इंदौर को स्लम फ्री बनाने की तैयारी, पीएम आवास योजना के तहत तीन साल में 16 हजार घर, दस जगहों पर होगा निर्माण

पीएम आवास योजना

इंदौर शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकास की इस दौड़ में सरकार का सपना है कि हर परिवार को सुरक्षित और पक्का घर मिले। शहर में चल रहे विकास कार्य और मास्टर प्लान की सड़कों के बीच कई बस्तियां आड़े आ रही हैं। इसी कारण कई जरूरी प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अब इन बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए एक नई उम्मीद सामने आई है।

पीएमएवाय 2.0 से मिलेगा सुरक्षित और सम्मानजनक घर

राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में इंदौर को स्लम फ्री शहर बनाने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना पीएमएवाय 2.0 के तहत शहर में डेढ़ लाख आवास बनाने की योजना है। इसी क्रम में अगले तीन वर्षों में इंदौर में सोलह हजार से अधिक नए आवास बनाए जाएंगे ताकि लोगों को बेहतर जीवन मिल सके।

दस स्थानों पर बनेंगी बहुमंजिला इमारतें

योजना के तहत इंदौर में दस स्थानों का चयन किया गया है जहां बहुमंजिला इमारतों का निर्माण होगा। इन सभी स्थानों पर कुल सोलह हजार छप्पन आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों के निर्माण पर करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सरकार का प्रयास है कि यह काम समय पर पूरा हो और लोगों को जल्द राहत मिले।

डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा रही है

योजना को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सिंदोडा रंगवासा सनावदिया बढ़ियाकीमा और खंडवा रोड के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं गुलमर्ग परिसर कनाड़िया गांव माली खेड़ी गांव भिचोली हप्सी बडियाकीमा गांव और देवगुराडिया के पास सनावदिया गांव में आवास बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री के निर्देश सुविधाओं के साथ बने आवास

मुख्यमंत्री मोहन यादव की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि कई लोग पहले बने आवासों में इसलिए नहीं जा रहे क्योंकि वहां सुविधाओं की कमी है और शहर से दूरी अधिक है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए आवास ऐसे स्थानों पर बनाए जाएं जहां शहर से अच्छी कनेक्टिविटी हो और सभी जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल सकें। इन क्षेत्रों में सिटी बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन की सुविधा के साथ स्कूल और बाजार की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

इंदौर के भविष्य की मजबूत नींव

पीएमएवाय 2.0 के तहत बनने वाले ये आवास सिर्फ मकान नहीं होंगे बल्कि हजारों परिवारों के सपनों का घर बनेंगे। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और इंदौर एक सुव्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में आगे बढ़ेगा। सरकार का यह कदम शहर के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

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