उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ मेले को लेकर तैयारियां अब तेज हो चुकी हैं और इसी कड़ी में रेलवे ने श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी योजना तैयार की है। सिंहस्थ के दौरान लाखों लोग उज्जैन पहुंचते हैं और सबसे बड़ी परेशानी जाम और लंबा सफर बन जाता है। इसी समस्या को समझते हुए रेलवे ने इंदौर और उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है।
इंदौर से उज्जैन तक हाई स्पीड ट्रेन का सपना होगा पूरा
रेलवे की योजना के अनुसार इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यह ट्रेन सिर्फ 45 मिनट में इंदौर से उज्जैन का सफर पूरा करेगी। सिंहस्थ के समय जब सड़क मार्ग पर भारी दबाव रहेगा तब यह ट्रेन श्रद्धालुओं के लिए सबसे आसान और तेज विकल्प बनेगी।
सिंहस्थ में मेट्रो नहीं लेकिन वंदे भारत मेट्रो रहेगी तैयार
हालांकि ढाई साल बाद होने वाले सिंहस्थ मेले तक इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन शुरू नहीं हो पाएगी लेकिन रेलवे वंदे भारत मेट्रो को पूरी तरह तैयार रखने की योजना पर काम कर रहा है। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए किसी नए ट्रैक की जरूरत नहीं होगी और यह पुराने ट्रैक पर ही दौड़ सकेगी।
हजारों यात्रियों को एक साथ सफर की सुविधा
इस वंदे भारत मेट्रो ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। इसमें करीब एक हजार यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। सिंहस्थ के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंदौर पहुंचकर उज्जैन की ओर रवाना होंगे तब यह ट्रेन शटल सेवा की तरह लगातार चलाई जा सकेगी।
सड़क और रेल दोनों पर फोकस कर रही सरकार
इंदौर और उज्जैन के बीच की दूरी करीब पचास किलोमीटर है जबकि रेलवे स्टेशन से रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग साठ किलोमीटर तक मानी जाती है। सिंहस्थ के समय ज्यादातर यात्री इंदौर के रास्ते उज्जैन पहुंचते हैं। इसी वजह से सरकार लोक परिवहन को मजबूत कर रही है। सड़क मार्ग को छह लेन किया जा रहा है और इंदौर से उज्जैन को तीन अलग अलग दिशाओं से जोड़ने की कनेक्टिविटी भी तैयार की जा रही है।
पहले ही हो चुका है हाई स्पीड ट्रायल
इस रेल मार्ग पर पहले 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का सफल ट्रायल हो चुका है। इससे यह साफ हो गया है कि यह रूट हाई स्पीड ट्रेनों के लिए पूरी तरह सक्षम है। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि करीब एक साल पहले इस विषय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई थी और उन्होंने वंदे भारत मेट्रो को मंजूरी दी है।
लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से होगा संचालन
वंदे भारत मेट्रो का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से उज्जैन के लिए किया जाएगा। इस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है और नई स्टेशन बिल्डिंग भी बनाई जा रही है। रेलवे का लक्ष्य है कि मार्च तक यह पूरा काम खत्म कर लिया जाए ताकि सिंहस्थ से पहले सारी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।
श्रद्धालुओं के लिए आसान सुरक्षित और तेज सफर
वंदे भारत मेट्रो के चलने से सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। कम समय में सुरक्षित और आरामदायक सफर श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाएगा और इंदौर उज्जैन क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती देगा

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