ग्राम बावई के उपभोक्ताओं ने बार-बार बिजली कटौती के विरोध में अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा प्रार्थना पत्र

ग्राम बावई के बिजली उपभोक्ताओं ने बार-बार हो रही बिजली कटौती को लेकर अनुविभागीय अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा बार-बार यह कहकर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है कि क्षेत्र का लोड बढ़ गया है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि उनके द्वारा निर्धारित विद्युत भार का ही उपयोग किया जा रहा है और किसी भी तरह से अतिरिक्त लोड का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली काटे जाने से उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बिजली कटौती का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति से घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने अपने आवेदन के माध्यम से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्धारित विद्युत भार के बावजूद बिजली कटौती की जा रही है तो उसे तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही गांव में नियमित और सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा में लगातार व्यवधान आने से आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग से समय पर जानकारी और स्पष्ट कारण मिलने की अपेक्षा भी रहती है, ताकि उपभोक्ताओं को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

सोनकच्छ, जो देवास जिले की एक प्रमुख तहसील है, उसके अंतर्गत आने वाले ग्राम बावई के उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि उनके प्रार्थना पत्र पर संबंधित अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। यदि जांच में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदु सही पाए जाते हैं, तो विभाग आवश्यक कदम उठा सकता है। फिलहाल ग्रामीणों ने बिना वजह की जा रही बिजली कटौती रोकने और नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग दोहराई है।

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