Tag: Bhagirathpura water crisis

  • Umang Singhar protest: इंदौर में गंदे पानी से 17 मौतें, भगीरथपुरा पहुंचते ही उमंग सिंघार और पुलिस में टकराव, 11 जनवरी को हल्ला बोल

    Umang Singhar protest: इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में गंदे पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर और प्रदेश में हलचल मचा दी है। इसी दूषित पानी की वजह से इलाके में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप ले चुका है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

    गंदे पानी की सप्लाई से परेशान लोगों में डर और गुस्सा साफ नजर आ रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि लंबे समय से खराब पानी आ रहा था लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का दौरा और पुलिस से टकराव

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ भगीरथपुरा पहुंचे। पीड़ितों से मिलने पहुंचे नेताओं को मौके पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

    पुलिस द्वारा गाड़ी से उतरने से रोके जाने पर उमंग सिंघार नाराज नजर आए। उन्होंने मौके पर ही पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा और नेताओं को आगे जाने दिया गया।

    गंदे पानी की जांच और हल्ला बोल का ऐलान

    उमंग सिंघार ने इलाके की बस्तियों में पहुंचकर खुद गंदे पानी की जांच की। उन्होंने इसे वाटर ऑडिट बताया और इंदौर के लोगों से भी अपने अपने क्षेत्रों में सामाजिक और जल ऑडिट करने की अपील की। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए साफ पानी की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।

    उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और इंदौर नगर निगम की भी आलोचना की और कहा कि शहर की सफाई और पर्यावरण को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखाई दे रही है। इसी दौरान उन्होंने मौजूदा महापौर को पप्पी मेयर भी कहा।

    कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 11 जनवरी को इंदौर में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। यह न्याय यात्रा बड़ा हनुमान से राजवाड़ा तक पैदल निकाली जाएगी। इसमें इंदौर और आसपास के इलाकों से करीब 50000 लोगों को जुटाने की तैयारी है।

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  • Indore health news: इंदौर में जहरीला पानी बना मौत का कारण भागीरथपुरा में चार की दर्दनाक मौत पचास से ज्यादा लोग गंभीर बीमार

    मध्यप्रदेश के Indore से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है जहां भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हालात बेकाबू हो गए हैं यह घटना केवल एक मोहल्ले की नहीं बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी बन गई है लोग अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं और हर चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा है

    दूषित पानी से चार लोगों की मौत से फैला शोक

    भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है इन मौतों ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है परिवारों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से लगातार लोग बीमार पड़ रहे थे लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया

    उल्टी दस्त और पेट दर्द से तड़पते लोग अस्पतालों में भर्ती

    दूषित पानी पीने के बाद लोगों को तेज उल्टी दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई देखते ही देखते दर्जनों लोग बीमार हो गए फिलहाल करीब पचास मरीज अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं डॉक्टर लगातार इलाज में जुटे हुए हैं लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही

    प्रशासन की चुप्पी से लोगों में गुस्सा

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां परिजन मौत की पुष्टि कर रहे हैं वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जब सवाल पूछे गए तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए स्थिति को अस्पष्ट बताया इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है

    सड़कों पर उतरे लोग थाली बजाकर जताया विरोध

    इलाके के रहवासी अब शांत नहीं हैं गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतर कर नारेबाजी की और थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया लोगों का कहना है कि यह पानी एक दिन नहीं बल्कि कई दिनों से आ रहा था अगर समय पर सुनवाई होती तो शायद जानें बच सकती थीं

    मंत्री और महापौर ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री Kailash Vijayvargiya और महापौर अस्पताल पहुंचे उन्होंने मरीजों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए हालांकि लोगों का कहना है कि केवल निरीक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा

    पानी की जांच जारी सच्चाई आने का इंतजार

    प्रशासन ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पानी किस स्तर तक दूषित था स्थानीय लोगों का दावा है कि यह लापरवाही लंबे समय से चल रही थी जिसे नजरअंदाज किया गया

    नंदलाल पाल का मामला जिसने सबको झकझोर दिया

    इस पूरे घटनाक्रम में नंदलाल पाल का मामला सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाला है उनके परिवार ने बताया कि दूषित पानी पीने के बाद उन्हें उल्टी और दस्त हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश करते दिख रहे हैं इसके बावजूद अधिकारियों का यह कहना कि मौत की कोई जानकारी नहीं है लोगों को और आहत कर रहा है

    सवाल वही जवाब कब मिलेगा

    आज इंदौर के लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर साफ पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें अपनी जान क्यों गंवानी पड़ रही है जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और ठोस कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह डर बना रहेगा