मध्यप्रदेश में ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग से बदला राशन वितरण का सिस्टम , मुख्यमंत्री ने की बड़ी समीक्षा

मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी बड़ी योजनाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि हर पात्र परिवार तक निशुल्क खाद्यान्न सुगमता से पहुंचना हमारी प्राथमिकता है। जरूरतमंद गरीब श्रमिक किसान और महिलाओं का कल्याण ही सरकार की नीतियों का मुख्य आधार है। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारी कार्यों की सराहना की और आगे की दिशा में स्पष्ट निर्देश भी दिए।

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ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग की बड़ी सफलता लाखों हितग्राहियों को मिला लाभ

बैठक में सबसे अधिक चर्चा ई केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग प्रक्रिया पर हुई। मुख्यमंत्री ने इस कार्य की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जानी चाहिए ताकि हर पात्र हितग्राही को उसका अधिकार मिल सके। बड़ी बात यह रही कि सत्यापन के बाद 34 लाख से अधिक अपात्र हितग्राहियों का नाम सिस्टम से हटाया गया और लगभग 14 लाख नए पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई जिसके बाद उन्हें निशुल्क खाद्यान्न मिलने लगा। यह प्रयास सीधे तौर पर पारदर्शिता और सही लक्षित व्यवस्था की बड़ी मिसाल बन गया है।

श्रमिकों के लिए बनाई गई विशेष प्राथमिकता श्रेणी मिले अधिक लाभ और बेहतर सुविधा

बैठक में बताया गया कि ई श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को विशेष प्राथमिकता श्रेणी में जोड़कर 25 लाख से अधिक नए श्रमिकों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने केवल दो वर्षों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों हितग्राहियों को अन्न वितरित किया है। पीडीएस प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए उचित मूल्य दुकानों की संख्या बढ़ाने से लेकर तकनीकी साधनों का उपयोग तक हर कदम भविष्य की जरूरत को देखते हुए उठाया गया है।

ई केवाइसी की ऐतिहासिक उपलब्धि लगभग पूरे प्रदेश की जनसंख्या को मिला लाभ

मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 536 लाख से अधिक हितग्राहियों में से 497 लाख का ई केवाइसी पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि देश में सबसे तेज और सबसे सफल प्रक्रियाओं में से एक मानी जा रही है। प्रतीक्षा में खड़े लाखों परिवारों को भी पात्रता पर्चियां जारी कर दी गई हैं ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को अन्न से वंचित न रहना पड़े।

किसानों को मिला एमएसपी बोनस और प्रोत्साहन राशि खेतिहर परिवारों में लौटी उमंग

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी बताया कि गेंहू और धान बेचने वाले किसानों को एमएसपी के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि दी गई है जिससे किसानों की मेहनत को उचित मूल्य मिला है। दो वर्षों में हजारों करोड़ की राशि किसानों तक पहुंचाकर सरकार ने कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। चावल के रिकॉर्ड परिदान और भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी ने राज्य की खाद्यान्न व्यवस्था को और मजबूत किया है।

लाडली बहनों को उज्जवला योजना का लाभ करोड़ों की सब्सिडी पहुंची महिलाओं तक

लाडली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस रिफिल पर बड़ी राहत दी गई है। दो वर्षों में करोड़ों का अनुदान सीधे लाभार्थी महिलाओं के खाते में भेजा गया है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षित और सक्षम बनाना है।

नवाचार और तकनीक से पारदर्शी हुआ राशन प्रदाय एसएमएस से हर सूचना पहुंच रही है घर तक

विभाग ने तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया है। अब हितग्राहियों को राशन वितरण से संबंधित हर जानकारी एसएमएस से मिलती है। ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है ताकि किसी स्तर पर भ्रम या अनियमितता की गुंजाइश न रहे। इंदौर जिले की कई उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदलकर दुकानदारों की आय और सेवा मानकों दोनों को बेहतर बनाया गया है।

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आधुनिक पीओएस मशीनें जीपीएस मॉनिटरिंग और सोलर गोदाम बेहतर भविष्य की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की जिसमें आधुनिक पीओएस मशीनें आईरिस स्केनर तौल कांटा इंटिग्रेशन जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सोलर पैनल और गोदामों के आधुनिकीकरण जैसे कदम शामिल हैं। इससे राशन वितरण और भंडारण प्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आएगी।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष तैयारी अखाड़ों को मिलेगा अस्थायी राशन कार्ड

सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी और अखाड़ों की आवश्यकता के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि विशाल आयोजन में किसी भी प्रकार की खाद्यान्न संबंधित परेशानी न आए। यह प्रबंधन राज्य की दूरदर्शी योजना का हिस्सा है।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खाद्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के लिए किए गए ये प्रयास प्रदेश के हर वर्ग को राहत दे रहे हैं। ई केवाइसी राइट फुल टारगेटिंग आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता ने पूरी व्यवस्था को नया रूप दिया है। आने वाले वर्षों में स्मार्ट पीडीएस और मॉडर्नाइज्ड भंडारण व्यवस्था से राज्य की खाद्यान्न प्रणाली और अधिक मजबूत होने वाली है।

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