आज इंदौर की सुबह कुछ खास है। आज वसंत पंचमी का पावन पर्व है और पूरा शहर श्रद्धा उल्लास और आस्था के रंग में रंगा हुआ है। ठंड के बाद जब वसंत की पहली हल्की गर्माहट आती है तब मन अपने आप प्रसन्न हो जाता है। इसी भावना के साथ आज शहर के हर कोने में पूजा पाठ शोभायात्रा और मंगल कार्यों की रौनक दिखाई दे रही है।
मंदिरों में विशेष पूजन और पीले फूलों का श्रृंगार
वसंत पंचमी के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। तुलसी नगर स्थित मां सरस्वती धाम में महायज्ञ का आयोजन किया गया है और मां सरस्वती को छप्पन भोग अर्पित किए जा रहे हैं। विद्याधाम आश्रम गीताभवन अन्नपूर्णा मंदिर वैष्णोधाम मंदिर और खजराना गणेश मंदिर में प्रतिमाओं का पीले फूलों से सुंदर श्रृंगार किया गया है। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए उमड़ रही हैं।
स्कूलों में विद्या आरंभ संस्कार का पावन दृश्य
आज का दिन बच्चों के लिए भी बहुत खास है। शहर के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती का पूजन किया जा रहा है। कई समाजों में छोटे बच्चों का विद्या आरंभ संस्कार हो रहा है जहां बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया जा रहा है। माता पिता की आंखों में गर्व और खुशी साफ झलक रही है।
श्याम रथयात्रा और शोभायात्राओं से सजा शहर
मालवीय नगर स्थित खाटू श्याम मंदिर में तेईसवें वसंतोत्सव के तहत सुबह नौ बजे श्याम रथयात्रा निकाली जा रही है। रथयात्रा के मार्ग पर भक्त फूल बरसा रहे हैं और भजन कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया है। इसके साथ ही राधा कृष्ण मंदिरों में भी शोभायात्राएं और विशेष आयोजन हो रहे हैं।
अबूझ मुहूर्त में गूंजेंगी शहनाइयां
हिंदू धर्मशास्त्रों में वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसी कारण आज शहर और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों विवाह समारोह आयोजित हो रहे हैं। लंबे समय बाद शुभ कार्यों की शुरुआत से हर गली हर मोहल्ले में शहनाइयों की मधुर ध्वनि सुनाई दे रही है।
सामूहिक विवाह सम्मेलनों से जुड़ेंगी कई जिंदगी
नंदीग्राम परिसर में कोरी कोली समाज का निःशुल्क कन्या विवाह सम्मेलन सुबह ग्यारह बजे से आयोजित हो रहा है। दोपहर एक बजे वर वधू का चल समारोह निकाला जाएगा। वहीं श्री कान्यकुब्ज विद्या प्रचारिणी सभा के सामूहिक विवाह सम्मेलन में ग्यारह जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। नवदंपतियों को गृहस्थी का आवश्यक सामान भी प्रदान किया जाएगा।
मां सरस्वती के जन्म का पर्व और दान का महत्व
शास्त्रों के अनुसार वसंत पंचमी के दिन ही विद्या और संगीत की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था। इस दिन पीले या सफेद वस्त्र धारण करना अन्नप्राशन करना और पितृ तर्पण करना शुभ माना गया है। किताब पेन कॉपी पीले वस्त्र भोजन अनाज और गुड़ का दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। वसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है जब ठंड धीरे धीरे विदा लेती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

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