Bhagirathpura news: इंदौर के भगिरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब भी उलझा हुआ है। प्रशासन और सरकार आधिकारिक तौर पर मान रही है कि इस गंदे पानी से छह लोगों की मौत हुई है लेकिन इसी समय और उसी इलाके में हुई दस अन्य मौतों को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। यही वजह है कि यह मामला लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर रहा है।
आंकड़ों को लेकर भ्रम की स्थिति
वीडियो रिपोर्ट में सामने आया है कि अलग अलग अधिकारी मौतों की संख्या को लेकर अलग बयान दे रहे हैं। कहीं चार तो कहीं दस मौतों की बात कही जा रही है जबकि प्रशासनिक रिकॉर्ड में सिर्फ छह मौतें दर्ज हैं। सभी मृतकों में पेट दर्द दस्त और कमजोरी जैसे एक जैसे लक्षण पाए गए थे।
पहले से थी समस्या की जानकारी
दस्तावेजों के अनुसार Indore Municipal Corporation को इस इलाके में गंदे पानी की समस्या की जानकारी पहले से थी। इसके बावजूद पाइपलाइन सुधार का काम समय पर पूरा नहीं हुआ।
पुरानी चेतावनियां फिर आई सामने
Madhya Pradesh State Pollution Control Board ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इलाके के पानी में खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद हैं। अब सवाल यह है कि जब चेतावनियां पहले से थीं तो समय रहते ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।

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