मध्यप्रदेश के Indore से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है जहां भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हालात बेकाबू हो गए हैं यह घटना केवल एक मोहल्ले की नहीं बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी बन गई है लोग अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं और हर चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा है
दूषित पानी से चार लोगों की मौत से फैला शोक
भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है इन मौतों ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है परिवारों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से लगातार लोग बीमार पड़ रहे थे लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया
उल्टी दस्त और पेट दर्द से तड़पते लोग अस्पतालों में भर्ती
दूषित पानी पीने के बाद लोगों को तेज उल्टी दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई देखते ही देखते दर्जनों लोग बीमार हो गए फिलहाल करीब पचास मरीज अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं डॉक्टर लगातार इलाज में जुटे हुए हैं लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही
प्रशासन की चुप्पी से लोगों में गुस्सा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां परिजन मौत की पुष्टि कर रहे हैं वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जब सवाल पूछे गए तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए स्थिति को अस्पष्ट बताया इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है
सड़कों पर उतरे लोग थाली बजाकर जताया विरोध
इलाके के रहवासी अब शांत नहीं हैं गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतर कर नारेबाजी की और थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया लोगों का कहना है कि यह पानी एक दिन नहीं बल्कि कई दिनों से आ रहा था अगर समय पर सुनवाई होती तो शायद जानें बच सकती थीं
मंत्री और महापौर ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री Kailash Vijayvargiya और महापौर अस्पताल पहुंचे उन्होंने मरीजों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हालांकि लोगों का कहना है कि केवल निरीक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा
पानी की जांच जारी सच्चाई आने का इंतजार
प्रशासन ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पानी किस स्तर तक दूषित था स्थानीय लोगों का दावा है कि यह लापरवाही लंबे समय से चल रही थी जिसे नजरअंदाज किया गया
नंदलाल पाल का मामला जिसने सबको झकझोर दिया
इस पूरे घटनाक्रम में नंदलाल पाल का मामला सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाला है उनके परिवार ने बताया कि दूषित पानी पीने के बाद उन्हें उल्टी और दस्त हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं इसके बावजूद अधिकारियों का यह कहना कि मौत की कोई जानकारी नहीं है लोगों को और आहत कर रहा है
सवाल वही जवाब कब मिलेगा
आज इंदौर के लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर साफ पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें अपनी जान क्यों गंवानी पड़ रही है जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और ठोस कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह डर बना रहेगा

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