Indore leopard: इंदौर के सनावदिया गांव में पिछले एक हफ्ते से सक्रिय तेंदुए को वन विभाग की टीम ने शनिवार सुबह पिंजरे में कैद कर लिया है। देवगुराड़िया और रालामंडल की पहाड़ियों से सटे इस रिहाइशी इलाके में तेंदुए की मौजूदगी से करीब पच्चीस हजार की आबादी दहशत में थी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
इंदौर के रिहाइशी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की सक्रियता देखी जा रही थी। महू से लेकर देवगुराड़िया तक कई इलाकों में तेंदुए के मूवमेंट के संकेत मिल रहे थे। इसी कड़ी में सनावदिया गांव में वन विभाग ने सघन निगरानी शुरू की थी।
एक हफ्ते की निगरानी के बाद पिंजरे में फंसा तेंदुआ
सनावदिया और देवगुराड़िया के आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए द्वारा मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने इलाके में करीब एक सप्ताह पहले पिंजरा लगाया था।
शनिवार सुबह जब टीम मौके पर पहुंची तो तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि वह शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को पिंजरे में दाखिल हुआ। यह रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह करीब सात बजे सफल हुआ।
घनी आबादी वाले क्षेत्र में बना हुआ था खतरा
जिस इलाके से तेंदुए को पकड़ा गया है वह काफी घनी आबादी वाला क्षेत्र है। सनावदिया और आसपास के गांवों को मिलाकर यहां पच्चीस हजार से अधिक लोग निवास करते हैं। यह इलाका देवगुराड़िया और रालामंडल की पहाड़ियों से सटा होने के कारण जंगली जानवरों की आवाजाही के लिए संवेदनशील माना जाता है।
रेस्क्यू टीम का नेतृत्व कर रहे रालामंडल रेंजर योगेश यादव ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए को तुरंत कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय भेज दिया गया है। वहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पूरे अभियान में वन विभाग के आठ से नौ अधिकारी और कर्मचारी दिन रात तैनात रहे। हालांकि महू जैसे अन्य क्षेत्रों में अब भी सतर्कता बरती जा रही है।

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