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  • मुख्यमंत्री मोहन यादव का इंदौर दौरा मेडिकल कॉलेज दोगुने नक्सलवाद पर बड़ा हमला विकास को लेकर बड़ा बयान

    आज हम आपसे मध्यप्रदेश की राजनीति और विकास से जुड़ी एक अहम खबर साझा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर आए और यहां कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उनके इस दौरे ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार प्रदेश के विकास की दिशा में लगातार काम कर रही है और जनता से जुड़े हर विषय पर गंभीर है। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर नक्सलवाद को लेकर निशाना साधा और साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या दो गुनी होने की बड़ी उपलब्धि भी बताई।

    इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव का आगमन और कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर पहुंचे और यहां पहुंचते ही लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे पहले विधायक गोलू शुक्ला के निवास पर गए जहां उन्होंने वर वधू को आशीर्वाद दिया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार से लोगों में खास उत्साह दिखाई दिया। विमानतल पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे बाणगंगा स्थित विधायक शुक्ला के निवास पहुंचे और वहां कुछ समय बिताने के बाद वापस विमानतल रवाना हो गए। इंदौर के बाद उनका बेंगलुरु का कार्यक्रम था और रात को वे फिर इंदौर लौटकर निजी विमान से भोपाल प्रस्थान करेंगे।

    मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी होने पर मुख्यमंत्री का बयान

    मीडिया से चर्चा करते समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी कर दी गई है जिससे युवाओं को मेडिकल शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में बड़ी मदद मिली है। मुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार ने सिंचाई का रकबा बढ़ाने रोजगार के अवसर बढ़ाने और इंडस्ट्री ग्रोथ रेट को राष्ट्रीय औसत से आगे ले जाने में महत्वपूर्ण काम किया है। उनका यह दावा प्रदेश के विकास की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

    नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा

    नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नक्सलवाद एक बड़ी समस्या के रूप में खड़ा था और इसे खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे में निर्णायक भूमिका निभाई है जिससे कई जिले नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर सिर्फ आरोप लगाने और समस्या को जिंदा रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया जबकि उनकी सरकार समाधान में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी बताया कि उनकी सरकार के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और इस दौरान विकास की गति हर क्षेत्र में तेज हुई है।

    विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस

    मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुकी है। यह संकेत देता है कि प्रदेश में औद्योगिक वातावरण लगातार बेहतर हो रहा है और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है और जनता को इसका लाभ मिलता रहेगा।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का इंदौर दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संदेश देता है। उनके बयानों से साफ है कि सरकार विकास नक्सलवाद के खात्मे रोजगार और मेडिकल शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर प्रदेश की प्रगति पर और अधिक दिखाई देने की उम्मीद है।

  • MP News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष बालाघाट में 10 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त बनने की राह पर

    MP News: मध्यप्रदेश में नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष बालाघाट में रविवार को 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 4 महिला नक्सली भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें संविधान की प्रति प्रदान कर मुख्यधारा से जोड़ा। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने अपने हथियार भी मुख्यमंत्री को सौंपे। यह घटना प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और प्रयासों का प्रतीक है।

    नक्सलियों के पुनर्वास की गारंटी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नक्सलियों से आग्रह किया कि वे सरकार की पुनर्वास नीति अपनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग कानून की राह अपनाते हैं, उनके जीवन और पुनर्वास की पूरी चिंता सरकार करेगी।

    पुलिस अधिकारियों और जवानों की हौसला अफजाई

    डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों और जवानों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि एंटी नक्सल अभियान को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में 15 नए अस्थायी कैंप और विशेष सहयोगी दस्ते के 882 पद स्वीकृत किए गए हैं। सतत निगरानी और सघन जांच के कारण नक्सली दायरा तेजी से घट रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 46 एकल सुविधा केंद्र खोले गए, जहां रोजगार, वन अधिकार पत्र और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    नक्सलियों की सूची और पहचान

    आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सुरेंद्र उर्फ कबीर, राकेश ओडी उर्फ मनीष, लालसिंह मरावी उर्फ सींगा, शिल्पा नुप्पो, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा, जयशीला उर्फ ललीता, विक्रम उर्फ हिडमा, जरिना उर्फ जोगी मुसाक और समर उर्फ राजु अतरम शामिल हैं। सभी का मुख्यतः छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से संबंध है।

    डीजीपी का बयान और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास

    डीजीपी श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में एंटी नक्सल अभियान को और मजबूत किया गया है। नए कैंप स्थापित किए गए हैं, हॉक फोर्स और पुलिस बल में वृद्धि की गई है और अधिकारियों और जवानों को सतत प्रोत्साहन दिया जा रहा है। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के प्रयासों से नक्सल प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

    भविष्य की योजनाएं और संकल्प

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनवरी 2026 तक लाल सलाम को अंतिम सलाम कहा जाएगा और प्रदेश पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा। उन्होंने शहीद आशीष शर्मा की वीरता को नमन करते हुए 328 हॉक फोर्स सहित पुलिस अधिकारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की। यह दिखाता है कि न केवल नक्सलियों का पुनर्वास किया जाएगा बल्कि कानून लागू करने वालों की भी सराहना की जाएगी।