीं जाकर होटल शिवा पैलेस में कमरा लिया। होटल में बातचीत के दौरान दो दिन के लिए कमरे की बुकिंग तय हुई। प्रति दिन का किराया 2750 रुपये बताया गया और 2 कमरे बुक किये गए एवं यह भी कहा गया कि चेकआउट शाम पांच बजे किया जाएगा। तय शर्तों के आधार पर परिवार ने होटल में ठहरने का निर्णय लिया।
चेकआउट के समय बदले गए नियम
जब चेकआउट का समय आया तो होटल शिवा पैलेस के मालिक ने अचानक तीसरे दिन के पैसे मांगने शुरू कर दिए। परिवार द्वारा पहले से तय हुई बात बताने पर भी होटल प्रबंधन नहीं माना और भुगतान करने का दबाव बनाने लगा। इस दौरान होटल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
क्रिसमस का हवाला देकर बढ़ाया किराया
परिवार ने जब कहा कि अगर अतिरिक्त भुगतान करना ही है तो वे उसी दिन रुक सकते हैं तब होटल शिवा पैलेस के संचालक ने नया किराया बता दिया। क्रिसमस सीजन का हवाला देते हुए प्रति दिन का रेट 5000 रुपये कर दिया गया। पहले से तय किराए और शर्तों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
मजबूरी में देने पड़े ज्यादा पैसे
लंबी बहस और मानसिक दबाव के बाद परिवार को मजबूरी में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा। होटल शिवा पैलेस की ओर से दो दिन के किराये के 5500 रुपये लिए गए और इसके साथ ही 5500 रुपये अतिरिक्त भी वसूले गए। इस तरह दो दिन की सामान्य बुकिंग एक महंगे अनुभव में बदल गई।
पर्यटकों की मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा
यह घटना बताती है कि किस तरह कुछ होटल संचालक पचमढ़ी जैसे भीड़ भरे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। परिवार के साथ होना बाहरी शहर और रात के समय वैकल्पिक व्यवस्था न मिल पाना ऐसे कारण होते हैं जिनका फायदा उठाकर जबरन वसूली की जाती है।
प्रशासन और टूरिज्म विभाग के लिए सवाल
इस तरह के मामलों से पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थल की छवि को नुकसान पहुंचता है। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के लिए यह जरूरी हो जाता है कि होटल रेट्स बुकिंग नियम और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सख्ती से नजर रखी जाए ताकि भविष्य में पर्यटकों के साथ ऐसी घटनाएं न हों।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
पर्यटकों को होटल बुकिंग से पहले किराया चेकआउट समय और अतिरिक्त शुल्क की पूरी जानकारी लिखित में लेनी चाहिए। किसी भी विवाद की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या पर्यटन हेल्पलाइन से संपर्क करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
Disclaimer
यह समाचार एक व्यक्ति द्वारा साझा किए गए अनुभव पर आधारित है। इसका उद्देश्य होटल शिवा पैलेस या किसी अन्य व्यक्ति को बदनाम करना नहीं बल्कि यात्रियों को जागरूक करना है।

दोस्तों में प्रवाह टाइम्स के माध्यम से आप तक खबर पहुचाता हूं, मुझे लेख लिखने का अनुभव पिछले दो सालो से है. अगर आप मुझसे सोशल मीडिया पर कनेक्ट करना चाहते हे तो निचे मेरे सोशल मीडिया हैंडल दिए गए हैं





