इंदौर के रीगल क्षेत्र में रानी सराय स्थित सैकड़ों पेड़ों की कटाई और हजारों पक्षियों के आशियाने को बचाने के लिए पिछले 25 दिनों से लगातार धरना और विरोध प्रदर्शन जारी है। जनहित पार्टी और कई सामाजिक संगठनों के इस आंदोलन ने अब शहर में एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि विकास के नाम पर प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।
धरने में शामिल लोग रानी सराय परिसर में मौजूद 225 से अधिक पेड़ों और वहां बसे पक्षियों को बचाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन स्थल पर लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई है और माहौल भावुक लेकिन शांतिपूर्ण है।
रीगल क्षेत्र में चला जन जागरण और विरोध प्रदर्शन
आंदोलन के दौरान रीगल चौराहे पर करीब एक घंटे तक सघन जन जागरण अभियान चलाया गया। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और पेड़ों की कटाई के विरोध में नारे लगाए।
नागरिकों ने रानी सराय के पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लिया। शाम के समय कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये पेड़ केवल हरियाली नहीं बल्कि शहर की पहचान और विरासत हैं।
मेट्रो स्टेशन शिफ्ट करने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी
जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि पिछले 25 दिनों से लगातार धरना दिया जा रहा है। आंदोलन के पहले चरण में परिसर में मौजूद 225 से अधिक पेड़ों का पंचनामा तैयार किया गया जिसमें उनकी प्रजाति और आकार का विवरण दर्ज किया गया है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने इस मामले में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। मांग साफ है कि प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए ताकि एक भी पेड़ न कटे।
गौरतलब है कि यह धरना 1 जनवरी 2026 से जारी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यकर्ता दिन रात रानी सराय परिसर में ही डटे हुए हैं। भोजन और विश्राम भी वहीं किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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