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  • PM श्री हेलिकॉप्टर सेवा से महाकाल और ओंकारेश्वर के दर्शन अब सिर्फ तीन घंटे में शुरू हुई मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी सुविधा

    महाकाल और ओंकारेश्वर: आज आपके लिए एक बेहद खुशखबरी लेकर आए हैं। मध्य प्रदेश सरकार शिव भक्तों के लिए ऐसी अनोखी सुविधा शुरू करने जा रही है जो उनकी यात्रा को बहुत आसान और तेज बना देगी। अब भक्त सिर्फ तीन घंटे में उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर और ओंकारेश्वर के ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पाएंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी जो लंबी यात्रा नहीं कर पाते या सीमित समय में दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की इच्छा रखते हैं। नई सेवा से देश और विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है।

    पीएम श्री हेलिकॉप्टर सेवा से बदल जाएगा धार्मिक पर्यटन का अनुभव

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लंबे समय से पर्यटन को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी प्रयास का परिणाम है पीएम श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा। पहले चरण में 20 नवंबर से इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के बीच हवाई सेवा शुरू की जा रही है। हालांकि पहले दिन केवल इंदौर से उज्जैन तक उड़ान चलेगी। इसके बाद धीरे धीरे तीनों शहरों के बीच उड़ानें नियमित रूप से शुरू हो जाएंगी।

    यह सेवा सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। बुधवार और गुरुवार को उड़ानें नहीं चलेंगी ताकि मेंटेनेंस और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी की जा सकें। हेलिकॉप्टर छह सीटर होगा और किराया पांच हजार से छह हजार पांच सौ रुपये के बीच रहेगा जो यात्रा सेक्टर के अनुसार तय होगा। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालु बेहद कम समय में तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकेंगे जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

    घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन टिकट बुकिंग

    सरकार ने टिकट बुकिंग को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। किसी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं होगी। श्रद्धालु घर बैठे ही फ्लाइट टाइमिंग चेक कर सकते हैं और टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए दो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं जहां यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए बहुत आरामदायक है जो दूरदराज से आते हैं या पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाना चाहते हैं।

    सेवा संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी उज्जैन हेलीपैड को मंजूरी

    हेलिकॉप्टर सेवा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं। उज्जैन के कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। उनके अनुसार अब श्रद्धालु न्यूनतम समय में इंदौर उज्जैन और ओंकारेश्वर पहुंच सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन को बड़ी मजबूती मिलेगी और यहां आने वाले भक्तों की संख्या में वृद्धि होगी। सरकार का यह कदम मध्य प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित हो सकता है

  • Indore Ranipura accident: चार दिन पहले दी गई चेतावनी को नजरअंदाज करने की लापरवाही ने ली मासूम जिंदगियां और उजाड़ दिए कई परिवार

    कभी आपने सोचा है कि छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में हुआ हादसा इसका जीता-जागता उदाहरण है। कुछ दिन पहले ही मकान का एक कॉलम धंस गया था और दुकानदार ने मकान मालिक को इस बारे में चेताया भी था। लेकिन अफसोस कि उस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया और यही लापरवाही आखिरकार दो जिंदगियों के खत्म होने और कई परिवारों के टूटने की वजह बन गई।

    यह मकान लगभग सात सौ वर्गफीट में बना था और अवैध तरीके से खड़ा किया गया था। निचली मंजिल में बिना अनुमति दुकानों का निर्माण हुआ और ऊपर शेड डाल दिए गए। निर्माण के दौरान कॉलम में पतले सरिए डाले गए थे, जो इमारत का बोझ सह नहीं पाए। धीरे-धीरे झुकते मकान को नजरअंदाज करना भारी पड़ गया।

    चार दिन पहले जब कॉलम धंसा तो दुकानदार ने मकान मालिक से शटर न लग पाने की समस्या बताई थी। लेकिन मकान मालिक ने इसे हल्के में लिया। अगर नगर निगम के अफसर और मालिक समय रहते जाग जाते तो शायद यह हादसा टल सकता था।

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    त्योहार का समय था और दुकानों में ग्राहकी कम थी। रात आठ बजे के करीब सभी दुकानें बंद हो गईं। यह संयोग ही था कि कर्मचारी और दुकानदार समय पर निकल गए और बड़ी संख्या में लोग हादसे से बच गए। कुछ परिवार भी रिश्तेदारों से मिलने बाहर गए हुए थे। वरना मलबे में दबने वालों की संख्या कहीं ज्यादा होती।

    रात डेढ़ बजे तक राहत और बचाव का काम चलता रहा। जेसीबी से मलबा हटाने से पहले पूरी गली की बिजली काट दी गई ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। वहां मौजूद हर शख्स के दिल में यही सवाल था कि आखिर कब तक हम लापरवाही और अवैध निर्माणों की कीमत अपनी जिंदगियों से चुकाते रहेंगे।

    रानीपुरा की इस त्रासदी ने फिर साबित कर दिया कि छोटी सी अनदेखी भी कितनी बड़ी तबाही ला सकती है। मकान मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों को यदि समय रहते चेतना होता तो मासूम जिंदगियां बच सकती थीं। अब जरूरत है कि अवैध निर्माण और लापरवाही पर सख्ती हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।