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- Sehore Tribal Protest 2026: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी में वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ आदिवासियों का आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया है।
- अपनी मांगों के समर्थन में 5 हजार से अधिक आदिवासियों ने भोपाल की ओर पैदल मार्च शुरू किया।
- बैठक में जमीन के पट्टे देने और मकान तोड़ने से जुड़ी कार्रवाई की जांच कराने का आश्वासन दिया गया।
- आंदोलन स्थगित होने के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि प्रभावित परिवारों को जमीन के पट्टे कब मिलेंगे और मकान तोड़े जाने के मामले में जांच किस तरह आगे बढ़ेगी।
Sehore Tribal Protest 2026: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी में वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ आदिवासियों का आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया है। भोपाल की ओर पैदल जा रहे प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद वापस लौट गए। बैठक में जमीन के पट्टे देने और मकान तोड़े जाने की कार्रवाई की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। अब प्रभावित परिवारों को इन आश्वासनों पर अमल होने का इंतजार है।
कोसमी में कार्रवाई के बाद क्यों शुरू हुआ विरोध?
सीहोर जिले के कोसमी में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर आदिवासी परिवारों ने नाराजगी जताई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कार्रवाई के दौरान 12 परिवारों के मकान तोड़े गए और उनकी फसलों को भी नुकसान पहुंचा। इसी मुद्दे को लेकर प्रभावित परिवारों ने अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाने के लिए आंदोलन शुरू किया। Sehore Tribal Protest 2026
विरोध धीरे-धीरे बड़े प्रदर्शन में बदल गया। अपनी मांगों के समर्थन में 5 हजार से अधिक आदिवासियों ने भोपाल की ओर पैदल मार्च शुरू किया। इस कदम के जरिए प्रदर्शनकारी जमीन और अपने नुकसान से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचना चाहते थे।
मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद बदला आंदोलन का रुख
आंदोलन के बीच प्रभावित आदिवासी परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में जमीन के पट्टे देने और मकान तोड़ने से जुड़ी कार्रवाई की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने भोपाल की ओर जारी अपनी पदयात्रा स्थगित करने का फैसला लिया। Sehore Tribal Protest 2026
गुरुवार रात प्रदर्शनकारी बसों से अपने गांव कोसमी लौट गए। फिलहाल पैदल मार्च रोक दिया गया है, लेकिन प्रभावित परिवारों की मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
जमीन के पट्टे और जांच पर टिकी परिवारों की उम्मीदें
आंदोलन स्थगित होने के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि प्रभावित परिवारों को जमीन के पट्टे कब मिलेंगे और मकान तोड़े जाने के मामले में जांच किस तरह आगे बढ़ेगी। प्रदर्शनकारियों को दिए गए आश्वासन पर अमल होने से ही इस विवाद के समाधान की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पट्टे जारी करने की तारीख, जांच की समयसीमा या नुकसान के मुआवजे को लेकर किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं है। ऐसे में आगे की सरकारी कार्रवाई पर नजर बनी रहेगी। Sehore Tribal Protest 2026

भूपेंद्र बिसेन Pravah Times के लेखक हैं। वे मध्य प्रदेश से जुड़ी स्थानीय खबरों और जनहित से जुड़े विषयों पर कंटेंट तैयार करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।

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