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- Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva : मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले वर्षों में परिवहन व्यवस्था का दायरा बड़ा होने वाला है।
- लक्ष्य सिर्फ नई बसें चलाना ही नहीं, बल्कि पुराने बस स्टैंड, डिपो और रूट को दोबारा उपयोग में लाकर यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देना भी है।
- सरकार की योजना के अनुसार अगले पांच वर्षों में प्रदेश में कुल 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
- नए रूट और बस संचालन की व्यवस्था इस तरह तैयार करने पर जोर है, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलें और परिवहन सेवा का नेटवर्क भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़े।
2031 तक 14,981 बसें चलाने का लक्ष्य
सरकार की योजना के अनुसार अगले पांच वर्षों में प्रदेश में कुल 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसमें नई बसों के साथ पहले से चल रही फिट बसों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर रहेगा, जहां यात्रियों को फिलहाल पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है। Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva
3,636 रूटों का किया गया सर्वे
बस सेवा के विस्तार से पहले प्रदेश में यात्रियों की संख्या और अलग-अलग मार्गों की जरूरत का आकलन किया गया है। सर्वे के आधार पर करीब 3,636 रूट चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों पर लगभग 13,006 बसों की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। इसी जरूरत को देखते हुए बस सेवा का विस्तार अलग-अलग चरणों में किया जाएगा।
पुराने बस स्टैंड और डिपो फिर होंगे काम के
योजना में केवल बसों की संख्या बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया है। लंबे समय से बंद या कम इस्तेमाल हो रहे बस डिपो और टर्मिनल को भी दोबारा व्यवस्थित करने की तैयारी है। इन स्थानों पर सफाई, यात्री सुविधाएं और जरूरी आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। जहां पुराने बस स्टैंड या स्टॉप बंद हो चुके हैं, वहां उपलब्ध जगह का उपयोग नई सुविधाएं तैयार करने में किया जा सकता है।
भोपाल से लेकर इंदौर तक बनेगा क्षेत्रीय सिस्टम
बस संचालन को बेहतर तरीके से संभालने के लिए प्रदेश को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। भोपाल में राज्य परिवहन उपक्रम का कार्यालय शुरू हो चुका है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय कार्यालय विकसित किए जाने हैं। जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी परिवहन व्यवस्था से जुड़े कार्यालय तैयार किए जा रहे हैं। Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva
बसों की फिटनेस और परमिट पर भी रहेगी नजर
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों की फिटनेस और परमिट की शर्तों की नियमित जांच पर जोर दिया जाएगा। निजी बसों के मामले में भी बस की स्थिति, परमिट, चालक के संचालन और यात्रियों के साथ व्यवहार जैसी बातों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन मिलकर संभालेंगे व्यवस्था
बसों के संचालन के दौरान ट्रैफिक या स्थानीय स्तर पर किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की योजना है। बस स्टैंड, स्टॉप और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को भी बस सेवा की जरूरत के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा।
यात्रियों के लिए ऐप और नई तकनीक का इस्तेमाल
नई बस व्यवस्था में तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है। यात्रियों को बसों और यात्रा से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए ऐप आधारित सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यात्री अपनी यात्रा की पहले से योजना बना सकेंगे और उपलब्ध परिवहन विकल्पों की जानकारी ले सकेंगे। Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva
1,190 पदों पर भर्ती की तैयारी
बस सेवा के विस्तार के साथ परिवहन व्यवस्था में कर्मचारियों की जरूरत भी बढ़ेगी। इसके लिए कुल 1,190 पदों से जुड़ी प्रक्रिया में से 400 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई आगे बढ़ाने की तैयारी है। इससे संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
यात्रियों के साथ निजी बस ऑपरेटरों का भी ध्यान
सरकार की योजना में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ाने के साथ निजी बस ऑपरेटरों के हितों को भी ध्यान में रखने की बात कही गई है। नए रूट और बस संचालन की व्यवस्था इस तरह तैयार करने पर जोर है, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलें और परिवहन सेवा का नेटवर्क भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़े। Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva
कब दिखेगा इसका असर?
बस सेवा का पूरा विस्तार एक साथ नहीं होगा। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले जरूरत वाले रूटों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। इसके बाद यात्रियों की संख्या और रूट की मांग को देखते हुए व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। अगर योजना तय लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश के कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक बस कनेक्टिविटी का दायरा काफी बढ़ सकता है। Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva

भूपेंद्र बिसेन Pravah Times के लेखक हैं। वे मध्य प्रदेश से जुड़ी स्थानीय खबरों और जनहित से जुड़े विषयों पर कंटेंट तैयार करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।

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