Maha shivarati 2026: उज्जैन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष भस्मारती समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पट प्रातः 2.30 बजे खोले गए, जो लगातार 44 घंटे तक खुले रहेंगे। प्रशासन को इस दौरान लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु आने की संभावना है।
महाशिवरात्रि पर सुबह विशेष पंचामृत अभिषेक के साथ भगवान महाकाल का पूजन किया गया। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक के बाद चंदन लेप एवं सुगंधित द्रव्यों से श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात भस्मारती संपन्न हुई। झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच हुई आरती के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
बाबा महाकाल को उनकी प्रिय विजया से श्रृंगारित कर श्वेत वस्त्र धारण कराए गए। दिनभर विभिन्न पूजन-अभिषेक, दद्योदक आरती और भोग आरती का क्रम चलता रहा। शाम को विशेष पंचामृत पूजन एवं संध्या आरती आयोजित की गई।
महाशिवरात्रि के अगले दिन भगवान का सेहरा श्रृंगार किया जाएगा, जो वर्ष में केवल एक बार होता है। सेहरे को प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। 16 फरवरी 2026 को प्रातः सेहरा दर्शन के उपरांत दोपहर 12 बजे विशेष भस्मारती और शिवनवरात्रि पारणा संपन्न होगा।
मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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