इंदौर का प्रसिद्ध सराफा बाजार रात के समय अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड और चहल पहल के लिए पूरे देश में जाना जाता है लेकिन इन दिनों यहां की रौनक पर गैस सिलेंडर की कमी का असर साफ दिखाई देने लगा है। वीकेंड होने के बावजूद कई फूड स्टॉल नहीं लग पाए जिससे बाजार में आने वाले लोगों को पहले जैसा नजारा देखने को नहीं मिला।
आम दिनों में रात होते ही सराफा बाजार में खाने पीने के ठेलों की लंबी कतार दिखाई देती है और यहां छोले टिकिया पराठे भुट्टे का किस और गराडू जैसे व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींचते हैं। लेकिन इस बार कई दुकानदारों को कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण अपने ठेले बंद रखने पड़े। इससे बाजार में भीड़ तो रही लेकिन फूड स्टॉल की संख्या पहले से काफी कम नजर आई।
वीकेंड पर भी कम दिखे स्ट्रीट फूड स्टॉल
शनिवार को वीकेंड होने के कारण सराफा बाजार में लोगों की अच्छी भीड़ देखी गई। स्थानीय लोग और बाहर से आए पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंचे लेकिन कई लोकप्रिय फूड स्टॉल इस बार दिखाई नहीं दिए। छोटा सराफा में आमतौर पर लगने वाले कई स्टॉल गैस की कमी के कारण बंद रहे। दुकानदारों का कहना है कि सिलेंडर नहीं मिलने के कारण फिलहाल स्टॉल लगाना मुश्किल हो गया है।
होटल और चाय दुकानों पर भी पड़ा असर
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर सिर्फ सराफा बाजार तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे शहर में देखने को मिल रहा है। इंदौर की मशहूर फूड स्ट्रीट छप्पन दुकान में भी कई दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ व्यापारियों ने अपने व्यंजन इंडक्शन चूल्हे पर बनाना शुरू किया है लेकिन यह व्यवस्था हर जगह संभव नहीं है।
बिजली कनेक्शन की कमी बनी बड़ी समस्या
सराफा बाजार में ज्यादातर फूड स्टॉल किराए के ओटलों पर लगाए जाते हैं और वहां अलग से बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं होता। इंडक्शन चूल्हा चलाने के लिए ज्यादा बिजली की जरूरत होती है लेकिन यहां यह सुविधा नहीं होने के कारण कई दुकानदार इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से कई स्टॉल पूरी तरह बंद रखने पड़े हैं।
सीमित मात्रा में बन रहे इंदौर के मशहूर व्यंजन
शनिवार को बाजार में भीड़ तो अच्छी रही लेकिन गैस की कमी के कारण कई व्यंजन सीमित मात्रा में ही बन पाए। भुट्टे का किस और गराडू जैसे प्रसिद्ध व्यंजन धीमी आंच पर तैयार किए जा रहे थे। जिन दुकानदारों के पास गैस सिलेंडर का स्टॉक बचा हुआ है वही फिलहाल स्टॉल लगा पा रहे हैं जबकि बाकी दुकानदार नए सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं।
रविवार को भी खुलीं गैस एजेंसियां
गैस संकट को देखते हुए प्रशासन ने इंदौर में गैस एजेंसियों को रविवार को भी खुला रखने के निर्देश दिए। कई एजेंसियों ने उपभोक्ताओं को सीधे गोदाम से सिलेंडर उपलब्ध कराए। जानकारी के अनुसार फिलहाल शहर में लगभग 25 दिन के अंतराल के बाद कमर्शियल गैस सिलेंडर के नंबर लग रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत आने के कारण कई व्यापारी सीधे एजेंसी पहुंचकर मैनुअल बुकिंग के जरिए सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।

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